Connect with us

खेल

कबड्डी संघों की खींचतान में फंसे खिलाड़ी…निलंबन की चेतावनी:नेशनल कबड्डी ट्रायल पर छत्तीसगढ़ में विवाद, सचिव बोले- खिलाड़ी भाग रहे पैसों के पीछे

Published

on

दुर्ग,एजेंसी। दिल्ली में होने जा रही 35वीं सब जूनियर बालक-बालिका राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता से पहले छत्तीसगढ़ में खेल संघों की खींचतान खुलकर सामने आई है। इसका खामियाजा अब सीधे खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, राज्य में कबड्डी को लेकर दो संघों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। एक संघ खिलाड़ियों को ट्रायल देने की अनुमति दे रहा है।

वहीं दूसरा संघ खिलाड़ियों को धमकी दे रहा है कि यदि वे ट्रायल में शामिल हुए तो उन्हें सीधे निलंबित कर दिया जाएगा। ट्रॉयल में हिस्सा लेने से खिलाड़ियों को रोकने वाले सचिव का तर्क ये है कि खिलाड़ी अनुशासन में रहे इसलिए ऐसा आदेश जारी किया है। आजकल खिलाड़ी पैसे के लिए भागा दौड़ी कर रहे हैं। पैसे वाले टूर्नामेंट खेलते हैं, फेडरेशन में खेलना पसंद नहीं कर रहे हैं।

दिल्ली में 4 से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता होगी।

दिल्ली में 4 से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता होगी।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली में 4 से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता होगी। इसके लिए एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने बालिका टीम चयन के लिए 31 अगस्त को भिलाई के शासकीय स्कूल जोन-2, खुर्सीपार में ट्रॉयल का आयोजन रखा था। इसकी जानकारी संघ ने लेटरपैड से जारी की। लेकिन इसके बाद दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ जिला दुर्ग के सचिव ने बिना लेटरपैड के वॉट्सऐप पर मैसेज जारी किया।

इसमें उन्होंने खिलाड़ियों को धमकी दी। कहा कि अगर इस फेडरेशन में कोई भी खिलाड़ी/टीम भाग हिस्सा लेता है, तो उसे छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ और दुर्ग जिला कबड्डी संघ के किसी भी फेडरेशन गेम या किसी भी कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने नहीं दिया जाएगा। निलंबित किया जाएगा। इस मैसेज के बाद कई बालिका खिलाड़ी असमंजस में जिले के करीब 300 से ज्यादा खिलाड़ी ट्रॉयल देने नहीं पहुंचे।

अध्यक्ष-सचिव को भी मैसेज- खिलाड़ियों को हिस्सा लेने से रोकें

इसके बाद एक मैसेज सभी जिले के अध्यक्ष और सचिव को छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के महासचिव के नाम से वॉट्सऐप पर भेजा गया। जिसमें कहा गया कि, सभी अपने इकाई के पंजीकृत खिलाड़ियों को सूचना दे दें कि वे इस प्रतियोगिता में भाग लेते हैं, तो उन्हें छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के राज्य कबड्डी चैम्पियनशिप और उससे अनुमति प्राप्त प्रतियोगिता में हिस्सा लेने नहीं दिया जाएगा। उन्हें निलंबित किया जाएगा।

7 सितंबर को बालक वर्ग का ट्रॉयल, असमंजस में खिलाड़ी

बालिका वर्ग के ट्रॉयल में धमकी भरे मैसेज के बाद ज्यादातर खिलाड़ियों ने हिस्सा नहीं लिया। अब 7 सितंबर रविवार को इसी नेशनल टूर्नामेंट के लिए बालक वर्ग का ट्रॉयल रखा गया है। ऐसे में खिलाड़ियों को इसका डर सता रहा है कि कहीं हम इस ट्रॉयल में हिस्सा लेंगे तो कहीं हमारा आगे खेल प्रभावित न हो।

2021 में भी निकाला था बेतुका आदेश

दरअसल, खेल संघ की लड़ाई लंबे समय से चल रही है। इसकी वजह से सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों को हो रहा है। साल 2021 में भी दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ जिला दुर्ग के सचिव ने आदेश निकालकर शहरी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया था।

इतना ही एक क्लब की संबद्धता भी रद्द कर दी थी। इसके पीछे सचिव ने यह तर्क दिया था कि दुर्ग ग्रामीण से खिलाड़ी बहुत हैं, इसलिए क्लब की संबद्धता रद्द की जाती है। जबकि जानकारों का कहना है कि जिला संगठन में ग्रामीण और शहरी दोनों ही खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं।

खेल विभाग ने भी माना- सचिव ने किया पक्षपात, संघ को मान्यता भी नहीं

शहरी खिलाड़ियों को हिस्सा न देने के मामले की शिकायत खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग में की गई थी। इसके बाद विभाग के सहायक संचालक विलियम लकड़ा ने जांच की थी। विभागीय जांच में भी इस बात का उल्लेख किया गया है कि जिला संघ होने की वजह से शहर के खिलाड़ी भी हिस्सा ले सकते हैं।

संघ के सचिव पीलाराम पारकर ने शहरी खिलाड़ियों को लेने से साफ मना किया, यह पूरी तरह पक्षपात है। साथ ही शासन स्तर से दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ को खेल एवं युवा कल्याण विभाग से मान्यता नहीं दिया गया। विभाग के सहायक संचालक ने संघ के सचिव खिलाफ कार्रवाई करने सचिव पद से हटाने की अनुशंसा की थी। लेकिन उसके बाद भी आज तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

दोनों संघ के अलग-अलग दावे

एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों का कहना है कि, दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हमने जो लेटर भेजा है, वे लेटरपैड में हस्ताक्षर के साथ है। लेकिन दूसरे संघ के लोग बिना लेटरपैड के ऐसे ही मैसेज भेज रहे हैं।

इसका मतलब उन्हें कोई मान्यता नहीं है। अगर वे सही हैं तो नियमानुसार लेटरपैड से निर्देश जारी करें। जिससे उस निर्देश के खिलाफ कोई कोर्ट या फोरम में जाकर चैलेंज कर सके।

वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के पदाधिकारी का कहना है कि, वो पहले के पदाधिकारी थे तो उन्होंने पहले ऐसा क्यों नहीं किया कि खिलाड़ियों के लिए ओपन ट्रॉयल रखते। पहले वे अलग-अलग खिलाड़ियों को कॉल करके बुलाते थे।

इससे कई ग्रामीण खिलाड़ी छूट जाते थे। मैं जब सचिव बना तो मैंने ग्रामीण बच्चों को उठाने का काफी प्रयास किया है। आज यहां सब कुछ सही तरीके से चल रहा है। आज वे माहौल खराब कर रहे हैं और पॉलिटिक्स कर रहे हैं।

नेशनल स्तर पर खेलने का मौका आया, तो संघों ने रास्ता रोका- खिलाड़ी

ग्रामीण और छोटे कस्बों से आए कई खिलाड़ियों ने बताया कि, उन्होंने कठिन परिश्रम और आर्थिक तंगी झेलकर यहां तक सफर तय किया है। अब जब उनके सामने नेशनल स्तर पर खेलने का मौका आया, तो संघों की राजनीति ने रास्ता रोक दिया।

खिलाड़ियों का कहना है कि अगर सरकार और खेल विभाग ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो छत्तीसगढ़ के कई होनहार खिलाड़ी इस बार नेशनल टूर्नामेंट से वंचित रह जाएंगे।

एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी प्रकाश राव।

एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी प्रकाश राव।

सभी खिलाड़ी आते तो बनती अच्छी टीम, डर की वजह से नहीं पहुंचे

एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी प्रकाश राव ने कहा कि, एकेएफआई ने दिल्ली में राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए छग की टीम का ट्रॉयल रखा था। इसमें राजनांदगांव, महासमुंद, दुर्ग, बिलासपुर के खिलाड़ी आए थे। दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ के सचिव पीला राम पारकर के मैसेज की वजह से कई खिलाड़ी नहीं आए।

अगर वे सभी खिलाड़ी आते तो प्रदेश की बहुत अच्छी कबड्डी टीम तैयार होती। खिलाड़ियों को हर जगह वे खेलने से रोक रहे हैं। हमारा कहना है कि आप खिलाड़ियों को क्यों रोक रहे हैं। अगर उन्हें आपत्ति है तो वे लिखित में लेटरपैड में आदेश जारी करें, ताकि हम उसे चैलेंज कर सकें। खिलाड़ियों को धमकी देकर रोकना गलत है।

कबड्डी के राष्ट्रीय अंपायर बोले- खिलाड़ियों के हित में बारे में नहीं सोच रहे लोग

इस मामले में कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय अंपायर केशव सेठ ने कहा कि, अभी जो संघ ट्रॉयल ले रहा है। उसे सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिली है। उसी के आधार पर ट्रॉयल रखा गया है। लेकिन दूसरे गुट के लोग वॉट्सऐप पर मैसेज जारी कर खिलाड़ियों को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। वे खिलाड़ियों के हित के बारे में भी नहीं सोच रहे हैं।

जबकि पहले वे फर्जी खिलाड़ियों को खिलाते थे। हरियाणा समेत दूसरे प्रदेश क बच्चों को खिलाकर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की उपेक्षा की है। इन्हीं सब कारणों की वजह से प्रदेश में कबड्डी के दो गुट हो गए। जो सचिव बच्चों को धमका रहे हैं उन्हें खुद छग खेल एवं युवा कल्याण विभाग से मान्यता नहीं है।

कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय अंपायर केशव सेठ।

कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय अंपायर केशव सेठ।

अनुशासन में रहे खिलाड़ी इसलिए निकाला ऐसा आदेश

दुर्ग ग्रामीण कबड्डी संघ के सचिव पीला राम पारकर ने कहा कि, आपसी कुछ विवाद के बाद उन्होंने अलग फेडरेशन बनाया है। उनके फेडरेशन को भी मान्यता है। शुरू से बॉडी चली आ रही है उससे जुड़े हुए हैं। हमने ऐसा इसलिए कहा है कि खिलाड़ी अनुशासन में रहे। खिलाड़ी अलग-अलग फेडरेशन में खेलेंगे तो फेडरेशन की वैल्यू ही नहीं रह जाएगी। आज कल टूर्नामेंट पैसे वाले होने लगे हैं।

पैसे के चक्कर में खिलाड़ी भागा-दौड़ी कर रहे हैं। पैसे के चक्कर की वजह से खिलाड़ी फेडरेशन में खेलना पसंद नहीं कर रहे हैं। हमने ऐसा मैसेज इसलिए किया, ताकि खिलाड़ी एक ही जगह से खेलें। हमारे संघ ने भी यह क्लियर कर दिया है कि नई बॉडी में कोई भी खिलाड़ी हिस्सा न लें। दोनों फेडरेशन का केस चल रहा है। रही बात वॉट्सऐप पर मैसेज भेजने की तो मैं ऐसे ही सूचना जारी करता हूं, लेकिन रजिस्टर पर अलग से इंट्री करता हूं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IND-NZ T-20; ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग शुरू:₹800 से ₹25,000 तक कीमत, ₹50 में मिलेगा समोसा, रायपुर में 23 जनवरी को मैच

Published

on

रायपुर,एजेंसी। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 23 जनवरी को भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मैच खेला जाएगा। इसके लिए आज गुरुवार शाम 7 बजे से टिकट विंडो ओपन हो गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने Ticketgenie को ऑफिशियल टिकटिंग पार्टनर नियुक्त किया गया है।

वेबसाइट ticketgenie.in पर या मोबाइल ऐप जाकर टिकट बुक की जा सकती है। टिकट के दाम 800 रुपए से शुरू है। वहीं सबसे महंगी टिकट 25 हजार की है। एक यूजर अधिकतम 4 टिकट ही खरीद सकेगा। 16 से 22 जनवरी तक फिजिकल टिकट लिए जा सकेंगे।

स्टेडियम के अंदर दर्शकों के लिए खाने-पीने की चीजों के रेट भी तय किए गए हैं। 100 ग्राम समोसा 50 रुपए, सिंगल पीस सैंडविच 60, बर्गर 80 में मिलेगा। पॉपकॉर्न कोन 60 रुपए, पॉपकॉर्न टब 100 और पिज्जा 250 में मिलेगा, जबकि आइसक्रीम और वेफर्स MRP पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।

मैदान के अंदर फूड बेचने वाले लोगों को अपने कर्मचारियों की टी-शर्ट पर खाने की कीमत लिखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्टेडियम परिसर में भी फूड मेन्यू और उनके दाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।

पिछले बार मैच के बीच एंट्री को लेकर विवाद उपजा था।

पिछले बार मैच के बीच एंट्री को लेकर विवाद उपजा था।

13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगाई गई

CSCS ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचना पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर चल रही भ्रामक और अपुष्ट जानकारियों से दूर रहें। वहीं मैच को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। इस बार छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक से बचने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।

संघ ने साफ किया है कि फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसर्स भी तैनात किए जाएंगे। इस दौरान क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगा दी गई है।

800 रुपए से 25 हजार रुपए तक की टिकट

आयोजकों की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस मैच के जनरल टिकट के दाम पिछले वनडे मुकाबले के लगभग समान रखे गए हैं। टिकट 800 रुपए से शुरू होकर 25 हजार रुपए तक उपलब्ध होंगे।

एक ही फेज में शुरू होगी टिकट बिक्री

आयोजकों के मुताबिक, टिकट एक ही फेज में ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। दर्शक टिकटों की खरीद Ticketgenie की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए कर सकेंगे। वहीं, एक यूजर अधिकतम 4 टिकट ही खरीद सकेगा। इससे ज्यादा टिकट एक अकाउंट से बुक नहीं किए जा सकेंगे।

खाने-पीने की चीजों पर भी सख्ती

इस बार खाने-पीने के प्रोडक्ट्स को लेकर भी सख्त नियम लागू होंगे। पिछली बार भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच के दौरान स्टेडियम में खाने-पीने की चीजें महंगे दामों पर बिकने की शिकायतें सामने आई थीं, जहां 100 रुपए का एक चिप्स का पैकेट बेचा गया था।

पिछली बार खाने-पीने के प्रोडक्ट्स महंगे दाम में बिके थे। इसे देखते हुए संघ ने फूड प्रोडक्ट्स की रेट लिस्ट भी जारी कर दी है। वहीं, स्टेडियम के अंदर टी-शर्ट्स और अन्य मर्चेंडाइज की बिक्री भी की जाएगी, जिनके रेट बड़े साइन बोर्ड पर प्रदर्शित किए गए हैं।

पिछले मैच में खाने-पीने के आइटम महंगे दामों पर बेचे गए थे। इसे रोकने के लिए भी CSCS ने इस बार रेट तय किए हैं।

पिछले मैच में खाने-पीने के आइटम महंगे दामों पर बेचे गए थे। इसे रोकने के लिए भी CSCS ने इस बार रेट तय किए हैं।

टीम इंडिया और न्यूजीलैंड का स्क्वॉड

टीम इंडिया का स्क्वॉड: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर) होंगे।

न्यूजीलैंड का स्क्वॉड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फॉल्क्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, ईश सोढ़ी।

एंट्री गेट्स पर तिहरी निगरानी

स्टेडियम के सभी एंट्री गेट्स पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और क्रिकेट संघ के कर्मचारियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई जाएगी। जिससे किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो। पिछले ODI में 2 दर्शक रेलिंग जंप करते हुए मैदान के बीच खिलाड़ियों तक पहुंच गए थे।

इस बार बाउंसर्स को बाउंड्री पर तैनात किया जाएगा, ताकि दर्शक दीर्घा से कोई जंप कर खिलाड़ियों तक न पहुंच पाएं।

पिछले मैच में खिलाड़ियों के बीच पहुंचे थे दर्शक

मैच के दौरान एक युवक अचानक ग्राउंड के बीच में घुस गया। सुरक्षा टीम ने उसे तुरंत उठाकर स्टेडियम से बाहर कर दिया था।

मैच के दौरान एक युवक अचानक ग्राउंड के बीच में घुस गया। सुरक्षा टीम ने उसे तुरंत उठाकर स्टेडियम से बाहर कर दिया था।

CSCS ने बनाई 45 लोगों की टीम

छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के अध्यक्ष विजय शाह ने बताया कि पिछली बार सुरक्षा को लेकर कुछ चूक हुई थी। BCCI ने भी इस पर संज्ञान लिया था। पूरी तरह से आश्वस्त किया गया है कि इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा। CSCS ने 45 लोगों की टीम गठित की है। वे पुलिस प्रशासन के साथ स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।

अवैध एंट्री रोकने कड़े इंतजाम

पिछले मैच में बिना टिकट दर्शकों की भीड़ स्टेडियम में कूदकर घुस गई थी, जिससे कई स्टैंड ओवरफ्लो हो गए थे। इस घटना से सबक लेते हुए इस बार 13 गेटों पर लोहे की रेलिंग लगाई जा रही है।

मैच और टीमों का शेड्यूल

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 22 जनवरी को रायपुर पहुंचेंगी। जानकारी के मुताबिक, टीमें सुबह और दोपहर में रायपुर आएंगी और शाम को स्टेडियम में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लेंगी।

Continue Reading

खेल

13 साल बाद रायपुर में IPL, RCB खेलेगी दो मैच

Published

on

IND-NZ टी-20 में फर्स्ट इनिंग के बाद नो एंट्री, 350 बाउंसर्स तैनात रहेंगे

रायपुर,एजेंसी। वनडे और टी-20 मैचों के बाद अब रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। रायपुर में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2 मुकाबले खेले जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनकी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के सीईओ से मुलाकात हुई है। रायपुर में दो IPL मैच कराने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही अब तक चल रही अटकलों पर विराम लग गया है और यह लगभग तय हो गया है कि 13 साल बाद छत्तीसगढ़ में IPL का रोमांच फिर से देखने को मिलेगा।

वहीं रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मैच को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। इस बार छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।

संघ ने साफ किया है कि फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसर्स भी तैनात किए जाएंगे। इस दौरान क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगा दी गई है।

पिछले बार मैच के बीच एंट्री को लेकर विवाद उपजा था।

पिछले बार मैच के बीच एंट्री को लेकर विवाद उपजा था।

खाने-पीने की चीजों पर भी सख्ती

इस बार खाने-पीने के प्रोडक्ट्स को लेकर भी सख्त नियम लागू होंगे। पिछली बार भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच के दौरान स्टेडियम में खाने-पीने की चीजें महंगे दामों पर बिकने की शिकायतें सामने आई थीं, जहां 100 रुपए का एक चिप्स का पैकेट बेचा गया था।

पिछले मैच में खाने-पीने के आइटम महंगे दामों पर बेचे गए थे। इसे रोकने के लिए भी CSCS नियम बना रहा है।

पिछले मैच में खाने-पीने के आइटम महंगे दामों पर बेचे गए थे। इसे रोकने के लिए भी CSCS नियम बना रहा है।

एंट्री गेट्स पर तिहरी निगरानी

स्टेडियम के सभी एंट्री गेट्स पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और क्रिकेट संघ के कर्मचारियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई जाएगी। जिससे किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो। इसके अलावा लास्ट ODI में 2 दर्शक रेलिंग जंप करते हुए मैदान के बीच खिलाड़ियों तक पहुंच गए थे।

इस बार बाउंसर्स को बाउंड्री पर तैनात किया जाएगा, ताकि दर्शक दीर्घा से कोई जंप कर खिलाड़ियों तक न पहुंच पाएं।

पिछले मैच में खिलाड़ियों के बीच पहुंचे थे दर्शक

मैच के दौरान एक युवक अचानक ग्राउंड के बीच में घुस गया। सुरक्षा टीम ने उसे तुरंत उठाकर स्टेडियम से बाहर कर दिया था।

मैच के दौरान एक युवक अचानक ग्राउंड के बीच में घुस गया। सुरक्षा टीम ने उसे तुरंत उठाकर स्टेडियम से बाहर कर दिया था।

CSCS ने बनाई 45 लोगों की टीम

छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के अध्यक्ष विजय शाह ने बताया कि पिछली बार सुरक्षा को लेकर कुछ चूक हुई थी। BCCI ने भी इस पर संज्ञान लिया था। पूरी तरह से आश्वस्त किया गया है कि इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा। CSCS ने 45 लोगों की टीम गठित की है। वे पुलिस प्रशासन के साथ स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।

अवैध एंट्री रोकने कड़े इंतजाम

पिछले मैच में बिना टिकट दर्शकों की भीड़ स्टेडियम में कूदकर घुस गई थी, जिससे कई स्टैंड ओवरफ्लो हो गए थे। इस घटना से सबक लेते हुए इस बार 13 गेटों पर लोहे की रेलिंग लगाई जा रही है।

मैच और टीमों का शेड्यूल

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 22 जनवरी को रायपुर पहुंचेंगी। जानकारी के मुताबिक, टीमें सुबह और दोपहर में रायपुर आएंगी और शाम को स्टेडियम में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लेंगी।

RCB मैनेजमेंट कर चुका है मैदान का निरीक्षण

IPL मैचों की बात करें तो RCB टीम मैनेजमेंट पहले ही रायपुर के मैदान का निरीक्षण कर चुका है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ से भी बातचीत पूरी हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आयोजन को लेकर तैयारियां तेज होने की उम्मीद है।

2013 में हुआ था आखिरी IPL मैच

बता दें कि रायपुर में आखिरी बार 2013 में IPL मुकाबला खेला गया था। तब दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मैच हुआ था। इसके बाद से ही छत्तीसगढ़ के क्रिकेट फैंस IPL की वापसी का इंतजार कर रहे थे।

BCCI के अधीन स्टेडियम, सभी सुविधाओं से लैस

अब रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पूरी तरह बीसीसीआई के अधीन है और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सभी सुविधाओं से लैस है। ऐसे में न सिर्फ IPL मुकाबलों का आयोजन संभव हुआ है, बल्कि बड़े सितारों के खेलने की संभावना भी बढ़ गई है।

विराट कोहली को एक्शन में देखने की उम्मीद

RCB के मैच रायपुर में होने की स्थिति में क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली समेत पूरी टीम को एक्शन में देखने का मौका मिल सकता है। यही वजह है कि इस घोषणा के बाद से ही शहर में IPL को लेकर उत्साह चरम पर है।

Continue Reading

कोरबा

इंटर एरिया एथलेटिक्स…गेवरा परियोजना के ओवरमैन ने जीता गोल्ड

Published

on

साइकिल रेसिंग में 25 साल बाद वापसी, पत्नी दुर्ग में इनकम टैक्स ऑफिसर

कोरबा। एसईसीएल गेवरा स्टेडियम में आयोजित इंटर एरिया एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गेवरा परियोजना के ओवरमैन यू.डी. (उमेशधर) दीवान ने साइकिल रेसिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। खास बात यह रही कि उन्होंने 25 वर्षों बाद इस प्रतियोगिता में वापसी करते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

स्वर्ण पदक जीतने के बाद यू.डी. दीवान ने दर्शकों का अभिवादन किया। उनका चयन गेवरा एरिया से साइकिल रेसिंग के लिए हुआ था। उन्होंने बताया कि साल 1994 से 2000 तक वे लगातार साइकिलिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे। इस दौरान उन्होंने कंपनी स्तर पर कई बार द्वितीय स्थान प्राप्त किया और गेवरा एरिया का प्रतिनिधित्व करते हुए एसईसीएल का नाम रोशन किया।

पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण खेल से दूरी

दीवान ने बताया कि वर्ष 2000 में विवाह के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वे खेल से दूर हो गए। बच्चों की पढ़ाई और पत्नी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के कारण वे साइकिलिंग को समय नहीं दे सके। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सेल टैक्स ऑफिसर के रूप में चयनित होने के बाद वर्तमान में दुर्ग में इनकम टैक्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

मित्रों के प्रोत्साहन से हुई वापसी

हाल ही में मित्रों और खेलप्रेमियों के प्रोत्साहन से यू.डी. दीवान ने एक बार फिर साइकिल रेसिंग में वापसी की। कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता के समापन समारोह में अतिथियों द्वारा उन्हें स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ अब वे एसईसीएल की ओर से इंटर एरिया स्तर पर प्रतिनिधित्व करेंगे।

53 वर्ष की उम्र में भी बरकरार है जुनून

यू.डी. दीवान ने कहा कि खेल के प्रति उनका जुनून हमेशा बना रहा है। 53 वर्ष की उम्र में भी उनके भीतर वही उत्साह और आत्मविश्वास है, जिसने उन्हें यह सफलता दिलाई। गेवरा महाप्रबंधक श्री त्यागी सहित उपस्थित अतिथियों और खिलाड़ियों ने यू.डी. दीवान की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

Continue Reading
Advertisement

Trending