Connect with us

कोरबा

महापौर प्रसाद प्रभारी मंत्री साव से मिले: सौंपा स्मरण पत्र, निरस्त कार्यों की पुर्नस्वीकृति की मांग

Published

on


कोरबा । छ.ग. शासन के उप मुख्यमंत्री, कोरबा जिला के प्रभारी मंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरूण साव आज कोरबा प्रवास पर पहुंचे और कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान महापौर राजकिशोर प्रसाद ने नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत कई विकास कार्याें के लंबित होने की जानकारी दी और कई कार्य निरस्त होने की भी जानकारी दी और ज्ञापन सौंप कर मांग की, कि लंबित एवं निरस्त कार्याें की स्वीकृति प्रदान करें, ताकि क्षेत्र में विकास कार्य आगे बढ़ सके।
महापौर द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि तात्कालीन सरकार द्वारा अधोसंरचना मद से लगभग 80 कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिनका प्रक्रिया अनुसार टेंडर जारी कर कार्यादेश भी जारी कर दिया गया था, लेकिन इनमें से 27 कार्यों को अप्रारंभ की स्थिति में शासन द्वारा निरस्त कर दिया गया था। शासन के निर्देशानुसार मेयर इन कांउसिल से गत 19 जून 2024 को स्वीकृत कर 398.00 लाख रूपये के 27 कार्यों को प्रस्ताव हेतु शासन को पुर्नस्वीकृति के लिये भेजा गया था, जो अब तक स्वीकृत नहीं हो पाये है, उन्हें स्वीकृति देने के लिए निवेदन किया गया है।
आगामी नगरीय निकाय चुनाव में आचार संहिता लग जाने के बाद उसकी पूरी प्रक्रिया स्थगित हो जायेगी, अतः उक्त कार्याें को स्वीकृति देने का आग्रह महापौर द्वारा किया गया।
ज्ञापन में जिन लंबित कार्याें को स्वीकृति देने की मांग की गई है, उनके प्रमुख रूप से – निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में तालाबों एवं उद्यानो का उन्नयन, मुक्तिधामों का उन्नयन, सड़क एवं नाली निर्माण कार्य, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य सहित अन्य प्राथमिक कार्याें के लिए 156.00 करोड़ रूपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा अधोसंरचना मद में 398.00 लाख रूपये के 27 कार्य प्रस्तावित हैं। सत्र 2024-25 के महापौर एवं पार्षद निधि से कराये जाने वाले 579.00 लाख रूपये के महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत कई आंगनबाड़ी केन्द्र जर्जर हो चुके हैं, इनकी मरम्मत के लिये प्रभारी मंत्री से स्वीकृति के लिये आग्रह किया गया हैं। इसके अलावा क्षेत्र के जर्जर अटल आवासों की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग की गई है। पम्प हाउस में 3 नग बोर खनन के लिए राशि मंजूरी के लिये आग्रह किया गया है। इसके अलावा निगम क्षेत्र में एलईडी लाइट लगाने किये जा रहे प्रयास की जानकारी महापौर ने प्रभारी मंत्री को दी और कुछ दिन पूर्व सौंपे गए ज्ञापन का भी स्मरण दिलाया।
महापौर ने प्रभारी मंत्री से विशेष अनुरोध करते हुए कहा है कि ये समस्त कार्य अति महत्वपूर्ण और जनहित से जुडे़ कार्य हैं, अतः इसे प्राथमिकता से संज्ञान में लें और स्वीकृति प्रदान करें।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से बिजली बिल हुआ शून्य, श्रीमती फ्लोरेंस तिर्की बनीं प्रेरणादायक उदाहरण

Published

on

10 किलोवाट सोलर रूफटॉप संयंत्र से हर माह हो रही उल्लेखनीय बचत

स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए नागरिकों से की योजना का लाभ लेने की अपील

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघरः मुफ्त बिजली योजना आज लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रभावी एवं जनहितकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कर आम नागरिक न केवल अपने बिजली व्यय में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

कोरबा शहर के उदयनगर, पोड़ीबहार निवासी सेवानिवृत्त बालकों कर्मचारी श्रीमती फ्लोरेंस तिर्की ने सेवानिवृत्ति के बाद अपने नए घर का निर्माण कराया। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत मिलने वाले लाभ और बिजली बिल में बचत की संभावना को देखते हुए उन्होंने बिना विलंब किए पिछले वर्ष अपने घर की छत पर 10 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया।
श्रीमती तिर्की ने बताया कि उनके घर में बिजली की खपत अपेक्षाकृत अधिक थी। साथ ही वे अपने बगीचे की सिंचाई के लिए मोटर का नियमित उपयोग करती हैं। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 10 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र लगवाया। संयंत्र स्थापित होने के बाद से उनका बिजली बिल शून्य हो गया है, जिससे उन्हें हर माह उल्लेखनीय आर्थिक राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि पहले अधिक खपत के कारण बिजली बिल काफी आता था, लेकिन अब न केवल बिजली का खर्च समाप्त हो गया है, बल्कि अतिरिक्त विद्युत उत्पादन से भविष्य में अतिरिक्त आय की भी संभावना बनी है।
उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी पहल है। यह योजना बिजली बिल से राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आर्थिक बचत सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों से इस योजना का लाभ लेने की अपील की।
योजना से मिली इस सुविधा और आर्थिक राहत के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

Continue Reading

कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

Published

on

कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

Continue Reading

कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

Published

on

मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677