Connect with us

कोरबा

नियमों का मखौल:शहीद वीर नारायण संग्रहालय का ठेका 25 करोड़ में, भुगतान 51 करोड़ किया, बजट बढ़ाने 700 से अधिक मूर्तियां बना दीं

Published

on

जे पी कंस्ट्रक्शन कोरबा ने कांग्रेस कार्यकाल में प्रभाव से लिया था ठेका, इसके यहां ईडी का भी पड़ा था छापा

रायपुर,एजेंसी। शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में ठेकेदार को बिना टेंडर के 26 करोड़ का अधिक काम देने का मामला सामने आया है। इसका टेंडर 2022 में हुआ। 25.66 करोड़ का काम जेपी कंस्ट्रक्शन कोरबा को दिया गया। कंपनी को निर्माण और मूर्ति दोनों के काम एक साथ मिले।

इसके बाद बजट बढ़ाने के लिए मूर्तियां बढ़वाई गईं, लेकिन कोई टेंडर नहीं निकला। सीधे ठेकेदार को ही अतिरि​क्त 21 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। ठेकेदार ने 700 से अधिक मूर्तियां बना डालीं, जब केंद्रीय संग्रहालय की टीम आई तो उसने 100 मूर्तियां बाहर करवा दीं।

केंद्रीय सचिव रंजना चोपड़ा ने गैलरी की चौड़ाई 5 फीट होने पर भी नाराजगी जताई। बाद में 5 करोड़ का डिजिटल का काम भी बिना टेंडर के ही ठेकेदार को दे दिया गया। इस तरह ठेका तो 25.66 करोड़ का हुआ, लेकिन भुगतान 51 करोड़ रुपए हुए।

पीएम से भी छुपाई मूर्तियां

राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर को पीएम मोदी संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे, जैसे ही यह सूचना आई तो विभाग एक्टिव हो गया। केंद्रीय सचिव रंजना चोपड़ा रायपुर संग्रहालय देखने आईं। गैलरियों में मूर्तियों की भरमार देखकर वे नाराज हो उठीं।

उन्होंने पूछा कि इतनी अधिक मूर्तियां किससे पूछकर बनवा दी गईं। उन्होंने एक गैलरी को पूरी तरह से खाली करने के लिए कहा। पीएम मोदी को भी शुरुआत की तीन गैलरियों के बाद सीधे 11वीं गैलरी ले गए। बाहर निकाली गईं 100 मूर्तियों का भुगतान हो चुका है।

गड़बड़ी पर उठ रहे सवाल

  • गैलरी की चौड़ाई सिर्फ 5 फीट है। ऐसे में दोनों तरफ देखने के लिए इतने संकरे रास्ते का डीपीआर कैसे पास हो गया?
  • 5.5 करोड़ रुपए का डिजिटल वर्क बिना टेंडर के कैसे दे दिया गया, केंद्र में भी कैसे इसकी अनुमति दे दी?
  • संग्रहालय के आर्ट क्यूरेटर को सरकारी पद पर रहते हुए प्राइवेट का काम करने कैसे दे दिया गया?
  • कई जगह पर जो सजावट और डिजाइन की गई है, वह ऐेतिहासिक परिप्रेक्ष्य से मेल ही नहीं कर रहीं, इसको कैसे पास कर दिया गया?

शुरुआत से ही गड़बड़ी

15 अगस्त 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से आदिवासी शहीदों के नाम से संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी। 2017-18 में केंद्र ने 11 राज्यों को संग्रहालय बनाने के लिए चुना। छत्तीसगढ़ में भी शहीद वीर नारायण सिंह पर आधारित संग्रहालय के लिए केंद्र ने 15 करोड़ रुपए दिए। इसमें राज्यांश 10.66 करोड़ रुपए देकर टेंडर निकाला गया। निर्माण और मूर्ति का सिंगल टेंडर हुआ, जबकि दोनों काम अलग-अलग हैं। इसलिए टेंडर भी सिविल और आर्ट का अलग-अलग होना था।

एक्सपर्ट – बीकेएस रे, पूर्व अपर मुख्य सचिव

बड़ी राशि के काम का टेंडर जरूरी सिविल और आर्ट वर्क विभाग चाहे तो एक साथ दे सकता है। वैसे अलग-अलग करने से काम गुणवत्तापूर्ण होता है। इसके अलावा एक से दो लाख रुपए के काम बगैर टेंडर के ही कराए जा सकते हैं। अगर काम ज्यादा का है, तो उसका टेंडर निकलना ही चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो यह निश्चित तौर पर शासकीय अनियमितता है।

सिविल के ठेकेदार ने किया डिजिटल का काम

टेंडर के समय तय हुआ था कि सिर्फ 7 गैलरी ही बनाई जाएगी। यह गैलरी शहीद वीर नारायण सिंह पर आधारित होगी। लेकिन बाद में 16 गैलरी बनाने का निर्णय हो गया। गैलरी बढ़ी, मूर्तियां बढ़ाई गईं, लेकिन इसका अलग से टेंडर नहीं निकाला गया। जबकि कोई भी नए काम के लिए टेंडर निकाला जाता है। सिविल ठेकेदार ने ही ग्लास फाइबर रेनफोर्समेंट पॉलीमर की 700 से अधिक मूर्तियां बनाईं। अप्रैल 2025 में 5.5 करोड़ रुपए का ​डिजिटल का काम निकला। लेकिन इसके लिए भी कोई टेंडर नहीं निकाला गया। केंद्र से अनुमति लेकर सीधे काम जेपी कंस्ट्रक्शन को सौंप दिया गया।

इन्हें देखना था काम

हमारे पास समय नहीं बचा था इसलिए मूर्ति और सिविल का टेंडर एक साथ निकाला गया। एडिशनल आइटम जोड़े गए थे, इस वजह से बजट बढ़ा। इसमें कुछ तो रिलेटेड थे कुछ अलग भी थे। आपको अधिक जानकारी ईई साहब दे सकते हैं। –यशवंत राव, सब इंजीनियर, आदिम जाति

इन्हें करनी थी जांच

उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद ही कोई काम जोड़ा गया है। सभी काम विभागीय अनुमति से ही ठेकेदार को दिए गए हैं। केंद्र से अनुमति लेकर डिजिटल का काम ठेकेदार को दिया गया। बाकी मैं अधिकृत नहीं जवाब देने के लिए। – त्रिदीप चक्रवर्ती, ईई, आदिम जाति

इन्हें मिला था ठेका

कितनी मूर्तियों का ऑर्डर मिला था, यह मुझे याद नहीं है। इन्हें कई मू​र्तिकारों ने मिलकर बनाया है। अतिरिक्त काम पुराने रेट में ही मिला। कोई भी मूर्ति नहीं हटाई गई है। जो अप्रूवल था, उसका ही पेमेंट मिला है। आशीष अग्रवाल, जेपी कंस्ट्रक्शन

संग्रहालय में अगर किसी तरह की अनियमितता हुई तो उसकी अवश्य जांच करवाई जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई होगी। -रामविचार नेताम, आदिम जाति कल्याण विभाग

संग्रहालय में अगर किसी तरह की अनियमितता हुई तो उसकी अवश्य जांच करवाई जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई होगी। -रामविचार नेताम, आदिम जाति कल्याण विभाग

कोरबा की जे पी कंस्ट्रक्शन ने कांग्रेस कार्यकाल में प्रभाव से लिया था ठेका, इसके यहां ईडी का भी पड़ा था छापा
कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस नेता एवं जेपी कंस्ट्रक्शन के संचालक ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लिया था ठेका और अपने प्रभाव से 25 करोड़ का ठेका लेकर अधिकारियों से मिलीभगत कर 51 करोड़ का भुगतान करा लिया जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। दैनिक भास्कर ने मामले का खुलासा किया है और संभवत: उच्चस्तर पर जांच भी संभव है। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कोरबा स्थित निवास में जेपी के घर ईडी का भी छापा पड़ा था, तब से जेपी पूरे प्रदेश में सुर्खियों में बना हुआ है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

छत्तीसगढ़ में 10 जिलों के DEO बदले:13 प्राचार्यों और अधिकारियों का तबादला, बिलासपुर-सरगुजा के प्रभारी उपसंचालक भी बदले गए

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक आधार पर 13 प्राचार्यों और अधिकारियों का तबादला किया गया है। विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया है।

इस फेरबदल में बिलासपुर और सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली की गई है। इसके अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सूरजपुर, दुर्ग, मुंगेली, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत कई जिलों में DEO स्तर पर जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

बिलासपुर-सुरगुजा संभाग प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली

आदेश के अनुसार राजेश सिंह प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर को सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

वहीं अश्वनी भारद्वाज प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा को बिलासपुर संभाग का प्रभारी उप संचालक बनाया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

जिला शिक्षा अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी

ए.के. सिन्हा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर बनाया गया है। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खिसोरा, बलौदा के प्राचार्य मनोहर प्रताप सिंह को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा की जिम्मेदारी दी गई है।

लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर में सहायक संचालक जगजीत धीर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग बनाया गया है। इसी तरह प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली *एल.पी. डहीरे* को सहायक संचालक, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर के कार्यालय में पदस्थ किया गया है।

डॉ. मोहन लाल पटेल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र नगर, बिलासपुर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली की जिम्मेदारी दी गई है।

बिलासपुर, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में नए प्रभारी DEO

प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर रामेश्वर जायसवाल को प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा जांजगीर-चांपा बनाया गया है। वहीं संदीप कुमार पांडे प्राचार्य, कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी करतला, को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर की जिम्मेदारी मिली है।

उपेंद्र कुमार देवांगन, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला विचारपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई बनाया गया है। शिव कुमार गेंदले प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला धरमपुरा, मुंगेली को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा बनाया गया है।

मोहला-मानपुर और खैरागढ़ में भी बदलाव

पुरुषोत्तम लाल साहू प्राचार्य शासकीय कन्या शिक्षा परिसर चौकी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को इसी जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी योगदास साहू को प्रतिनियुक्ति पर लेकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में प्राचार्य बनाया गया है।

Continue Reading

कोरबा

जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति नगोईखार का मतदाता सूची प्रकाशित

Published

on

दावा- आपत्ति 15 सितंबर तक आमंत्रित

कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के संबंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास  15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

Continue Reading

कोरबा

रोजगार मेला के आयोजन हेतु नियोजकों से रिक्त पदों की मंगाई गई जानकारी

Published

on

कोरबा 09 सितंबर 2026। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा के माध्यम से जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ का आयोजन शासकीय ई.व्ही.पी.जी.कॉलेज, कोरबा में किया जायेगा। जो नियोजक अपने संस्थाओं के रिक्त पदों को रोजगार मेला के माध्यम से पूर्ति करना चाहते हैं, वे अपने रिक्त पदों की जानकारी 15 सितंबर 2026 तक रोजगार कार्यालय कोरबा के ई-मेल पर उपलब्ध करा सकते हैं या जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। ताकि जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ में  शामिल किया जा सके।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677