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छत्तीसगढ़

पं. रविशंकर यूनिवर्सिटी में जल्द शुरू होगा ऑनलाइन-कोर्स:MA इकोनॉमिक्स से होगी शुरूआत, UGC से अप्रुवल बाकी, अगले सेशन से अप्लाई कर पाएंगे स्टूडेंट

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रायपुर,एजेंसी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) जल्द ही ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के साथ पहली बार ऑनलाइन कोर्स भी स्टार्ट कर सकता है। हाल ही में हुई कार्यपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस महीने के अंत तक कोर्स शुरू करने के लिए फॉर्मल ड्राफ्ट तैयार कर यूनिवर्सिटी UGC को भेजेगी।

फरवरी तक UGC इस पर फैसला ले सकता है। इसके बाद ही ऑनलाइन कोर्स शुरू होगा। यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक एमए इकोनॉमिक्स को सबसे पहले ऑनलाइन कोर्स के तौर पर शुरू किया जाएगा। रिस्पांस सही मिला तो दूसरे कोर्स शुरू किए जाएंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक हाल ही में NAAC से A+ ग्रेड मिलने के बाद ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने की योग्यता मिल गई है।

पूरी पढ़ाई 100% ऑनलाइन होगी

UGC को फॉर्मल ड्राफ्ट के साथ यूनिवर्सिटी को साथ में डेमो लेक्चर, स्टडी मटेरियल, असाइनमेंट भी भेजने होंगे। सब कुछ ठीक रहा तभी UGC इसकी अनुमति देगा। हालांकि अनुमति मिलने में वक्त लग सकता है।

इसके बाद सिलेबस का डिजिटलीकरण, ऑनलाइन क्लास प्लेटफॉर्म की सेटिंग और दूसरी तकनीकी तैयारी में भी समय लगेगा। ऐसे में अगले सेशन से ही पढ़ाई ये कोर्स उपलब्ध हो पाएगा।

कोर्स को अनुमति मिलती है तो लेक्चर, स्टडी मटेरियल, असाइनमेंट अपलोड, इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और फाइनल एग्जाम सब कुछ ऑनलाइन ही लिया जाएगा।

नियमित कक्षाओं में शामिल न हो पाने वाले, नौकरीपेशा, गृहिणी और दूरदराज के विद्यार्थियों को इस कोर्स से फायदा मिलेगा।

ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कोर्स भी शुरू होगा

PRSU में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कोर्स भी शुरू हो सकता है। कार्यपरिषद की बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय ODL को लेकर भी UGC को औपचारिक आवेदन भेजेगा। अनुमति मिलने के बाद यह कोर्स अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू किए जा सकते हैं।

किन कोर्सों में मिलेगी पढ़ाई की सुविधा

ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के तहत किन पाठ्यक्रमों का संचालन होगा, इसका निर्धारण विवि ही करेगा जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर कोर्स से जुड़ी जानकारी अपलोड कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आमतौर पर ODL में वही कोर्स शामिल होते हैं जिनमें प्रायोगिक या लैब वर्क की आवश्यकता नहीं होती। जिन विषयों में लैब कार्य जरूरी है, उन्हें इस पद्धति में शामिल नहीं किया जाता।

इस संबंध में यूजीसी ने अलग से दिशा-निर्देश बनाए हुए हैं, जिनके आधार पर रविवि अपने कोर्स तय करेगा।

क्या है ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग

ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कोर्स में छात्रों को कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य नहीं होता। पारंपरिक कोर्सों की तरह इसमें 75% उपस्थिति की बाध्यता नहीं है। छात्र घर बैठे डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।

यह व्यवस्था खास तौर पर नौकरीपेशा और समयाभाव वाले छात्रों के लिए उपयोगी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हालांकि स्वाध्यायी छात्रों के लिए कुछ दिनों की कक्षाएं अनिवार्य की गई हैं, लेकिन यह संख्या बहुत सीमित है।

इसलिए जरुरी है ODL

रविवि में पहले से ही हजारों छात्र नियमित कोर्सों में अध्ययनरत हैं। ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग शुरू होने से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। साथ ही विवि को ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म को मजबूत करने का मौका भी मिलेगा।

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कोरबा

सुरक्षित मातृत्व के लिए गर्भवती महिलाओं की समय पर जॉंच एवं संस्थागत प्रसव जरूरी

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मॉं और बच्चे की सुरक्षा, पूरे परिवार की जिम्मेदारी

कोरबा  09 सितंबर 2026। कोरबा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा मातृ मृत्यु को रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवार से समय पर स्वास्थ्य जांच, उचित उपचार एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने को कहा गया है जो इस प्रकार है- गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही मितानिन / एएनएम को सूचित करें तथा 45 दिनों के भीतर गर्भावस्था का पंजीयन कराएं। गर्भावस्था के शुरूआती 03 महीनों में कम से कम एक बार चिकित्सकीय जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।

प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं –

गर्भवती की कम से कम चार नियमित प्रसवपूर्व जांच(ए.एन.सी) कराना जरूरी है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में हर महीने की 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जांच की सुविधा उपलब्ध है। जांच में रक्तचाप(बीपी) हीमोग्लोबिन(एचबी), पेशाब, सिकल सेल सहित आवश्यक परीक्षण निःशुल्क उपलब्ध है।

खून की कमी(एनीमिया) को हल्के में न लें-

यदि चिकित्सक द्वारा हीमोग्लोबिन कम बताया गया है अथवा सिकल सेल की पुष्टि होती है, तो इसे गंभीरता से लें। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन- फोलिक एसिड की गोलियां नियमित ले तथा हरी सब्जियॉं, गुड-चना एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें। आवश्यकता पड़ने पर रक्त की व्यवस्था के लिए पहले से संभावित रक्तदाताओं के नाम में मोबाईल नंबर सुरक्षित रखें।

जोखिम वाली गर्भावस्था (लाल निशान) में प्रसव घर या छोटे अस्पताल में न कराएं-

कम उम्र, जुड़वा गर्भ, उच्च रक्तचाप, पूर्व में आपरेशन/सीजेरियन प्रसव अथवा अन्य चिकित्सकीय जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज जैसे उच्च स्वास्थ्य संस्थान में कराया जाए। एैसे मामलों में घर प्रसव कराने की जिद न करें।
प्रसव से पहले परिवहन की तैयारी रखे-

परिवार 108 का  नम्बर सभी मोबाईल में सेव रखें। तथा प्रसव की संभावित तिथि से पहले आवश्यक परिवहन व्यवस्था की योजना बनाए । विशेष रूप से दूरस्थ एवं बरसात प्रभावित क्षेत्रों (पोंड़ी उपरोड़ एवं करतला) की गर्भवती महिलाओं का प्रसव से 07 दिन पूर्व अस्पताल के नजदीक आ जावें।

खतरे का 05 लक्षण दिखें तो तुरंत 108 पर संपर्क करें-

गर्भावस्था के दौरान तेज बुखार/दौरे, अत्यधिक रक्तस्त्राव, रक्तचाप(बीपी) बढ़ना, तेज सिरदर्द या ऑंखों के सामने धंुध /अंधेरा छा जाना, पानी की थैली फटना तथा बच्चे की हलचल कम या बंद होनेा जैसे खतरे के लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क कर 108 एंबुलेंस की सहायता लेकर अस्पताल लाएं।

प्रसव के 48 घंटे बेहद खतरनाक है-

प्रसव के बाद के 48 घंटै मां एवं नवजात दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए प्रसव के बाद मां को कम से कम 48 घंटे स्वास्थ्य संस्था में निगरानी में रखना आवश्यक है। उसके बाद घर आने के बाद भी बुखार , अत्यधिक रक्तस्त्राव, बदबूदार पानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आयें।
कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जिले के आम नागरिको से अपील किए हैं कि  गर्भवती महिला की देखभाल को परिवार प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रथम तीन महीने के भीतर पंजीयन, नियमित जांच, पौष्टिक आहार, चिकित्सकीय सलाह का पालन तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अस्पताल पहॅुचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें क्योंकि आपकी बहु-बेटियों की जान बचाना सिर्फ डॉक्टर का नहीं पूरे परिवार का काम है।           

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कोरबा

पटाखा लायसेंस हेतु ऑनलाइन आवेदन 15 सितंबर तक

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कोरबा 09 सितंबर 2026। दीपावली पर्व की दृष्टि से अस्थाई पटाखा लायसेंस बनवाने हेतु इच्छुक आवेदकों से 15 सितंबर तक आवेदन एलएसडीए माडुल (ऑनलाइन) के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्थाई पटाखा लायसेंस बनवाने हेतु ऑनलाइन आवेदन पश्चात ऑनलाइन की पावती सहित आवेदक को आवेदन के साथ साईट मैप, जीएसटी पंजीयन प्रमाण पत्र और स्वयं का पासपोर्ट आकार का कलर फोटो दो नग एवं फोटो युक्त परिचय पत्र सहित दस्तावेज 03 प्रतियों में कलेक्टर कार्यालय कोरबा के लायसेंस शाखा में जमा कराना अनिवार्य है। इस हेतु रूपये छः सौ का चालान (0070- अन्य प्रशासकीय सेवाएं, 60-अन्य प्राप्तियां, 103- विस्फोटक पदार्थों के लिये) शीर्ष में जमा किया जाना है। चालान की प्रति आवेदन के साथ संलग्न किया जाना है। विलंब से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।

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कोरबा

महतारी वंदन योजना से मजबूत हुआ आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं गीता

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31वीं किश्त ने बढ़ाया भरोसा, महतारी वंदन से सशक्त हो रहीं महिलाएं – लाभार्थी श्रीमती गीता

कोरबा 09 सितंबर 2026। कोरबा विकासखण्ड के कोरकोमा गांव की श्रीमती गीता नायक के लिए हर महीने बैंक खाते में आने वाली एक हजार रुपये की राशि अब केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का आधार बन गई है। महतारी वंदन योजना की 31वीं किश्त खाते में पहुंचने से गीता नायक के चेहरे पर संतोष और खुशी है। उनका कहना है कि प्रदेश की विष्णु भैया सरकार की यह कल्याणकारी योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। हितग्राही श्रीमती गीता बताती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मेरे खाते में सीधे आते हैं। अब 31वीं किश्त भी खाते में आ गई है। इस राशि से मुझे अपनी और परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। पहले छोटी जरूरतों के लिए भी सोचना पड़ता था, लेकिन अब अपने खाते में राशि आने से मुझे आर्थिक रूप से संबल मिलता है।
उन्होंने बताया कि उनके पति नीलांबर नायक खेती-किसानी का कार्य करते हैं। परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के बीच महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। वे इस राशि का उपयोग बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं, परिवार के लिए पौष्टिक भोजन और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। राशनकार्ड के माध्यम से निर्धारित दर पर खाद्यान्न मिलने से भी परिवार को राहत मिल रही है। लाभार्थी गीता कहती हैं, “हर महीने अपने खाते में राशि आने से मुझे लगता है कि मैं भी परिवार की जरूरतों में अपना योगदान दे रही हूं। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मैं छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहती। महतारी वंदन की राशि मेरे लिए मुश्किल समय में सहारा बनती है।” उन्होंने कहा कि महिलाओं के खाते में सीधे राशि पहुंचने से उनमें आर्थिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। अपने निर्णयों में भागीदारी और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में योगदान देने से महिलाएं धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। गीता नायक के लिए यह योजना आर्थिक सहायता के साथ-साथ सम्मान और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है। श्रीमती गीता नायक ने कहा, “विष्णु भैया की सरकार महिलाओं के लिए बहुत अच्छी योजनाएं चला रही है। महतारी वंदन योजना से हमें हर महीने आर्थिक सहारा मिल रहा है। 31 किश्तों के बाद आज यह राशि हमारे जीवन का हिस्सा बन गई है। मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी उपयोगी योजना संचालित की है।

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