लाभार्थियों के अनुभवों ने बढ़ाया विश्वास, अधिक से अधिक लोग हुए प्रेरित
कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सभी के लिए ऊर्जा” के संकल्प को साकार करने तथा हर घर को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) द्वारा सेवा पखवाड़ा अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अग्रसेन भवन, कटघोरा में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कटघोरा विधायक प्रेम चंद पटेल ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना देश की आम जनता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। यह योजना न केवल घरों को रोशन कर रही है बल्कि आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा उत्पादक में बदलकर आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रही है। उन्होंने विस्तार से योजना के उद्देश्यों और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है। इस योजना से ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही क्षेत्रों के लोग लाभान्वित होंगे। प्रत्येक घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर घरेलू बिजली की आवश्यकता पूरी की जा सकती है, साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। श्री पटेल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। यह योजना हरित ऊर्जा को बढ़ावा देती है और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह योजना भारत को हरित ऊर्जा महाशक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल ऊर्जा का समाधान होगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से आम परिवारों का बिजली खर्च घटेगा और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का नया स्रोत भी मिलेगा। इस प्रकार यह योजना केवल बिजली उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को “उपभोक्ता से उत्पादक” बनने की दिशा में सशक्त बना रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ शासन ने अपने बजट में इस योजना के लिए विशेष प्रावधान रखकर इसे और गति प्रदान की है।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी नागरिक उपस्थित हुए। आम नागरिकों ने मौके पर ही योजना में पंजीयन कराया। इस अवसर पर योजना से लाभान्वित लाभार्थियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। लाभार्थी श्रवण अज़गले ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से उनकी बिजली की समस्या दूर हुई है और अब उन्हें बिजली बिल की चिंता नहीं करनी पड़ती।अतिरिक्त बिजली बेचकर उन्हें आर्थिक लाभ भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में आम आदमी के जीवन को बदलने वाली है और हर घर को रोशन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही कटघोरा के बाजार मोहल्ला निवासी रामकिशोर अग्रवाल, कारखाना क्षेत्र कटघोरा के रमेश अग्रवाल तथा लखनपुर निवासी संतोष यादव ने कार्यशाला में भाग लेकर योजना का लाभ उठाने हेतु पंजीयन कराया। इन सभी ने अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कराने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने बताया कि शीघ्र ही इनके घरों में सोलर पैनल इंस्टॉल कर दिए जाएंगे, जिससे ये परिवार न केवल अपनी घरेलू जरूरत की बिजली स्वयं उत्पन्न करेंगे बल्कि अतिरिक्त बिजली से आय भी प्राप्त कर सकेंगे। जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रेम चंद पटेल ने परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता वाहन आसपास के गांवों और क्षेत्रों में जाकर लोगों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देगा तथा पंजीयन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब उनकी जानकारी सही समय पर और सही तरीके से लोगों तक पहुंचे। जागरूकता रथ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में एसडीएम तन्मय खन्ना, विद्युत विभाग कोरबा के एसई बी.के. सरकार, बिलासपुर के ईडी ए.के.अबस्ट, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी नागरिक शामिल हुए।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।