अहमदाबाद,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 26 अगस्त को गुजरात के हंसलपुर में ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए फ्लैग-ऑफ किया। ये मारुति की पहली इलेक्ट्रिक कार है। ये गाड़ी पूरी तरह से भारत में ही बनी है और इसे 100 से ज्यादा देशों, जैसे यूरोप और जापान में निर्यात किया जाएगा। PM मोदी ने कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज मेक इन इंडिया में नया अध्याय जुड़ा है। अब विदेशों में चलने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर भी मेड इन इंडिया लिखा होगा।
इस कार में 49kWh और 61kWh के दो बैटरी पैक ऑप्शन मिलेंगे। कंपनी का दावा है कि कार एक बार फुल चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा चलेगी। इलेक्ट्रिक SUV का प्रोडक्शन फरवरी-2025 से सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट में हो चुका है।
PM मोदी के संबोधन की 5 खास बातें
गणेश उत्सव के इस उल्लास में आज भारत की मेक इन इंडिया में नया अध्याय जुड़ रहा है। भारत को डेमोग्राफिक एडवांटेज है। हमारे पास स्किल वर्कफोर्स का बड़ा पूल है। जो हमारे हर पार्टनर के लिए विन-विन सिचुएशन बनाता है।
जापान की सुजुकी कंपनी भारत में मैनुफैक्चरिंग कर रही है। जो गाड़ियां बन रही हैं वो वापस जापान को एक्सपोर्ट की जा रही हैं। एक तरह से मारुति सुजुकी कंपनी मेक इन इंडिया की ब्रांड एम्बेसडर बन चुकी है।
पैसा किसी का भी लगे, मुझे इससे कोई लेना देना नहीं है। वो चाहे डॉलर हो या पॉन्ड हो या और करेंसी हो, लेकिन इससे जो प्रोडक्शन हो उसमें पसीना मेरे देशवासियों का होगा। जो प्रोडक्शन होगा उसमें महक मेरे देश की मिट्टी की होगी।
आज पूरी दुनिया, भारत की ओर देख रही है। ऐसे समय में कोई भी राज्य पीछे नहीं रहना चाहिए। हर राज्य को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। हिंदुस्तान आने वाले निवेशकों को इतना कन्फ्यूजन होना चाहिए कि वे सोचें, मैं इस राज्य में जाऊं या उस राज्य में।
मैं सभी राज्यों को निमंत्रण देता हूं, आइए, रिफॉर्म की स्पर्धा करें, प्रो-डेवलपमेंट पॉलिसी की स्पर्धा करें और गुड गर्वनेस की स्पर्धा करें। गर्व से स्वदेशी की ओर बढ़ चलें। मुझे आपका साथ चाहिए दोस्तों, 2047 तक हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के अहमदाबाद में हंसलपुर सुजुकी मोटर प्लांट पहुंचे थे।
मारुति सुजुकी ने दिल्ली में इसी साल जनवरी में हुए भारत मोबिलिटी शो में ई-विटारा के प्रोडक्शन वर्जन शोकेज किया था।
20 लाख रुपए से शुरू हो सकती है कीमत
मारुति ई विटारा के 49kWh बैटरी पैक वाले बेस मॉडल की कीमत 20 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) रखी जा सकती है। वहीं, हाई पावर वाली मोटर के साथ 61kWh बैटरी पैक वाले मॉडल की कीमत 25 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) हो सकती है।
इसके अलावा ऑल व्हील ड्राइव (AWD) वर्जन की कीमत 30 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) रखी जा सकती है। भारतीय बाजार में ई विटारा इलेक्ट्रिक SUV का मुकाबला MG ZS EV, टाटा कर्व EV और हुंडई क्रेटा EV और महिंद्रा BE 6 से रहेगा।
एक्सटीरियर : LED हेडलैंप और 19-इंच ब्लैक व्हील
सुजुकी ई विटारा को नए हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर डेवलप किया गया है, जिसे कंपनी ने टोयोटा के साथ मिलकर बनाया है। सुजुकी ई विटारा का एक्सटीरियर डिजाइन EVX कॉन्सेप्ट मॉडल की तरह ही है। इसके फ्रंट में पतली LED हेडलाइट और वाई-शेप्ड LED DRL और स्टाइलिश बंपर के साथ इंटीग्रेटेड फॉग लाइट दी गई हैं।
बॉडी क्लेडिंग और 19-इंच ब्लैक व्हील के साथ मिड साइज SUV साइड से काफी मस्क्यूलर दिखाई देती है। पिछले गेट पर डोर हैंडल को सी-पिलर पर दिया गया है। इसके अलावा रुफ पर एक इलेक्ट्रिक सनरुफ भी है। ई विटारा के रियर में कॉन्सेप्ट वर्जन की तरह 3-पीस लाइटिंग एलिमेंट वाली कनेक्टेड LED टेल लाइट दी गई है।
इंटीरियर : 6 एयरबैग स्टैंडर्ड और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक मिलेंगे
ई-विटारा में डुअल-टोन ब्लैक और ऑरेंज केबिन दी गई है। इसमें 2-स्पोक फ्लेट बॉटम स्टीयरिंग व्हील और वर्टिकल ओरिएंटेड AC वेंट्स के चारों ओर क्रोम टच दिया गया है। इसके केबिन का प्रमुख हाइलाइट इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग स्क्रीन सेटअप दिया गया है, जिसमें एक इंफोटेनमेंट और दूसरी ड्राइवर डिस्प्ले है।
सुजुकी ने ई विटारा के फीचर्स का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है मारुति की इलेक्ट्रिक कार में ऑटोमैटिक AC, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर दिए जा सकते हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए इसमें 6 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360 डिग्री कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे सेफ्टी फीचर मिलेंगे।
बैटरी पैक और रेंज
यूरोपियन मार्केट में ई विटारा को दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ पेश किया गया है। इसमें 49kWh और 61kWh का बैटरी पैक ऑप्शन शामिल है। कंपनी ने अभी तक ई विटारा की सर्टिफाइड रेंज का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है इसकी फुल चार्ज में रेंज 500 किलोमीटर तक हो सकती है। कार में 2 व्हील ड्राइव और 4 व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया जाएगा।
नई दिल्ली, एजेंसी। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।
बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।
CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।
CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे 25 जुलाई (शनिवार) को ज़िला स्तर पर कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करें। यह आयोजन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के समर्थन में और विरोध कर रहे छात्रों पर कथित “बर्बर हमलों” की निंदा करने के लिए किया जाएगा। सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों को लिखे एक पत्र में, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशन में आयोजित किए जाने चाहिए।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, “माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक ज़िला कांग्रेस कमेटी (DCC) को शनिवार शाम, 25 जुलाई, 2026 को एक विशाल कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्देश दें।” पत्र में कहा गया है कि मार्च महात्मा गांधी या डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की ओर बढ़ना चाहिए और वहीं समाप्त होना चाहिए, साथ ही छात्रों और युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह आयोजित किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने का भी निर्देश दिया। पार्टी ने परीक्षा की शुचिता के “पूरी तरह से ध्वस्त होने” और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया, “हमें परीक्षा की शुचिता के पूरी तरह से ध्वस्त होने और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी स्पष्ट रूप से मांग करनी चाहिए।”
पार्टी ने PCC, DCC, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के सदस्यों की भागीदारी का आह्वान किया। PCC अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि मार्च और सत्याग्रह “शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावी ढंग से” आयोजित किए जाएं और उन्हें व्यापक मीडिया और सोशल मीडिया कवरेज मिले।
पत्र में कहा गया, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और डराने-धमकाने, दमन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस की यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई।
CJP बातचीत के लिए तब सहमत हुई जब सरकार ने कथित तौर पर उसकी दो शर्तें मान लीं — कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और हाल ही में परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, CJP प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़ी रही। CJP प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।” यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रणालीगत सुधारों के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे मसौदा विधेयक पर विचार करेगा जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर, एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई।
उधर गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं।
नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। वाव-थराद जिले में बाजार डूब गए।
यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं।
वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।