कोरबा
मनरेगा के पशु शेड निर्माण से नारायण को गौपालन में मिली नई राह
हितग्राही को आमदनी का बना नया माध्यम
कोरबा। जीवन में आगे बढ़ने की इच्छा यदि दृढ़ हो, तो सीमित साधन भी विकास का मार्ग खोल देते हैं। ग्राम पंचायत कोनकोना, विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के निवासी और मनरेगा में रोज़ मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले हितग्राही नारायण पिता धर्मजीत की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। छोटा व्यवसाय शुरू करने और गौपालन से आमदनी बढ़ाने का सपना उनके मन में था, पर साधनों की कमी उन्हें आगे कदम बढ़ाने से रोक रही थी।
इन्हीं चुनौतियों के बीच महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ,मनरेगा उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। पंचायत से जानकारी मिली कि योजना के तहत पशुधन के लिए पक्का शेड निर्माण करवाया जा सकता है। नारायण की समस्या समझते हुए ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया और 77 हजार रुपये की लागत से पशु शेड निर्माण की स्वीकृति दी।

निर्माण के दौरान नारायण और उनके परिवार के सदस्यों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार भी मिला। इससे उन्हें दोहरा लाभ मिला, एक ओर पक्का पशु शेड, दूसरी ओर अतिरिक्त आमदनी।
समस्याओं से समाधान तक का सफर
पशुशेड बनने से पहले नारायण कई परेशानियों से जूझ रहे थे, बारिश, ठंड और गर्मी से पशुओं को सुरक्षित रखना भारी पड़ता था। खुले में बंधे पशु अक्सर इधर-उधर चले जाते थे। गीली और कच्ची ज़मीन पर रहने से पशु बार-बार बीमार पड़ते थे, जिससे इलाज पर भारी खर्च करना पड़ता था। इसके साथ ही विषैले जीवों के खतरे के कारण पशुओं की जान पर भी संकट मंडराता था। पक्का शेड बन जाने के बाद यह सभी समस्याएं खत्म हो गईं। अब पशु सुरक्षित हैं, बीमारियां कम हुई हैं, और देखभाल भी आसान हो गई है।
गौपालन से बढ़ी आमदनी
नारायण के पिता धर्मजीत बताते हैं कि पहले परिवार के पास केवल 2 मवेशी थे। अब संख्या बढ़कर 5 मवेशी हो गई है। आगे और गाय खरीदकर गौपालन को एक पूर्ण व्यवसाय के रूप में विकसित करने की उनकी योजना है। आज नारायण का परिवार मनरेगा के इस कार्य से आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है और गौ पालन उनके लिए स्थायी आय का नया स्त्रोत बनकर उभरा है।
मनरेगा-गांव की तरक्की और हितग्राहियों की उन्नति का आधार
पशुशेड निर्माण ने न केवल हितग्राही नारायण के पशुओं को सुरक्षित स्थान दिया, बल्कि उनके परिवार को आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ाया। मनरेगा ने उन्हें न सिर्फ रोजगार दिया, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का मजबूत आधार भी दिया।
हितग्राही नारायण का कहना है कि मनरेगा से बने पशु शेड ने हमारे जीवन में व्यवसाय के नए अवसर दिए हैं। अब हम ज्यादा गौपालन करके अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। योजना ने हमारे परिवार को आर्थिक संबल दिया है। मनरेगा सिर्फ रोजगार नहीं देती, बल्कि ग्रामीणों के सपनों को भी हकीकत में बदलती है।
कोरबा
पूर्व महापौर रेणु अग्रवाल ने 40 तीर्थ यात्रियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
सभी तीर्थ यात्री राधाकृष्ण महिला समिति, परसाभाटा बाल्को नगर से सम्बंधित
कोरबा। आज दिनांक 28 मार्च को प्रातः 11:00 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन से पूर्व महापौर रेणु अग्रवाल ने 40 तीर्थ यात्रियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।
राधाकृष्ण महिला समिति, परसाभाटा बाल्को नगर द्वारा आयोजित तीर्थयात्रा दल को विधिवत रूप से रवाना किया गया। इस अवसर पर कोरबा नगम की पूर्व महापौर रेणु अग्रवाल द्वारा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर 40 श्रद्धालुओं के दल को वृंदावन धाम एवं अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की पावन यात्रा हेतु प्रस्थान कराया गया ।
यह तीर्थयात्रा भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली वृंदावन सहित आसपास के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन एवं आध्यात्मिक अनुभूति के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इस यात्रा से श्रद्धालुओं को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होगी।

इस अवसर पर रेणु अग्रवाल ने सभी तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह यात्रा सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का संचार करे। उन्होंने कामना की कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा पूर्ण कर पुनः अपने घर लौटें तथा अपने अनुभवों से समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करें।
राधाकृष्ण महिला समिति द्वारा इस आयोजन के माध्यम से समाज में धार्मिक आस्था एवं एकजुटता को बढ़ावा देने का सराहनीय प्रयास किया गया है। समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, पूर्व जिलाध्यक्ष सपना चौहान, पार्षदों में रवि चंदेल, पालूराम साहू, सुखसागर निर्मलकर, बद्रिकिरण, पूर्व पार्षद महेश अग्रवाल, रामगोपाल यादव, मनीष शर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्तियों में एफ डी मानिकपुरी, रवि खूंटे, गणेश दस महंत, जवाहर निर्मलकर, गिरधारीलाल बरेठ, संसद प्रतिनिधि महेंद्र थवाईत, बनवारी पाहुजा, सुनील निर्मलकर, शहजाद खान, टेकराम श्रीवास, सांता मांडवी, लक्ष्मी मरकाम, शालू पनरिया, माधुरी ध्रुव आदि तीर्थ यात्रियों को शुभकामनाये देने के लिए अपने मित्रों सहित विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कोरबा
कोरबा प्रेस क्लब स्थापना दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन 31 मार्च को
कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब, कोरबा द्वारा अपनी 6 दशक की यात्रा एवं स्थापना दिवस के अवसर पर 31 मार्च 2026, मंगलवार को तिलक भवन, टीपी नगर कोरबा में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे उद्घाटन, पंजीयन एवं स्वागत सत्र से होगा। कार्यक्रम के अंतर्गत कोरबा प्रेस क्लब की गौरवशाली पत्रकारिता यात्रा, वरिष्ठ पत्रकारों के अनुभव, कोरबा में पत्रकारिता के विकास, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रारंभिक दौर तथा पत्रकारिता में युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकारों एवं पूर्व पदाधिकारियों द्वारा अपने अपने अनुभव साझा किए जाएंगे, वहीं औद्योगिक जिला कोरबा में पत्रकारिता की चुनौतियों पर भी विशेष चर्चा होगी।

015 लाख के बाउंड्रीवाल का भूमि पूजन,एलईडी प्रोजेक्टर का लोकार्पण
कार्यक्रम के अंत मे तिलक नगर पत्रकार कॉलोनी, कोरबा में बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य (लागत 15 लाख रुपए) का भूमिपूजन तिलक भवन में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य व महापौर संजूदेवी राजपूत,व अन्य गणमान्य जनों व वार्ड पार्षद प्रताप सिंह कंवर की उपस्थिति में संपन्न होगा।
साथ ही तिलक भवन कोरबा में पार्षद पंकज देवांगन के पार्षद मद से स्वीकृत एलईडी स्मार्ट टीवी (55 इंच), एलसीडी एवं प्रोजेक्टर तथा साउंड सिस्टम का लोकार्पण भी किया जाएगा।
कोरबा प्रेस क्लब ने पत्रकार साथियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।
कोरबा
SECL की वादाखिलाफी से परेशान किसान ने दी चेतावनी, मुआवजा नहीं मिला, तो हरदीबाजार में नहीं होने दूँगा सर्वे और नापी
कोरबा/दीपका। एसईसीएल (SECL) दीपका क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि और मकानों का मुआवजा न मिलने से प्रभावित ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ग्राम हरदीबाजार निवासी किसान विनय कुमार राठौर ने जिला कलेक्टर और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके पिछले बकाये का भुगतान नहीं हुआ तो वे अपनी अन्य संपत्तियों का सर्वे नहीं होने देंगे ।

मुख्य विवाद और मांगें
किसान विनय कुमार राठौर ने बताया कि ग्राम सुवाभोड़ी (खसरा नंबर 316/4, रकबा 0.117 हेक्टेयर) और ग्राम मलगांव में उनकी भूमि और मकानों का अधिग्रहण SECL दीपका क्षेत्र द्वारा किया जा चुका है ।
- 3-4 वर्षों का लंबा इंतजार:- सर्वे और नापी की प्रक्रिया पूरी हुए 4 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया गया है ।
- प्रबंधन की अनदेखी:- पीड़ित किसान के अनुसार उन्होंने पूर्व में कलेक्टर जनदर्शन और महाप्रबंधक कार्यालय में कई बार गुहार लगाई, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हो रही है ।
- कड़ी चेतावनी:- आवेदन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि सुवाभोड़ी और मलगांव का मुआवजा तत्काल नहीं दिया गया, तो वे ग्राम हरदीबाजार स्थित अपनी अन्य भूमि और संपत्तियों का सर्वे/नापी कार्य रोक देंगे, इसकी पूरी जिम्मेदारी SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

प्रशासनिक सुस्ती पर उठाए सवाल
विज्ञप्ति के माध्यम से पीड़ित ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ विकास के नाम पर जमीनें ली जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ किसान अपने ही हक के पैसे के लिए कार्यालयों की धूल फांकने को मजबूर है ।
इस मामले की प्रतियां अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक SECL बिलासपुर, तहसीलदार हरदीबाजार और महाप्रबंधक खनन को भी प्रेषित की गई हैं, ताकि शीघ्र अति शीघ्र न्याय मिल सके ।

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