कोरबा
इंडियन कॉफी हाऊस में भव्यता के साथ मनाया गया ओणम
कोरबा। आज कोरबा शहर के टीपी नगर स्थित इंडियन कॉफी हाऊस में ओणम पर्व हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया। यह पर्व दक्षिण भारत के समृद्ध सभ्यता, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर फूलों की मनमोहक रंगोली सजाई गई थी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अपने सबसे बड़े इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस उत्सव में उन्नीकृष्णन, विनोद वैशाख, राजेश निगल, अरूण, विष्णु, जरीन सहित इंडियन कॉफी हाऊस के समस्त कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस उत्सव का आनंद लिया। नए कपड़े, स्वादिष्ट व्यंजन और परंपरागत नृत्य-संगीत ने उत्सव को रोमांचित कर दिया।
ओणम को दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु आदि राज्यों में मनाया जाने वाला सबसे लोकप्रिय पर्व माना जाता है, जिसे यहां पर लोग बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं. ओणम को थिरु-ओणम या थिरुवोनम के नाम से भी जाना जाता है। मलयालम भाषा में थिरु शब्द का अर्थ पवित्र होता है। मलयालम कैलेंडर के अनुसार यह पर्व चिंगम माह में और तमिल कैलेंडर में अवनी माह में मनाया जाता है। इस साल ओणम का पावन पर्व आज 05 सितंबर 2025 को मनाया गया।
ओणम पर्व का महत्व
ओणम का पावन पर्व अगस्त से सितंबर महीने के बीच में मनाया जाता है। इस दिन यहां पर घरों को फूलों और रंगोली आदि से सजाया जाता है। दक्षिण भारत में मान्यता है कि ओणम के दिन राजा महाबलि पाताल लोक से पृथ्वी पर अपनी प्रजा को आशीर्वाद देने के लिए आते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन श्रीहरि यानि भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया था। यही कारण है कि इस दिन दोनों ही देवताओं की विशेष पूजा का विधान है।
ओणम पर्व: एक नजर में
ओणम पर्व के दिन दक्षिण भारतीय प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करते हैं और नये वस्त्र पहन कर अपने पूजा स्थान को पारंपरिक फूलों और रंगोली आदि से सजाते हैं। इसके बाद ऊंचे मंच पर भगवान थ्रिक्ककारा अप्पन की मूर्ति या चित्र को रख कर विधि-विधान से फल-फूल चढ़ाते हैं और भगवान को पायसम और अन्य चीजों का भोग लगाते हैं। इसके बाद धूप-दीप दिखा कर श्री हरि के मंत्रों या फिर श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करते हैं। पूजा के अंत में भगवान की आरती और सभी को प्रसाद बांटकर खुद भी ग्रहण कर खुशियां मनाते हैं।
ओणम की पौराणिक कथा
हिंदू मान्यता के अनुसार ओणम का पावन पर्व दानवीर राजा बली के सम्मान में मनाया जाता है। मान्यता है कि एक बार असुरों के राजा बली श्री हरि विष्णु के भक्त थे, लेकिन उन्हें अपने पराक्रम का बहुत अभिमान था, जिसे तोड़ने के लिए श्री हरि ने वामन अवतार लिया और उनसे तीन पग धरती मांग ली। तब राजा बली ने अभिमान में कहा आपने तो बहुत छोटी चीज मांगली, ले लीजिए।
इसके बाद जब भगवान विष्णु ने एक पग से पूरी धरती और स्वर्गलोक को नाप लिया। इसके बाद वे राजा से बोले की तीसरा पग कहां रखूं, तब राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया। जिससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने राजा बली को अमरता का वरदान देकर पाताल लोक का राजा बना दिया। मान्यता है कि हर साल ओणम के दिन राजा बलि पृथ्वी पर अपनी जनता से मिलने के लिए पृथ्वी पर आते हैं, जिनके स्वागत में यह पावन पर्व बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है।

कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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