कोरबा
श्रीमती गोदावरी राजवाड़े नहीं रहीं
कोरबा। कोरबा जिला अधिवक्ता संघ के प्रथम अध्यक्ष स्व. मदन मोहन राजवाड़े की धर्मपत्नी श्रीमती गोदावरी राजवाड़े (81)का निधन 10 फरवरी को संध्या हो गई, जिसका अंतिम संस्कार आज रामसागर पारा स्थित मुक्तिधाम में किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। स्व. श्रीमती गोदावरी एसईसीएल कर्मी संजय राजवाड़े एवं अधिवक्ता अजय राजवाड़े एवं चुन्नीलाल राजवाड़े की माताश्री हैं। वे अपने पीछे तीन पुत्र, दो पुत्रियां सहित भरा पूरा परिवार छोड़कर स्वर्गवास सिधार गई।
दी गई श्रद्धांजलि

रामसागर पारा स्थित मुक्तिधाम में स्व. श्रीमती गोदावरी राजवाड़े का अंतिम संस्कार उनके बड़े पुत्र संजय राजवाड़े ने मुखाग्रि देकर किया। अंतिम यात्रा में कोरबा के कई दिग्गज एवं गणमान्य नागरिकों सहित परिवारजन, स्वजन उपस्थित हुए। अंतिम संस्कार के बाद मुक्तिधाम परिसर में उन्हें दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और सभी ने उन्हें देवलोक गमन पर नमन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक तिवारी ने कहा कि मैंने माता जी के ममत्व को देखा और उनके वात्सल्य से कई बार वाकिफ हुआ, भगवान उन्हें अपने श्रीचरणों पर स्थान दें और परिजनों को इस असह्य दुख सहने सम्बल प्रदान करे। श्रमिक नेता गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि राजवाड़े परिवार हमेशा रचनात्मक कार्यों में लगा रहता है, जिसके कारण उनकी अंतिम यात्रा में इतनी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए, यह उनकी व्यक्तित्व को बड़ा बनाने का बड़ा उदाहरण है। उनके जाने से सिर्फ राजवाड़े परिवार को ही नहीं बल्कि हमें भी बड़ी क्षति हुई है और एक ममतामयी मां का ममत्व पाने से हम सदा के लिए वंचित रह गए। राजवाड़े परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामचंद्र राजवाड़े ने कहा कि मैं श्रीमती गोदावरी देवी राजवाड़े के बारे में क्या कहूं, उनके जाने से समाज को बड़ा दुख हुआ है। हम उनकी कमी को पूरा तो नहीं कर सकते, भगवान उन्हें सद्गति प्रदान कर अपने श्रीचरणों में स्थान दे। इसके अलावा कई वरिष्ठजनों ने भी अपना श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया। इस अवसर पर समाज की ओर से भोजराम राजवाड़े, नर्मदा शंकर राजवाड़े, रामचंद्र राजवाड़े, कृपासिंधु राजवाड़े, जगदीश राजवाड़े, जयनारायण राजवाड़े, बलराम पाटनवार, रोहित राजवाड़े, शैलेन्द्र राजवाड़े, बलिराम राजवाड़े, शालिकराम राजवाड़े, गुरूनंदन राजवाड़े, भीमेश्वर राजवाड़े, दीपक राजवाड़े, नूतन राजवाड़े,तुषित पाटनवार, राकेश राजवाड़े, भागवत राजवाड़े सहित राजू राजपूत, इंद्र बघेल, बजरंग सोनी, भागेन्द्र सोनी, जानकी सोनी एवं अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष संजय शर्मा सहित कई अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक सैकड़ों की संख्या में उपस्थित थे।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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