सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा संभाग के सबसे बड़े राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भवन का निर्माण करीब 4 साल बाद भी अधूरा है। वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने इस लेट-लतीफी के लिए सीधे तौर पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि, जय-वीरू के झगड़े में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल नहीं बन सका। कांग्रेस शासनकाल में टीएस सिंहदेव स्वास्थ्य मंत्री और भूपेश दाऊ वित्त मंत्री थे। दोनों नेताओं के बीच मतभेदों के कारण अस्पताल परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी।
इसके जवाब में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए ओपी चौधरी ने हमें याद किया। उनकी सरकार को ढाई साल हो चुके हैं। वे यहां के प्रभारी मंत्री और वित्त मंत्री भी हैं। आज तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। आप सत्ता में हैं, हम विपक्ष में हैं। सकारात्मक प्रयास होंगे तो जनता के लिए अच्छा होगा।
बता दें कि इसका असर मेडिकल छात्रों पर भी पड़ रहा है। कॉलेज को पहले ही दो बार ‘जीरो ईयर’ घोषित किया जा चुका है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज 2 बार जीरो ईयर घोषित हो चुका है।
100 करोड़ की राशि स्वीकृत
दरअसल, सोमवार को वित्तमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी सरगुजा दौरे पर पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि, बीजेपी सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत कर दी है। निर्माण एजेंसी को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
फंड की कमी से सालों तक रुका रहा निर्माण
साल 2014 में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज के लिए अस्पताल भवन निर्माण की स्वीकृति कांग्रेस शासनकाल में मिली थी। अब तक इस परियोजना पर करीब 366 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
हालांकि, पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में अस्पताल भवन को पूरा करने के लिए आवश्यक 119 करोड़ रुपए की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक प्रभावित रहा।
मान्यता पर भी पड़ रहा असर
अस्पताल भवन अधूरा होने से मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की आवश्यकताओं को पूरा करने में परेशानी हो रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल को संबद्ध अस्पताल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन उसकी सुविधाएं एनएमसी के मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
राशि के अभाव में हॉस्पिटल भवन का काम अधूरा।
MBBS स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित
इसका असर मेडिकल छात्रों पर भी पड़ रहा है। कॉलेज को पहले ही दो बार “जीरो ईयर” घोषित किया जा चुका है। अस्पताल भवन तैयार नहीं होने से छात्रों को क्लीनिकल ट्रेनिंग और अन्य सुविधाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
टेंडर के बाद भी शुरू नहीं हुआ शेष काम
अस्पताल भवन निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास है। बाकी कार्यों को पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी काफी पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सरकार का दावा है कि जल्द ही निर्माण में तेजी लाकर अस्पताल भवन को पूर्ण किया जाएगा।
टीएस सिंहदेव बोले- ढाई साल में काम पूरा नहीं करा सके
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस शासन को याद किया, जय-वीरू को भी याद किया, लेकिन कांग्रेस सरकार के कामों को याद नहीं किया। मेडिकल कॉलेज शुरू कराया गया। अस्पताल के लिए बजट से अधिक काम हुए। कुछ काम अधूरा रह गया था, उसे हमारे खाते में डाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि अंबिकापुर जैसे नए मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) कोर्स शुरू हुआ। यह बात ओपी चौधरी को याद नहीं रही। भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने ओपी चौधरी से बात कर बताया था कि भवन का कुछ काम अधूरा रह गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इसे पूरा कराने का निवेदन किया था।
सिंहदेव ने कहा कि सरकार और मंत्री ओपी चौधरी ढाई साल में टेंडर प्रक्रिया तक पूरी नहीं करा सके। इतनी जिम्मेदारी तो स्वीकार करनी चाहिए।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक आधार पर 13 प्राचार्यों और अधिकारियों का तबादला किया गया है। विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया है।
इस फेरबदल में बिलासपुर और सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली की गई है। इसके अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सूरजपुर, दुर्ग, मुंगेली, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत कई जिलों में DEO स्तर पर जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
बिलासपुर-सुरगुजा संभाग प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली
आदेश के अनुसार राजेश सिंह प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर को सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वहीं अश्वनी भारद्वाज प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा को बिलासपुर संभाग का प्रभारी उप संचालक बनाया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
जिला शिक्षा अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी
ए.के. सिन्हा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर बनाया गया है। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खिसोरा, बलौदा के प्राचार्य मनोहर प्रताप सिंह को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा की जिम्मेदारी दी गई है।
लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर में सहायक संचालक जगजीत धीर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग बनाया गया है। इसी तरह प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली *एल.पी. डहीरे* को सहायक संचालक, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर के कार्यालय में पदस्थ किया गया है।
डॉ. मोहन लाल पटेल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र नगर, बिलासपुर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली की जिम्मेदारी दी गई है।
बिलासपुर, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में नए प्रभारी DEO
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर रामेश्वर जायसवाल को प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा जांजगीर-चांपा बनाया गया है। वहीं संदीप कुमार पांडे प्राचार्य, कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी करतला, को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर की जिम्मेदारी मिली है।
उपेंद्र कुमार देवांगन, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला विचारपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई बनाया गया है। शिव कुमार गेंदले प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला धरमपुरा, मुंगेली को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा बनाया गया है।
मोहला-मानपुर और खैरागढ़ में भी बदलाव
पुरुषोत्तम लाल साहू प्राचार्य शासकीय कन्या शिक्षा परिसर चौकी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को इसी जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी योगदास साहू को प्रतिनियुक्ति पर लेकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में प्राचार्य बनाया गया है।
कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के संबंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास 15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
कोरबा 09 सितंबर 2026। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा के माध्यम से जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ का आयोजन शासकीय ई.व्ही.पी.जी.कॉलेज, कोरबा में किया जायेगा। जो नियोजक अपने संस्थाओं के रिक्त पदों को रोजगार मेला के माध्यम से पूर्ति करना चाहते हैं, वे अपने रिक्त पदों की जानकारी 15 सितंबर 2026 तक रोजगार कार्यालय कोरबा के ई-मेल पर उपलब्ध करा सकते हैं या जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। ताकि जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ में शामिल किया जा सके।