Connect with us

छत्तीसगढ़

बलरामपुर में बाढ़ में बहे मां-बेटे…3 की मौत:पुल धंसने से गिरी पिकअप, सूरजपुर में नदी-नाले उफान पर, कंधे पर बाइक रख कर रहे पार

Published

on

रायपुर ,एजेंसी।छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में बारिश का कहर जारी है। बलरामपुर के शंकरगढ़ में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई, जबकि दूसरी तरफ गेउर नदी में मछली मारने गए एक युवक की डूबने से जान चली गई।

वहीं बलरामपुर के गागर नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण तीन पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसी दौरान बचवार मार्ग पर एक पुरानी और कमजोर पुलिया तेज बहाव में ढह गई, जिससे एक लोडेड पिकअप धंस गई।

हादसे के बाद से बचवार-पटना मार्ग पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीयों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में लोग जान जोखिम में डालकर बाइक को कंधे पर उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं।

बारिश और बाढ़ से जुड़ी ये तस्वीरें

सूरजपुर के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में बाइक को कंधे पर उठाकर नदी पार करने को लोग मजबूर।

सूरजपुर के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में बाइक को कंधे पर उठाकर नदी पार करने को लोग मजबूर।

बलरामपुर में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई।

बलरामपुर में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई।

बलरामपुर के बचवार मार्ग पर जर्जर पुलिया ढह गई। लोड पिकअप गुजरने के दौरान हादसा हो गया।

बलरामपुर के बचवार मार्ग पर जर्जर पुलिया ढह गई। लोड पिकअप गुजरने के दौरान हादसा हो गया।

अब सिलसिलेवार कहां कौन सी घटना हुई ?

पहली घटना- बलरामपुर में बहने से मां-बेटे की मौत

बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में उफनते नाले को पार कर रहे मां-बेटे बह गए। दोनों का शव मंगलवार को बरामद हुआ है। आमगांव निवासी विशुन कोरवा की पत्नी रजनी पहाड़ी कोरवा (20) अपने 2 वर्षीय बेटे आनंद के साथ मायके रकैया गांव गई थी।

बताया जा रहा है कि वहां से शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह बेटे को लेकर पैदल ही लौट रही थी। दोनों गांव के बीच स्थित बढ़नी झरिया नाले में कमर तक पानी भरा था। बेटे को गोद में लेकर रजनी कोरवा नाला पार कर रही थी, तभी दोनों नाले के तेज बहाव में बह गए।

बलरामपुर में नाले में बहने से मां-बेटे की मौत हो गई।

बलरामपुर में नाले में बहने से मां-बेटे की मौत हो गई।

पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने मां-बेटे का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में पड़ा देखा। सूचना शंकरगढ़ पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

दूसरी घटना- बलरामपुर में डूबने से युवक की मौत

वहीं दूसरी घटना बलरामपुर जिले की है। जारगिम निवासी में मणिशंकर पैकरा (45) सोमवार को अपने अन्य साथियों के साथ गेउर नदी पार कर मछली पकड़ने के लिए गया हुआ था। दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीण वापस जारगिम आने के लिए निकले, तब तक नदी में बाढ़ आ चुकी थी।

इस दौरान उफनती नदी को पार करने के दौरान मणिशंकर पैकरा बह गया। शाम को उसकी लाश नदी किनारे मिली है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा।

बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।

बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।

तीसरी घटना- राजपुर में बाढ़ में फंसे 3 कोरवा बच्चे

राजपुर क्षेत्र में बारिश के बीच गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे। राजपुर से तीन किलोमीटर दूर उधेनुपुरा के तीन पहाड़ी कोरवा बच्चे नदी में मछली पकड़ने गए थे। अचानक नदी का जल स्तर 3 बढ़ गया तो तीनों बच्चे बीच में ही फंस गए।

इस दौरान करीब तीन घंटे बाद नदी का जलस्तर कम हुआ, तो बच्चों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं।

राजपुर में गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे।

राजपुर में गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे।

चौथी घटना- सूरजपुर में कंधे पर बाइक रखकर नदी पार कर रहे ग्रामीण

सूरजपुर जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदी चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के खोड़- छतौली मार्ग पर स्थित है। पुलिया का निर्माण अभी तक नहीं हो सका है।

ऐसे में कंधे पर बाइक रखकर जान जोखिम में डालकर ग्रामीण नदी पार कर रहे हैं, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

सूरजपुर में पुल नहीं होने के कारण लोग बाइक कंधे पर रखकर नदी पार रहे हैं।

सूरजपुर में पुल नहीं होने के कारण लोग बाइक कंधे पर रखकर नदी पार रहे हैं।

33 जिलों में अलर्ट

इस बीच मौसम विभाग ने आज पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर-कोरबा समेत 18 जिलों में गरज चमक के साथ पानी बरसेगा। वहीं रायपुर-धमतरी समेत 15 जिलों में बिजली गिर सकती है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-बारिश की स्थिति बनी रहेगी।

सोमवार को प्रदेश के 100 से अधिक जगहों पर पानी बरसा। औसतन बारिश 29.42 मिमी रिकॉर्ड किया गया है। वहीं तापमान की बात करें तो 31.0°C के साथ बिलासपुर सबसे गर्म रहा और 19.0°C डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ राजनांदगांव सबसे ठंडा रहा।

जून में 22% कम बरसा पानी, बलरामपुर में सबसे ज्यादा

1 जून से 30 जून तक प्रदेश में 151.2 MM बारिश हो चुकी है। जबकि पूरे जून में नॉर्मली 193.5 MM बारिश रिकॉर्ड की जाती है। इस लिहाज से अब तक बारिश लगभग 22% कम हुई है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में हुई है।

यहां सामान्य से लगभग 112% प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा है। जिले में जून में अब तक 293.7 MM पानी बरस चुका है। जबकि सामान्य तौर पर 138 MM पानी ही गिरता है।

बारिश की तस्वीर देखिए-

रायपुर में सोमवार दिनभर बादल छाए रहे, रिमझिम बारिश होती रही।

रायपुर में सोमवार दिनभर बादल छाए रहे, रिमझिम बारिश होती रही।

बारिश के बीच ई रिक्शा और अपने वाहनों से आना-जाना करते रहे लोग।

बारिश के बीच ई रिक्शा और अपने वाहनों से आना-जाना करते रहे लोग।

राजनांदगांव में कम बरसा पानी

वहीं सबसे कम बारिश राजनांदगांव और बेमेतरा में हुई है। राजनांदगांव में सामान्य से लगभग 66% कम पानी गिरा है। जिले में जून में 64.2 MM पानी बरसा है। जबकि बीते महीने में सामान्य तौर पर 189.3 मिमी पानी बरस जाना चाहिए था।

वहीं बेमेतरा में लगभग 62% कम बारिश हुई है। जिले में 67.4 MM पानी बरसा है। जबकि बीते महीने में सामान्य तौर पर 175.8 मिमी पानी बरस जाना चाहिए था।

प्रदेश के आंकड़ों पर ओवरऑल बात करें तो एक जिले में सामान्य से बहुत अधिक पानी गिरा है। एक जिले में सामान्य से अधिक पानी गिरा है। नौ जिलों में सामान्य पानी बरसा है। 20 जिलों में नॉर्मल से कम पानी गिरा है। दो जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है।

मई में 374 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी

पिछले माह लगातार बने सिस्टम और करीब 14 दिन पहले आए मानसून ने पूरे छत्तीसगढ़ में मई महीने में जमकर बारिश कराई। इस दौरान औसत से 373 फीसदी ज्यादा पानी गिर गया। इसके बाद से मानसून पिछले करीब 12 दिनों से ठहरा है। यह आगे ही नहीं बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ में 22 मई से 28 मई के बीच 53.51 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है। प्रदेश में मानसून में औसतन 1200 मिलीमीटर पानी बरसता है। पिछले साल 1276.3 MM पानी गिरा था।

पिछले साल के मुकाबले तापमान कम

हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है।

वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था।

लंबा रह सकता है मानसून

मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है।

इसलिए बिजली गिरती है

दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके।

अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ।

आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी

  • आकाशीय बिजली का तापमान सूर्य के ऊपरी सतह से भी ज्यादा होता है। इसकी क्षमता तीन सौ किलोवॉट अर्थात 12.5 करोड़ वॉट से ज्यादा चार्ज की होती है। यह बिजली मिली सैकेंड से भी कम समय के लिए ठहरती है।
  • यह मनुष्य के सिर, गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।
  • दोपहर के वक्त इसके गिरने की आशंका ज्यादा होती है।

आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

  • आकाशीय बिजली के एक चीज पर दो बार नहीं गिरती।
  • रबर, टायर या फोम इससे बचाव कर सकते हैं।-अगर कोई नाव चला रहा हो तो बाहर आ जाना चाहिए।
  • लम्बी चीजें आकाशीय बिजली से बचाव करती हैं।
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष नानकराम भावनानी पंचतत्व में विलीन

Published

on

अंतिम यात्रा में हजारों लोग हुए शामिल, दी विनम्र श्रद्धांजलि
कोरबा/पाली। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पाली में कपड़ा व्यवसाय, वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी नानकराम भावनानी का कल 03 अप्रैल को निधन हो गया था और आज 04 अप्रैल 2026 को दोपहर 1.00 बजे स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
स्वर्गीय श्री भावनानी का भौतिक शरीर अब पंचतत्व में विलीन हो चुका है। उनकी अंतिम यात्रा उनके निजनिवास से दोपहर 12.30 बजे निकली और स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। अंतिम विदाई के बाद मुक्तिधाम परिसर में शोकसभा आयोजित हुई, जिसमें उपस्थित जनों ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी और उनके सद्व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व और समाज के लिए उनके किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण उपस्थितजनों ने दिया।
भरापूरा परिवार छोड़कर अनंतयात्रा पर निकले नानकराम भावनानी
इस संसार में जो आया है, उसका जाना भी तय है, लेकिन कुछ लोग अपने कर्म से समाज को वह सबकुछ दे जाते हैं, जिनसे समाज उन्हें वर्षों तक भूलते नहीं। नानकराम भावनानी मानवता के वे पुजारी थे, जो भाजपा में रहते हुए सभी समुदाय, धर्म, दल से ऊपर उठकर सिर्फ मानव धर्म को सर्वोपरी मानते थे। उनके निधन से सिर्फ भाजपा परिवार को ही आघात नहीं लगा, बल्कि कोरबा, पाली सहित क्षेत्र के सम्पूर्ण समाज को उनका चले जाना खल रहा है। वे पाली क्षेत्र के लिए एक मार्गदर्शक थे और सभी दल के लोग उनसे किसी भी समस्या का समाधान के लिए मार्गदर्शन मांगते थे।
स्वर्गीय श्री नानकराम भावनानी गोविंदराम भावनानी, संतोष भावनानी एवं भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय भावनानी के पिता हैं। वे भरापूरा परिवार छोड़कर इहलोक से देवलोक गमन कर गए।
सभी ने इस पुण्यात्मा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की-हे ईश्वर! इन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देना और शोकमग्न परिवार को इस दुखद घड़ी में संबल प्रदान करना।
सादगी और सहजता की मिसाल थे नानकराम जी-प्रशांत मिश्रा
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष नानकराम भावनानी के स्वर्गारोहण होने पर कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस के महासचिव प्रशांत मिश्रा ने शब्दों से नानकराम भावनानी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा-प्रत्येक व्यक्ति के प्रति प्रेम और सम्मान का व्यवहार उनकी आदत में शुमार था। बड़े हो या छोटे सभी से मित्रवत व्यवहार करना और सभी के लिए मन में प्रेम और सहयोग की भावना रखना ही उन्हें अन्य राजनीतिज्ञों से अलग रखता है । आज के प्रतिस्पर्धा और एक दूसरे को निपटाने वाली राजनीति के समय में आपके विचार और मार्गदर्शन आज के युवाओं के लिए अनुकरणीय रहेंगे । नानकराम जी ने अपनी पार्टी के जिले के सर्वोच्च पद पर उस समय जिम्मेदारी संभाली, जब वह काफी चुनौतीपूर्ण थी और उसे बखूबी निभाया । दलगत राजनीति से परे रहकर भी उन्होंने हमेशा सकारात्मक सोच का समर्थन किया । मुझे भी उनके करीब रहकर काफी कुछ सीखने का अवसर मिला और अक्सर विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय या सलाह दिया करते थे । उनके चले जाने से एक रिक्तता महसूस होगी और सकारात्मक राजनीति के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा । ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे । शत शत नमन ।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

RTE के तहत प्रवेश नहीं देंगे निजी स्कूल:54 हजार 824 छात्र होंगे प्रभावित, 6 हजार से ज्यादा स्कूलों ने एडमिशन देने से किया इनकार

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश को लेकर निजी स्कूलों ने बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने घोषणा की है कि इस साल वे RTE के तहत होने वाली प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे। जिससे 54 हजार 824 छात्र प्रभावित होंगे।

संगठन का कहना है कि, लंबे समय से लंबित मांगों और शासन की अनदेखी के चलते यह निर्णय लेना पड़ा है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि आरटीई के तहत पिछले 14 साल से प्रतिपूर्ति की राशि नहीं बढ़ाए जाने की वजह से प्रदेश के प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने फैसला लिया है।

6000 से ज्यादा स्कूलों पर असर

एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश के 6000 से अधिक निजी स्कूल इस फैसले से प्रभावित होंगे। ये स्कूल RTE के तहत लॉटरी या ऑनलाइन माध्यम से चयनित छात्रों के एडमिशन की प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।

फीस प्रतिपूर्ति नहीं बढ़ने से नाराजगी

संगठन ने बताया कि वर्ष 2011 से RTE के तहत फीस प्रतिपूर्ति की राशि तय है, जिसे अब तक नहीं बढ़ाया गया है।

कक्षा 1 से 5 तक: रू.7000 प्रति छात्र

कक्षा 6 से 8 तक: रू.11,400 प्रति छात्र

कक्षा 9 से 12 (2018 से):रू.15,000 प्रति छात्र

संगठन का कहना है कि बढ़ती लागत और महंगाई के बावजूद यह राशि वर्षों से जस की तस है, जिससे स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

हाईकोर्ट का भी लिया सहारा

एसोसिएशन ने बताया कि, इस मुद्दे को लेकर 2025 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने 6 महीने के भीतर शासन को इस पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।

असहयोग आंदोलन का ऐलान

संगठन ने कहा कि, लगातार अनदेखी के कारण मार्च में ही असहयोग आंदोलन का ऐलान कर दिया गया था। इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग के नोटिस और पत्रों का जवाब भी नहीं दिया जा रहा है।

गरीब छात्रों पर पड़ेगा असर

एसोसिएशन का कहना है कि, इस निर्णय का सीधा असर गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा, जो RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लेते हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे मजबूरी में यह कदम उठा रहे हैं, क्योंकि वर्तमान प्रतिपूर्ति राशि में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं रह गया है।

सरकार से क्या मांग

निजी स्कूल प्रबंधन ने सरकार से मांग की है कि, फीस प्रतिपूर्ति राशि का पुनर्निर्धारण किया जाए। अन्य राज्यों की तरह व्यावहारिक दर तय की जाए। लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय लिया जाए। संगठन का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक RTE प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग संभव नहीं होगा।

54 हजार 824 सीटें प्रदेश में

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में आरटीई के तहत 54 हजार 824 सीटें प्रदेश में है। इन सीटों में कक्षा 1 से प्रवेश दिया जाता है। राज्य सरकार इन बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाती है।

आर.टी.ई. सीटों का निर्धारण यू-डाइस पोर्टल पर दर्ज गत वर्ष की कक्षा पहली की प्रविष्ट संख्या के आधार पर किया जा रहा है। इससे निजी शालाओं द्वारा नोडल अधिकारियों को दी जाने वाली गलत अथवा भ्रामक जानकारी पर अंकुश लगा है।

अब पढ़िए स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने क्या कहा

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि, आरटीई के तहत राशि ना बढाए जाने पर 1 मार्च से छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के बैनर तले संचालित सभी स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ असहयोग आंदोलन कर रहे है।

आरटीई की लॉटरी में जिन छात्रों का चयन होगा, उन्हें स्कूल प्रबंधन प्रवेश नहीं देगा। हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग आरटीई एडमिशन के तहत देने वाली फीस नहीं बढ़ा रहा। स्कूलों के असहयोग का कारण स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में फेक मैट्रिमोनियल साइट से ठगी:बिलासपुर में ऑफिस खोला, खुद की फोटो अपलोड करते, बिहार का युवक फंसा तो हुआ खुलासा; 4 गिरफ्तार

Published

on

जांजगीर-चांपा/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में फेक मैट्रिमोनियल साइट से ठगी हो रही थी। आरोपियों ने बिलासपुर में मैरिज ब्यूरों ऑफिस खोला था। खुद लड़की और लड़का बनकर फोटो खिंचवाते। फेक प्रोफाइल बनाकर वेबसाइट में अपलोड करते थे। युवकों को कॉल कर शादी लगवाने का झांसा देते थे, बदले में उनसे पैसे ले लेते थे। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

1 साल से ठगी चल रही थी, कई लोगों के साथ ठगी हुई, लेकिन मामले का खुलासा तब हुआ जब बिहार के एक युवक ने बिलासपुर पुलिस को ऑनलाइन शिकायत भेजी। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इसमें एक वकील भी शामिल है, जो आरोपियों को कानूनी मामलों में बचाता था। सभी जांजगीर चांपा के रहने वाले हैं।

फेक मैरिज ब्यूरों चलाने वाले आरोपी।

फेक मैरिज ब्यूरों चलाने वाले आरोपी।

बिहार के एक युवक ने बिलासपुर पुलिस को ऑनलाइन शिकायत में बताया कि, सरकंडा में संचालित मैरिज ब्यूरों से उसे कॉल आया। जहां शादी के लिए योग्य लड़की का प्रोफाइल देने की बात कही गई थी, बदले में 10 हजार रुपए भी लिए। लेकिन पेमेंट के बाद उसे कोई प्रोफाइल नहीं दी गई। जिससे उसे ठगी का एहसास हुआ।

शिकायत के बाद जब पुलिस ने पूरे मामले की जांच की, तब पता चला कि फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर एक पूरा गैंग यह काम कर रहा है। गैंग के लोग लड़कों और लड़कियों की फेक प्रोफाइल बनाए थे और कॉल पर खुद बात करते थे। पैसे के लेनदेन के लिए म्यूल अकाउंट (दूसरों के नाम पर खुले बैंक खाते) भी खोला गया था।

म्यूल अकाउंट की जांच के दौरान पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम पर खाता है, उसे कोई और चला रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों में ‘मैरिज ब्यूरो’ के नाम पर पैसे जमा किए जा रहे थे। खाते में लाखों के ट्रॉजेक्शन भी किए गए थे।

म्यूल बैंक खातों की जांच में ठगी का पता चला

सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि ACCU की टीम जब म्यूल बैंक खातों की जांच कर रही थी, तब पता चला कि मैरिज ब्यूरो के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और सरकंडा व कोतवाली थाना क्षेत्र में चल रहे कॉल सेंटरों के बारे में जानकारी जुटाई।

इसके बाद पुलिस ने मैरिज ब्यूरो के इन कॉल सेंटरों पर छापा मारा, जहां संचालक और उनके साथी काम करते हुए मिले। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।

बिलासपुर के सरकंडा में ऑफिस डालकर ठगी करते थे।

बिलासपुर के सरकंडा में ऑफिस डालकर ठगी करते थे।

वकील समेत चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिलासपुर के चांटीडीह का वकील फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40) भी शामिल हैं।

इसके अलावा जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ सैदा के महारथी साहु (31), चांटीडीह के तरुणा उर्फ सोनू खरे (40) और खमतराई अशोक नगर की नीरा बाथम (32) को भी गिरफ्तार किया गया है।

इनके कब्जे से 10 कंप्यूटर, 70 मोबाइल और 20 हजार रुपए नकद बरामद हुए हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677