गुरुग्राम,एजेंसी। हरियाणा में गुरुग्राम के हाई प्रोफाइल टेनिस प्लेयर राधिका यादव मर्डर केस में आरोपी पिता के स्टेटमेंट पर टिकी पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े हाे रहे हैं। क्रिमिनल लॉयर, रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों और कानून के जानकारों का मानना है कि पुलिस को बाकी एंगल पर भी काम करना चाहिए।
इस केस के बारे में अधिकतर एक्सपर्ट ने सीधे तौर पर पुलिस की इन्वेस्टिगेशन को एकतरफा बताया और कहा कि पुलिस को दिए आरोपी के बयान कोर्ट में ज्यादा मायने नहीं रखते। वह कोर्ट में मुकर गया तो पुलिस क्या करेगी? कोर्ट सबूत और गवाहों के आधार पर डिसीजन लेता है।
इस तरह के फैमिली मर्डर केस में अगर एक ही थ्योरी पर पुलिस चैप्टर बंद कर देती है तो क्रिमिनल को फायदा मिलने की संभावना बढ़ जाती है। राधिका की हत्या ने न केवल सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर हलचल मचाई है, बल्कि कानूनी दृष्टिकोण से भी यह मामला जटिल और विवादास्पद बन सकता है।
बता दें कि 10 जुलाई को गुरुग्राम में टेनिस प्लेयर राधिका यादव की उसके पिता दीपक यादव ने 4 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पिता ने पुलिस को बताया कि वह बेटी की कमाई खाने के लोगों के तानों से परेशान था। बेटी ने उसकी एकेडमी बंद करने की बात नहीं मानी, इसलिए उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी के इसी बयान के बाद अपनी कार्रवाई को सीमित कर रखा है।
आरोपी दीपक यादव इस समय 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। -फाइल फोटो
गुरुग्राम की टेनिस प्लेयर राधिका यादव, जिसका 10 जुलाई को पिता ने गोलियां मारकर कत्ल किया।- फाइल फोटो
पुलिस की जांच पर कानून के जानकारों ने क्या-क्या सवाल उठाए…
सीनियर एडवोकेट बोले- आरोपी के बयान को आधार बनाना खतरनाक
इस मामले पर पुलिस की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अजय पाल का कहना है कि किसी भी मर्डर केस की जांच में आरोपी के बयान को प्राथमिक आधार बनाना खतरनाक है।
इस मामले में गहन और वैज्ञानिक जांच की जरूरत है, जिसमें फोरेंसिक सबूत, गवाहों के बयान और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण शामिल हो। केवल आरोपी के बयान पर निर्भर रहना कानूनी प्रक्रिया की गंभीर चूक है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के एक स्कूल के स्टूडेंट्स मर्डर केस में ऐसा हो चुका है, जब पुलिस ने एक ही थ्योरी पर काम करते हुए गलत व्यक्ति को पकड़ लिया था। अगर पुलिस की जांच में खामियां रहती हैं, तो यह बचाव पक्ष के लिए मजबूत आधार हो सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर क्राइम सीन से सबूत ठीक से एकत्र नहीं किए गए या चेन ऑफ कस्टडी में गड़बड़ी हुई, तो यह कोर्ट में साक्ष्यों की स्वीकार्यता को प्रभावित कर सकता है।
अजय पाल ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 24 इस मामले के बीच में आएगी। अगर अभियुक्त कहता है कि उसने हत्या नहीं की और ऐसा कोई बयान नहीं दिया, तो उसे फायदा पहुंच सकता है।
यानी यह घोड़े के आगे गाड़ी जोड़ने जैसा है, न कि घोड़े के पीछे गाड़ी जोड़ने जैसा। यह बेहद मुश्किल है कि एक प्रगतिशील और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति ने लोगों के ताने सुनकर अपनी बेटी को मार दिया हो।
हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट ने कहा- मुझे जांच की निष्पक्षता पर संदेह
वहीं, हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट अजय चौधरी कहते हैं- राधिका मर्डर केस में पुलिस की प्रक्रिया और जांच की निष्पक्षता पर मुझे संदेह है। पुलिस अपनी प्रारंभिक जांच को ही अंतिम मान रही है। आरोपी दीपक यादव ने जो दावा किया कि वह गांववालों के तानों से तंग आ चुके थे। यह बात किसी के भी गले नहीं उतर रही।
एडवोकेट अजय चौधरी ने कहा- पुलिस ने काफी लोगों से पूछताछ की है, लेकिन जांच का दायरा मुख्य रूप से दीपक के बयान तक सीमित रहा है। क्या यह हत्या पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन या किसी अन्य गहरे कारण से हुई? पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी संभावना छूटे नहीं।
रिटायर इंस्पेक्टर ने मृतक के दोस्तों और करीबियों से बात करने पर जोर दिया
राष्ट्रपति से अवॉर्ड पा चुके एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राधिका मर्डर केस में जब पुलिस के पास आरोपी, हथियार और वजह आ जाती है और केस फैमिली के अंदर का है तो अमूमन पुलिस अपनी जांच का दायरा सीमित कर देती है।
हालांकि, पुलिस के पास राधिका के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनके निजी संबंधों की जांच का ऑप्शन है। क्योंकि यह संभव है कि कुछ डिजिटल सबूत मिटाए गए हों।
उन्होंने कहा- क्या पुलिस ने क्राइम सीन को ठीक से सुरक्षित किया? क्या फोरेंसिक साक्ष्यों का सही विश्लेषण किया गया? इन सवालों के जवाब जरूरी हैं। अगर क्राइम सीन को तुरंत सुरक्षित नहीं किया गया, तो महत्वपूर्ण सबूत नष्ट हो सकते हैं।
मां के बयान, राधिका की बेस्ट फ्रेंड का दावा करने वाली लड़की, राधिका और दीपक के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति, आदि से पुलिस को बात करनी चाहिए।
टेनिस प्लेयर राधिका यादव की फाइल फोट
क्रिमिनल लॉयर बोले- इकबालिया बयान आरोप साबित नहीं करता
केस को शुरू से फॉलो कर रहे गुरुग्राम के सीनियर क्रिमिनल लॉयर मनीष शांडिल्य का कहना है- मैं पहले दिन से इस मामले को देख रहा हूं। चार्जशीट दाखिल होने तक पुलिस हर एंगल से जांच कर सकती है और करनी भी चाहिए। क्योंकि यह पुलिस का अधिकार क्षेत्र है।
इकबालिया बयान किसी भी आरोप को साबित नहीं करता। जांच एजेंसी हर दृष्टिकोण से जांच कर सकती है, ताकि अदालत में जुर्म साबित करने में कोई संदेह न रह जाए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह सामने नहीं आया है, जिसने आरोपी को गोली चलाते हुए देखा हो। जांच एजेंसी को इस केस को कड़ी से कड़ी जोड़कर अदालत में साबित करना होगा, जिसमें गन और बुलेट की रिकवरी, फिंगर प्रिंट्स, एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अहम पहलू होंगे।
इनके अलावा सीसीटीवी फुटेज और मृतक के मोबाइल भी खंगाले जाने चाहिए। कड़ी जोड़ना इसलिए भी जरूरी है कि कहीं इसमें किसी और की कोई भूमिका तो नहीं है।
मनीष शांडिल्य ने कहा कि राधिका की मां मंजू यादव की चुप्पी को कोर्ट में उनके खिलाफ नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह उनका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन, यह जांच को और जटिल बनाता है, क्योंकि वह एक महत्वपूर्ण गवाह हो सकती हैं।
दीपक यादव के दोस्त ने कहा- ताने सुनकर कोई गोली नहीं मार सकता
सेक्टर 57 रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के प्रेजिडेंट और दीपक यादव के दोस्त पवन यादव का कहना है कि वह दीपक को काफी समय से जानते हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि हत्या की जो वजह दीपक ने पुलिस को बताई है, वह सच है।
उन्होंने कहा- जो व्यक्ति अपनी बेटी से इतना प्यार करता हो और अपना सारा जीवन उसी के करियर के लिए लगा दे, वह केवल ताने सुनकर बेटी को 4 गोलियां नहीं मार सकता।
अब जानिए, मामले में पुलिस ने क्या किया…
आरोपी पिता ताने वाले बयान पर कायम
पुलिस के मुताबिक, राधिका की हत्या को लेकर इंस्टाग्राम रील से लेकर उसके वीडियो सॉन्ग जैसी कई थ्योरी भले ही चल रही हों, लेकिन पुलिस आरोपी पिता दीपक बेटी की कमाई खाने के ताने और टेनिस की ट्रेनिंग बंद न किए जाने से नाराजगी के बयान पर कायम है।
पिता ने पुलिस से कहा कि वह पिछले 15 दिन से काफी परेशान था। कहीं भी जाते हुए उसे लगता था कि अगर 2 आदमी भी बात करते दिखते हैं, तो वे उसके बारे में ही बात कर रहे हैं। इसी वजह से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। राधिका ने गांव वालों की बातों को नजरअंदाज करने के लिए कहा था, लेकिन यह बात वह समझ नहीं पाया।
पुलिस प्रवक्ता का दावा- जांच सही दिशा में हुई
इस मामले में पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि पुलिस अपनी जांच को लेकर संतुष्ट है। रिमांड के दौरान एसएचओ और जांच से जुड़े अधिकारियों ने हर तरीके से पूछताछ कर ली।
उन्होंने कहा- आरोपी अपने बयान पर है। इसलिए दूसरे एंगल पर जांच करने का मतलब नहीं बनता। हां, अगर कोई शिकायत आती है या फिर कुछ नया तथ्य सामने आता है तो पुलिस जांच करेगी। फिलहाल, राधिका और आरोपी दीपक का मोबाइल जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने लोगों से पूछा- किसने ताने मारे
इस मामले में छानबीन के दौरान पुलिस ने प्रमुख लोगों को थाने में बुलाया। उनसे तानों के बारे में पूछा गया तो सभी ने कहा कि दीपक को किसी ने ताना नहीं मारा। वह आर्थिक रूप से संपन्न है, जिसकी मासिक आय 15-17 लाख रुपए थी। पुलिस निष्पक्ष जांच करे, क्योंकि उन्हें लगता है कि दीपक कुछ छिपा रहा है।
इस पर थाना प्रभारी विनोद ने कहा कि गांव वाले चाहें तो ताना मारने वाले व्यक्ति का नाम बता सकते हैं, या फिर किसी तरह की कोई कंप्लेंट दे सकते हैं। जब राधिका के पिता प्रारंभिक जांच में ही अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं, तो किसी और एंगल पर जांच भटकाना सही नहीं है।
मां बोली- मुझे हत्या की वजह नहीं पता
पिता के ताने के दावे के बावजूद मां मंजू यादव ने पुलिस को कहा कि उसे नहीं पता कि पति ने बेटी की गोलियां मारकर हत्या क्यों की। मां ने यह भी कहा कि उनकी बेटी का चरित्र बिल्कुल ठीक था।
पति को बेटी से क्या नाराजगी थी, इसके बारे में भी उन्हें कुछ नहीं पता। जिस वक्त गोलियां मारी गईं, वह तबीयत खराब होने की वजह से अलग कमरे में लेटी हुई थीं। पुलिस भी मौके के हालात और अब तक की जांच के बाद मां को आरोपों के दायरे से बाहर रख रही है।
क्या बेस्ट फ्रेंड हिमांशिका से पूछताछ करेगी पुलिस?
इस सवाल के जवाब में सेक्टर 56 थाने के एसएचओ और जांच अधिकारी विनोद का कहना है कि अभी हिमांशिका को जांच में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन अगर हिमांशिका के पास इस मामले से संबंधित कोई साक्ष्य या सबूत हैं तो वह खुद पुलिस के सामने पेश करें। अगर उसके पास कोई सबूत है तो जल्द ही उसको जांच में शामिल करके पूछताछ की जाएगी।
नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। एशियन गेम्स की शुरुआत से 10 दिन पहले जापान के नागोया में बाढ़ आ गई। स्थिति यह बनी की एशियन गेम्स में भाग लेने आए 400 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया।
बाढ़ में नागोया शहर की सड़कें और घर डूब गए। मेयर इचिरो हिरोसावा ने दावा किया कि एशियन गेम्स के लिए कोई चिंता की बात नहीं है। टूर्नामेंट का आयोजन तय समय पर होगा।
नागोया में 19 सितंबर को एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी होनी है।
नागोया बाढ़ की तस्वीरें…
बाढ़ के पानी में सड़कें डूब गई हैं।
बाढ़ में फंसी गाड़ी को धक्का मारते लोग।
नागोया में बाढ़ के पानी में गाडियों के टायर डूब गए।
3500 लोगों ने इमरजेंसी शेल्टर में शरण ली
बस और मेट्रो सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं। करीब 3,500 लोगों ने इमरजेंसी शेल्टर में शरण ली। नागोया और इची में एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने हैं।
रिपोर्ट- वेन्यू में कुछ जगह छतों से पानी टपक रहा
जापानी मीडिया में शहर की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों में भरे पानी की तस्वीरें दिखाई गईं। न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, वेन्यू की कुछ जगहों पर छतों से पानी टपकने की घटनाएं भी हुईं। हालांकि मेयर हिरोसावा ने कहा कि एशियन गेम्स के दर्जनों वेन्यू को गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।
भारत गेम्स में 768 सदस्यीय दल भेज रहा
खेल मंत्रालय ने जापान के आइची और नागोया में होने वाले 20वें एशियन गेम्स के लिए 503 खिलाड़ी और 255 सपोर्ट स्टाफ भेजने की जानकारी दी है। सपोर्ट स्टाफ में कोच, मैनेजर, फिजियो और मेडिकल टीम आदि शामिल है।
36 खेलों में उतरेगा भारत: पहले 35 खेलों के 492 एथलीटों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन 4 सर्फर्स सहित नए नाम जुड़ने से अब भारत 36 खेलों में हिस्सा लेगा।
एथलेटिक्स दल में सबसे बड़ी बढ़ोतरी: एथलेटिक्स टीम के खिलाड़ियों की संख्या 73 से बढ़ाकर 79 कर दी गई है। एथलेटिक्स और क्रिकेट को सबसे ज्यादा सपोर्ट स्टाफ दिया गया है।
दल के प्रमुख अधिकारी: दल प्रमुख के रूप में सहदेव यादव और मुख्य मेडिकल अधिकारी के रूप में डॉ. दिनशॉ पार्डीवाला भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम 19 सितंबर को रवाना होगी
डिफेंडिंग चैंपियन भारत एशियन गेम्स के लिए टीम घोषित कर चुका है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं। भारतीय टीम 19 सितंबर को सानो के लिए रवाना होगी। इसगे अगले दिन टीम प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लेगी।
महिला क्रिकेट टीम पहले पहुंचेगी
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई में एशिया कप खेलने के बाद 13 सितंबर को भारत लौटेगी और 14 सितंबर को नागोया के लिए रवाना होगी।
महिला टीम एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल से अभियान शुरू करेगी। उसका पहला मुकाबला 18 सितंबर को होगा। महिलाओं का यह टूर्नामेंट 22 सितंबर तक चलेगा।
गेम्स में ठहरने की व्यवस्थाओं पर भी विवाद था
इससे पहले खबर आई थी कि BCCI और PCB गेम्स के आयोजकों से नाराज है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि खिलाड़ियों को स्टेडियम से 20 किमी दूर छोटे होटल कमरों में ठहराया गया है, जहां बैग खोलने तक की जगह नहीं है। वहीं ड्रेसिंग रूम पक्के मकान की जगह टेंट में बने हैं और वॉशरूम 500 मीटर दूर है।
इसपर JCA के CEO नाओकी एलेक्स मियाजी ने कहा था- ‘हमने क्रिकेट टीम को होटल का विकल्प दिया है। जबकि कई अन्य खेलों के खिलाड़ियों के लिए क्रूज शिप या कंटेनर होटल जैसी सीमित सुविधाएं हैं।’
प्लेयर एरिया में टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मैदान पर बने ड्रेसिंग रूम भले ही अस्थाई हों, लेकिन इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि खिलाड़ियों और अधिकारियों को पूरा आराम मिले।
पिच और आउटफील्ड कम समय में सीमित संसाधनों के बीच तैयार की गई है। यह एशियन गेम्स के इतिहास में क्रिकेट की सबसे बेहतरीन प्लेइंग सरफेस होगी। श्रीलंकाई क्यूरेटर्स की मदद से यहां टर्फ और हाइब्रिड पिच तैयार की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ की छत्तीसगढ़ वेटरन्स टेबल टेनिस समिति द्वारा दिनांक 13 सितंबर, 2026 (रविवार) को “स्व. श्री ओम प्रकाश शर्मा स्मृति” प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य मास्टर्स रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता 2026″ का आयोजन सप्रे शाला टेबल टेनिस हाल, रायपुर में किया जा रहा है, जिसमें पुरुष एवं महिला एकल (आयु वर्ग 40, 50, 60, 65, 70, 75) वर्ग हेतु कुल मिलाकर 12 वर्गों में आयोजित की जा रही है। उक्त प्रतियोगिता के सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के सचिव सार्थक शुक्ला ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में राज्य के सभी जिलों से कुल मिलाकर लगभग 150 पुरुष एवं महिला खिलाडियों के भाग लेने की संभावना है एवं प्रतियोगिता लीग पद्धति में खेली जायेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक खिलाड़ी को कई मैच खेलने का अवसर मिले।
यह आयोजन टेबल टेनिस के क्षेत्र में वरिष्ठ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राज्य स्तर पर मास्टर्स खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा और समरसता बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ में टेबल टेनिस खेल को और अधिक मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अनुभवी खिलाड़ियों को खेलने का अवसर मिले और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने। प्रतियोगिता के दौरान खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों के पंजीकृत खिलाड़ी ही भाग ले सकेंगे तथा प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टि कि अंतिम तिथि 06.09.2026 है। उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रतियोगिता के आयोजन सचिव विनय बैसवाड़े ने दी।
प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता : सीनियर पुरुष , जुनियर (UNDER-17) एवं कैडेट (UNDER-13) के मुकाबले अंतिम चरण में सीनियर महिला वर्ग में सुष्मिता सोम तथा होप्स (UNDER-11) में शिवाय मेघानी एवं इशी मिश्रा विजेता बने
रायपुर। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के तत्वावधान में रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ द्वारा नाकोडा टीएमटी एवं हेक्टर पाइप के सहयोग से दिनांक 29 से 31 अगस्त, 2026 तक सप्रे शाला टेबल टेनिस हाल, बुढ़ापारा, रायपुर में आयोजित प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2026 में कल सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक एवं बालिका एकल वर्ग सम्पन्न हुयी।
रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के सचिवशकील साजिद ने जानकारी दी कि कल सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक एवं बालिका एकल वर्ग प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि श्री नाकोडा पाइप इम्पेक्स प्रायवेट लिमिटेड के डायरेक्टर स्पर्श गोयल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष अनिल पुसदकर ने किया तथा विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ की तकनीकि समिति के चेयरमेन अरविंद कुमार शर्मा थे। इस अवसर पर रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष डा मानिक चटर्जी, छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े एवं मुख्य निर्णायक एस.व्ही. पेंढारकर उपस्थित थे।
प्रतियोगिता में कल खेले गये सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स)
बालक एवं बालिका एकल वर्ग के फायनल मैच के परिणाम निम्नानुसार है:- सीनियर महिला वर्ग:- विजेता – सुष्मिता सोम (बिलासपुर), उपविजेता – प्रज्ञा पाठक (रायपुर) 4 -2 यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक वर्ग:- विजेता – शिवाय मेघानी (बिलासपुर), उपविजेता- अबीर बडानी (रायपुर) 3-0 यूथ UNDER-11 (होप्स) बालिका वर्ग:- विजेता – इशी मिश्रा (रायपुर), उपविजेता- अराध्या चंद्राकर (धमतरी) 3-0
प्रतियोगिता में आज सीनियर पुरुष एकल वर्ग, यूथ UNDER-17 (जुनियर) तथा यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक एवं बालिका एकल वर्ग के अंतिम दौर के मुकाबले खेले जा रहे हैं जिसमें फायनल के मुकाबले खेले जा रहे हैं । प्रतियोगिता में अभी तक खेले गए मैचों के परिणाम निम्नानुसार है:-
सीनियर पुरुष वर्ग:- सेमीफायनल – अरिंदम देबनाथ (रायपुर) ने प्रणय चौहान (रायपुर) को 4 -1 तथा कुणाल देब (दुर्ग) ने आयुष शर्मा (रायपुर) को 4-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
यूथ UNDER-17 (जुनियर) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – आर्यन सिंह (रायपुर) ने श्रेष्ठ मिश्रा (रायपुर) को 3-1 तथा दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर) ने गौरव मून (दुर्ग) को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
यूथ UNDER-17 (यूथ) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – समाया पांडे (रायपुर) ने लावण्या पांडे (रायपुर) को 3-2 तथा वेदी कछवाहा (रायपुर) ने इशी मिश्रा (रायपुर) को 3-0 से हराकर फायनल में प्रवेश किया ।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – अथर्व साहू (दुर्ग) ने अबीर अग्रवाल (रायपुर) को 3-1 तथा विवान बैसवाड़े (रायपुर) ने नीरव तिवारी (रायपुर) को 3-2 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – अक्षिता बीनू (बिलासपुर) ने माहविन अंसारी (रायपुर) को 3-0 तथा इशी मिश्रा (रायपुर) ने आरुषि मढरिया (दुर्ग) को 3-0 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया । प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक एस.व्ही. पेंढारकर एवं सहायक मुख्य निर्णायक विमल नायर, अजीत बेनर्जी, पी.एन. मजूमदार, जे.एम. राठोड़ हैं |
उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े ने दी।