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छत्तीसगढ़

पुलिस होटल में घुसी…हाईकोर्ट ने 1 लाख का जुर्माना ठोका:आधार-कार्ड देकर ठहरे लोगों को रूम से निकाला, मालिक को पीटा, बिना FIR जेल भेजा

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बिलासपुर,एजेंसी। दुर्ग जिले के एक होटल में पुलिस ने जबरदस्ती घुसकर जांच की। पुलिस अधिकारी एक गुमशुदा लड़की की तलाश में पहुंचे थे। उन्होंने पहले मैनेजर से बदतमीजी की फिर होटल के कमरे में घुसकर वहां मौजूद महिला-पुरुष को बाहर निकाला। मना करने पर पुलिस ने होटल मालिक से मारपीट की और बिना FIR जेल भेज दिया।

जिसके बाद पीड़ित ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। दायर याचिका में बताया गया कि होटल में रुके लोगों ने वैध दस्तावेज आधार कार्ड दिए थे, तो पुलिस कार्रवाई से पहले अनुमति लेनी थी। लेकिन पुलिस ने जबरदस्ती कार्रवाई की।

हाईकोर्ट ने मालिक की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए पुलिस पर 1 लाख का जुर्माना ठोका है। साथ ही सरकार को छूट दी है कि जांच के बाद दोषी पुलिस अधिकारियों के सैलरी से ये पैसे वसूल सकती है।

कारोबारी ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया

दरअसल, भिलाई के अवंतीबाई चौक निवासी आकाश कुमार साहू (30 साल) लॉ स्टूडेंट है। इसके साथ ही वे परिवार के भरण-पोषण और आजीविका के लिए कोहका में होटल संचालित करते हैं।

आकाश साहू ने अपने एडवोकेट के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने पुलिस की अवैध कार्रवाई और अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया।

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता विधिवत पंजीकृत और लाइसेंस लेकर होटल चला रहा है। जिसके लिए सभी आवश्यक वैधानिक अनुमति ली है। यह होटल उसकी आय का एकमात्र जरिया है और यह उसकी आजीविका के मौलिक अधिकार का हिस्सा है।

होटल के कमरे में जबरदस्ती घुसी पुलिस

होटल संचालक ने आरोप लगाया कि 8 सितंबर 2025 को पुलिस अधिकारी और जवान उनके होटल में पहुंचे। इस दौरान होटल में ठहरे लोगों से पूछताछ करने का बहाना बनाया गया। इस दौरान रजिस्टर और पहचान दस्तावेजों की जांच की।

जिसके बाद बगैर महिला पुलिस बल के एक कमरे में जबरदस्ती घूस गए, जहां पुरूष और महिला ठहरे थे। उन्हें कमरे से बाहर लाया गया। इस दौरान मैनेजर के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

साथ ही उन्हें बेवजह धमकी देकर चले गए। फिर कुछ समय बाद पुलिस अफसर और जवान फिर से होटल पहुंच गए।

इस दौरान होटल कर्मचारियों द्वारा सोने के आभूषणों की चोरी का झूठा आरोप लगाया। इस पर पुलिस अधिकारियों को कर्मचारियों ने होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी दी और जांच करने कहा।

लेकिन, पुलिस अफसर जांच करने के बजाय कमरों की तलाशी लेने पहुंच गए। उन्होंने कथित तौर पर होटल मैनेजर की बेहरमी से पिटाई की। जिसके बाद होटल मालिक को बुलाया गया।

संचालक के साथ दुर्व्यवहार, बिना FIR गिरफ्तारी

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि जब वो होटल पहुंचा तो उसने पुलिस अफसरों को संस्थान के मालिक होने की जानकारी दी। इतना सुनते ही पुलिस अफसर भड़क गए और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए दुर्व्यवहार कर अपमानित करने लगे।

उसके विरोध करने पर उसे जबरिया हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट कर अभद्रता की गई। फिर बाद में बिना किसी वैध कारण के गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस का जवाब- गुमशुदा लड़की की तलाश में गए थे

वहीं, पुलिस अफसरों का कहना था कि 8 सितंबर 2025 को पुलिस एक गुमशुदा लड़की की तलाश में उनके होटल पहुंची थी। जिस पर कमरों की तलाशी ली गई। पुलिस ने दावा किया कि आकाश ने सरकारी काम में बाधा डाली।

पुलिस वाहन की चाबी छीन ली और ड्राइवर के साथ हाथापाई की, जिससे शांति भंग होने का खतरा पैदा हो गया था । इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें बीएनएस की धारा 170 के तहत हिरासत में ले लिया और बाद में जेल भेज दिया।

हाईकोर्ट ने माना बिना FIR के भेजा जेल

इस मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी संज्ञेय अपराध के तहत कोई एफआईआर दर्ज नहीं थी। महज संदेह और कहासुनी के आधार पर जेल भेजना असंवैधानिक है।

हिरासत में दिया गया मानसिक तनाव और अपमान मानवीय गरिमा को नष्ट करता है, जो अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। कानून के मुताबिक गिरफ्तारी के समय आरोपी को लिखित में कारण बताना अनिवार्य है। बता दें कि आकाश ने गिरफ्तारी मेमो पर खुद लिखा था कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है।

हाईकोर्ट ने कहा- एसडीएम ने नहीं निभाया अपना धर्म

हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस के साथ ही एसडीएम यानी सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। कहा कि मजिस्ट्रेट को न्यायिक प्रहरी होना चाहिए था, लेकिन उन्होंने बिना दिमाग लगाए पुलिस की रिपोर्ट पर मुहर लगा दी और युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

हाईकोर्ट ने रद्द की आपराधिक कार्रवाई

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ शुरू की गई सभी आपराधिक कार्रवाई और पुलिस के इस्तगासा को निरस्त कर दिया है। राज्य सरकार को आदेश दिया गया है कि 4 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को 1 लाख रुपए का भुगतान करे।

सरकार को यह छूट दी है कि वह यह राशि जांच के बाद दोषी पुलिस अधिकारियों के वेतन से वसूल सकती है। भुगतान में देरी होने पर राशि पर 9% वार्षिक ब्याज देना होगा।

‘जनता के विश्वास की नींव कमजोर होती है’

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि पुलिस अधिकारियों के अवैध कार्य, गैर कानूनी रिमांड और पुलिस अत्याचार से आपराधिक न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास की नींव को कमजोर करते हैं।

ऐसी हर घटना कानून लागू करने वाली मशीनरी की विश्वसनीयता को कमजोर करती है। साथ ही संवैधानिक शासन में नागरिकों के विश्वास को हिला देती है। इसलिए, राज्य सरकार को पुलिस कर्मियों को मानवाधिकारों के बारे में संवेदनशील बनाने के लिए गंभीर कदम उठाने चाहिए।

हाईकोर्ट ने गृह विभाग के सचिव को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि पुलिस बल को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रिपीट न हो।

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कोरबा

आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष द्वारा ली गई न्यायिक अधिकारियों की प्रथम बैठक

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कोरबा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा दिनांक 14 मार्च 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जावेगा। इस क्रम में दिनांक 14 मार्च 2026 को जिला न्यायालय कोरबा एवं तहसील विधिक सेवा समिति कटघोरा, करतला एवं पाली तथा समस्त राजस्व न्यायालयों में आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, बैंक के प्रकरण, लिखत पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138, वसूली के प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण एवं अन्य व्यवहार वाद के प्रकरण रखे जायेंगे।
संतोष शर्मा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ0ग0) द्वारा नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों जिसमें 05 से 10 वर्ष से अधिक वाले प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समझौता हेतु रखे जाने एवं अधिक से अधिक प्रकरण रखे जाने तथा निराकरण किये जाने के प्रयोजनार्थ न्यायिक अधिकारियों की बैठक जिला न्यायालय परिसर के विडियो कान्फ्रेंसिंग कक्ष में ली गई।
इस बैठक में जयदीप गर्ग, विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी.) पीए एक्ट कोरबा (छ0ग0), श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा (छ0ग0), डॉ. ममता भोजवानी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) कोरबा, सुश्री सीमा प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) कोरबा, कु0 मयुरा गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा, सत्यानंद प्रसाद, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु0 डॉली धु्रव ,द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु0 कुमुदनी गर्ग, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा उपस्थित रहे।
विडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बाह्य न्यायालय कटघोरा , करतला, पाली में पदस्थ न्यायाधीशगण उपस्थित रहें।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि जो भी पक्षकार राजीनामा के माध्यम से अपने लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण कराना चाहते है वे पक्षकार अपने प्रकरण को संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर नेशनल लोक अदालत में रखे जाने हेतु निवेदन कर सकते हैं।

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कोरबा

ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के साथ मनाया गया आवास दिवस

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प्रत्येक माह की 07 तारीख को आयोजित किए जाते हैं रोजगार दिवस एवं आवास दिवस

क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली से दी गई योजनाओं एवं प्रावधानों की जानकारी

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार एवं सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में शनिवार को चावल उत्सव, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार दिवस तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत “आवास दिवस” का आयोजन किया गया।

आवास दिवस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराना, हितग्राहियों में जागरूकता बढ़ाना तथा निर्माण के दौरान आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।

जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन प्रत्येक माह की 07 तारीख को सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।

आवास दिवस के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने हेतु विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों द्वारा ग्रामीण हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी क्यूआर कोड आधारित प्रणाली के माध्यम से दी गई। ग्रामीणों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने हेतु क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इसी क्रम में मनरेगा के कार्य स्थलों पर आयोजित रोजगार दिवस के दौरान विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 से संबंधित पम्पलेट का वितरण कर इसके प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई तथा रोजगार अधिकारों पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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कोरबा

विकसित भारत 2047 के लिए बजट में ऐतिहासिक प्रावधान – सुशांत शुक्ला

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बजट युवा संवाद, 1000 से अधिक युवाओं ने जाना विकसित भारत का रोडमैप

कोरबा। भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला कोरबा द्वारा युवाओं को केंद्र सरकार के बजट से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में भव्य “बजट युवा संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस संवाद में लगभग 1000 से अधिक युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर बजट के प्रावधानों, रोजगार अवसरों और भविष्य की संभावनाओं पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला रहे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन उपस्थित रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के अध्यक्षता में आयोजित संवाद के दौरान युवाओं को रोजगार सृजन, शिक्षा, स्टार्टअप, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत से जुड़े अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा युवाओं से प्रत्यक्ष संवाद कर उनके सुझाव और अपेक्षाएं भी जानी गईं।

2047 के विकसित भारत का रोडमैप, सुशांत शुक्ला ने युवाओं के बीच किया साझा

मुख्य वक्ता सुशांत शुक्ला ने बजट की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास” के मंत्र के साथ 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा के लिए 60 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए, देश में रोजगार सृजन हेतु 1 लाख करोड़ रुपए, कौशल उन्नयन के लिए 25 हजार करोड़ रुपए और उद्योग स्थापना को बढ़ावा देने हेतु 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करने वाले हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
सुशांत शुक्ला आंगे बताया की यह बजट किसान की आय बढ़ाने वाला बजट है, भारत को विकसित भारत बनाने वाला बजट है, लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाला बजट है, भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाला बजट है व्यापारियों को टैक्स के झंझटों से राहत देने वाला बजट है महिलाओं को समान अवसर देने वाला बजट हैं।

अधोसंरचना और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर – लखनलाल देवांगन

केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के निर्माता अटल बिहारी वाजपेई जी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने गांव-गांव तक विकास पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 19 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान, छत्तीसगढ़ के लिए 900 करोड़ रुपए का विशेष बजट, राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 3 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का ऐतिहासिक बजट ग्रामीण और शहरी भारत को जोड़ते हुए विकास की गति को और तेज करेगा।

जनप्रतिनिधियों ने युवाओं को किया प्रेरित-संजू देवी राजपूत

कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट युवाओं को अवसरों से जोड़ने वाला बजट है, जिससे शहर और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

वहीं वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे उपस्थित

इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, वरिष्ठ पार्षद नरेंद्र देवांगन, प्रदेश महामंत्री युवा मोर्चा जितेंद्र देवांगन, प्रदेश उपाध्यक्ष कोमल पटेल, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, नवदीप नंदा, जिला मंत्री सतीश झा, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा वैभव शर्मा, जिला महामंत्री मोंटी पटेल, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा प्रीति स्वर्णकार, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, अजय चंद्रा, राजेंद्र अग्रवाल, शैलेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में युवा मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन युवाओं के उत्साह, संवाद और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

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