कोरबा
मेट्रोसिटी की दौड़ से राहत दिलाई एनकेएच ने, हृदयरोगियों को त्वरित उपचार दे रही नई जिंदगी
0 एक ही दिन में 5 एंजियोप्लास्टी और 6 एंजियोग्राफी सफलतापूर्वक
कोरबा। एनकेएच ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने 23 मई 2023 को कैथलैब प्रारम्भ किया, उसने जिले के हृदयरोगी मरीजों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब ऐसे रोगियों के परिजनों को बड़े शहरों की तरफ नहीं दौड़ना पड़ता बल्कि गोल्डन ऑवर में मरीज को अपने ही शहर में इलाज मिल जाने से प्राण रक्षा सम्भव हो पा रही है। अब तक लगभग 200 मरीजों को एंजियोप्लास्टी व एंजियोग्राफी से लाभान्वित किया जा चुका है। कई ऐसे मौके भी आए जब एक ही दिन में आधा दर्जन मरीजों को लाभ दिया गया। विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सतीश सूर्यवंशी और उनकी अनुभवी टीम ने पिछले महीने को एक ही दिन में एनकेएच कोरबा में 5 एंजियोप्लास्टी और 6 एंजियोग्राफी सफलतापूर्वक की। इस दौरान, 2 आपातकालीन हृदय रोग मामलों का भी तुरंत इलाज किया गया, जिससे मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सका। सभी मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं, व अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इसके अलावा एनकेएच कोरबा के कार्डियोलॉजी ओपीडी में 45 से अधिक मरीजों ने एक ही दिन में परामर्श लिया, जो लोगों के बीच अस्पताल की विश्वसनीयता और उत्कृष्ट सेवा को दर्शाता है। इसी माह 12 अप्रैल को सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एस एस मोहंती द्वारा 25 हृदय रोगियों को जांच व परामर्श दिया गया ।
अभी आने वाले 26 अप्रैल को हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ भारत अग्रवाल भी एन के एच में विजिट करेगे।
0 त्वरित ईलाज मिलने से लाइफ रिस्क में कमी
एनकेएच के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि कोरबावासियों को कम खर्च में बड़े शहरों की तरह उपचार की उच्च स्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिए हमारी टीम प्रतिबद्ध है। एनकेएच प्रबंधन ने करीब 2 साल पहले कैथलैब का शुभारंभ किया । ईसीजी, ईको, टीएमटी, कार्डियक प्रोफाइल के साथ एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की सुविधा प्रारंभ की। सुपर स्पेशलिस्ट व ह्दय रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं निरंतर दे रहे हैं। आपात परिस्थितियों में भी उपचार लाभ दे रहे हैं।
हृदय रोग के मरीजों को बाहर जाने का समय के साथ-साथ अन्य खर्च में भी काफी बचत हो रही है और उनकी जिंदगी बचाने में सफल हो रहे हैं। त्वरित ईलाज मिलने से लाइफ रिस्क में कमी आ रही है। डॉ. चंदानी ने कहा कि हृदय संबंधी किसी भी समस्या के लिए, एनकेएच कोरबा में परामर्श ले सकते हैं
0 हार्ट के नस में 90% ब्लॉकेज, समय पर उपचार ने दी जिंदगी
मरीज ए.आर यादव को एनकेएच हॉस्पिटल कोरबा में सीने में दर्द की परेशानी होने पर परिजन लेकर आए थे। यहां जांच के दौरान पता चला कि हार्ट के नस में 90% ब्लॉकेज हो गया है। परीक्षण उपरांत डॉ. सतीश सूर्यवंशी द्वारा परिजनों को मरीज का तुरंत एंजियोप्लास्टी कराने का सुझाव दिया गया। उनका ऑपरेशन सफल रहा और मरीज स्वस्थ होकर घर पर हैं। श्री यादव के पुत्र योगेश यादव ने एनकेएच को धन्यवाद देते हुए कहा कि उसके पिता को यहां रायपुर जैसी सुविधा प्रदान की गई जिससे पिताजी को कम समय में बेहतर इलाज संभव हो पाया।
0 किफायती इलाज के साथ समुचित देखभाल भी
यहां से उपचार लाभ वाले अन्य मरीजों का कहना है कि प्राइवेट अस्पताल में बेहतर देखरेख के साथ-साथ अच्छे इलाज की उम्मीद रहती है, लेकिन लोगो को लगता है कि यहां इलाज कराने का मतलब है बहुत सारा नगद पैसा लगेगा। आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति ही यहां अपना इलाज करा सकेगा, यह सोचकर हर छोटी से बड़ी बीमारी के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का रूख करना पड़ता है या फिर महानगरों तरफ भागना पड़ता है जहां इलाज के साथ-साथ रहने, खाने के खर्च के आलावा अन्य खर्च परिजनों को अलग-अलग उठना पड़ता है। इन सबके लिहाज से एनकेएच एक ऐसा प्राइवेट अस्पताल जहां दिल का इलाज सहित अन्य जटिल रोगों का इलाज कम खर्चे में होने से राहत मिलती है। यहां किफायती इलाज के साथ-साथ खाने-रहने के अलावा परिजनों को देखभाल की सुविधाएं भी कम खर्च में अच्छी हैं ।

कोरबा
ड्रोन और थर्मल तकनीक से खनिज माफियाओं पर शिकंजा:कोरबा हसदेव नदी में JCB, टीपर और ट्रैक्टर जब्त, रात में भी होगी कार्रवाई
कोरबा। कोरबा जिले में अवैध खनिज उत्खनन पर शिकंजा कसने के लिए खनिज विभाग ने अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार (26 जून) को सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी पर ड्रोन कैमरे से निगरानी के दौरान अवैध रेत उत्खनन करते वाहनों का पता लगाया।

विभाग ने एक जेसीबी, एक टीपर और एक ट्रैक्टर सहित कुल तीन वाहनों को जब्त किया। यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में की गई।

ड्रोन से ट्रैक हुई जेसीबी की लोकेशन
अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे में हसदेव नदी से अवैध रेत उत्खनन करती एक जेसीबी की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। ड्रोन की मदद से वाहन की लोकेशन इमलीडुग्गू तक ट्रैक की गई। इसके बाद खनिज विभाग की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन में प्रयुक्त जेसीबी और अवैध रेत परिवहन कर रहे एक टीपर को जब्त कर उरगा स्थित खनिज जांच चौकी की अभिरक्षा में रखा गया।

राताखार में भी ट्रैक्टर जब्त
इसी अभियान के तहत राताखार क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए जाने पर एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। जब्त वाहन को रामपुर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
ड्रोन और थर्मल इमेजिंग से होगी निगरानी
खनिज विभाग ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अब ड्रोन तकनीक का नियमित उपयोग किया जाएगा। रात के समय अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई
सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हुए सबूतों के आधार पर भागने या वाहन छिपाने की कोशिश करने वाले भी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कोरबा
कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज में 13 हाथियों का जलक्रीड़ा
कोरबा/कटघोरा । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में 13 हाथियों के झुंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हाथी ऐतमा नगर परिक्षेत्र स्थित सलिहाभाठा जलाशय में जलक्रीड़ा करते और ‘डस्ट बाथ’ लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वन्यजीवों का यह दुर्लभ दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में हाथियों का झुंड पानी में उतरकर एक-दूसरे पर सूंड़ से पानी उछालते और मस्ती करता नजर आ रहा है। कुछ हाथी पानी में लोट लगाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य हाथी जलाशय के किनारे सूंड़ से धूल-मिट्टी उड़ाकर अपने शरीर पर डालते नजर आते हैं।

धूप और कीड़ों से बचाव के लिए लेते हैं ‘डस्ट बाथ’
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों द्वारा धूल-मिट्टी शरीर पर डालने की प्रक्रिया को ‘डस्ट बाथ’ कहा जाता है। यह उनकी प्राकृतिक आदत है, जिससे उनकी त्वचा तेज धूप, गर्मी और कीड़ों के हमले से सुरक्षित रहती है। जलक्रीड़ा के बाद हाथी अक्सर इस प्रक्रिया को अपनाते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ाई गई निगरानी
वीडियो सामने आने के बाद कटघोरा वन विभाग अलर्ट हो गया है। वन विभाग की टीम ने सलिहाभाठा जलाशय और आसपास के गांवों में गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से जलाशय के आसपास नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
ग्रामीणों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
वन विभाग ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि हाथियों के दिखने पर शोर न मचाएं, पटाखे न जलाएं और उन्हें किसी भी तरह से परेशान करने का प्रयास न करें। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को उकसाने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
गर्मी में जलस्रोतों की ओर बढ़ता है हाथियों का रुख
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में जंगलों में जलस्रोत सूखने लगते हैं। ऐसे में हाथियों के झुंड पानी की तलाश में जलाशयों, नदी-नालों और तालाबों की ओर रुख करते हैं। कटघोरा वनमंडल में करीब 50 हाथियों का एक स्थायी दल विचरण करता है, जो अक्सर रात के समय खेतों और जलस्रोतों के आसपास पहुंच जाता है।
ड्रोन और सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी
वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी के जरिए हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है, ताकि समय रहते ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कोरबा
कोरबा में झपटमारी और चोरी की दो वारदातें:युवती से वेतन-मोबाइल छीना,बस यात्रा के दौरान महिला का मंगलसूत्र गायब,पुलिस जांच में जुटी
कोरबा। कोरबा शहर में झपटमारी और चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीएसईबी चौकी क्षेत्र में काम से लौट रही एक युवती से बाइक सवार बदमाश वेतन और मोबाइल झपटकर फरार हो गए।

जबकि बिलासपुर से बस में लौट रही एक महिला का सोने का मंगलसूत्र चोरी हो गया। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घर लौट रही युवती से वेतन और मोबाइल छीना
पहली घटना चिमनी भट्ठा निवासी नेहा पाण्डेय (24) के साथ हुई। नेहा श्रीराम वस्त्रालय, हीरानंद कॉम्प्लेक्स में कार्यरत हैं। मंगलवार रात करीब 9:50 बजे ड्यूटी समाप्त कर वह पैदल घर लौट रही थीं। उनके पास वेतन के 9,840 रुपये और एक वीवो मोबाइल फोन था।
जैसे ही वह एक्सिस बैंक के पास पहुंचीं, पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उनके हाथ से मोबाइल और नकदी झपट ली और तेज रफ्तार से फरार हो गए। छीने गए मोबाइल की कीमत करीब 4 हजार रुपये बताई गई है। इस वारदात में पीड़िता को कुल 13,840 रुपये का नुकसान हुआ।
नेहा ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपियों की उम्र करीब 22 से 24 वर्ष थी। बाइक चला रहा युवक गहरे नीले रंग की पूरी बाजू की शर्ट पहने हुए था।

बस से लौट रही महिला का मंगलसूत्र चोरी
दूसरी घटना में कोरबा निवासी एक महिला बिलासपुर से बस के जरिए वापस लौटी थीं। बुधवारी बस स्टॉप पर उतरते समय उन्हें पता चला कि उनके गले से सोने का मंगलसूत्र गायब है। बस यात्रा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने मंगलसूत्र चोरी कर लिया। महिला ने सीएसईबी चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
कोरबा सीएसपी ने बताया कि दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। झपटमारी की घटना के संबंध में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। दोनों मामलों की जांच जारी है।
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