रायपुर,एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हास्य कवि पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे का गुरुवार को निधन हो गया। खबर है कि उन्हें हार्ट अटैक आया है। रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में उनका इलाज चल रहा था। दुबे के परिवार के करीबी भाजपा नेता उज्ज्वल दीपक ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी दी है।
डॉ, सुरेंद्र दुबे के निधन पर कवि कुमार विश्वास, राज्यपाल रामेन डेका, CM विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, पूर्व CM भूपेश बघेल और मीर अली मीर समेत कई बड़ी हस्तियों ने दुख जताया है। लिखा पूरे परिवार को ईश्वर इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। ओम शांति।
कवि कुमार विश्वास ने हास्य कवि पद्मश्री सुरेंद्र दुबे के निधन पर ट्वीट कर दुख जताया है।
देखिए सुरेंद्र दुबे के निधन पर किस हस्ति ने क्या लिखा ?
CM विष्णुदेव साय ने निधन पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य व हास्य काव्य के शिखर पुरुष, पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे जी का निधन साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अचानक मिली उनके निधन की सूचना से स्तब्ध हूं।
अपने विलक्षण हास्य, तीक्ष्ण व्यंग्य और अनूठी रचनात्मकता से उन्होंने न केवल देश-विदेश के मंचों को गौरवान्वित किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी भाषा को वैश्विक पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
जीवनपर्यंत उन्होंने समाज को हंसी का उजास दिया, लेकिन आज उनका जाना हम सभी को गहरे शोक में डुबो गया है। उनकी जीवंतता, ऊर्जा और साहित्य के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट कर दुख जताया
कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट कर दुख जताया है। उन्होंने लिखा है कि, छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति के वैश्विक राजदूत, मुझे सदैव अनुजवत स्नेह देने वाले, बेहद ज़िंदादिल मनुष्य, कविश्रेष्ठ पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे जी का निधन सम्पूर्ण साहित्य-जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
मेरे हृदय के रायपुर का एक हिस्सा, आपकी अनुपस्थिति को सदैव अनुभव करेगा भैया। प्रिय @ashutoshdubeyji और पूरे परिवार को ईश्वर इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। ओम शांति।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी दुख जताया
इसके साथ ही गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि सुरेन्द्र जी जीवन भर मुस्कान बांटते रहे, आज आंखें नम कर गए। छत्तीसगढ़ की माटी से लेकर विश्व मंच तक अपनी विशिष्ट कविताओं से पहचान बनाने वाले महान कवि पद्मश्री सुरेन्द्र दुबे जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को यह पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें। आपकी कविताएं सदैव हमारे हृदय में जीवित रहेंगी। ॐ शांति।
वन मंत्री केदार कश्यप ने जताया दुख
वन मंत्री केदार कश्यप ने भी दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि जीवन भर शब्दों से मुस्कान बाँटने वाले सुरेंद्र जी आज मौन छोड़ चले गए…पद्मश्री कवि सुरेंद्र दुबे जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार सहित अनगिनत श्रोताओं को यह अपूरणीय क्षति सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।
पूर्व CM बघेल ने जताया दुख
छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल ने भी सुरेंद्र दुबे के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा कि छत्तीसगढ़ के निवासी हास्य कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे जी के निधन पर दुखद समाचार मिला है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
मूणत ने डॉ. सुरेंद्र दुबे के निधन पर शोक जताया
बीजेपी विधायक राजेश मूणत ने भी डॉ. सुरेंद्र दुबे के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने फेसबुक लिखा कि छत्तीसगढ़ की माटी से लेकर विश्व मंच तक अपनी विशिष्ट कविताओं से पहचान बनाने वाले महान कवि सुरेंद्र दुबे का निधन अत्यंत दुखद है।
किरणसिंह देव ने जताया दुख
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव ने छत्तीसगढ़ से दुनियाभर में मशहूर हुए हास्य कवि पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपना सच्चा माटीपुत्र खो दिया है। यह छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने कहा कि हास्य साहित्य और चिकित्सा जगत में समान लोकप्रियता अर्जित कर डॉ. दुबे ने न केवल देश, वैश्विक स्तर पर भी छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और जीवन दृष्टि का परचम फहराया। यह छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है।
मीर अली मीर ने जताया शोक
मीर अली मीर ने जताया शोक लिखा -स्तब्ध हूं।चार दिन पहले एक मंच पर थे। उनकी कविताओं ने खूब गुदगुदाया। हंसी ठिठोली करते हुए कार्यक्रम संपन्न हुआ। मेरे गीत की प्रशंसा भी उन्होंने की। जीवन कितना क्षण भंगुर है।
2018 में उड़ी थी मौत की झूठी अफवाह
इससे पहले, साल 2018 में राजस्थान के कवि सुरेंद्र दुबे का निधन हुआ था। इंटरनेट पर छत्तीसगढ़ के सुरेंद्र दुबे के मौत की खबर फैल गई थी। इस घटना पर कवि सुरेंद्र दुबे ने एक कविता बनाई। जिसे वो अक्सर मंचों पर सुनाया करते थे।
कवि डॉ सुरेंद्र दुबे अक्सर स्टेज शो करते थे। वह हास्य कवि थे।
सुरेंद्र दुबे ने अपनी मौत की झूठी खबर पर कविता लिखी थी, जिसकी पंक्तियां कुछ इस तरह हैं….
मेरे दरवाजे पर लोग आ गए। यह कहते हुए की दुबे जी निपट गे भैया बहुत हंसात रिहीस मैं निकला बोला- अरे चुप यह हास्य का कोकड़ा है ठहाके का परिंदा है। टेंशन में मत रहना बाबू टाइगर अभी जिंदा है। मेरी पत्नी को एक आदमी ने फोन किया वो बोला- दुबे जी निपट गे, मेरी पत्नी बोली ऐसे हमारे भाग्य कहां है रात को आए हैं पनीर खाए हैं पिज्जा उनका पसंदीदा है टेंशन में तो मैं हूं कि टाइगर अभी जिंदा है। एक आदमी उदास दिखा मैंने पूछा तो बोला मरघट की लकड़ी वाला हूं बोला वहां की लकड़ी वापस नहीं हो सकती आपको तो मरना पड़ेगा नहीं तो मेरे ₹1600 का नुकसान हो जाएगा मैंने कहा- अरे टेंशन में मत रह पगले टाइगर अभी जिंदा है।
उनसे जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए
डॉ. सुरेंद्र दुबे को 2010 में भारत का नागरिक सम्मान पद्मश्री मिला था।
डॉ. सुरेन्द्र दुबे अक्सर कवि कुमार विश्वास के साथ कई स्टेज शो किया करते थे।
जब सुरेंद्र भाजपा में शामिल हुए
2018 के विधानसभा चुनाव के माहौल में डॉ. सुरेंद्र दुबे भाजपा में शामिल हुए थे। अमित शाह एक कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करने रायपुर आए तो उन्होंने आधिकारिक तौर पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में जन्मे दुर्ग निवासी सुरेंद्र दुबे ने अपना पूरा जीवन छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में समर्पित कर दिया। कवि सुरेंद्र दुबे को छत्तीसगढ़ी गौरव का प्रतीक भी माना जाता रहा है। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों से अपने राज्य की भाषा और संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया।
ऐसे दर्जनों मौके आए जब वे अमेरिका जाकर कविता पाठ करते थे। उन्होंने भाजपा के लिए भी कई कविताएं लिखीं।
2018 के विधानसभा चुनाव के माहौल में डॉ. सुरेंद्र दुबे भाजपा में शामिल हुए थे।
कोरबा/पाली। प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय पाली के संचालक एवं पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ वैद्यराज रामफल पटेल आरोग्य के देवता भगवान श्री धनवंतरी के अनंत उपासक हैं और उनकी कृपा से ही वैद्यराज रामफल पटेल क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से हजारों लोगों को गंभीर बीमारियों से निजात दिलाई। इस वर्ष भी वैद्यराज रामफल पटेल 06 नवम्बर 2026 को आरोग्य के देवता भगवान श्री धनवंतरी जयंती पर पाली बस स्टैण्ड स्थित स्वयं की संस्थान प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय प्रांगण में विशाल आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन करने जा रहे हैं। वैद्यराज श्री पटेल ने बताया कि भगवान श्री धनवंतरी विश्व के प्रथम चिकित्सक हैं और सनातन काल में वे देवताओं का ईलाज दुर्लभ जड़ी बुटियों से करते थे। कलयुग में कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने के लिए ही उन्होंने आयुर्वेद का निर्माण किया, जिसमें सभी रोगों का ईलाज बताया गया है। वैद्यराज रामफल पटेल ने बताया कि आरोग्य के देवता होने के कारण उनकी पूजा मात्र से ही लोगों को आरोग्य की प्राप्ति होती है। शिविर के मुख्य अतिथि होंगे डॉ. पवन सिंह 06 नवम्बर को धनवंतरी जयंती पर पाली बस स्टैण्ड स्थित प्रज्ञा संजीवनी-वन औषधालय परिसर में विशाल आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नाड़ी परीक्षण के साथ आवश्यक आयुर्वेद दवाईयों का वितरण किया जाएगा और विभिन्न बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी और उनके निदान का उपाय भी वैद्यराज रामफल पटेल द्वारा बताया जाएगा। इस चिकित्सा शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत कोरबा अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह करेंगे। वैद्यराज रामफल पटेल की अपील वैद्यराज रामफल पटेल ने क्षेत्र के समस्त लोगों से अपील करते हुए चिकित्सा शिविर में शामिल होने का आग्रह किया है और चिकित्सा शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। वैद्यराज रामफल पटेल ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से पुरानी से पुरानी बीमारी ठीक हो जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि कैंसर जैसी लाईलाज बीमारी का ईलाज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में संभव है।
कोरबा 04 नवंबर 2026। एकीकृत बाल विकास परियोजना पसान अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र 11 नवंबर से 26 नवंबर 2026 तक आमंत्रित किये गये हैं। एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पसान के आंगनबाड़ी केन्द्र बोकमुड़ी एवं ग्राम तनेरा के आंगनबाड़ी केन्द्र बिलासपुर मोहल्ला में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र मंगाये गये हैं। इच्छुक आवेदिका पोर्टल https://aww.e-bharti.in/ में पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के उपरांत प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय पसान से संपर्क किया जा सकता है।
बुधवारी मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने के विवाद में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दोनों पक्षों के 10 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
रेत से भरे ट्रैक्टर को रोककर रेत खाली कराने की बात पर आधी रात को भिड़े थे दोनों गुट
ईंट-पत्थर, डंडे, बेल्ट एवं कड़े से एक-दूसरे पर किया गया था प्राणघातक हमला
दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर हत्या के प्रयास, बलवा सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
रेत खाली कराने की बात पर शुरू हुआ विवाद, दोनों पक्षों में हुई हिंसक झड़प
कोरबा। दिनांक 02 एवं 03 नवंबर 2026 की दरम्यानी रात बुधवारी दशहरा मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने एवं रेत खाली कराने की बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, डंडे, चमड़े के बेल्ट एवं अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं।
दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर काउंटर मामला दर्ज
प्रथम पक्ष के प्रार्थी राजेन दास निवासी ढोढीपारा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके ट्रैक्टर चालक को यशवंत कश्यप उर्फ लक्की, संतोष चंद्रा एवं विक्रम कश्यप ने अपने साथियों के साथ रोककर रेत खाली करने की बात पर विवाद एवं गाली-गलौज की। चालक की सूचना पर जब राजेन दास अपने साथियों के साथ बुधवारी मैदान के पास पहुंचा, तो आरोपियों द्वारा एकजुट होकर ईंट-पत्थर, डंडा, चूड़ा एवं पंच से प्राणघातक हमला किया गया, जिससे राजेन दास सहित अन्य लोगों को चोटें आईं।
वहीं, द्वितीय पक्ष के प्रार्थी विक्रम कश्यप निवासी काशीनगर द्वारा भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ट्रैक्टर से रेत खाली कराने की बात पर हुए विवाद के दौरान दीपक सिंह, सोहेब अहमद, गौरीलाल चौहान, पुरनदास महंत, आदित्य सिंघानिया, राजेन उर्फ राजेन्द्र दास एवं यश पाटले द्वारा एक राय होकर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्का, चमड़े के बेल्ट एवं ईंट के टुकड़ों से हमला किया गया।
सीएसईबी चौकी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों पक्षों के 10 आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता केंद्र (चौकी) सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रथम पक्ष की रिपोर्ट पर धारा 109(1), 296, 115(2), 351(3), 126(2), 3(5) बीएनएस तथा द्वितीय पक्ष की रिपोर्ट पर धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1), 191(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 10 आरोपियों को दिनांक 03.11.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा एवं चमड़े का बेल्ट जप्त किया गया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी – प्रथम प्रकरण (03)
यशवंत कश्यप उर्फ लक्की पिता संतोष कश्यप, उम्र 26 वर्ष, निवासी काशीनगर नीलगिरी के पास, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा।
विक्रम कश्यप पिता संतोष कश्यप, उम्र 23 वर्ष, निवासी काशीनगर नीलगिरी के पास, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा।