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छत्तीसगढ़

रायगढ़ : हाथियों के संरक्षण की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी पहल

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वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन्यजीव फोरेंसिक प्रशिक्षण सम्पन्न

हाथियों की मृत्यु की वैज्ञानिक जांच के लिए 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ हुए प्रशिक्षित

हाथियों की मृत्यु की वैज्ञानिक जांच के लिए 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ हुए प्रशिक्षित

रायगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों से आए 78 वन अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान तथा संरक्षण संबंधी प्रयासों को मजबूत बनाना था।

हाथियों की मृत्यु की वैज्ञानिक जांच के लिए 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ हुए प्रशिक्षित

मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियों से निपटने की तैयारी

         छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जैसे जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हाथियों की मृत्यु के वास्तविक कारणों की सटीक जानकारी मिलने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

हाथियों की मृत्यु की वैज्ञानिक जांच के लिए 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ हुए प्रशिक्षित

हाथी की मृत्यु को माना जाएगा संभावित अपराध स्थल

          प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि जंगल में मृत पाया गया हाथी केवल एक वन्यजीव मृत्यु का मामला नहीं, बल्कि संभावित अपराध स्थल भी हो सकता है। इसलिए घटनास्थल की सुरक्षा, साक्ष्य संग्रहण, विषप्रयोग, शिकार अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

फोरेंसिक जांच और नमूना संरक्षण की दी गई जानकारी

         विशेषज्ञों ने वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा मृत्यु जांच की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण में जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण के लिए सुरक्षित तरीके अपनाने की जानकारी भी दी गई। वन्यजीव अपराधों, विशेषकर हाथीदांत तस्करी से जुड़े मामलों में कानूनी साक्ष्य तैयार करने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाणों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया।

फील्ड में मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
        प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त एवं ऊतक नमूना संग्रहण, रोग एवं विष विज्ञान जांच तथा दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से जांच कार्य करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे अधिकारियों की तकनीकी क्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी।

विशेषज्ञ संस्थानों ने साझा किया अनुभव
           कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान तथा वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी दी। अचानकमार टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक श्रीमती प्रियंका पांडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई।

वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती
         प्रशिक्षण के माध्यम से सभी 78 प्रतिभागियों को हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की मृत्यु जांच के लिए मानकीकृत वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। इससे वन विभाग की फोरेंसिक जांच, रोग निगरानी, वन्यजीव अपराध नियंत्रण और संरक्षण संबंधी क्षमता और मजबूत होगी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण के माध्यम से हाथियों सहित सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो प्रदेश में हाथियों के दीर्घकालिक संरक्षण और बेहतर वन्यजीव प्रबंधन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

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कोरबा

481.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

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कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 24 जुलाई तक कुल 481.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
   अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 499.3 मिलीमीटर, अजगरबहार 340.8, भैंसमा, 428.2, करतला 438.6, बरपाली 523.5, कटघोरा 485.7, दीपका 518.1, दर्री 598.6, पाली 517.4, हरदीबाजार 408, पोंड़ी-उपरोड़ा 506, और पसान तहसील में 511.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

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कोरबा

स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के संबंध में बैठक 28 जुलाई को

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कोरबा। कोरबा जिले में 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमा पूर्वक मनाये जाने तथा उक्त आयोजन के सफलतापूर्वक संचालन हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत के अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन 28 जुलाई को दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में रखा गया है। सर्व विभाग प्रमुखों को उक्त बैठक में उपस्थित होना सुनिश्चित करने कहा गया है।

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कोरबा

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत 14 जुलाई की काउंसलिंग निरस्त

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कोरबा। आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (यथा संशोधित-2021) अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु जिले में 14 जुलाई 2026 को संपन्न काउंसलिंग की कार्यवाही को निरस्त कर दिया गया है।
सहायक आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने बताया है कि काउंसलिंग की नई तिथि एवं आवश्यक दिशा-निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों एवं उनके पालकों से अनुरोध किया गया है कि वे विभाग द्वारा जारी आगामी सूचना का इंतजार करें तथा नवीन तिथि के अनुसार काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हों।

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