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PM बोले- लक्ष्य जड़ी बूटी, इसके बिना जीवन नहीं:जो लोग कहते हैं- छोड़ो यार होता रहता है, वे मरी हुई लाश जैसे

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नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025 कार्यक्रम में शामिल हुए। PM ने करीब 45 मिनट की स्पीच दी।

युवाओं को संबोधित करते हुए मोदी ने विकसित भारत, युवा शक्ति, अमृतकाल और भारत के भविष्य पर बात की। पीएम ने कहा- बिना लक्ष्य के जीवन नहीं होता, यह जीवन जीने की जड़ी बूटी होती है। जो लोग कहते हैं छोड़ो यार होता रहता है, कुछ बदलने की क्या जरूरत है क्यों सर खपाते हो, इस भावना के लोग मरी हुई लाश से ज्यादा कुछ नहीं होते।

पीएम ने कार्यक्रम में 3 हजार से ज्यादा युवाओं को संबोधित किया। संबोधन से पहले पीएम ने युवाओं की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी देखी। वहां मौजूद युवाओं से बातचीत की। उनके प्रोजेक्ट मॉडल भी देखे। यह कार्यक्रम 11 जनवरी से शुरू हुआ है। आज दूसरा दिन है।

दरअसल, पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2024 को एक लाख गैर-राजनीतिक युवाओं को जन प्रतिनिधि के रूप में राजनीति में लाने की बात कही थी। ये कार्यक्रम उसी का हिस्सा है।

PM मोदी की स्पीच, 5 पॉइंट में…

1. युवाओं पर

मुझे आप पर बहुत विश्वास है और इसी विश्वास ने मुझे http://MYBharat.com के गठन की प्रेरणा दी, इसी विश्वास ने Viksit Bharat Young Leaders Dialogue का आधार बनाया। मेरा विश्वास कहता है कि युवा शक्ति का सामर्थ्य भारत को जल्द से जल्द विकसित राष्ट्र बनाएगा।

2. विकसित भारत पर

विकसित भारत में हम क्या देखना चाहते हैं, कैसा भारत देखना चाहते हैं? विकसित भारत यानी जो आर्थिक, सामरिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त होगा। जहां इकोनॉमी भी बुलंद होगी और इकोलॉजी भी समृद्ध होगी। जहां अच्छी कमाई और पढ़ाई के ज्यादा से ज्यादा अवसर होंगे। जहां दुनिया की सबसे बड़ी युवा स्किल्ड मैन पॉवर होगी। जहां युवाओं के पास अपने सपने को पूरा करने के लिए खुला आसमान होगा।

3. भारत की ताकत पर

1930 के दशक में अमेरिका भीषण आर्थिक संकट में फंस गया था, तब अमेरिका की जनता ने ठाना कि हमें इससे बाहर निकलना है और तेज गति से आगे बढ़ना है। उन्होंने उसका रास्ता चुना और अमेरिका न सिर्फ उस संकट से निकला, बल्कि उसने विकास की रफ्तार को कई गुना तेज करके दिखाया। दुनिया में ऐसे बहुत सारे देश हैं, घटनाएं हैं, समाज है, समूह ​हैं। हमारे देश में भी अनेक ऐसे उदाहरण रहे हैं। भारत के लोगों ने आजादी का संकल्प लिया। अंग्रेज सल्तनत की ताकत क्या नहीं थी, उनके पास क्या नहीं था, लेकिन देश उठ खड़ा हुआ, आजादी के सपने को जीने लगा और भारत के लोगों ने आजादी हासिल करके दिखाई।

4. भारत के भविष्य पर

आज दुनिया भारत की इस गति को देख रही है। हमने G20 में ग्रीन एनर्जी को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी। भारत दुनिया का पहला देश बना जिसने पेरिस कमिटमेंट को पूरा किया। यह तय समय से 9 साल पहले ही पूरा कर लिया गया। अब भारत ने 2030 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य भी 2030 से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

5. स्वामी विवेकानंद पर

भारत की युवा शक्ति की ऊर्जा से आज ये भारत मंडपम भी ऊर्जा से भर गया है, ऊर्जावान हो गया है। आज पूरा देश स्वामी विवेकानंद जी को याद कर रहा है, उन्हें प्रमाण कर रहा है। स्वामी विवेकानंद जी को देश के नौजवानों पर बहुत भरोसा था। स्वामी जी कहते थे कि मेरा विश्वास युवा पीढ़ी में है, नई पीढ़ी में है। स्वामी जी कहते थे कि मेरे कार्यकर्ता नौजवान पीढ़ी से आएंगे और वो हर समस्या का समाधान निकालेंगे।

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सोने से दूरी बना रहे निवेशक, एक साल में पहली बार ETF से निकला पैसा

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मुंबई, एजेंसी। भारत में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) से मई 2026 के दौरान 6.1 करोड़ डॉलर (करीब 582 करोड़ रुपए) की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़ों के अनुसार, यह लगभग 0.4 टन सोने के बराबर है। इसके साथ ही गोल्ड ईटीएफ की कुल होल्डिंग घटकर 116.3 टन रह गई। यह पिछले एक साल में पहली बार था जब गोल्ड ETF से मासिक आधार पर शुद्ध निकासी दर्ज की गई।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में जोखिम लेने की धारणा मजबूत होने और इक्विटी जैसे ग्रोथ-ओरिएंटेड सेक्टर्स में अवसर दिखने के कारण निवेशकों ने डिफेंसिव एसेट्स से पैसा निकालकर इक्विटी जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों में लगाया।

गोल्ड फंड्स ने पिछले एक साल में 57.1 फीसदी से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है। हालांकि पिछले तीन महीनों में इनमें 3.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। सोने की कीमतों में लंबी तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली को भी प्राथमिकता दी, जिससे गोल्ड ईटीएफ से निकासी बढ़ी।

इस बीच, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) ने अपने HDFC Gold ETF Fund of Fund में निवेश (लंपसम) और स्विच-इन की सीमा तय कर दी है। अब किसी भी पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) पर एक कैलेंडर महीने में अधिकतम 10 लाख रुपए तक ही निवेश किया जा सकेगा।

सोने के लिए लॉन्ग टर्म सपोर्ट बरकरार

हालांकि, सोने में लंबी अवधि के निवेश की संभावनाएं अब भी मजबूत बनी हुई हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में सरकारों की बढ़ती देनदारियां और लगातार बढ़ता वैश्विक कर्ज है। इसके अलावा, कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम कर रहे हैं और निवेश को अलग-अलग तरह के एसेट्स में बांट रहे हैं। इस बदलाव से भी लंबे समय में सोने को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ऊंची कीमतों के बावजूद दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जो इस कीमती धातु के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है।

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टैक्स चोरी मामले में अनिल अंबानी के खिलाफ नहीं होगी कोई दंडात्मक कार्रवाई, अदालत से मिली राहत

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मुंबई, एजेंसी। बंबई उच्च न्यायालय ने काला धन अधिनियम के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली उद्योगपति अनिल अंबानी की याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें कथित कर चोरी मामले में अभियोजन और जुर्माने जैसी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत दे दी है। अंबानी ने अपनी याचिका में कहा कि (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियां) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के कुछ प्रावधान संविधान के ‘अल्ट्रा वायर्स’ (अर्थात संविधान के अधिकार क्षेत्र से परे/विरोधी) हैं। न्यायमूर्ति बी. पी. कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदौस 

पूनीवाला की पीठ ने मंगलवार को अंबानी की याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि इस अधिनियम के खिलाफ उच्च न्यायालय में अन्य याचिकाएं भी लंबित हैं। इस पर अंतिम सुनवाई उचित समय पर की जाएगी। अदालत ने केंद्र सरकार को इस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि अंबानी के खिलाफ पहले ही आकलन आदेश पारित किया जा चुका है और उन्होंने आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील दायर की है। अदालत ने कहा, ”उक्त अपील आगे बढ़ सकती है और उस पर आदेश पारित किए जा सकते हैं। हालांकि, हम स्पष्ट करते हैं कि इस रिट याचिका की सुनवाई और अंतिम निपटारे तक याचिकाकर्ता के खिलाफ अभियोजन और जुर्माने सहित कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।” 

क्या था आयकर विभाग का आरोप

आयकर विभाग ने आठ अगस्त 2022 को अंबानी को नोटिस जारी कर आरोप लगाया था कि उन्होंने स्विट्जरलैंड के दो बैंक खातों में रखे 814 करोड़ रुपए से अधिक के अघोषित धन पर 420 करोड़ रुपए की कर चोरी की है। विभाग के नोटिस के अनुसार, अंबानी पर काले धन कानून की धारा 50 और 51 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। इसमें अधिकतम 10 वर्ष की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। आयकर विभाग ने अंबानी पर ”जानबूझकर” कर चोरी करने का आरोप लगाया है और कहा है कि उन्होंने विदेशी बैंक खातों तथा वित्तीय हितों का विवरण भारतीय कर अधिकारियों को ”जानबूझकर” नहीं दिया। 

अंबानी ने क्या दिया जवाब

अंबानी ने अपनी याचिका में दावा किया कि काला धन कानून 2015 में लागू हुआ था, जबकि कथित लेनदेन आकलन वर्ष 2006-07 और 2010-11 से संबंधित हैं। याचिका में दलील दी गई कि इस कानून के प्रावधानों को पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव) से लागू नहीं किया जा सकता। आयकर विभाग के नोटिस के मुताबिक, अंबानी बहामास स्थित ‘डायमंड ट्रस्ट’ नामक इकाई और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में स्थापित ‘नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड (नाटू)’ के ” आर्थिक योगदानकर्ता तथा लाभकारी स्वामी” थे। विभाग ने आरोप लगाया कि अंबानी ने इन विदेशी परिसंपत्तियों का खुलासा अपनी आयकर रिटर्न (आईटीआर) में नहीं किया और इस प्रकार काले धन कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया। कर अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों खातों में अघोषित धन का कुल मूल्य 8,14,27,95,784 रुपए आंका गया है और इस पर देय कर 4,20,29,04,040 रुपए है। 

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PF कटता है तो मिल सकता है रू.7 लाख तक का मुफ्त बीमा, जानिए EPFO की EDLI Scheme के बारे में…

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नई दिल्ली, एजेंसी। प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक जरूरी खबर है। अकसर कर्मचारियों यह जानकारी नहीं होती कि उनके PF खाते के साथ एक मुफ्त जीवन बीमा सुविधा भी जुड़ी होती है। यदि किसी कर्मचारी का EPF (Employees’ Provident Fund) कटता है, तो वह EPFO की EDLI (Employee Deposit Linked Insurance) योजना के तहत बीमा सुरक्षा का हकदार होता है।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कर्मचारी को इसके लिए अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। बीमा का पूरा खर्च नियोक्ता (Employer) द्वारा वहन किया जाता है। ऐसे में EPF से जुड़े पात्र कर्मचारियों को बिना एक्सट्रा निवेश के लाखों रुपये तक का जीवन बीमा कवर मिल सकता है।

 क्या है EDLI योजना?
EDLI  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित एक बीमा योजना है। यदि किसी EPF सदस्य की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके नामित व्यक्ति (Nominee) या कानूनी वारिस को एकमुश्त बीमा राशि दी जाती है।

 कितना मिलता है बीमा कवर?
EDLI योजना के तहत अधिकतम रू.7 लाख तक का बीमा लाभ दिया जा सकता है। वहीं कुछ निर्धारित परिस्थितियों में न्यूनतम रू.2.5 लाख तक की राशि भी मिल सकती है। बीमा राशि कर्मचारी के वेतन और EPF खाते से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर तय की जाती है।

किन लोगों को मिलता है लाभ?
इस योजना का लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है जिनका EPF खाता सक्रिय है और जिनकी सैलरी से नियमित PF कटता है।
-EPF खाते में दर्ज नॉमिनी को राशि मिलती है।
-नॉमिनी नहीं होने पर परिवार के सदस्य या कानूनी उत्तराधिकारी दावा कर सकते हैं।
-यदि लाभार्थी नाबालिग है तो उसके अभिभावक को राशि प्रदान की जाती है।

DLI क्लेम करने की प्रक्रिया/ जरूरी दस्तावेज:
-Form 5IF (EDLI Claim Form)
– मृत्यु प्रमाण पत्र
-नॉमिनी या दावेदार का पहचान पत्र
– बैंक खाते की जानकारी (पासबुक या कैंसिल चेक)
– UAN या EPF सदस्य का विवरण
-नॉमिनी न होने पर उत्तराधिकार प्रमाण पत्र

कैसे जमा करें क्लेम ?
दावेदार आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म भरकर कर्मचारी के अंतिम नियोक्ता से वैरिफाई करा सकता है। इसके बाद संबंधित EPFO कार्यालय में आवेदन जमा किया जाता है। कुछ मामलों में ऑनलाइन क्लेम की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद बीमा राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है। आमतौर पर क्लेम का निपटारा 30 दिनों के भीतर किया जाता है।

नॉमिनी अपडेट रखना जरूरी 
EPFO ने हाल ही में बताया कि केवल e-Nomination भरना पर्याप्त नहीं है। नॉमिनी को आधार आधारित e-Sign के माध्यम से सत्यापित करना भी जरूरी है। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो PF, पेंशन और EDLI से जुड़े लाभ प्राप्त करने में परिवार को परेशानी हो सकती है।

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