Connect with us

देश

मोदी बोले- मुंबई हमले का जवाब देना चाहती थी सेना:कांग्रेस ने विदेशी दबाव में रोक दिया, आतंकियों के सामने घुटने टेके

Published

on

मुंबई,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 2008 में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान कांग्रेस सरकार ने कार्रवाई न कर कमजोरी का संदेश दिया था और आतंकियों के सामने घुटने टेके थे।

उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थी, लेकिन सरकार ने विदेशी दबाव में ऐसा नहीं करने दिया। उन्होंने यह बात नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन के दौरान कही।

पीएम ने मनमोहन सरकार में गृह मंत्री रहे पी चिदंबरम का नाम लिए बिना उनके बयान का जिक्र किया। 30 सितंबर को चिदंबरम ने कहा, “26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद उनके मन में भी बदला लेने का विचार आया था, लेकिन उस वक्त की कांग्रेस सरकार ने सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया।”

पीएम ने 22 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, जीएसटी रिफॉर्म और विकसित भारत का जिक्र किया। PM बुधवार को दो दिन के दौरे पर मुंबई पहुंचे। गुरुवार को वे ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर से मिलेंगे।

PM मोदी की स्पीच की बड़ी बातें…

2008 में कांग्रेस ने कमजोरी का मैसेज दिया: साथियों मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी के साथ सबसे वाइब्रेंट शहरों में से एक है। 2008 में आतंकियों ने भी मुंबई शहर को बड़े हमले के लिए चुना। तब की कांग्रेस सरकार ने कमजोरी का मैसेज दिया। आतंकियों के सामने घुटने टेके। हाल ही में कांग्रेस के बड़े नेता और जो देश के गृह मंत्री तक रह चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि मुंबई हमले के बाद हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थीं। पूरा देश भी यही चाहता था, लेकिन उस नेता की माने तो किसी दूसरे देश के दबाव के कारण कांग्रेस सरकार ने भारत की सेनाओं को पाकिस्तान पर हमला करने से रोका।

गरीबों का सशक्तीकरण आज देश की प्राथमिकता है: गरीब हो मिडिल क्लास हो इनका सशक्तीकरण आज देश की प्राथमिकता है। इन परिवारों को सुविधा-सम्मान देना उनका सामर्थ्य बढ़ाता है। जीएसटी रिफॉर्म से जो चीजे सस्ती हुईं उससे भी देश का सामर्थ्य बढ़ा है। मार्केट के आंकड़े बताते हैं, इस बार नवरात्रि में बिक्री के कई साल के रिकॉर्ड टूटे। मेरा आग्रह है कि गर्व से कहो हम स्वदेशी है, स्वदेशी को अपनाएं। हर घर-बाजार का यही मंत्र होना चाहिए।

आज मुंबई का लंबा इंतजार खत्म हुआ: यहां दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना। ये एयरपोर्ट इस क्षेत्र को एशिया के सबसे बड़े कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। आज मुंबई को पूरी तरह से अंडरग्राउंड मेट्रो मिली। इससे सफर आसान होगा। ये विकसित होते भारत का प्रतीक है। मुंबई जैसे शहर में जमीन के नीचे सभी इमारतों को सुरक्षित रखते हुए शानदार मेट्रो बनाई गई है।

महाराष्ट्र के किसान यूरोप से जुड़ जाएंगे: नवी मुंबई एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में विकसित भारत की झलक है। कमल के फूल जैसा आकार है। यानी संस्कृति का प्रतीक है। महाराष्ट्र के किसान यूरोप से जुड़ जाएंगे। जिससे उनकी उपज इंटरनेशनल मार्केट में पहुंचेगी। निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग और कारखाने लगेंगे। जब सपने को सिद्ध करने का संकल्प और इच्छा शक्ति हो तो नतीजे भी मिलते हैं।

2030 तक भारत एमआरओ हब बनेगा: भारत ने 1000 से ज्यादा नई उड़ानों का ऑर्डर दिया है। इसके लिए मेंटेनेंस की सुविधा भी डेवलप होगी। 2030 तक भारत एमआरओ हब बनेगा। जिससे रोजगार मिलेगा युवाओं को। हम सबसे युवा देश हैं। हमारा फोकस युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने का है। सरकार इसी ओर गतिमान है। इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्ट, एयरपोर्ट पर निवेश से रोजगार बढ़ रहा है। हमारे संस्कार में राष्ट्रनीति ही राजनीति का आधार है। दूसरी तरफ ऐसी धारा है जो जनता नहीं, सत्ता की सुविधा को ऊपर रखते हैं। जनता के विकास पर बाधा डालते हैं। ये लोग घोटाले करते हैं।

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन, 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

प्रधानमंत्री मोदी ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन किया। पहले फेज में एक टर्मिनल और रनवे बनाया गया है। अभी इसकी क्षमता सालाना 2 करोड़ यात्रियों की है और रोजाना 60 फ्लाइट उड़ सकेंगी।

पहले फेज में करीब 19,647 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। एयरपोर्ट पर 4 टर्मिनल बनाए जाने हैं। सभी फेज पूरे बन जाने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 9 करोड़ यात्री की हो जाएगी। वहीं, रोजाना 300 फ्लाइट उड़ सकेंगी।

नवी मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल को कमल के डिजाइन में डेवलप किया गया है। दिसंबर से यहां से रेगुलर उड़ानें शुरू हो जाएंगी। ये मुंबई का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। इसका नाम किसान नेता डीबी पाटिल के नाम पर रखा गया है।

एयरपोर्ट में अडाणी ग्रुप की 74% हिस्सेदारी

  • इस एयरपोर्ट को अडाणी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार का लैंड डेवलपमेंट प्राधिकरण (CIDCO) मिलकर बना रहा है। इसमें अडाणी ग्रुप की 74% हिस्सेदारी है और CIDCO के पास 26% हिस्सेदारी है। ये जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक के पास है, जिससे मुंबई में बढ़ती हवाई यात्रा की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।
  • इसका नाम किसान नेता डीबी पाटिल के नाम पर रखा गया है। पाटिल एक प्रमुख किसान नेता थे जिन्होंने महाराष्ट्र में किसानों और स्थानीय लोगों के हकों के लिए संघर्ष किया। पाटिल ने ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान विस्थापित गांववालों के हक की लड़ाई लड़ी थी।
  • एयरपोर्ट की तस्वीरें…


    नवी मुंबई एयरपोर्ट का पहला फेज भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट है, जिसे सार्वजनिक और निजी भागीदारी (PPP) में बनाया गया है।
    नवी मुंबई एयरपोर्ट का पहला फेज भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट है, जिसे सार्वजनिक और निजी भागीदारी (PPP) में बनाया गया है।


    टर्मिनल में कमल जैसी डिजाइन में 12 खूबसूरत और 17 मजबूत खंभे हैं जो छत को सपोर्ट करते हैं।
    टर्मिनल में कमल जैसी डिजाइन में 12 खूबसूरत और 17 मजबूत खंभे हैं जो छत को सपोर्ट करते हैं।


    नवी मुंबई एयरपोर्ट पर्यावरण के लिए अनूकूल होगा। इसमें इलेक्ट्रिक बस सेवा और देश का पहला वाटर टैक्सी कनेक्शन होगा।
    नवी मुंबई एयरपोर्ट पर्यावरण के लिए अनूकूल होगा। इसमें इलेक्ट्रिक बस सेवा और देश का पहला वाटर टैक्सी कनेक्शन होगा।


    इस हवाई अड्डे में ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सर्विस होगी, जो सभी टर्मिनलों और शहर से हवाई अड्डे को जोड़ेगा।
    इस हवाई अड्डे में ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सर्विस होगी, जो सभी टर्मिनलों और शहर से हवाई अड्डे को जोड़ेगा।


    नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 1,160 हेक्टेयर (11.6 वर्ग किलोमीटर) में बन रहा है। जो कई फेज में बनेगा। इस प्रोजेक्ट में चार टर्मिनल बनाए जाने हैं।
    नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 1,160 हेक्टेयर (11.6 वर्ग किलोमीटर) में बन रहा है। जो कई फेज में बनेगा। इस प्रोजेक्ट में चार टर्मिनल बनाए जाने हैं।
    एयरपोर्ट शुरू होने में 2 महीने का समय लगेगा
    नवी मुंबई एयरपोर्ट खोलने में अभी 2 महीने से ज्यादा लगेंगे। दिसंबर लास्ट तक ही ये शुरू हो पाएगा। इसके पीछे की वजह- उद्घाटन के बाद इसे ORAT टेस्ट से गुजरना होगा।
    इसमें चेक-इन, बैगेज, सिक्योरिटी और एयर ट्रैफिक सिस्टम की असली हालात में जांच होती है। इसका मोटिव यह है कि पहले दिन से ही उड़ानें सुरक्षित और बिना परेशानी के संचालित हो।
    पीएम मोदी ने मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन किया


    PM ने बुधवार को ₹37,270 करोड़ की लागत से बनी मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) का उद्घाटन किया। यह मुंबई की पहली पूरी अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन है।
    PM ने बुधवार को रू.37,270 करोड़ की लागत से बनी मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) का उद्घाटन किया। यह मुंबई की पहली पूरी अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन है।
    PM ने मुंबई मेट्रो लाइन-3 के लास्ट फेज 2B का उद्घाटन किया, जो आचार्य अत्रे चौक से कफी पारेड तक फैला है। इसका निर्माण लगभग रू.12,200 करोड़ में हुआ है।
    इसके साथ रू.37,270 करोड़ लागत में बनी मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) का उद्घाटन भी किया। यह मुंबई की पहली पूरी अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन है।
    ‘मुंबई वन’ एप और स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी लॉन्च किया
    पीएम मोदी ने “मुंबई वन” नाम का मोबिलिटी एप भी लॉन्च किया, जो मेट्रो, मोनोरेल, बस और रेलवे सेवाओं को जोड़ेगा। एप से यात्री डिजिटल टिकट बुकिंग, यात्रा अपडेट और सुरक्षा सुविधा पाएंगे।
    साथ ही STEP स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किया, जिसमें 2,500 बैच होंगे, महिलाओं और नई तकनीकों में प्रशिक्षण शामिल होगा, जिससे रोजगार और कौशल वृद्धि होगी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

CJI बोले-छात्र गलत हों, तब भी उन्हें विरोध का अधिकार:हैदराबाद यूनिवर्सिटी में विरोध करने वाले छात्रों का पंजीयन रोकने पर बार काउंसिल को फटकार

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी, NALSAR से जुड़े विवाद पर काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को फटकार लगाई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है।

जस्टिस सूर्यकांत ने BCI के उस सर्कुलर पर भी नाराजगी जताई जिसमें NALSAR के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट रोकने को कहा गया था। CJI ने कहा- यह मेरे और छात्रों के बीच का मामला है। इसे मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं थी। बार काउंसिल इसमें दखल देने वाला कौन होता है?

सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस भी जारी किया और यूनिवर्सिटी के किसी छात्र या फैकल्टी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया। NALSAR के करीब 450 छात्र जस्टिस सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह 2026का चीफ गेस्ट बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं।

CJI की टिप्पणी से नाराज हैं छात्र

NALSAR यानी नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च, हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी है। यहां करीब 1,400 छात्र पढ़ते हैं। इनमें से करीब 450 छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिखकर CJI को चीफ गेस्ट बनाने का न्योता वापस लेने की मांग की थी। समारोह की तारीख अभी तय नहीं है।

छात्रों की नाराजगी CJI की पिछले महीने की एक टिप्पणी को लेकर थी। यह टिप्पणी दिल्ली में NEET प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान की गई थी।

बार काउंसिल ने सभी 2026 ग्रेजुएट्स का एनरोलमेंट रोक दिया था

  • बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 13 अगस्त को सभी स्टेट बार काउंसिलों को निर्देश दिया कि NALSAR के 2026 बैच के किसी भी ग्रेजुएट को अगले आदेश तक वकील के तौर पर एनरोल न किया जाए।
  • साथ ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई थी। यूनिवर्सिटी से उन लोगों की पहचान करने को कहा गया, जो कैंपेन शुरू करने, उसका ड्राफ्ट तैयार करने, उसे फैलाने, छात्रों को जुटाने, मीडिया से संपर्क करने, ऑनलाइन ग्रुप चलाने या बहिष्कार की अपील करने में मुख्य भूमिका में थे।
  • काउंसिल ने अपने शुरुआती लेटर में कहा था कि कानून के छात्र से देश के सर्वोच्च न्यायिक पद के प्रति सम्मान की उम्मीद की जाती है। सम्मान न करने वाले छात्र भविष्य में जिम्मेदार वकील, शिक्षक या जज बनने की भूमिका के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते। BCI ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ शिक्षकों के बीच ग्रुपिज्म और गंदी राजनीति ने छात्रों को कैंपेन के लिए उकसाने में भूमिका निभाई।

कुछ घंटे बाद ही BCI ने आदेश बदला

आदेश जारी होने के कुछ घंटे बाद BCI ने अपना रुख बदल दिया। काउंसिल ने कहा कि NALSAR के 2026 बैच के ज्यादातर छात्र निर्दोष हैं और वे CJI के अनादर वाले किसी अभियान में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। BCI ने कहा कि कुछ शिक्षकों और बाहरी लोगों ने निर्दोष छात्रों को इस अभियान में शामिल करने की कोशिश की।

इसके बाद सभी छात्रों को अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में एनरोल होने की अनुमति दे दी गई। हालांकि उस समय BCI ने कहा था कि वह NALSAR के वाइस चांसलर की रिपोर्ट का इंतजार करेगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी BCI के एक्शन पर सवाल उठाए

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के शुरुआती आदेश पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और सीनियर वकील विकास सिंह ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे मनमाना, गैरकानूनी और जरूरत से ज्यादा कार्रवाई बताते हुए कहा था कि छात्रों को अपनी बात रखने के कारण वकालत में प्रवेश से वंचित करने की धमकी नहीं दी जानी चाहिए।

CJI सूर्यकांत के हाल की 3 बयान, जिसपर विवाद हुए

15 मई: CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। CJI सूर्यकांत ने कहा था- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’

इस बयान के बाद ही 16 जुलाई को अभिजीत दीपके नाम के शख्स ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम से सोशल मीडिया पेज बनाया। इसने ही दिल्ली जंतर-मंतर पर 35 दिन तक प्रदर्शन किया था।

22 जुलाई: CJI ने कहा था- हमें वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं है

दरअसल, 22 जुलाई को एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने कहा- छात्र महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। लेकिन उन पर पुलिस की बर्बरता के वीडियो भी हैं। यदि संभव हो तो मामले की सुनवाई जल्द की जाए।

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा था, ‘हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है, हमारे पास देखने का समय नहीं है।’ जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।

24 जुलाई: CJI ने कहा था- किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की हिंसा से जुड़ी 2 याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें कई राज्य पक्षकार के तौर पर शामिल हैं। इनका जिक्र पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि वे डायरी नंबर का इंतजार कर रहे थे। इन दलीलों के बाद CJI ने कहा, “इसे लिस्टिंग में आने दें, हम इस पर सुनवाई करेंगे।”

Continue Reading

देश

आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति पूछी जाएगी:कोविड वैक्सीन कहां लगवाई, कितने बैंक अकाउंट जैसे 40 सवाल पूछेंगे, लिस्ट जारी

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें लोगों से SC, ST या अन्य जाति के बारे में पूछा जाएगा। आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब सभी समुदायों की जाति की जानकारी जनगणना में दर्ज की जाएगी।

इससे पहले 2011 की जनगणना के फॉर्म में 29 सवाल थे। इसमें जाति से जुड़ी जानकारी के लिए सिर्फ SC/ST का विकल्प था। जनगणना-2027 के सवालों की लिस्ट में जाति से जुड़ा सवाल नंबर 10 पर है, जिसमें SC/ST के साथ जाति शब्द भी जोड़ा गया है।

खास बात यह है कि लोगों से कोविड वैक्सीन कहां लगवाई थी, यह सवाल भी पूछा जाएगा। इसके साथ मोबाइल नंबर, आधार, वोटर ID और बैंक अकाउंट से जुड़े सवाल भी होंगे।

1. पहचान और परिवार: 12 सवालों में नाम से जाति तक जानकारी

जनगणना में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि और उम्र पूछी जाएगी। साथ ही वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म और SC/ST/जाति की जानकारी ली जाएगी। माता-पिता की जानकारी भी दर्ज होगी।

2. शिक्षा और भाषा: 5 सवालों में पढ़ाई और डिजिटल साक्षरता

इस हिस्से में दिव्यांगता, मातृभाषा और दूसरी भाषाएं, साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की जानकारी ली जाएगी। साथ ही शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई की स्थिति और उच्चतम शैक्षणिक योग्यता, स्ट्रीम या विषय पूछा जाएगा।

3. रोजगार: 8 सवालों में काम और नौकरी की जानकारी

व्यक्ति ने पिछले एक साल में काम किया या नहीं, उसकी आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय और काम का क्षेत्र पूछा जाएगा। इसके अलावा कामगार की श्रेणी, गैर-आर्थिक गतिविधि, काम की तलाश या उपलब्धता और काम की जगह तक आने-जाने की जानकारी भी ली जाएगी।

4. जन्म और माइग्रेशन: 8 सवालों में जन्मस्थान से बच्चों तक की जानकारी

इस सेक्शन में जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान, माइग्रेशन का कारण और वहां रहने की अवधि पूछी जाएगी। स्थायी निवास का पता भी दर्ज होगा। महिलाओं से जीवित बच्चों, अब तक जन्मे बच्चों और पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या भी पूछी जाएगी।

5. बैंक डिटेल्स और आधार नंबर: 7 सवालों में डॉक्यूमेंट्स की जानकारी

इसमें कोविड-19 वैक्सीन कहां लगवाई, कुल बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर पूछा जाएगा। साथ ही आधार नंबर, वोटर ID, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है या नहीं इसकी जानकारी भी ली जाएगी।

देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी

जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। डेटा डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा और लोगों को खुद अपनी जानकारी देने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। जनगणना की कानूनी प्रक्रिया सेंसस एक्ट, 1948 और सेंसस रूल्स, 1990 के तहत होगी।

केंद्र के मुताबिक, लोगों की दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, RTI के तहत नहीं दिया जा सकता और किसी कोर्ट में सबूत के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जनगणना पहले 2021 में होने वाली थी। इसे कोरोना महामारी के कारण टाल दिया गया था।

जनगणना के लिए 11,718 करोड़ का बजट मंजूर

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। जनगणना पूरे देश में केंद्र के समन्वय से होगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके क्रियान्वयन में मदद करेंगी।

Continue Reading

देश

पंजाब के पूर्व डिप्टी-CM सुखबीर बादल पर गुरुद्वारे में हमला:नांदेड़ में निहंग ने कृपाण मारी, 2024 में भी गोल्डन टेंपल में सुखबीर पर हुई थी फायरिंग

Published

on

लुधियाना/महाराष्ट्र,एजेंसी। महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारा माता साहिब कौर में एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया। बादल के हाथ में चोट लगी है। हमले के दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने हमले के आरोपी निहंग जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सुखबीर बादल परिवार के साथ नांदेड़ के गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे थे। हमले के बाद उन्हें यशोसाई अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सुखबीर बादल पर 4 दिसंबर 2024 को भी हमला हुआ था। गोल्डन टेंपल में सेवादार की धार्मिक सजा भुगतने के दौरान उन पर फायरिंग की गई थी।

सुखबीर सिंह बादल ने अपने परिवार के साथ तख्त श्री हजूर साहिब में मत्था टेका।

सुखबीर सिंह बादल ने अपने परिवार के साथ तख्त श्री हजूर साहिब में मत्था टेका।

हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल ले जाया गया।

हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल ले जाया गया।

यशोसाईं अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

यशोसाईं अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

हमले से पहले बादल अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब गए थे।

हमले से पहले बादल अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब गए थे।

महाराष्ट्र सीएम फडणवीस ने जांच के आदेश दिए

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से बात की और सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए।

इस हमले के दौरान बादल के सुरक्षाकर्मी संतोष हेगड़े ने भी हमलावर को रोकने का प्रयास किया, जिसमें वह भी घायल हुआ। हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज तथा चश्मदीद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

हमलावर को सम्मानित करने का दावा

इस घटना के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हमला करने वाले निहंग जसपाल सिंह को सम्मानित किया गया। हालांकि, वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

दावा है कि जिस निहंग को दस्तार बांधा जा रहा है उसी ने हमला किया है। मौके पर एक पुलिसवाला भी मौजूद है, जो बाद में इसे पकड़कर ले गया।

दावा है कि जिस निहंग को दस्तार बांधा जा रहा है उसी ने हमला किया है। मौके पर एक पुलिसवाला भी मौजूद है, जो बाद में इसे पकड़कर ले गया।

अकाली दल के प्रवक्ता बोले- सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश

इस मामले में अकाली दल के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि सुखबीर बादल पूरी तरह स्वस्थ हैं। मामला महाराष्ट्र का है, इसलिए वहां की पुलिस जांच करेगी कि हमलावर कौन है?। उसने किसके कहने पर हमला किया?।उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे कुछ सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश हो सकती है।

अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा- हमलावर सच्चा सिख नहीं

इस बारे में सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब ऐसी जगह है, जहां श्रद्धालु सभी की भलाई के लिए अरदास करने आते हैं। सच्चा सिख किसी ऐसे व्यक्ति पर हमला नहीं कर सकता, जो गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया हो। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से गुरुद्वारों की मर्यादा को ठेस और पूरे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंची है।

2024 में भी हुआ था हमला

गोल्डन टेम्पल में सुखबीर सिंह बादल पर दिसंबर 2024 में हुए हमले की तस्वीर।

गोल्डन टेम्पल में सुखबीर सिंह बादल पर दिसंबर 2024 में हुए हमले की तस्वीर।

एक बुजुर्ग व्यक्ति भीड़ के बीच से धीरे-धीरे सुखबीर बादल की ओर बढ़ा। उसने अपनी जेब से 9mm की पिस्टल निकाली और सीधे बादल पर निशाना साधकर गोली चला दी।

सुखबीर सिंह बादल पर 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल के प्रवेश द्वार पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। इसमें वह बाल-बाल बच गए थे।

यह हमला उस समय हुआ था जब वह अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई एक धार्मिक सजा (तनखैया) काट रहे थे।

सुखबीर बादल को सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने धार्मिक रूप से दोषी घोषित किया था। यह सजा अकाली दल सरकार के दौरान हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के प्रायश्चित के रूप में दी गई थी।

उस दिन उनकी सजा का दूसरा दिन था। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण वह व्हीलचेयर पर बैठे थे। गले में पट्टी लटकी हुई थी, नीली पोशाक पहने थे और हाथ में भाला लेकर द्वार पर पहरेदार के रूप में सेवा दे रहे थे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677