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कोरबा

प्रशांत मिश्रा: आज जिनका जन्म दिन है, सुबह से दे रहे बधाई

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कोरबा/ पाली। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं कोरबा सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा तथा पाली क्षेत्र के लब्ध प्रतिष्ठित समाज सेवी एवं राजनीति में सूचिता को जीने वाले प्रशांत मिश्रा का आज जन्मदिन है और सुबह से ही उन्हें बधाई देने शुभचिंतक पहुंच रहे हैं। श्री मिश्रा आज सपरिवार भगवान शिव सहित अन्य मंदिर जाकर पूजा अर्चना करेंगे और छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे।
आज वे अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाएंगे, क्योंकि कुछ दिन पूर्व पाली में हुए हादसे से पूरा पाली क्षेत्र में सन्नाटा छाया हुआ है और पाली क्षेत्र के लिए उक्त घटना एक दाग के समान है,क्योंकि पहली बार इस तरह की जघन्य वारदात हुई है और शांत पाली में खलल पैदा हुआ है। श्री मिश्रा ने सादगी से जन्मदिन मनाने का फैसला किया है। वे लोगों से अपने कार्यालय में मेलमिलाप करेंगे और लोगों का अभिवादन स्वीकार करेंगे।

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कोरबा

कोरबा में चूहे के बिल से निकले सांप ने डसा:परिवार ने समझा कीड़े का काटना, 11 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत

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कोरबा। कोरबा जिले के दर्री प्रगति नगर क्षेत्र में सांप के डसने से 11 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। शनिवार तड़के हुई इस घटना में परिजनों ने शुरुआत में इसे किसी कीड़े के काटने की सामान्य घटना समझा, लेकिन कुछ ही देर में बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी।

अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान वैष्णवी उर्फ सन्नू (11) के रूप में हुई है, जो कक्षा तीसरी की छात्रा थी।

सुबह 4 बजे कान में दर्द की शिकायत

मृतका के पिता राकेश महतो ने बताया कि शुक्रवार रात पूरा परिवार एक ही कमरे में सो रहा था। शनिवार सुबह करीब 4 बजे वैष्णवी अचानक उठी और कान के पास किसी चीज के काटने की शिकायत करने लगी। उसने कमरे में मौजूद चूहे के बिल की ओर इशारा किया, जहां कुछ हलचल दिखाई दे रही थी।

परिजनों ने इसे चींटी या किसी अन्य कीड़े का काटना समझकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई।

तबीयत बिगड़ने पर बढ़ी चिंता

कुछ देर बाद वैष्णवी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। कान के पास सूजन बढ़ गई और उसे बेचैनी महसूस होने लगी। लक्षण गंभीर होते देख पिता को सांप के डसने की आशंका हुई। इसके बाद परिवार बच्ची को तत्काल दर्री के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा।

मेडिकल कॉलेज ले जाते समय हालत हुई गंभीर

निजी अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी हालत और खराब हो गई।

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद वैष्णवी को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, इलाज के दौरान वैष्णवी ने दम तोड़ दिया।

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, इलाज के दौरान वैष्णवी ने दम तोड़ दिया।

मौसम बदलने से बढ़ रही हैं सांप निकलने की घटनाएं

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भरने लगता है, जिससे वे रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं। ऐसे समय में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सांप के डसने पर समय बर्बाद न करें

जितेंद्र सारथी ने कहा कि सांप के डसने को अक्सर लोग कीड़े या चींटी के काटने की घटना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि सांप के डसने की आशंका होने पर मरीज को 30 मिनट के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो।

उन्होंने झाड़-फूंक और घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करने की अपील की। साथ ही घर के आसपास साफ-सफाई रखने, चूहों के बिल बंद करने, रात में मच्छरदानी का उपयोग करने और जमीन पर सोने से बचने की सलाह दी है।

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कोरबा

कोरबा-कटघोरा मार्ग पर नियमों की अनदेखी:खुले ट्रकों से उड़ रही फ्लाई ऐश, बढ़ा प्रदूषण और हादसों का खतरा, प्रशासन, प्रदूषण बोर्ड पर निष्क्रियता का आरोप

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कोरबा। कोरबा-कटघोरा मार्ग पर पावर प्लांटों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राखड़) का परिवहन खुलेआम नियमों की अनदेखी कर किया जा रहा है। बिना ढके ट्रकों में राखड़ ढोए जाने से सड़क पर प्रदूषण फैल रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

ट्रकों से उड़ने वाली राखड़ राहगीरों की आंखों और श्वसन तंत्र में जाती है

ट्रकों से उड़ने वाली राखड़ राहगीरों की आंखों और श्वसन तंत्र में जाती है

नियमों को ताक पर रखकर हो रहा परिवहन

नियमानुसार फ्लाई ऐश का परिवहन करने वाले वाहनों को पूरी तरह तिरपाल से ढकना अनिवार्य है, ताकि राखड़ हवा में न उड़े। लेकिन कोरबा-कटघोरा मार्ग पर चल रहे अधिकांश ट्रकों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कई वाहन केवल औपचारिकता के तौर पर तिरपाल लगाते हैं, जो रास्ते में हवा से हट जाता है।

उड़ती राखड़ से बढ़ रहे हादसे

स्थानीय लोगों के अनुसार तेज रफ्तार ट्रकों से उड़ने वाली राखड़ सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। राखड़ आंखों में जाने से बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।

गांवों में बढ़ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

सड़क किनारे बसे गांवों के लोग लगातार उड़ती धूल और राखड़ के बीच रहने को मजबूर हैं। फ्लाई ऐश के महीन कण हवा में घुलकर लोगों के फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं। इसके कारण दमा, सांस की एलर्जी, खांसी और संक्रमण जैसी बीमारियों के मामलों में वृद्धि हो रही है।

अधिकांश ट्रक केवल नाममात्र का तिरपाल इस्तेमाल करते हैं, जो हवा से उड़ जाता है।

अधिकांश ट्रक केवल नाममात्र का तिरपाल इस्तेमाल करते हैं, जो हवा से उड़ जाता है।

आंधी के बाद राख की परत से ढक जाता है इलाका

ग्रामीणों का कहना है कि आंधी-तूफान के बाद हालात और खराब हो जाते हैं। उड़ती राखड़ पूरे क्षेत्र में फैल जाती है और घरों, दुकानों, स्कूलों तथा अन्य भवनों पर राख की परत जम जाती है। इससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई

स्थानीय निवासियों ने उड़ती राखड़ और सड़क किनारे जमा ढेरों को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा जिला प्रशासन से कई बार शिकायतें की हैं। हालांकि, हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।

ओवरलोड ट्रकों और बिना ढके परिवहन पर कोई कार्रवाई या चालान नहीं किया जा रहा है, जिससे पावर प्लांट संचालक और ट्रांसपोर्टर मनमानी कर रहे हैं।

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कोरबा

कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग की दबिश:12 से ज्यादा दुकानों से बर्गर-मिठाई समेत खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए

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कोरबा। कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। टीम ने शुक्रवार को शहर के चिन्हित इलाकों में अचानक दबिश दी। इस दौरान बर्गर, पैकेट बंद खाद्य सामग्री और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।

टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और कॉलोनी की दुकानों में जांच की। इस दौरान बर्गर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, पैकेट बंद खाद्य पदार्थ और खुले में रखी मिठाइयों के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए राजनांदगांव स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।

जांच के दौरान टीम ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत कड़े निर्देश दिए। अधिकारियों ने साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने, एक्सपायरी डेट, लाइसेंस और पैकेजिंग पर दी गई जानकारी की जांच करने को कहा। जिन दुकानदारों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं मिले या मानकों में कमी पाई गई, उन्हें नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

डोमिनोज और केएफसी से लिए गए खाद्य नमूने

इस माह की शुरुआत से भी कई नमूने लिए गए हैं। पाम मॉल स्थित डोमिनोज पिज्जा से चिकन बर्गर और केएफसी से चिकन पॉपकॉर्न राइस बॉल के नमूने लिए गए, साथ ही दोनों फर्मों को वेज और नॉनवेज काउंटर अलग रखने के निर्देश दिए गए।

कई दुकानों से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग

दादर स्थित कौशल बेवरेज से अमरकंटक वाटर बोतल, कमला सुपर मार्ट से टोस्ट, बिस्कुट, जेलगांव स्थित समलेश्वरी स्टोर से सरसों तेल, घी और टीपी नगर स्थित जियो मार्ट से रॉक सॉल्ट, रस्क के नमूने जांच हेतु रायपुर स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलेगा जांच अभियान

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह जांच अभियान केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में ग्रामीण इलाकों की दुकानों, मेलों और हाट-बाजारों में भी सैंपलिंग की जाएगी। आम लोगों से अपील की गई है कि वे बिना लाइसेंस और बिना पैकिंग वाली खाद्य सामग्री न खरीदें।

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