छत्तीसगढ़
रन फॉर यूनिटी में CM समेत मंत्रियों ने लगाई दौड़:मुख्यमंत्री बोले- वल्लभ भाई पटेल ने अंग्रेजों के खिलाफ कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया
रायपुर,एजेंसी। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर रायपुर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत कैबिनेट मंत्रियों ने भी दौड़ लगाई। तेलीबांधा तालाब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर होने वाला यह आयोजन भारत की एकता और अखंडता की महत्वपूर्ण सीख देता है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है, लेकिन दीपावली को चलते यह आयोजन मंगलवार को आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान तिरंगा झंडा पकड़े मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री।
राष्ट्रीय एकता दिवस एकजुट होकर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित रन फॉर यूनिटी हम सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। ब्रिटिश शासन के दौरान सरदार पटेल ने अंग्रेजों के खिलाफ कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। स्वतंत्रता के बाद उन्हीं के प्रयासों से रियासतों को एक करके उन्हें स्वतंत्र भारत में शामिल किया गया।
सीएम ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की अखंडता अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। सरदार पटेल ने जिस संकल्प और साहस के साथ राष्ट्र को एकजुट किया, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।
छत्तीसगढ़
अतिशेष व्याख्याताओं को हाईकोर्ट से राहत नहीं:कहा- जहां छात्र नहीं, वहां शिक्षकों को रखने का कोई औचित्य नहीं,सिंगल बेंच के फैसले पर लगाई मुहर
बिलासपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए वाणिज्य व्याख्याताओं की रिट अपील को खारिज कर दिया है।
वहीं, राज्य सरकार की युक्तिकरण नीति के तहत अतिशेष घोषित कर ट्रांसफर किए गए शिक्षकों को राहत देने से इनकार कर दिया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि जब मूल स्कूल में संबंधित विषय का एक भी छात्र नहीं है, तो वहां शिक्षकों को पदस्थ रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।

दरअसल, जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिवनी में शकुंतला राठौर और कृष्णा देवी साहू कॉमर्स व्याख्याता के पद पर कार्यरत थीं। राज्य सरकार की युक्तिकरण नीति के तहत जांच में पाया गया कि इस स्कूल में कॉमर्स विषय का एक भी छात्र नहीं है।
छात्र संख्या शून्य होने के कारण दोनों शिक्षिकाओं को अतिशेष घोषित कर दिया गया और काउंसलिंग के माध्यम से उनका तबादला मुंगेली जिले के दासरंगपुर और कोना के स्कूलों में कर दिया गया था।
भेदभाव का आरोप लगाकर लगाई थी याचिका
शिक्षिकाओं ने इस ट्रांसफर को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए तर्क दिया कि, काउंसलिंग के दौरान जिले के खाली पदों को छिपाया गया और विभाग ने मनमाने ढंग से भेदभावपूर्ण कार्रवाई की है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि ट्रांसफर पूरी तरह युक्तिकरण नीति की धारा 7(सी)(2) के तहत किए गए हैं।
इस नीति के अनुसार यदि किसी स्कूल में संबंधित विषय का कोई छात्र नहीं है, तो वहां के शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। वरिष्ठ शिक्षकों को पहले जिला स्तर पर मौका दिया गया, जिसके बाद संभाग स्तर की काउंसलिंग से नियमानुसार पोस्टिंग दी गई है।
पसंद की जगह पर जमे रहने का अधिकार नहीं
सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि, ट्रांसफर और एडजस्टमेंट पूरी तरह से नियोक्ता के प्रशासनिक दायरे का काम है और इसमें न्यायिक समीक्षा सीमित होती है। शिक्षक अपनी पसंद की जगह या गृह जिले में ही जमे रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं जता सकते।
जब सिवनी स्कूल में कॉमर्स का कोई छात्र ही नहीं था, तो सरकार का उन्हें दूसरे स्कूल में भेजना नीति के तहत सही कदम है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : पर्यावरण संरक्षण, विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान, ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता के लिए रोटेरियन निभाएं सक्रिय भूमिका- डेका


रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज रोटरी क्लब ग्रेटर रायपुर के सदस्यों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात एवं चर्चा की। राज्यपाल ने उन्हें समाज हित से जुडे़ विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
चर्चा के दौरान राज्यपाल ने रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक संगठित और सेवा भावना से कार्य करने वाला संगठन है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास और जनकल्याण के लिए सभी संस्थाओं और नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा।
राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि रायपुर शहर में पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट और टाइल्स का घेरा बना दिया गया है, जिससे उनकी जड़ों तक पर्याप्त पानी और हवा नहीं पहुंच पाती। उन्होंने रोटेरियन से ऐसे घेरों को हटाने और पेड़ों को पुनर्जीवन देने के लिए सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो राज्य को संभावित गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए अभी से जल स्रोतों के पुनर्जीवन और संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने रोटरी क्लब से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया।

राज्यपाल ने महिलाओं में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रोटेरियन इस दिशा में जनजागरूकता अभियान चलाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और विकास में भी रोटरी क्लब के सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति छत्तीसगढ़ की मूल पहचान और धरोहर है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रोटेरियन से विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक विकास के क्षेत्र में कार्य करने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने कहा कि रोटरी क्लब सामूहिक रूप से तो उत्कृष्ट कार्य करते है, लेकिन प्रत्येक सदस्य को व्यक्तिगत स्तर पर भी ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनमें लेने की अपेक्षा देने की भावना हो। इससे जीवन में आत्मिक संतोष और आनंद प्राप्त होता है तथा समाज का भी कल्याण होता है।
राज्यपाल ने कहा कि समाज में अनेक ऐसे अनसंग हीरो और हीरोइन हैं, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सामने लाकर सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में रोटरी क्लब महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में वहां के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए सामाजिक संगठनों को आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा अच्छे कार्य किए जा रहे है। इसकी जानकारी देने और इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने में रोटेरियन सहयोग कर सकते हैं।
बैठक में रोटरी क्लब के अध्यक्ष रितेश जिंदल ने राज्यपाल श्री डेका का स्वागत किया। क्लब की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, रोटरी क्लब ग्रेटर रायपुर के सचिव प्रकाश अग्रवाल, क्लब के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
कोरबा
मौत के 3 दिन बाद खोदी गई नवविवाहिता की कब्र:मायके वाले बोले-पति ने अफेयर के शक में मार-डाला, हसबैंड ने कहा-बीमारी से गई जान
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मौत के 3 दिन बाद ही नवविवाहिता की कब्र खोदकर लाश निकाली गई है। मायके पक्ष ने बेटी की हत्या करने और पति पर अफेयर के शक को लेकर अक्सर मारपीट करने का आरोप लगाया। इसकी लिखित शिकायत पुलिस से की गई।

जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। हालांकि, पति का कहना है कि, पत्नी की बीमारी से मौत हुई है। अब पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह सामने आ पाएगी। घटना श्यांग थाना क्षेत्र के छिरहुट गांव की है।
3 साल पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के ग्राम कुमा निवासी घूरई बाई (23) की शादी 3 साल पहले कोरबा जिले के छिरहुट गांव के दिलीप बैगा से हुई थी। दंपती का डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। परिजनों के अनुसार, 16 जून को घूरई की मौत हो गई थी, जिसके बाद 17 जून को बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव को दफना दिया गया था।
मायके वालों ने जताई हत्या की आशंका
मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि, पति दिलीप बैगा कैरेक्टर पर शक को लेकर अक्सर पत्नी से विवाद करता था। परिजनों को मौत की सूचना मिलने के बाद शक हुआ और उन्होंने पति पर हत्या कर शव दफनाने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने श्यांग थाने में शिकायत की और शव निकालकर जांच करने की मांग की।
पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। 19 जून को एसडीओपी, थाना प्रभारी, सीन ऑफ क्राइम टीम और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कराई गई। शव को बाहर निकालकर पंचनामा किया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।
पति ने कहा- बीमारी से हुई मौत
पति दिलीप बैगा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि पत्नी की तबीयत अचानक खराब हुई थी और बीमारी के कारण उसकी मौत हुई। उसने हत्या के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
डेढ़ साल के बच्चे को लेकर भी चिंता
घटना के बाद गांव में दंपती के डेढ़ साल के बच्चे की परवरिश को लेकर भी चर्चा है। मायके पक्ष का कहना है कि, यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है, तो बच्चे को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि, श्यांग पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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