Connect with us

विदेश

नेपाल- बालेन के प्रधानमंत्री बनते ही पूर्व पीएम ओली गिरफ्तार:Gen-Z प्रोटेस्ट के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप, इसमें 77 मौतें हुई थीं

Published

on

काठमांडू ,एजेंसी। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी पिछले साल हुए GEN-Z प्रोटेस्ट के मामले में हुई है।

यह कार्रवाई उस समय हुई, जब कल ही बालेन शाह ने नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली है। पुलिस के अनुसार, ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके घर से पकड़ा गया। वहीं, रमेश लेखक को सुबह करीब 5 बजे सूर्यविनायक से गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच के आधार पर की गई है। एक जांच आयोग ने सुझाव दिया था कि इन नेताओं पर लापरवाही का केस चलाया जाए। इस मामले में 10 साल तक की सजा हो सकती है।

रिपोर्ट में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है। पिछले साल हुए इन प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत हो गई थी और अरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ था।

गिरफ्तारी के दौरान की तस्वीरें…

केपी ओली को गिरफ्तार कर मेडिकल जांच के लिए ले जाते हुए पुलिस टीम।

केपी ओली को गिरफ्तार कर मेडिकल जांच के लिए ले जाते हुए पुलिस टीम।

केपी ओली के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट। उनपर पिछले साल हुए प्रदर्शनों के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगा है।

केपी ओली के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट। उनपर पिछले साल हुए प्रदर्शनों के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगा है।

केपी ओली की गिरफ्तारी के कारण नेपाल में सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं।

केपी ओली की गिरफ्तारी के कारण नेपाल में सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं।

ओली को मेडिकल जांच के बाद बटालियन में शिफ्ट किया जाएगा

ओली और रमेश लेखक को पुलिस जल्द ही आर्म्ड पुलिस फोर्स की महाराजगंज स्थित बटालियन नंबर-2 में शिफ्ट करेगी। दोनों नेताओं को गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल जांच पूरी होते ही दोनों को बटालियन में रखने की व्यवस्था कर ली गई है। यह कदम जारी कस्टडी प्रक्रिया के तहत उठाया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि महाराजगंज स्थित बटालियन नंबर-2 में दोनों नेताओं को रखने की पूरी तैयारी कर ली गई है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।

गिरफ्तारी से पहले PM बालेन की अध्यक्षता में बैठक हुई

इस मामले की जांच एक आयोग ने की थी, जिसकी अगुआई पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की ने की। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रदर्शन के दौरान हालात को संभालने में गंभीर लापरवाही हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पहले से मिली चेतावनी (इंटेलिजेंस) के बावजूद सही कदम नहीं उठाए, जिससे हालात बिगड़ गए और कई लोगों की जान चली गई।

गिरफ्तारी से पहले प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद ही पुलिस ने यह बड़ा कदम उठाया।

गिरफ्तारी के दौरान काठमांडू घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और पुलिस की कई टीमों को तैनात किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने 9 सितंबर को प्रधानमंत्री ओली के घर में आग लगा दी थी।

प्रदर्शनकारियों ने 9 सितंबर को प्रधानमंत्री ओली के घर में आग लगा दी थी।

गौरी बहादुर कार्की आयोग की प्रमुख मांगें

  • आयोग ने कहा कि उस समय के प्रधानमंत्री केपी ओली, गृह मंत्री रमेश लेखक और पुलिस प्रमुख के खिलाफ क्रिमिनल जांच होनी चाहिए।
  • आरोप है कि लगभग 4 घंटे तक गोलीबारी होती रही, लेकिन इसे रोकने के लिए समय पर कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया।
  • कई बड़े अफसरों (गृह सचिव, पुलिस और जांच एजेंसी के अधिकारी) पर भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
  • कुछ पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देने और विभागीय कार्रवाई करने की मांग की गई।
  • 9 सितंबर की आगजनी, लूटपाट की दोबारा गहराई से जांच करने को कहा गया।
  • जांच के लिए CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूत इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
  • कुछ सेना अधिकारियों पर भी सुरक्षा में चूक के लिए कार्रवाई की सिफारिश हुई है।
  • जिन पुलिसकर्मियों और लोगों ने बहादुरी दिखाई, उन्हें सम्मान देने की बात भी कही गई है।

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ था GenZ प्रदर्शन

नेपाल में 8 सितंबर को सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ GenZ का प्रदर्शन शुरू हुआ, जो हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी ‘ऑफिस सिंह’ दरबार को आग के हवाले कर दिया था। यहां PM ऑफिस भी था।

हालात बिगड़ने पर काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया, संसद ठप हो गई और प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा। इस्तीफे के बाद ओली को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। वहीं, गुस्साए Gen- Z ने पूर्व पीएम समेत कई मंत्रियों को पीटा।

पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए फायरिंग की जिसमें 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए फायरिंग की जिसमें 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

केपी ओली के बारे में जानिए…

केपी ओली का जन्म 1952 में पूर्वी नेपाल में हुआ था। बचपन में ही उनकी मां की स्मॉलपॉक्स से मौत हो गई, जिसके बाद उनकी परवरिश उनकी दादी ने की। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं की और कम उम्र में ही राजनीति में आ गए।

ओली कम उम्र में ही कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़ गए और झापा आंदोलन का हिस्सा बने, जो बड़े जमींदारों के खिलाफ था। इसी दौरान उन पर एक हत्या का आरोप लगा और उन्हें जेल जाना पड़ा। उन्होंने करीब 14 साल जेल में बिताए, जिससे उनके राजनीतिक विचार और मजबूत हो गए।

1990 के दशक में लोकतांत्रिक आंदोलन के बाद ओली एक बड़े नेता बने और 2015 में प्रधानमंत्री बने। हालांकि 2016 में सरकार गिर गई, लेकिन 2018 में वे फिर सत्ता में लौटे।

उन्होंने 15 जुलाई 2024 को चौथी बार नेपाल के पीएम के तौर पर शपथ ली थी, लेकिन Gen-Z प्रदर्शन के कारण उन्हें 14 महीने बाद यानी 9 सितंबर 2025 को इस्तीफा देना पड़ा था।

‘Gen Z’ प्रदर्शन के दौरान उनकी सरकार पर हालात संभालने में नाकामी के आरोप लगे। इन प्रदर्शनों में हिंसा और कई लोगों की मौत के बाद जनता का गुस्सा बढ़ गया, जिससे उनकी सरकार पर दबाव बना और आखिरकार उनकी सत्ता चली गई।

केपी ओली चार बार नेपाल के पीएम रह चुके हैं।

केपी ओली चार बार नेपाल के पीएम रह चुके हैं।

बालेन शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली

नेपाल में शुक्रवार को बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम बने। सांसद पद की शपथ के कुछ घंटे पहले उन्होंने रैप गाने के जरिए पहला संदेश जारी किया, जिसमें भ्रष्टाचार, सिस्टम बदलाव और युवाओं का जिक्र किया।

उन्होंने अपने गीत में कहा कि एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इस बार इतिहास बन रहा है।

बालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च के चुनाव में जीत दर्ज की थी। कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा कि देश का भविष्य अब युवाओं के हाथ में है और नई सरकार से भ्रष्टाचार खत्म करने की उम्मीद है।

बालने शाह को 27 मार्च को राष्ट्रपति पौडेल ने पीएम पद की शपथ दिलाई। बीच में पूर्व PM सुशीला कार्की हैं।

बालने शाह को 27 मार्च को राष्ट्रपति पौडेल ने पीएम पद की शपथ दिलाई। बीच में पूर्व PM सुशीला कार्की हैं।

Continue Reading

विदेश

होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी करने वाले ईरानी कमांडर की मौत:इजराइल के हमले में घायल हुए थे तंगसीरी, ईरान बोला- ऑपरेशन पर असर नहीं पड़ेगा

Published

on

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी से जुड़े IRGC नेवी चीफ अलीरेजा तंगसीरी की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। वे पिछले हफ्ते इजरायली एयरस्ट्राइक में गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में उनकी मौत हो गई।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, तंगसीरी हमले के समय कोस्टल डिफेंस और मैरीटाइम ऑपरेशंस से जुड़े थे। उन्हें होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी का प्रमुख चेहरा माना जाता था, जिसके जरिए ईरान ने वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बनाया।

ईरान ने उनकी मौत के बावजूद साफ किया है कि उसके सैन्य ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा और रणनीति पहले की तरह जारी रहेगी। गौरतलब है कि इजराइल के रक्षा मंत्री ने 26 मार्च को दावा किया था कि एक एयरस्ट्राइक में तंगसीरी को मार गिराया गया।

जंग से जुड़ी तस्वीरें…

कुवैत में बिजली और पानी के प्लांट पर हुए हमले के बाद आग लग गई थी। हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है।

कुवैत में बिजली और पानी के प्लांट पर हुए हमले के बाद आग लग गई थी। हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है।

ईरान ने रविवार को दक्षिणी इजराइल के केमिकल प्लांट रामत होवाव पर मिसाइल से हमला किया।

ईरान ने रविवार को दक्षिणी इजराइल के केमिकल प्लांट रामत होवाव पर मिसाइल से हमला किया।

ईरान ने रविवार को वीडियो जारी कर इजराइल के इंडस्ट्रियल इलाके में मिसाइल हमलों को दिखाया।

ईरान ने रविवार को वीडियो जारी कर इजराइल के इंडस्ट्रियल इलाके में मिसाइल हमलों को दिखाया।

लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके में सोमवार सुबह इजराइली हवाई हमले के बाद वहां से धुआं उठता देखा गया।

लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके में सोमवार सुबह इजराइली हवाई हमले के बाद वहां से धुआं उठता देखा गया।

ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत नहीं खोला गया और समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर देगा।

सोशल मीडिया पर जारी बयान में ट्रम्प ने कहा कि पावर प्लांट, ऑयल वेल और खार्ग आइलैंड को पूरी तरह उड़ा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर डीसैलिनेशन प्लांट्स को भी निशाना बनाया जा सकता है।

ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका एक नए और ज्यादा समझदार शासन के साथ बातचीत कर रहा है और इसमें प्रगति हो रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई तेज की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला लेने के लिए उठाया जाएगा, जिनके लिए उन्होंने ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

ईरान बोला-कुवैत के डीसैलिनेशन प्लांट पर इजराइल ने हमला किया

ईरान ने आरोप लगाया है कि कुवैत के डीसैलिनेशन प्लांट पर इजराइल ने हमला किया है। ईरानी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान को बदनाम करने और उस पर आरोप डालने की साजिश के तहत की गई।

तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने इस हमले को ‘जायनिस्ट शासन’ (इजराइल) की क्रूर कार्रवाई बताया है और कहा है कि इसके गंभीर नतीजे होंगे।

ईरान ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने, उनके सैनिक और हित अब निशाने पर रहेंगे। साथ ही, इजराइल की सैन्य, सुरक्षा और आर्थिक संरचनाओं को भी टारगेट करने की बात कही गई है।

फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 क्रू मौजूद

ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में किसी भी तरह की समुद्री घटना नहीं हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भारत सरकार के मुताबिक, हाल ही में दो भारतीय LPG कैरियर BW TYR और BW ELM सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ चुके हैं। इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में 8 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है।

स्पेन ने अमेरिका के लिए एयरस्पेस बंद किया

स्पेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। साथ ही, मिलिट्री बेस के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।

स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गारीटा रोब्लेस ने कहा कि देश न तो अपने एयरस्पेस और न ही सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान के लिए करने देगा।

इस फैसले के बाद अमेरिकी विमानों को अपने रूट बदलने पड़ेंगे, हालांकि मानवीय और आपातकालीन उड़ानों को छूट दी गई है।

स्पेन के अर्थव्यवस्था मंत्री कार्लोस कुएर्पो ने कहा कि यह फैसला एकतरफा और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध का समर्थन न करने के आधार पर लिया गया है।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज पहले ही अमेरिका-इजराइल सैन्य अभियान की आलोचना कर चुके हैं। वहीं, डोनाल्ड ट्रम्प ने इस फैसले के जवाब में व्यापारिक कार्रवाई की धमकी दी है। इस निर्णय के बाद अमेरिका और स्पेन के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है।

ईरान बोला- लेबनान में राजदूत अपना काम जारी रखेगा

ईरान ने लेबनान के निष्कासन आदेश को ठुकराते हुए कहा है कि उसका राजदूत बेरूत में ही अपना काम जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि राजदूत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता रहेगा।

दरअसल, लेबनान ने पिछले हफ्ते ईरान के राजदूत मोहम्मद रजा शिबानी को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर 29 मार्च तक देश छोड़ने का निर्देश दिया था।

हालांकि, तय समयसीमा गुजरने के बाद भी राजदूत बेरूत में ही मौजूद हैं, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है।

ईरान का अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार

ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अब तक दोनों देशों के बीच सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है।

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन उसकी ओर से भेजी गई शर्तें अतार्किक हैं। बघाई ने कहा कि ईरान का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है, जबकि अमेरिका बार-बार अपनी स्थिति बदल रहा है।

ईरान ने यह भी कहा कि उसे पूरी तरह पता है कि वह किस ढांचे में बातचीत पर विचार करेगा। प्रवक्ता ने अमेरिकी कूटनीति पर तंज करते हुए कहा कि वहां खुद लोग उसके दावों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

पाकिस्तान में हुई बैठकों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा कि ये उनकी अपनी पहल है और तेहरान इसमें शामिल नहीं हुआ। उसने मिडिल-ईस्ट के देशों से कहा कि वे युद्ध खत्म करने की कोशिश करें, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि संघर्ष की शुरुआत किसने की थी।

हिजबुल्लाह बोला- इजराइल के हाइफा नेवल बेस पर मिसाइलें दागीं

हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा में नेवल बेस पर मिसाइलें दागी हैं। संगठन के मुताबिक, यह हमला इजराइल के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है।

इस हमले के बाद हाइफा की एक ऑयल रिफाइनरी में आग लगने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि आग सीधे मिसाइल हमले से लगी या गिरते मलबे के कारण।

हिजबुल्लाह का दावा-114 इजराइली टैंकों को निशाना बनाया

लेबनान के हथियारबंद संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत से अब तक उसने 114 इजराइली टैंकों को निशाना बनाया है। यह जानकारी अल मायादीन चैनल के हवाले से सामने आई है। हालांकि, इजराइली सेना की ओर से भी इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ईरानी स्पीकर बोले- ट्रम्प के बयानों पर तुरंत भरोसा न करें

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने निवेशकों को सलाह दी है कि ट्रम्प के बयानों पर तुरंत भरोसा करके फैसला न लें। उनका कहना है कि जब अमेरिकी बयान से बाजार तेजी से ऊपर-नीचे हो, तो उसी दिशा में चलने के बजाय उल्टा सोचकर कदम उठाना बेहतर हो सकता है।

उन्होंने कहा कि ट्रम्प के बयान का फायदा बाजार के बड़े खिलाड़ी उठा रहे हैं। ट्रम्प ने 22 मार्च को कहा था कि ईरान के साथ अच्छी बातचीत और उसके एनर्जी ठिकानों पर हमले टाल दिए गए हैं। इससे बाजार में राहत आई, अमेरिकी शेयर बाजार चढ़े और तेल की कीमतें गिर गईं।

लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात बदल गए। ट्रम्प ने फिर सख्त बयान दिए, इजराइल ने तेहरान पर हमले किए और सऊदी अरब में ड्रोन इंटरसेप्शन की खबरें आईं। इसके बाद बाजार पलट गया। शेयर गिरे और तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं।

कुछ ट्रेडर्स का कहना है कि बड़े एलान से पहले ही बाजार में अचानक ज्यादा खरीद-फरोख्त होने लगती है, जिससे लगता है कि कुछ लोगों को खबर पहले से मिल जाती है।

गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ईरान में घुसती है, तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका सार्वजनिक रूप से बातचीत की बात करता है, लेकिन अंदर ही अंदर सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

Continue Reading

देश

भारत आ रहे 2 LPG टैंकरों ने होर्मुज पार किया:94 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर इसी हफ्ते पहुंचेंगे, ईरान जंग पर पाकिस्तान में बैठक खत्म

Published

on

नई दिल्ली/तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन,एजेंसी। डीसी भारत आ रहे दो LPG टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है। इन जहाजों पर 94 हजार मीट्रिक टन LPG लदी हुई है। BW TYR और BW ELM नाम के इन जहाजों को भारतीय नौसेना सुरक्षा दे रही है।

सरकार के मुताबिक, ये दोनों टैंकर इसी हफ्ते मुंबई पहुंच सकते हैं। इससे पहले 4 भारतीय झंडे वाले LPG टैंकर भी इस अहम समुद्री रास्ते को पार कर चुके हैं, जबकि 3 अन्य अभी पश्चिमी हिस्से में हैं।

सरकार ने बताया कि कुल 18 भारतीय जहाज और 485 भारतीय नाविक अभी भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है। देश की करीब 60% जरूरत आयात से पूरी होती है, जिसमें से 90% मिडिल ईस्ट से आता है।

इसी बीच ईरान जंग को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हो गई है। दिनभर चली इस बैठक में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को कम करने और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।

पाकिस्तान, तुर्किये, सऊदी अरब और मिस्र के प्रतिनिधियों ने इस्लामाबाद में बैठक की।

पाकिस्तान, तुर्किये, सऊदी अरब और मिस्र के प्रतिनिधियों ने इस्लामाबाद में बैठक की।

पाकिस्तान में क्यों हुई मीटिंग

पाकिस्तान के ईरान और सऊदी अरब दोनों से बेहतर रिश्ते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसलिए पाकिस्तान को विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बेहतर जगह माना गया। यह मीटिंग पहले तुर्किये में होनी थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान शिफ्ट कर दिया गया।

पाकिस्तान इस समय किसी एक पक्ष में सीधे शामिल नहीं है, इसलिए उसे न्यूट्रल जगह माना जा रहा है। उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए बातचीत आसान है। तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के साथ भी पाकिस्तान के संबंध ठीक हैं।

ईरान जंग से जुड़ी तस्वीरें…

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सैनिक USS त्रिपोली जहाज के जरिए मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सैनिक USS त्रिपोली जहाज के जरिए मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं।

ईरान ने 28 फरवरी को इजराइल के तेल अवीव में कई मिसाइलें दागी।

ईरान ने 28 फरवरी को इजराइल के तेल अवीव में कई मिसाइलें दागी।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने शनिवार को ईरानी जहाजों पर हमले का वीडियो जारी किया।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने शनिवार को ईरानी जहाजों पर हमले का वीडियो जारी किया।

ईरान ने शनिवार को इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।

ईरान ने शनिवार को इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।

लेबनान के उग्रवादी लड़ाकों ने शनिवार को एक इजराइली टैंक को तबाह कर दिया।

लेबनान के उग्रवादी लड़ाकों ने शनिवार को एक इजराइली टैंक को तबाह कर दिया।

अमेरिका-इजराइल के हमलों से ईरान में 250 छात्र-शिक्षकों की मौत

अमेरिका-इजराइल के हमलों में ईरान में अब तक कम से कम 250 छात्र और शिक्षकों की मौत हो गई है। ईरान के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में 184 लोग घायल भी हुए हैं।

राजधानी तेहरान में 16 छात्र और 5 शिक्षकों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक करीब 600 शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाया गया है और 200 से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

ईरान जंग पर 4 देशों की बैठक खत्म

ईरान जंग को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हो गई है। दिनभर चली इस बैठक में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को कम करने और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से अलग से मुलाकात की।

इस दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और ISI प्रमुख भी मौजूद रहे। बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी होने की उम्मीद है, जिसमें आगे की रणनीति को लेकर जानकारी दी जा सकती है।

बैठक खत्म होने के बाद मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्री निकलते हुए।

बैठक खत्म होने के बाद मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्री निकलते हुए।

ईरान बोला- जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन हमला किया

ईरान ने कहा है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सेना के एक एयरबेस को ड्रोन से निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अजराक में मुवाफ्फाक साल्ती एयरबेस पर यह हमला किया गया, जो अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अहम माना जाता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में बेस के रिहायशी हिस्सों और सैन्य उपकरणों को टारगेट किया गया। ईरान ने इसे अपने खिलाफ हो रहे हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है। हालांकि, इस हमले में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सीरिया में ड्रोन हमले के बाद गेहूं गोदाम तबाह

सीरिया के हसाका इलाके में अमेरिकी बेस के पास ड्रोन हमले के बाद एक गेहूं गोदाम तबाह हो गया। घटना के बाद जमीन पर गेहूं और मलबा बिखरा नजर आया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कासराक इलाके में अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की कोशिश के दौरान ड्रोन गिराए गए, जिससे पास का गोदाम क्षतिग्रस्त हो गया।

हमले के बाद आसपास के इलाके में गेहूं के ढेर और मलबा फैला दिखाई दिया, जिससे स्थानीय सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।

ईरान के मिसाइल हमले से इजराइल के इंडस्ट्रियल एरिया में आग

ईरान के ताजा बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद इजराइल के दक्षिणी हिस्से में एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेरशेबा के पास स्थित नियोट होवाव इंडस्ट्रियल जोन में मिसाइल गिरने के बाद आग भड़क उठी।

घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

Continue Reading

विदेश

4.5 रही तीव्रता… एक बार फिर भूकंप के झटकों से हिली धरती, डरे सहमे लोग घरों से बाहर भागे

Published

on

काठमांडू,एजेंसी। नेपाल में एक बार फिर धरती कांपी है। शनिवार देर रात सिन्धुपालचोक जिले में मध्यम तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 रही।

फिलहाल इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप रात करीब 11:35 बजे महसूस किया गया, जिसका केंद्र सिन्धुपालचोक के नुल्थाला खर्का इलाके के पास था। यह स्थान राजधानी काठमांडू से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित है। भूकंप के झटके काठमांडू के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में हल्की दहशत फैल गई।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677