छत्तीसगढ़
बस्तर में राहुल गांधी की आमसभा एवं रैली,कहा- जितना 70 करोड़ लोगों के पास धन, उतनी 22 लोगों की संपत्ति
जगदलपुर, एजेंसी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकारी आई तो महा लक्ष्मी योजना शुरू की जाएगी। हर परिवार से हम एक महिला को चुनेंगे। इसके बाद हर महीने बैंक खाते में साढ़े 8 हजार रुपए डाले जाएंगे। यानी एक साल में 1 लाख रुपए मिलेंगे। इस तरह एक झटके में हम देश से गरीबी मिटा देंगे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमारी सरकार आई तो महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण देंगे। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय डबल करेंगे। राहुल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने किसानों को पैसा दिया, वही हम देश में करेंगे। जैसे ही हमारी सरकार आएगी, सबसे पहला काम किसानों की कर्ज माफी का होगा। किसानों को सही दाम मिलेगा, वो भी कानूनी गारंटी के साथ। कांग्रेस सांसद ने ये भी वादा किया कि अमीर घरों के बच्चे काम करने से पहले एक साल की अप्रेंटिसशिप करते हैं। जिसके लिए उन्हें पैसा भी मिलता है। अब भी अप्रेंटिसशिप का अधिकार लाने जा रहे हैं। जिनके पास भी डिग्री, डिप्लोमा है, हम उन्हें अप्रेंटिसशिप का अधिकार देंगे।
सरकार आएगी तो हम जातीय जनगणना कराएंगे
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमारी सरकार आएगी तो हम जातीय जनगणना कराएंगे। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
2-3 फीसदी लोगों के पास जा रहा धन
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा का पूरा धन 2-3 फीसदी लोगों के पास जा रहा है। आप जीएसटी देते हैं, लेकिन जब आपका पैसा बांटा जाता है तो आपके लोग उसमें हैं ही नहीं।
देश की सरकार को 90 अफसर चलाते हैं
राहुल गांधी ने कहा कि देश का बड़ी कंपनियों का मालिक आपको न तो आदिवासी मिलेगी और न ही ओबीसी का। वही लोग बड़े मीडिया संस्थान चलाते हैं, वही लोग बड़े शिक्षा संस्थान चलाते हैं। देश की सरकार को 90 अफसर चलाते हैं। बजट बनता है तो यही 90 लोग तय करते हैं कि किस सेक्टर में कितना बांटना है। मैंने पता लगाया तो पता चला कि उन 90 अफसरों में से 1 आदिवासी वर्ग का है। देश के बजट में 100 रुपए खर्च होते हैं तो आदिवासी अफसर 10 पैसे का फैसला लेता है।
महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण सरकारी नौकरियों में देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण सरकारी नौकरियों में देंगे। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय डबल करेंगे।
एक झटके में हम देश से गरीबी मिटा देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी अरबपतियों को पैसा दे सकते हैं तो कांग्रेस पार्टी आपको पैसे दे सकती है। चुनाव के बाद ये योजना शुरू हो जाएगी, जिसे हमने महा लक्ष्मी योजना नाम दिया है। सभी गरीब परिवारों की लिस्ट निकाली जाएगी। हर परिवार में हम एक महिला को चुनेंगे। करोड़ो महिलाएं चुनी जाएंगी, इसके बाद हर महीने उस महिला के बैंक खाते में साढ़े 8 हजार रुपए डाले जाएंगे। यानी एक साल में 1 लाख रुपए मिलेंगे। एक झटके में हम देश से गरीबी मिटा देंगे।
हमारी सरकार आई तो किसानों का कर्ज माफ करेंगे
मोदी जी ने 22-25 लोगों का कर्जा माफ कर दिया है, ये उतना ही है जितना 25 साल में मनरेगा का पैसा होता है। छत्तीसगढ़ में हमने किसानों को पैसा दिया, वही हम देश में करेंगे। जैसे ही सरकार आएगी सबसे पहले काम कर्ज माफी होगा। किसानों को सही दाम होगा वो भी कानूनी गारंटी के साथ।
सरकारी सेक्टर में हम ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर देंगे-
देश के बेरोजगार युवाओं को एक साल के लिए नौकरी मिलेगी, ट्रेनिंग मिलेगी। एक साल बाद उनके अकाउंट में 1 लाख रुपए जमा किए जाएंगे। अगर काम अच्छा रहा तो उनकी नौकरी परमानेंट हो जाएगी। एक तरह से ये जॉब मार्केट में जाने का दरवाजा होगा। गरीब लोगों को कहीं परमानेंट नौकरी नहीं मिलती। अमीरों को वेतन, पेंशन और मेडिकल की सुविधा मिलती है। लेकिन जब गरीब काम करते हैं तो उन्हें एक दिन में भी निकाला जा सकता है। सरकारी सेक्टर में हम ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर देंगे। जब आपको नौकरी मिलेगी वह परमानेंट होगी।
युवाओं को अप्रेंटिसशिप का अधिकार देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि अमीर घरों के बच्चे काम करने से पहले एक साल की अप्रेंटिसशिप करते हैं। जिसके लिए उन्हें पैसा भी मिलता है। आपको याद होगा हम आपके लिए मनरेगा लाए थे। जिसके जरिए करोड़ों लोगों को फायदा हुआ। अब हम अप्रेंटिसशिप का अधिकार लाने जा रहे हैं। जिनके पास भी डिग्री, डिप्लोमा है हम उन्हें अप्रेंटिसशिप का अधिकार देने जा रहे हैं।
देश में बेरोजगारी, महंगाई और भागीदारी मुद्दा
पीएम मोदी पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि देश में कोविड आया तो कहते हैं थाली बजाओ। मोबाइल की टॉर्च जलाओ। देश भर से उस दौरान मजदूर घर लौट रहे थे। देश में 22 लोग हैं जिनके पास उतना ही धन है जितना 70 करोड़ देशवासियों के पास है। नरेंद्र मोदी 24 घंटे इन 22-25 लोगों की मदद करते रहते हैं। किसी भी प्रदेश में पूछा सबसे बड़े मुद्दे क्या हैं। वे कहेंगे बेरोजगारी, महंगाई और भागीदारी। मीडियो को आपने कभी आपने इनके बारे में बोलते सुना और देखा है। ये मोदी जी को दिखाते हैं कभी प्लेन में उड़ते हुए, कभी पूजा करते हुए।
एक ऐसा दिन आएगा जब में देश में जंगल नहीं होगा
संघ और बीजेपी को लोग आपके धर्म पर, विचारधारा पर, भावनाओं और इतिहास पर आक्रमण करते हैं। बीजेपी के लोग उद्योगपतियों को जंगल की जमीन देते हैं। एक ऐसा दिन आएगा जब देश में जंगल नहीं होगा और बीजेपी के लोग कहेंगे कि अब तक जंगल ही नहीं है आप कहा जाएंगे। वे चाहते हैं आपके बच्चे देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में का न करें। हम चाहते हैं आपके बच्चों को शिक्षा मिले। कॉलेज यूनिवर्सिटी में जगह मिले।
वे आपको हिंदुस्तान का हकदार नहीं मानते
उन्होंने कहा कि जो लोग जल-जंगल-जमीन की लड़ाई करते थे वे आदिवासी हैं। जो आदिवासी कहते हैं वे आपके धर्म, आपकी भाषाओं, जीवनशैली, इतिहास का आदर करते हैं, उसकी रक्षा करते हैं। दूसरी तरफ जो आपको वनवासी कहते हैं वे आपको हिंदुस्तान का हकदार नहीं मानते। उनका कहना है कि आप जंगल के निवासी हो। आपको जंगल में ही रहना चाहिए, अधिकार नहीं मिलना चाहिए। वनवासी शब्द का मतलब अधिकार न मिले, भागीदारी न हो।
ये विचारधारा की लड़ाई है
राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक तरफ हम संविधान बचाने की लड़ रहे हैं। दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी जी, अडाणी जी, क्रस्स् जो संविधान और लोकतंत्र पर आक्रमण कर रहे हैं। संविधान खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। मोदी जी ने आदिवासी शब्द बदलने की कोशिश की। हम आपको आदिवासी और बीजेपी को लोग वनवासी कहते हैं।
कांग्रेस ने देश को जोड़कर रखा- पायलट
उन्होंने कहा कि बस्तर से कवासी लखमा भारी बहुमत के साथ जीतकर दिल्ली जाएंगे। कांग्रेस वह पार्टी है जिसने देश तो जोड़कर रखा।
छत्तीसगढ़ में बदलाव की लहर
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बदलाव की लहर चल रही है। 10 साल से दिल्ली में बैठी सरकार मंदिर-मस्जिद की राजनीति कर रही है। इसलिए देश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और इंडी अलायंस को जिताना चाहते हैं।
छत्तीसगढ़
रायगढ़ : पीएम श्री योजना के तहत विद्यार्थियों ने कोलकाता में लिया ज्ञान-विज्ञान का अनुभव
6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक सम्पन्न
साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण
व्यवहारिक शिक्षा से विद्यार्थियों में बढ़ा आत्मविश्वास और जिज्ञासा


रायगढ़। पीएम श्री योजना अंतर्गत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत रायगढ़ जिले के पीएम श्री विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का 6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कोलकाता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी के. वी. राव एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में 13 मार्च को एपीसी अभय कुमार पांडेय के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का दल शैक्षणिक भ्रमण हेतु रवाना हुआ। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने साइंस सिटी, कोलकाता का अवलोकन किया, जहां विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों ने उन्हें विज्ञान के प्रति प्रेरित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कोलकाता मेट्रो की यात्रा कर आधुनिक परिवहन व्यवस्था को समझा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बिरला तारामंडल में अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।

ऐतिहासिक धरोहरों के अध्ययन हेतु विद्यार्थियों ने विक्टोरिया मेमोरियल एवं भारतीय संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत को करीब से जाना। इसके अलावा बेलूर मठ, अलीपुर चिड़ियाघर, राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता तथा आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त किए। विद्यार्थियों ने ईडन गार्डन एवं हावड़ा ब्रिज का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें देश की प्रमुख धरोहरों की जानकारी मिली। इस प्रकार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवात्मक सिद्ध हुआ। इससे उनके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का भी विकास हुआ।

कोरबा
डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत
जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक
विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित
सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश
पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।


कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने एवं उनकी आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कोरबा
केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से
कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

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