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छत्तीसगढ़

नक्सल खात्मा मिशन-2026…नक्सली ले रहे हाईटेक ट्रेनिंग:लंबी यात्रा, भूखे रहना और घेरा तोड़ना सीख रहे, सरकार की रणनीति फेल करने बड़े अटैक की तैयारी

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जगदलपुर,एजेंसी। केंद्र सरकार का दावा है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा, लेकिन मिशन-2026 को फेल करने अब नक्सल संगठन के सेंट्रल कमेटी ने भी कई रणनीति बनाई है। इसका जिक्र नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी की तरफ से जारी 22 पन्नों के बुकलेट में किया गया है।

बुकलेट के जरिए देश के कई राज्यों के नक्सलियों को मिशन 2026 को फेल करने के लिए नक्सल सेंट्रल कमेटी और PB (पोलित ब्यूरो) की बनाई गई रणनीति पर ट्रेनिंग लेने को कहा गया है। इसमें लंबी यात्राएं, भूखे रहना और फोर्स का घेरा तोड़ने समेत कई रणनीतियां शामिल हैं।

नक्सल सेंट्रल कमेटी की बुकलेट में लिखी साजिश के मुताबिक, नक्सलवाद खत्म करने के सरकारी मिशन को नाकाम करने के लिए नक्सली हाईटेक ट्रेनिंग ले रहे हैं। अब नक्सलियों की क्या प्लानिंग है? क्या वो फोर्स पर कोई बड़ा हमला करने वाले हैं? इस पर अभी संशय बना हुआ है।

वहीं इस पर बस्तर के IG सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सली जान चुके हैं कि उनका अंत अब निश्चित है। उनके सेंट्रल कमेटी के सदस्य मारे गए हैं। नीचे के कैडर्स संगठन छोड़कर भाग रहे हैं। इसलिए संगठन के लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए नक्सली इस तरह की बातें कर रहे हैं।

नक्सल संगठन के लड़ाके कुछ बारीकियों को सीख

नक्सलियों के बुकलेट के मुताबिक लगातार हो रही क्षति के बाद अब नक्सल संगठन के लड़ाके कुछ बारीकियों को सीख रहे हैं। जैसे मुठभेड़ के दौरान कमान संभालना, नए तरीके और युद्धाभ्यास, घेरा तोड़ने की तकनीक, कई घंटों और कुछ दिनों तक भूख सहन करना और लंबी यात्राएं करना, इसका अभ्यास किया जा रहा है।

नक्सल केंद्रीय कमेटी का कहना है कि, 2024 से लेकर अब तक हुए नुकसान की समीक्षा की गई है। सेंट्रल कमेटी ने पहले कुछ रणनीतियां बनाई थी, जिस पर काम नहीं होने से संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है। अब सरकार के मिशन 2026 को फेल करने राजनीतिक और सैन्य की रणनीतियां बनी हैं। इस पर काम किया जा रहा है।

नक्सलियों ने 22 पन्नों की बुकलेट में संगठन की समीक्षा की है, जिसमें फोर्स के अटैक करने की स्ट्रैटजी के बारे में भी बताया है।

नक्सलियों ने 22 पन्नों की बुकलेट में संगठन की समीक्षा की है, जिसमें फोर्स के अटैक करने की स्ट्रैटजी के बारे में भी बताया है।

नक्सलियों ने एक बुकलेट जारी की है, जिसमें सरकार के दावों को फेल करने की उनकी नई रणनीति और साजिश के बारे में लिखा है।

नक्सलियों ने एक बुकलेट जारी की है, जिसमें सरकार के दावों को फेल करने की उनकी नई रणनीति और साजिश के बारे में लिखा है।

पहली बार देश में 4 CCM मारे गए

नक्सलियों ने कबूल किया है कि नक्सल-बाड़ी के बाद पहली बार देश में एक साल में उनके 4 सेंट्रल कमेटी मेंबर और 16 स्टेट कमेटी मेंबर मारे गए हैं। ये नक्सल संगठन की बड़ी क्षति है। इस क्षति का क्रांतिकारी आंदोलन में लंबे समय तक बड़ा नेगेटिव प्रभाव पड़ेगा।

फोर्स औसतन हर 15-20 दिनों में बड़ा हमला कर रही

सेंट्रल कमेटी का कहना है कि, फोर्स औसतन हर 15-20 दिनों में एक बार बड़ा हमला कर रही है। इन हमलों में पार्टी, PLGA, स्थानीय सोर्स समेत 10 से 35 साथी मारे जा रहे हैं। मारे जाने वाले साथियों की उम्र 16-17 साल से लेकर 80-90 साल तक है। इनमें पार्टी के सामान्य सदस्यों से लेकर बड़े पदों के नेता शामिल हैं।

नक्सल संगठन ने दावा किया है कि लगभग हर हमले में 10 से 20 पुलिसकर्मी मारे जाते हैं। 3 से 20 घायल होते हैं। फोर्स के हर एक हमले में 2-2 दिनों तक उनके साथी लड़ते हैं। हजारों जवानों के घेरे को तोड़कर बाहर निकलते हैं।

नक्सली बोले- 20 किमी के दायरे को घेरती है फोर्स

नक्सल संगठन का कहना है कि, ऑपरेशन के दौरान हजारों की संख्या में फोर्स करीब 20 किमी के दायरे को घेरती है। घेराबंदी कर तलाशी की जाती है, फिर मारते हैं। लगातार हो रहे हमले से पार्टी को कई बड़े अनुभव भी मिले हैं।

नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी की तरफ से जारी लेटर में कहा गया है कि, सालभर में देश के अलग-अलग राज्यों में उनके कुल 357 साथी मारे गए हैं। इनमें 136 महिला नक्सली भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा दंडकारण्य में 281 नक्सली ढेर हुए हैं।

ये तस्वीर करीब 2 महीने पुरानी है। 29 नक्सली मारे गए थे। उनके शवों को पुलिस कैंप में लेकर आई थी।

ये तस्वीर करीब 2 महीने पुरानी है। 29 नक्सली मारे गए थे। उनके शवों को पुलिस कैंप में लेकर आई थी।

नक्सल संगठन के 2 अलग-अलग आंकड़े

इसमें नक्सल संगठन के महासचिव बसवा राजू समेत सेंट्रल कमेटी के 4 सदस्य, स्टेट कमेटी के 16 सदस्य मारे गए हैं, जबकि कुछ महीने पहले भी नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता ने लेटर जारी किया था। इसमें डेढ़ साल में 400 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने का जिक्र था। इधर पुलिस के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में सिर्फ बस्तर में ही करीब 420 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर हुआ है।

हाल ही में हुए एनकाउंटर के बाद मुठभेड़ स्थल से ये हथियार बरामद हुए थे।

हाल ही में हुए एनकाउंटर के बाद मुठभेड़ स्थल से ये हथियार बरामद हुए थे।

जानिए किस राज्य में कितने नक्सली मारे गए ?

नक्सलियों के मुताबिक पिछले एक साल में 14 बिहार-झारखंड, 23 तेलंगाना, 281 दंडकारण्य, 9 आंध्र-ओडिशा विशेष क्षेत्र/आंध्र प्रदेश, 8 महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी), 20 ओडिशा, 1 पश्चिमी घाट और 1 पंजाब में मारे गए।

इसके साथ ही नक्सलियों ने बताया कि उनके 4 साथी खराब स्वास्थ्य और अनुचित इलाज के कारण, 1 हादसे में, 80 फर्जी मुठभेड़ों में और 269 घेराबंदी हमलों में मारे गए।

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छत्तीसगढ़

रायगढ़ : पीएम श्री योजना के तहत विद्यार्थियों ने कोलकाता में लिया ज्ञान-विज्ञान का अनुभव

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6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक सम्पन्न

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

व्यवहारिक शिक्षा से विद्यार्थियों में बढ़ा आत्मविश्वास और जिज्ञासा

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण
साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

रायगढ़। पीएम श्री योजना अंतर्गत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत रायगढ़ जिले के पीएम श्री विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का 6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कोलकाता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

           कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी के. वी. राव एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में 13 मार्च को एपीसी अभय कुमार पांडेय के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का दल शैक्षणिक भ्रमण हेतु रवाना हुआ। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने साइंस सिटी, कोलकाता का अवलोकन किया, जहां विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों ने उन्हें विज्ञान के प्रति प्रेरित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कोलकाता मेट्रो की यात्रा कर आधुनिक परिवहन व्यवस्था को समझा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बिरला तारामंडल में अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।  

         ऐतिहासिक धरोहरों के अध्ययन हेतु विद्यार्थियों ने विक्टोरिया मेमोरियल एवं भारतीय संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत को करीब से जाना। इसके अलावा बेलूर मठ, अलीपुर चिड़ियाघर, राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता तथा आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने विविध शैक्षणिक एवं  सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त किए। विद्यार्थियों ने ईडन गार्डन एवं हावड़ा ब्रिज का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें देश की प्रमुख धरोहरों की जानकारी मिली। इस प्रकार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवात्मक सिद्ध हुआ। इससे उनके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का भी विकास हुआ।

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कोरबा

डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत

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जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक

विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित

सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश

पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की  बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की।  कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने  एवं उनकी  आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।  किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही।  कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने  मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड  से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से

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 कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
  केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।  प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

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