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छत्तीसगढ़

मंत्री ओपी चौधरी ने मड़वा पावर प्लांट के श्रमिकों के लिए शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत कैंटीन का किया वर्चुअली शुभारंभ

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उत्कृष्ट जांजगीर-चांपा अभियान अंतर्गत शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए नींव सहित कई योजनाएं प्रारंभ

मेरा स्वच्छ विद्यालय मेरी जिम्मेदारी’ एवं ‘दस प्रयत्नम अभियान’ की हुई शुरूआत

जांजगीर-चांपा

 वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी
 वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी
 वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

जांजगीर-चांपा। जिले के प्रभारी मंत्री और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज वर्चुअल माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत परियोजना मड़वा में शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत कैंटीन का शुभारंभ किया। इसके साथ कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंत्री ओपी चौधरी के द्वारा नींव – एक स्वर्णिम भविष्य की, समग्र प्रगति पत्र, आंगनबाड़ी बाल प्रगति पत्र, मेरा विद्यालय स्वच्छ विद्यालय, दस प्रयत्नम अभियान का शुभारंभ करते हुए जांजगीर-चांपा जिले के लोगो अनावरण किया।
       शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत संचालित कैंटीन के माध्यम से निर्माणी, संगठित एवं असंगठित वर्ग के श्रमिकों को मात्र 5 रुपए में चावल, दाल, सब्जी, आचार या चटनी के साथ गरमा गरम ताजा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उल्लेखनीय है की शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना वर्ष 2017 से छत्तीसगढ़ में प्रारंभ होकर संचालित है। इस अवसर वर्चुअल माध्यम से मंत्री ओपी चौधरी ने मड़वा पावर प्लांट में कार्यरत श्रमिक सतीश कुमार एवं रमेश कुर्रे से बात की। श्रमिक सतीश कुमार ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना बहुत ही अच्छी योजना है इस कैंटिंन में हमें कम कीमत पर ताजा भोजन मिलता प्राप्त होता है। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

’नींव – एक स्वर्णिम भविष्य कीरू प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आकलन उपकरण तैयार’
 
      कार्यक्रम में जिले के प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों के लिए नींव – एक स्वर्णिम भविष्य की कार्यक्रम की शुरूआत की गई इसके तहत शासकीय शालाओं के प्राथमिक श्रेणी में पढ़ने वाले बच्चों के अंदर हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित का बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान वर्धन करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें पहली बार अंग्रेजी को भी जोड़ा गया है। इसके तहत तीनों विषयों का आकलन उपकरण तैयार किया गया है। उत्कृष्ट जांजगीर-चांपा अभियान अंतर्गत शिक्षा में गुणात्मक सुधार एवं छ.ग. राज्य के मेरिट में जांजगीर-चांपा जिला का स्थान सुनिश्चित करने के लिए एवं बेहतर परिणाम के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का समग्र प्रगति पत्रक बनाया जाएगा। जिसमें छात्र-छात्राओं की उपस्थित, परीक्षा परिणाम एवं शिक्षा के स्तर की प्रगति की प्रतिमाह मॉनिटरिंग की जाएगी। वित्त मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम के चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की।

’आंगनबाड़ी बाल प्रगति पत्र -’

      जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का ‘‘बाल समग्र प्रगति पत्रक‘‘ तैयार किया गया है। यह कार्ड एक शिशु का आंगनबाड़ी में 3 से 6 साल तक की प्रगतियों को रिकॉर्ड करेगा। इसमें हर तिमाही में बच्चों का वजन और लंबाई नापी जाएगी। जिसके तहत बच्चों की आयुगत समृद्धि, कुपोषण की स्थिति नापी जाएगी। इसके अलावा यह आधारभूत शिक्षा एवं अन्य क्रियाकलापों का भी रिकॉर्ड रखेगा। इस रिकॉर्ड के माध्यम से अभिभावकों का हर तिमाही में दस्तखत लिया जाएगा जिसके तहत वह भी अपनी बच्ची की प्रगति के बारे में अपडेटेड रहे।

’‘‘मेरा स्वच्छ विद्यालय मेरी जिम्मेदारी‘‘ हर शनिवार को होगा विशेष स्वच्छता अभियान’

      इस कार्यक्रम के तहत स्कूल के बच्चों के अंदर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक स्कूल में स्वच्छता नायक तथा स्वच्छता नायिका के रूप में विद्यार्थियों को अभिहित कर स्कूल परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का प्रयत्न किया जाएगा। तथा इसके अलावा प्रत्येक शनिवार को स्वच्छता श्रमदान के तहत स्कूल को साफ़ रखा जाएगा। अच्छे प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को आगामी 02 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती पर पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

’ग्रामो के सर्वागीण विकास के लिए ‘‘दस प्रयत्नम अभियान‘‘ प्रारंभ’
 

       गांव के सर्वांगीण विकास और स्वास्थ्य के लिए जिला प्रशासन द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से चलो अपनाएं स्वास्थ्य व्यवहार समृद्ध बनेगा घर-द्वार की थीम पर ‘‘दस प्रयत्नम अभियान‘‘ की शुरूआत की गई है। जिसके अंतर्गत दस प्रमुख लक्ष्य सुपोषित जांजगीर-चांपा, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, एनीमिया मुक्त जांजगीर-चांपा, शत-प्रतिशत टीकाकरण, शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड पंजीकरण, कुष्ठरोग मुक्त जांजगीर-चांपा, शत-प्रतिशत शिक्षित जांजगीर-चांपा, स्वस्थ एवं सुरक्षित किशोरावस्था, स्वच्छ जांजगीर-चांपा, महिला स्वसहायता समूहों का सामाजिक उत्थान में सक्रीय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से संकल्प ले कर बदलाव की शुरुआत करने की है।

’डिस्ट्रिक्ट लोगो लॉन्च’

     आज जिला लोगों को भी लॉन्च किया गया। जिसका उद्देश्य इस जिले की परंपरा, संस्कृति एवं मूल्यबोधों को सामने लाकर जिले की एक अलग पहचान बनाना है। कोसा, कांसा कंचन की नगरी जांजगीर चांपा के लोगो में इन तीनों का चित्रात्मक रूप में वर्णन है। इसके अलावा इस लोगो में प्रख्यात विष्णु मंदिर, पावर प्लांट, हसदेव नदी, शिवरीनारायण मंदिर, कोटमी सोनार मगरमच्छ उद्यान तथा धान का भी चित्रात्मक विवरण है।

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कोरबा

24 घंटे से अंधेरे में आधा दर्जन गांव:कोरबा के तुमान फीडर की आपूर्ति बाधित, पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों में नाराजगी

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कोरबा। कोरबा के छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के बरपाली विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत तुमान फीडर से जुड़े गांवों में रविवार (28 जून) शाम से बिजली आपूर्ति ठप है। 28 जून की शाम करीब 4 बजे बाधित हुई आपूर्ति 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बहाल नहीं हो सकी।

जिससे पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. बंशीलाल महतो के गृह ग्राम सलिहाभांठा सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

अधिकारीयों ने फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया

तुमान फीडर से जुड़े ग्राम पंचायत सलिहाभांठा, बंधवाभांठा, डोंगरीभांठा, पकरिया और सराईडीह सहित कई गांवों में बिजली नहीं होने से जनजीवन प्रभावित हो गया। देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं होने पर ग्रामीणों ने लाइनमैन से संपर्क किया, जिन्होंने 11 केवी लाइन में ब्रेकडाउन की जानकारी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।

हेल्पलाइन पर शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान

रात करीब 11:30 बजे सलिहाभांठा निवासी शैलेंद्र जायसवाल ने विद्युत विभाग की हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई। सोमवार सुबह स्थानीय युवक भुवनेश्वर महतो ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत दर्ज कर अधिकारियों के उदासीन रवैये की जानकारी दी। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें समस्या के समाधान के लिए 7 से 15 दिन का समय बताया गया, जिससे लोगों में नाराजगी है।

बिजली गुल होने से पेयजल संकट

बिजली बंद रहने से गांवों में पेयजल संकट भी गहरा गया। बोरवेल और बिजली संचालित हैंडपंप बंद होने से लोगों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ी। सलिहाभांठा में नल-जल योजना ठेकेदार की मृत्यु के बाद अधूरी पड़ी है, जिसके कारण ग्रामीण पहले से ही निजी बोर और हैंडपंप पर निर्भर हैं।

बिजली नहीं होने से मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गए और इनवर्टर की बैटरियां भी देर रात तक जवाब दे गईं। पंखे और कूलर बंद रहने से लोगों को गर्मी में रातभर परेशानी झेलनी पड़ी।

विभाग ने बताया शॉर्ट सर्किट बना वजह

बरपाली विद्युत विभाग के सहायक अभियंता (एई) सुमित निराला ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण 11 केवी लाइन में शॉर्ट सर्किट होने से कंडक्टर टूट गया था। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य जारी है और जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

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संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित

मुख्यमंत्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा,  डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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अपनी संस्कृति और मूल्यों से समाज को जोड़कर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है भारत : इंद्रेश कुमार

आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है : डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर  आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का किया विमोचन

आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित

लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।

           कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।

               मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। 

            मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                         

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। 

        विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।

         कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ कैलाश सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर अजय रामदास, अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। 
              कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर “आपातकाल कभी विस्मृत न हो” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर “25 जून : संविधान हत्या दिवस” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

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