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मायावती बोलीं- सपा दोगली पार्टी, योगी की तारीफ की:आजम खान की जॉइनिंग की अटकलों पर कहा- मैं किसी से छिपकर नहीं मिलती

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लखनऊ,एजेंसी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने 9 साल बाद लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन किया। वह पुराने तेवर में नजर आईं। भतीजे आकाश के साथ मंच पर पहुंचीं और हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया। उन्होंने मंच से सीएम योगी की तारीफ की और सपा को दोगला बताया। इस पर अखिलेश यादव पलटवार किया। X पर लिखा- क्योंकि उनकी अंदरूनी साठ-गांठ जारी है, इसीलिए वो जुल्म करने वालों की आभारी हैं।

मायावती ने आजम खान के बसपा में शामिल होने की अटकलों पर भी पहली बार जवाब दिया। कहा- मैं ऐसे किसी से छिपकर नहीं मिलती, जब भी मिलती हूं, खुले में मिलती हूं। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर बिना नाम लिए निशाना साधा। कहा- ऐसे बिकाऊ लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।

1 घंटे के संबोधन में मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को तवज्जो दी। उन्होंने संकेतों में यह साफ कर दिया कि वही उनके उत्तराधिकारी होंगे। साथ ही बसपा के 5 सीनियर नेताओं के बेटों का नाम लेकर उनकी तारीफ की। आखिरी बार मायावती ने इतनी बड़ी रैली अक्टूबर- 2016 में की थी।

मायावती भतीजे आनंद के साथ जनसभा स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया।

मायावती भतीजे आनंद के साथ जनसभा स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया।

मायावती की बड़ी बातें –

  • सपा सबसे अधिक निशाने पर: मायावती अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव और सपा पर सीधे हमलावर नजर आईं। कहा- सपा को जब सत्ता में रहने का मौका मिलता है, तब इन्हें न तो PDA याद आता है, न ही बहुजन समाज के हितों की चिंता होती है। लेकिन जैसे ही कुर्सी हाथ से जाती है, ये खुद को सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा ठेकेदार बताने लगते हैं। जनता अब इनके ऐसे दोगले और स्वार्थी रवैये को अच्छी तरह समझ चुकी है।
  • योगी सरकार की तारीफ: मैं वर्तमान सरकार की आभारी हूं। कांशीराम पार्क और अंबेडकर पार्क में आने वाले लोगों से मिले टिकटों का पैसा सपा सरकार की तरह दबाकर नहीं रखा। मेरे आग्रह पर पार्क की मरम्मत पर पूरा खर्च किया गया। जबकि सपा सरकार ने पार्क के रखरखाव की बजाय दूसरे मदों पर पैसा खर्च कर दिया था।
  • चंद्रशेखर पर निशाना: हमें कमजोर करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। स्वार्थी और बिकाऊ किस्म के लोगों का इस्तेमाल करके कई संगठन बनवा दिए गए हैं। अब तो ये अंदर ही अंदर अपने वोट ट्रांसफर करवा कर इनके एक-दो उम्मीदवारों को जिता भी रहे हैं, जिससे दलित वोट बांटे जा सकें।
  • भतीजे की तारीफ: मायावती ने कहा- आकाश आनंद एक बार फिर पार्टी के मूवमेंट से जुड़ चुके हैं, यह शुभ संकेत है। वह मेरे दिशानिर्देश में काम करेंगे। जिस प्रकार कांशीराम जी ने मुझे आगे बढ़ाया, उसी तरह मैंने आकाश आनंद को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुझे विश्वास है और आप सभी से अपील है कि आप लोग मेरी तरह आकाश का भी हर हाल में साथ देंगे। उन्होंने सतीश चंद्र मिश्रा और उनके बेटे कपिल मिश्रा की भी तारीफ की। इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और जमील अख्तर की भी सराहना की।
  • खुद के ज्यादा सक्रिय होने का वादा: कांशीराम स्मारक में उमड़ी भीड़ से उत्साहित मायावती ने कहा- अब मैं आप लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा समय दूंगी। इस तरह के कार्यक्रमों में अधिक नजर आऊंगी। आप लोगों को भ्रमित नहीं होना है। 2027 में हमें 5वीं बार बसपा की सरकार बनानी है। इसके लिए सपा, भाजपा और कांग्रेस जैसी जातिवादी पार्टियों के षड्यंत्रों से सजग रहना होगा।
  • समर्थकों को सराहा: मायावती ने मंच से कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा- भीड़ को अन्य दलों की तरह दिहाड़ी देकर नहीं लाया गया है। ये लोग खुद चलकर आए हैं, वो भी अपने खून-पसीने की कमाई से।
लाखों की संख्या में समर्थक मैदान पर पहुंचे। मायावती और आकाश आनंद के लिए नारे लगाए।

लाखों की संख्या में समर्थक मैदान पर पहुंचे। मायावती और आकाश आनंद के लिए नारे लगाए।

मंच पर पहली बार दूसरे नेताओं को बैठने की जगह मिली

मंच पर मायावती की एक कुर्सी लगाई गई थी। बगल में सोफे लगे थे। इनमें मुस्लिम समुदाय के तीन चेहरे (मुनकाद अली, नौशाद अली और शमसुद्दीन) और दलित समाज के चार चेहरे (मायावती के भाई आनंद, भतीजे आकाश, गिरीश चंद्र जाटव और धनश्याम चंद्र खरवार) बैठे थे।

ओबीसी और सामान्य वर्ग से सतीश चंद्र मिश्रा, उमाशंकर सिंह और विश्वनाथ पाल को जगह मिली। यह पहली बार था जब मायावती की किसी रैली में मंच पर दूसरे नेताओं को भी बैठने की जगह दी गई।

मायावती की रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी पहुंचे।

मायावती की रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी पहुंचे।

5 राज्यों से पहुंचे लाखों लोग, कंट्रोल के लिए 5 हजार जवान

कांशीराम स्मारक में हो रही रैली में बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत 5 राज्यों से लाखों समर्थक पहुंचे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। इसके चलते 10 किमी क्षेत्र में जाम जैसी स्थिति देखने को मिली। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डेढ़ लाख की क्षमता वाला कांशीराम स्मारक पूरी तरह भरा हुआ था।

इसके अलावा अलग-अलग सड़कों पर भी जबरदस्त भीड़ रही। कार्यक्रम के समापन के बाद भी समर्थक लगातार पहुंचते रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे शहर में 5 हजार जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा बसपा के 2 हजार से ज्यादा वॉलंटियर भी लगाए गए थे।

बसपा 2012 में सत्ता से बाहर हुई, इसके बाद से ग्राफ गिरता गया

बसपा 2012 में यूपी की सत्ता से बाहर हुई थी। इसके बाद से पार्टी का ग्राफ लगातार गिरता गया। 2022 के चुनाव में सिर्फ एक विधानसभा सीट जीत पाई। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता नहीं खुला। राजनीतिक जानकार कहते हैं- अर्श से फर्श का सफर तय करने वाली बसपा को इस कार्यक्रम से बड़ी संजीवनी मिल सकती है।

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RBI ने 2000 रुपये के नोटों की वापसी पर जारी की ताजा रिपोर्ट, क्या रद्दी बन गए हैं बाकी बचे नोट?

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मुंबई, एजेंसी। कभी भारतीय बटुए की शान कहे जाने वाले गुलाबी नोट अब इतिहास के पन्नों में सिमटने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 3 मार्च 2026 को अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी करते हुए यह साफ कर दिया है कि 2000 रुपये के नोटों को वापस लाने का महाभियान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। जहां अधिकांश लोगों को लगा था कि अब तक सारे नोट खजाने में लौट चुके होंगे, वहीं ताजा आंकड़े बताते हैं कि अभी भी कुछ ‘गुलाबी जादुई नोट’ जनता की जेबों या पुराने संदूक में छिपे हुए हैं।

98 प्रतिशत से ज्यादा की हुई घर वापसी
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, 19 मई 2023 को जब इन नोटों को चलन से बाहर करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था, तब बाजार में कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2000 के नोट मौजूद थे। ताजा अपडेट के मुताबिक, इनमें से 98.44 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में सफलतापूर्वक लौट आए हैं। गणितीय आधार पर देखें तो अब केवल 1.56 प्रतिशत नोट ही बाजार या आम लोगों के पास बचे हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश की जनता ने इस बदलाव को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है और भारी मात्रा में मुद्रा वापस सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।

क्या रद्दी बन गए हैं बाकी बचे नोट?
बचे हुए नोटों को लेकर मन में डर होना स्वाभाविक है, लेकिन RBI ने राहत भरी बात कही है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि ये नोट आज भी ‘लीगल टेंडर’ हैं, यानी इनकी कागजी कीमत शून्य नहीं हुई है। हालांकि, अब आप इन्हें पास के किसी भी सामान्य बैंक या ATM में जाकर जमा नहीं कर सकते। इन बचे हुए नोटों को बदलने या जमा करने के लिए अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं। पहला यह कि आपको RBI के देश भर में स्थित 19 क्षेत्रीय कार्यालयों (Regional Offices) पर व्यक्तिगत रूप से जाना होगा। दूसरा विकल्प भारतीय डाक (Post Office) का है, जिसके जरिए आप सुरक्षित तरीके से अपने नोटों को RBI तक भेज सकते हैं।

आखिर कहां अटक गए करोड़ों के नोट?
विशेषज्ञों और रिपोर्ट के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि जो नोट अब तक वापस नहीं आए, उनके पीछे कई रोचक कारण हो सकते हैं। कई लोग शायद अपने Locker, पुराने कपड़ों या घर के गुप्त कोनों में रखे इन नोटों को भूल गए हैं। इसके अलावा, विदेश में रह रहे भारतीयों (NRIs) के पास मौजूद मुद्रा को वापस आने में लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, देश के कई धार्मिक स्थलों के दान पात्रों और पुराने गुल्लकों में भी ये नोट अभी भी मिल रहे हैं।

 घबराएं नहीं, पर सक्रिय रहें
यदि आपको भी अपने किसी पुराने पर्स या डायरी के बीच दबा हुआ 2000 का नोट मिल जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपका पैसा सुरक्षित है, बस उसे बदलने की प्रक्रिया थोड़ी मशक्कत भरी हो गई है। RBI का यह मिशन अब अपने समापन की ओर है और 98.44 प्रतिशत की रिकवरी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अब बस यह देखना बाकी है कि शेष बचे Note System में लौटते हैं या फिर वे भविष्य के लिए केवल एक यादगार बनकर रह जाएंगे।

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ईरान की जंग… सोने के दामों में महा-विस्फोट! क्या चांदी तोड़ेगी ₹3 लाख का रिकॉर्ड?

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 मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने बुलियन मार्केट (Gold-Silver Market) को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। भारतीय वायदा बाजार में जहां सोने की कीमतों में करीब 1.5% का उछाल आया है, वहीं चांदी ने 3% की लंबी छलांग लगाई है। जानकारों का दावा है कि यदि तनाव और बढ़ा, तो चांदी जल्द ही 3 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार कर सकती है।

 सोने में जोरदार उछाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। सुबह करीब 10:15 बजे सोना 2,200 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान कीमतें 1.63 लाख रुपये से ऊपर के स्तर तक पहुंच गईं। हालांकि इससे पहले के सत्र में सोने में तेज गिरावट आई थी और भाव 1.61 लाख रुपये के आसपास फिसल गए थे। लेकिन ताजा वैश्विक घटनाक्रम ने बाजार का रुख बदल दिया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना रहता है तो घरेलू बाजार में सोना 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर की ओर बढ़ सकता है।

चांदी पहुंच सकती 3 लाख रुपए के पार

सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में चांदी 6,000 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई। सत्र के दौरान कीमतें 2.73 लाख रुपये के स्तर तक भी पहुंचीं। गौरतलब है कि पिछले दो कारोबारी दिनों में चांदी में भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। जानकारों का कहना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर भी छू सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड में करीब 1 फीसदी की बढ़त देखी गई और यह 5,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी मजबूती रही। इस वर्ष अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में मजबूत रिटर्न देखने को मिला है। वहीं, चांदी में भी गिरावट के बाद रिकवरी दर्ज की गई और कीमतें फिर से ऊपर की ओर बढ़ीं। दूसरी ओर प्लैटिनम और पैलेडियम में भी सीमित बढ़त दर्ज की गई। वहीं प्लेटिनम 1% की बढ़त के साथ 2,104 डॉलर और पैलेडियम 1,653 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के सैन्य और नौसैनिक ठिकानों पर हमले की रिपोर्ट के बाद डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। युद्ध की इस स्थिति में शेयर बाजार (Stock Market) धड़ाम हो गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा केवल कीमती धातुओं और कच्चे तेल पर टिका है।

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इजराइल-ईरान जंग,भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया:जेद्दा से अहमदाबाद 200 यात्री आए, 4 दिन में भारतीय एयरलाइंस की 1117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द

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नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें भारतीय नागरिकों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पोस्ट में इसकी जानकार दी।

इधर, जंग से बने विपरीत हालातों के चलते मिडिल ईस्ट के देशों से भारतीयों का लौटना जारी है। मंगलवार देर रात जेद्दा, दुबई से कई भारतीय दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए। भारत आने पर लोगों ने कहा कि अपने देश वापस आकर अच्छा लग रहा है।

ईरान ने जंग के कारण दुनिया का सबसे अहम होर्मुज रूट (समुद्र का रास्ता) बंद कर दिया है। इसके चलते भारतीय झंडे वाले 37 जहाज और उनमें सवार 1,109 भारतीय नाविक वर्तमान में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में फंसे हुए हैं।

युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के 8 देशों ने एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर ​दिए हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द की हैं। इससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं।

खामेनेई की मौत के कुछ ही घंटों के अंदर, पाकिस्तान में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कराची में US कॉन्सुलेट पर धावा बोलने की कोशिश की और इस्लामाबाद में डिप्लोमैटिक इलाके के बाहर पुलिस से भिड़ गए। सिक्योरिटी फोर्स के साथ झड़प में कम से कम 34 लोग मारे गए। 120 से ज्यादा घायल हुए हैं।

इजराइल-ईरान जंग और खामेनेई की मौत का विरोध

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