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पाकिस्तानी वोटर ID-चॉकलेट से हुई पहलगाम के आतंकियों की पहचान

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लोकसभा में शाह बोले- हमले के दिन प्लानिंग की, 3 महीने ट्रैक किया, फिर घेरकर मारा

नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 1 घंटा 14 मिनट बोले। उन्होंने भाषण की शुरुआत में पहलगाम हमले के आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जिन आतंकियों ने बायसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा, उन्हें 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में ढेर कर दिया गया। इन आतंकियों के नाम सुलेमान, अफगान और जिब्रान हैं।

ये तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे, उन्होंने सदन में इसके सबूत भी दिए। शाह ने बताया कि आतंकियों की मदद करने वाले 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

शाह सीजफायर और ट्रम्प पर कुछ नहीं बोले

शाह ने अपने भाषण में नेहरू, इंदिरा, आतंकवाद, सोनिया, चिदंबरम, अटलजी, मनमोहन सिंह, चीन, कश्मीर, आर्टिकल 370 का जिक्र किया। लेकिन अमेरिका, सीजफायर और ट्रम्प पर कुछ नहीं बोले। ऑपरेशन सिंदूर से ऑपरेशन महादेव कैसे चलाया, इसकी जानकारी दी।

शाह के स्पीच की 7 बड़ी बातें, कहा- कांग्रेस PoK मांगना भूल गई

  • शिमला में समझौता हुआ, PoK मांगना ही भूल गए: “इंदिराजी ने पाकिस्तान के 2 टुकड़े किए। यह बहुत बड़ी विजयी थी और हम सब भी इस पर गर्व करेंगे, लेकिन युद्ध की चकाचौंध में हुआ क्या। शिमला में समझौता हुआ, पीओके मांगना ही भूल गए। अगर उस वक्त पीओके मांग लेते, तो ना रहता बांस न बजती बांसुरी। पीओके तो मांगना ही भूल गए, 15 हजार वर्ग किमी की जीती जमीन भी दे दी।”
  • पाक के 195 अफसरों को छोड़ दिया: ‘पाकिस्तान के 195 अधिकारियों पर युद्ध अपराध का मुकदमा चलना था, भुट्टो उन्हें इंदिरा जी के सामने से छुड़ाकर ले गया। जनरल मानेकशॉ ने कहा कि भुट्टो ने भारत के नेतृत्व को मूर्ख बनाया। ये हमको सिखा रहे हैं कि ये नहीं किया, वो नहीं किया।”
  • अक्साई चिन का हिस्सा चीन को दे दिया: “मैं आज पूछना चाहता हूं, 62 के युद्ध में क्या हुआ। 30 हजार वर्ग किलोमीटर अक्साई चिन का हिस्सा चीन को दे दिया गया। उस पर सदन में नेहरू जी ने कहा कि वहां घास का एक तिनका नहीं उगता, उस जगह का क्या करेंगे। उनका सिर मेरे जैसा था। एक सदस्य ने कहा कि आपके सिर पर भी एक भी बाल नहीं है, उसे चीन भेज दें क्या।”
  • बाटला हाउस एनकाउंटर पर सोनिया गांधी रो पड़ीं: “मैंने एक दिन सलमान खुर्शीद के बयान को सुना कि उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी बाटला हाउस एनकाउंटर पर रो पड़ीं। अरे शहीद मोहनलाल के लिए रोना था। आप कहेंगे तो कल सलमान खुर्शीद के उस बयान को संसद में दिखा देंगे।”
  • कश्मीर में आतंकी घटनाएं आधी रह गईं: “मैं यूपीए सरकार और हमारी सरकार के कामकाज का लेखाजोखा रखना चाहता हूं। यूपीए सरकार में कश्मीर में जो आतंकी घटनाएं हुई, उनमें मोदी सरकार में कमी हुई। सुरक्षाबलों की मौत यूपीए में 1060 थी और हमारे समय में आधी रह गई है।
  • अनुच्छेद 370 हटते ही आतंकियों का महिमा मंडन खत्म हुआ: “अनुच्छेद 370 ने कश्मीर में आतंकवादी इकोसिस्टम को तबाह कर दिया है। एक जमाना था आतंकियों के जनाजे निकलते थे, अब जो मारा जाता है, उसे वहीं दफना दिया जाता है। आतंकियों का महिमामंडन करने की इजाजत मोदी सरकार में नहीं है। आतंकियों के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आज कश्मीर में पत्थरबाजी की कोई घटना नहीं होती है। पहले पत्थरबाजी में आम लोगों की मौत होती थी, आज जीरो है।
  • कांग्रेस ने पोटा खत्म किया: 2002 में अटल जी की सरकार थी और आतंकवाद को समाप्त करने के लिए एनडीए सरकार पोटा कानून लेकर आई। पोटा कानून का विरोध किसने किया, कांग्रेस पार्टी ने किया। हमें मजबूरन संयुक्त सत्र बुलाना पड़ा, तब पोटा कानून पारित किया गया। आज भी मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं आप किसे बचाना चाहते थे। पोटा को रोककर आप अपना उल्लू सीधा करके आतंकियों को बचाना चाहते थे।
  • अमित शाह को अखिलेश ने टोका, विपक्ष ने 10 बार हंगामा किया
  • शाह की स्पीच के दौरान ऐसे कई मौके आए जब उन्हें विपक्ष के नेताओं ने टोका। 10 बार से ज्यादा हंगामा और नारेबाजी की। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू कर पहलगाम में आतंकी भेजने वालों के आकाओं को मिट्टी में मिलाने का काम किया था। अब सेना ने उन आतंकियों का ऑपरेशन महादेव के तहत खात्मा कर दिया। इस पर सपा सांसद अखिलेश यादव ने गृह मंत्री को बीच में टोकते हुए कहा कि आका तो पाकिस्तान है, जिसके जवाब में शाह ने कहा कि आपकी पाकिस्तान से बात होती है क्या।
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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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देश में प्रति उपयोगकर्ता मासिक मोबाइल डेटा खपत 31GB से अधिक: रिपोर्ट

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नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा की खपत वर्ष 2025 में 31जीबी के आंकड़े को पार कर गई है जबकि वर्ष 2024 में यह खपत 27.5 जीबी थी। एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी नोकिया के वार्षिक मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक (एमबीइटी) के 13वें संस्करण में कहा गया है कि वर्ष 2025 में अखिल भारतीय स्तर पर 5जी नेटवर्क पर डेटा का कुल मासिक उपयोग एक साल पहले की तुलना में 70 प्रतिशत बढ़कर 12.9 एक्साबाइट (ईबी) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, देश के कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी अब लगभग 47 प्रतिशत हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत में हुई यह वृद्धि पिछले पांच वर्षों में 18 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर को दर्शाती है। यह बढ़ोत्तरी उन्नत मोबाइल ब्रॉडबैंड के तीव्र विस्तार और कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित अनुप्रयोगों, उच्च गुणवत्ता वाले 4के वीडियो देखने और क्लाउड गेमिंग जैसी अधिक डेटा खपत वाली सेवाओं की बढ़ती मांग का परिणाम है। भारत में कुल डेटा उपयोग वर्ष 2025 में 27 एक्साबाइट प्रति माह को पार कर गया है। एक एक्साबाइट का मतलब एक अरब जीबी से थोड़ा अधिक होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी उपभोक्ता आधार वाला देश बन गया है। 

साथ ही, 5जी डेटा खपत और ‘फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस’ उपयोगकर्ताओं की संख्या के मामले में भी भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) प्रौद्योगिकी की मदद से घरों या कार्यालयों में केबल के बगैर उच्च गति का इंटरनेट मुहैया कराया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 5जी डेटा में एफडब्ल्यूए की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत को पार कर गई है और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में दोगुनी वृद्धि देखी गई है। 

नोकिया इंडिया की नामित कंट्री मैनेजर विभा मेहरा ने कहा, “नेटवर्क उपयोग के नए तरीकों और स्मार्ट सेवाओं के अनुरूप बदलने के समय नोकिया दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर एक ऐसा भविष्य-उन्मुख और उच्च प्रदर्शन वाला बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका विस्तार आसानी से किया जा सके।” इस रिपोर्ट के मुताबिक, महानगरों में 5जी का उपयोग सबसे अधिक है, जहां कुल मोबाइल डेटा खपत में 5जी की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत है। पिछले साल सक्रिय 4जी उपकरणों की संख्या 89.2 करोड़ तक पहुंच गई, जिनमें से 38.3 करोड़ से अधिक उपकरण पहले से ही 5जी-सक्षम हैं। 

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NBFC के वित्तपोषण के लिए वाणिज्यिक पत्र बना हुआ है प्रमुख जरिया: इंडिया रेटिंग्स

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मुंबई, एजेंसी। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) वित्तपोषण के लिए मार्च महीने में वाणिज्यिक पत्र जारी करने के मामले में आगे रही हैं जबकि कंपनियों ने अल्पकालिक कर्ज लागत में वृद्धि के कारण सतर्कता बरती है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है। ‘कमर्शियल पेपर’ यानी वाणिज्यिक पत्र एक बिना गारंटी वाले, अल्पकालिक कर्ज जुटाने का साधन हैं। कंपनियां अल्पकालिक देनदारियों के वित्तपोषण के लिए इसके जरिये पैसा जुटाती हैं। रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि उधार लेने के प्रतिरूप में यह अंतर बना रहेगा। 

इसका कारण एनबीएफसी विशेष रूप से वित्त वर्ष के अंत में अपनी वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक पत्र बाजार का सक्रियता से उपयोग करना जारी रखेंगी जबकि कंपनियां उच्च वित्तपोषण लागत और पर्याप्त आंतरिक नकदी के कारण चयनात्मक रुख अपनाएंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि आमतौर पर एनबीएफसी के लिए वित्तपोषण के लिहाज से मार्च का महीना महत्वपूर्ण समय होता है और प्रतिफल में वृद्धि के बावजूद उनकी मांग मजबूत बनी हुई है। इस रुख को दर्शाते हुए, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा जारी किए गए वाणिज्यिक पत्र (सीपी) मार्च, 2026 में बढ़कर 70,300 करोड़ रुपए का हो गया, जो फरवरी, 2026 में 45,500 करोड़ रुपए का था। इसके विपरीत, कंपनियों का वाणिज्यिक पत्र के जरिये वित्तपोषण जुटाने में इसी अवधि में भारी गिरावट आई और यह घटकर 26,600 करोड़ रुपए रहा जो एक महीने पहले 40,700 करोड़ रुपए था। 

रेटिंग एजेंसी ने कहा, ”वर्तमान स्थिति से संकेत मिलता है कि एनबीएफसी तिमाही के अंत के दायित्वों को पूरा करने के लिए अल्पकालिक बाजारों का सहारा लेना जारी रखेंगी, जबकि लागत संबंधी चिंताओं और आंतरिक नकदी के कारण कंपनियां सतर्क रुख अपना सकती हैं।” इस बीच, बैंकों द्वारा जारी जमा प्रमाणपत्र (सीडी) आने वाले महीनों में अधिक संतुलित रहने की संभावना है। इसका कारण जमा की स्थिति स्थिर हो रही है और नए वित्त वर्ष की शुरुआत में कर्ज की मांग आमतौर पर हल्का रहता है। 

रिपोर्ट के अनुसार, 24 मार्च, 2026 तक, लगभग दो लाख करोड़ रुपए के जमा प्रमाणपत्र जारी किये गए थे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का हिस्सा 1.32 लाख करोड़ रुपए था, जबकि निजी क्षेत्र के बैंकों ने 67,800 करोड़ रुपए के जमा प्रमाणपत्र जारी किये थे। मासिक आधार पर यह राशि लगभग अपरिवर्तित रही। इंडिया रेटिंग्स के अनुसार, जमा प्रमाणत्र जारी करने में आई यह नरमी बैंकों में अल्पकालिक वित्तपोषण दबाव में कुछ कमी का संकेत देती है और नकदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार के साथ कर्ज लेने की गति में और कमी आने की संभावना है। 

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