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छत्तीसगढ़

IOB कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन…स्टाफ नियुक्ति की मांग:AIOBEU के उपाध्यक्ष बोले- अनुकंपा नियुक्ति भी पिछले पांच सालों से रुकी हुई है

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रायपुर,एजेंसी। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) के कर्मचारियों ने 23 जनवरी को ऑल इंडिया ओवरसीज बैंक एम्प्लॉई यूनियन (AIOBEU) के बैनर तले स्टाफ नियुक्ति की मांग को लेकर देशभर में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में प्रदर्शन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया।

AIOBEU के उपाध्यक्ष (ईस्ट ज़ोन) विभूति कुमार सिन्हा ने कहा कि बैंक की लगभग सभी शाखाओं में गंभीर स्टाफ की कमी है, जिससे ग्राहक सेवा और कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति भी पिछले पांच सालों से रुकी हुई है, जिससे मृत कर्मचारियों के परिजन संकट में हैं।

AIOBEU ने इन मांगों को लेकर 2 और 3 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन के सहायक महासचिव योगेश कुमार ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि बेरोजगार युवाओं और बैंक ग्राहकों से जुड़ा मुद्दा है।

AIOBEU की प्रमुख मांगें

देश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया जाए।

इंडियन ओवरसीज बैंक में सभी रिक्त पदों पर तत्काल स्टाफ नियुक्ति की जाए।

सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, मृत्यु एवं इस्तीफों से हुई प्राकृतिक स्टाफ कमी की भरपाई तुरंत की जाए।

बेहतर ग्राहक सेवा और तनावमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया तत्काल बहाल की जाए, जिसे पिछले 5 वर्षों से रोका गया है।

अनुकंपा नियुक्ति के अंतर्गत प्रत्येक 6 माह में पात्र परिजनों को नौकरी दी जाए।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में 243 रिक्त पदों (क्लर्क, आर्म्ड गार्ड, मैसेंजर, पार्ट-टाइम स्वीपर) पर तुरंत भर्ती की जाए।

IBPS 2026-27 में छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्तावित केवल 10 क्लर्क पदों की संख्या बढ़ाई जाए।

स्थानीय भाषा जानने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देते हुए भर्ती की जाए।

पिछले 10 वर्षों से नाममात्र या शून्य रही स्टाफ भर्तियों की नीति में बदलाव किया जाए।

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छत्तीसगढ़

रायगढ़ : बीटी सड़क निर्माण में अनियमितता पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन

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लगातार शिकायतों पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, घटिया निर्माण उजागर

तीन दिन में सुधार नहीं तो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई तय

रायगढ़। जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए सख्त रुख अख्तियार किया है। नगर पालिक निगम रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 42 सोनूमुड़ा में बीटी सड़क निर्माण में अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने आज मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी खामियां और गुणवत्ता से समझौता सामने आया, जिसके बाद तत्काल सघन जांच कराई गई।

निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि राज्य शासन द्वारा 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से बन रही बीटी सड़क के निर्माण में ठेकेदार संजय केडिया की फर्म द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह रहा कि नई बनी सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर उखड़ने लगी, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया। कलेक्टर ने मौके पर ही पीडब्ल्यूडी एवं नगर पालिका अधिकारियों की उपस्थिति में तकनीकी जांच कराई, जिसमें निर्माण में गंभीर कमियां प्रमाणित हुईं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने ठेकेदार एवं नगर निगम के कार्यपालन अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन दिवस के भीतर सड़क की समस्त खामियों को दूर कर गुणवत्ता के अनुरूप दुरुस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय-सीमा में सुधार कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति में संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी, साथ ही दोषी इंजीनियरों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सड़क निर्माण की मानक गुणवत्ता जांच अनिवार्य रूप से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से कराई जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि जनहित के विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और भविष्य में सड़क निर्माण सहित सभी कार्यों की सतत निगरानी कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान आयुक्त नगर निगम बृजेश सिंह क्षत्रिय, कार्यपालन अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विष्णुदेव सरकार का श्रमिकों को तोहफा – श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और बीओसी अध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने बटन दबाकर 9328 श्रमिकों के खाते में 18.23 करोड़ की राशि की अंतरित

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बीते दो वर्षों में 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिकों के खाते में हुई जमा

बीते दो वर्षों में 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिकों के खाते में हुई जमा

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के 9328 निर्माण श्रमिकों के खाते में 18.23 करोड़ की राशि अंतरित कर विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया। आज मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर, स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बोर्ड की बैठक श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह की विशेष उपस्थिति में हुई।

इस अवसर पर श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दोनों के मंशा अनुरूप प्रदेश के श्रमिक भाई बहनों के साथ साथ उनके परिवार जनों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा उपकरण, खेल प्रोत्साहन, सशक्तिकरण, आवास, पेंशन समेत सभी योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वन कर समय सीमा में योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। साय सरकार श्रमिक हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर विगत दो वर्षों में अब तक श्रम विभाग के अधीन सभी मंडलों से 800 करोड़ से अधिक की राशि श्रमिक भाई बहनों के खाते में अंतरित की जा चुकी है। सिर्फ छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल से ही अब तक 11 लाख से अधिक श्रमिकों को 500 करोड़ से अधिक की राशि से लाभान्वित किया गया। 

इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा की छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे उनके हाथों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।

योजना वार लाभान्वित श्रमिकों एवं की गई डीबीटी की जानकारी 

मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक 3555 राशि 71100000,  मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना श्रमिक 1098 राशि 4067595, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक 278 राशि 6248582, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता येाजना श्रमिक 6 राशि 120000, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना श्रमिक 747 राशि 1120500, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रात्साहन योजना श्रमिक 1 राशि 50000, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना श्रमिक 318 राशि 32200000, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक 2673 राशि 53460000, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना श्रमिक 537 राशि 10740000, मुख्यमंत्री आवास सहायता योजना श्रमिक 23 राशि 2300000, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना श्रमिक 84 राशि 126000, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना श्रमिक 8 राशि 800000 शामिल है। 

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छत्तीसगढ़

रायपुर : अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है अंतरिक्ष केन्द्र

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मुख्यमंत्री साय और शुक्ला ने बच्चों द्वारा तैयार रॉकेट का किया सफल प्रक्षेपण

मुख्यमंत्री श्री साय और श्री शुक्ला ने बच्चों द्वारा तैयार रॉकेट का किया सफल प्रक्षेपण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ आज नवा रायपुर के राखी में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर के बच्चों द्वारा तैयार रॉकेट का बटन दबाकर प्रक्षेपण किया। आईडीवायएम के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह देश के किसी सरकारी स्कूल में स्थापित पहला अंतरिक्ष केन्द्र है। साथ ही यहां बच्चों द्वारा कार्डबोर्ड एवं पीवीसी पाइप के इस्तेमाल से रॉकेट बनाया गया है। 

गौरतलब है कि जिला प्रशासन रायपुर की पहल पर शुरू किए गए प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी के अंतर्गत शासकीय उ.मा. विद्यालय राखी, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ में पहले अंतरिक्ष केन्द्र का मुख्यमंत्री श्री साय और वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने आज इसका शुभारंभ कर इसका अवलोकन किया।  

यह अंतरिक्ष केन्द्र जिला प्रशासन रायपुर, आईडीवायएम तथा सारडा ग्रुप में संयुक्त तत्वाधान में तैयार किया गया है। इस अंतरिक्ष केंद्र में स्पेस क्वालिफाइड क्लीन रूम, स्टूडेंट सैटेलाइट लेबोरेटरी, ग्राउंड स्टेशन एवं मिशन कंट्रोल सेंटर की सुविधा उपलब्ध है। यहां विद्यार्थी स्वयं उपग्रह का डिज़ाइन, असेम्बली, परीक्षण तथा सिग्नल व डेटा डिकोडिंग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। 

      इस मौके पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, वन मंत्री केदार कश्यप, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप, आइडीवायएम के अध्यक्ष व सह-संस्थापक रत्नेश मिश्रा एवं हेड ऑफिसर शिव सिंग भदोरिया उपस्थित थे।

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