मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट, जनजातीय संस्कृति और परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहेंगे प्रतिनिधिमंडल में शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनप्रतिनिधियों का 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 30 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करेगा।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन भी किया है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन का भ्रमण करेगा तथा नई दिल्ली के प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का अवलोकन भी करेगा। यह अवसर बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश के सर्वाेच्च संवैधानिक मंच पर मिल रहे सम्मान का ऐतिहासिक प्रतीक होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के कलाकारों और परंपरागत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान बस्तर की संस्कृति, परंपरा और जनजातीय समाज के प्रति पूरे देश के सम्मान का प्रतीक है।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम-2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय ज्ञान परंपरा, लोकजीवन, पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण का सशक्त अभियान बन चुका है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सम्मान है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बस्तर पंडुम आज केवल छत्तीसगढ़ का नहीं, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण जनजातीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। लोककलाओं को मंच उपलब्ध कराने, कलाकारों को सम्मान दिलाने, जनजातीय ज्ञान परंपरा का दस्तावेजीकरण करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में इस महोत्सव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में पहली बार आयोजित बस्तर पंडुम ने विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाई थी। इस उपलब्धि के बाद वर्ष 2026 में महोत्सव का दायरा और अधिक व्यापक किया गया। पहले जहां सात विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, वहीं इस वर्ष इन्हें बढ़ाकर 12 विधाओं तक विस्तारित किया गया। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लेकर अपनी लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित महोत्सव में जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक पेय, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि सहित 12 विधाओं के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया।
जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। महोत्सव में जनजातीय शिल्प, हस्तशिल्प, वन-औषधियों, पारंपरिक आभूषणों और लोक व्यंजनों की प्रदर्शनी ने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया। इससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक अवसर भी प्राप्त हुए। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के कलाकारों की सहभागिता ने बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का स्वरूप प्रदान किया।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने जा रही बस्तर की यह गौरवगाथा न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति और जनजातीय गौरव का प्रतीक है, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी है।
कोरबा। कोरबा पुलिस ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डकैती की तीन घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से डकैती में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, बीते दिनों बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान, साथ ही दीपका थाना क्षेत्र की दीपका खदान में हथियारों के बल पर डकैती की वारदातें हुई थीं। बदमाशों ने कर्मचारियों से मारपीट कर नकदी और कीमती सामान लूटा था।
इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए बाँकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 148/2026, 131/2026 और दीपका थाने में अपराध क्रमांक 01/2026 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने जांच शुरू की।
टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और संदिग्धों पर निगरानी रखी। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में राजपाल चौहान (22), निवासी जामनीमूड़ा पाली; फिरोज मेमन (27), निवासी भिलाईबाजार, हरदीबाजार; निकेश कुमार कश्यप (21), निवासी शुक्लाखर, थाना बांकीमोंगरा; और होरीलाल केवट (24), निवासी शांतिनगर, थाना कुसमुंडा शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने तीनों डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। मुख्य आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस गिरोह के कुछ अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कोरबा। कोरबा किन्नर समाज की अध्यक्ष और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मालती किन्नर का रविवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मालती किन्नर को कोरबा में किन्नर समाज की मुखर आवाज के रूप में जाना जाता था। उन्होंने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया। वे त्योहारों और शुभ अवसरों पर बधाई देने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद और सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी अग्रणी रहीं।
महापौर पद का चुनाव लड़ चुकी थी
सामाजिक गतिविधियों के अलावा, मालती किन्नर राजनीति में भी सक्रिय थीं। उन्होंने कोरबा नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महापौर पद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव नहीं जीत पाईं, लेकिन उनके इस कदम ने किन्नर समाज को मुख्यधारा की राजनीति में पहचान दिलाई।
बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारी भी संभाली और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनके मिलनसार स्वभाव और संघर्षशील व्यक्तित्व के कारण समाज के सभी वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने कई बार प्रशासनिक स्तर पर भी किन्नर समाज की समस्याओं को उठाया।
नेताओं ने जताया शोक
मालती किन्नर के निधन की खबर से किन्नर समाज सहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि उन्होंने समाज को सम्मान दिलाने और हाशिए पर खड़े लोगों को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
निधन की सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से किन्नर समाज के सदस्य कोरबा पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
मालती किन्नर के निधन से कोरबा ने एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता खो दिया है। किन्नर समाज के सदस्यों का कहना है कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ कर्मचारियों ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प
कोरबा। अपनी सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रीय परंपराओं को निरंतर निभाने वाले कृष्णा ग्रुप द्वारा देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को पूरे उत्साह, उमंग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी, मैनेजिंग डायरेक्टर संजय मोदी, डायरेक्टर राजा मोदी, चैतन्य मोदी, नरेंद्र मोदी, अयन मोदी, श्रीमती प्रीति मोदी, श्रीमती शिखा मोदी, श्रीमती अंकिता मोदी एवं वेदान्त मोदी सहित कृष्णा ग्रुप मैनेजमेंट तथा कोरबा में संचालित विभिन्न डीलरशिप के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ प्रातः 11 बजे ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इसके बाद भारत माता की पूजा-अर्चना कर संघ प्रार्थना की गई तथा राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
छोटे-छोटे अनुशासन भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम — अशोक मोदी
समारोह को संबोधित करते हुए कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का इतिहास अत्यंत गौरवशाली होने के साथ-साथ अनेक संघर्षों से भी भरा हुआ है। विदेशी आक्रमणों और लंबे समय तक चले विदेशी शासन ने देश की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को प्रभावित किया। इसके पश्चात अंग्रेजी शासन की ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के माध्यम से भारत में आई और धीरे-धीरे अपनी सत्ता स्थापित करते हुए पूरे देश को गुलामी की ओर धकेल दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति के माध्यम से भारतीयों को आपस में बांटने का प्रयास किया।
श्री मोदी ने कहा कि आज भी देश में विदेशी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चिंता एवं विरोध देखने को मिलता है। उन्होंने जेसीबी इंडिया जैसी विदेशी कंपनियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका प्रभाव भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों के लिए कई बार गंभीर प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियां उत्पन्न करता है। ऐसे में आवश्यकता है कि सरकार विदेशी कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियों पर उचित नियंत्रण एवं प्रभावी नियमन सुनिश्चित करे, ताकि भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों को समान अवसर मिल सके और देश की कंपनियां मजबूती के साथ आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक, व्यापारी, उद्योगपति और युवा के सामूहिक प्रयास से संभव है। हमें स्वदेशी उत्पादों, भारतीय उद्यमों और देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने के साथ-साथ अपनी तकनीकी एवं औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना होगा।
श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है, इसलिए इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
श्री मोदी ने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा पर जाकर या कोई बड़ा कार्य करके ही नहीं की जाती, बल्कि हम अपने दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों से भी राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। ईमानदारी से अपना कार्य करना, समय पर कार्यस्थल पर उपस्थित होना, निर्धारित कार्य को पूरी जिम्मेदारी से पूरा करना, कार्य के समय मोबाइल पर अनावश्यक समय न गंवाना, स्वच्छता बनाए रखना, प्लास्टिक एवं कचरा इधर-उधर न फेंकना, पार्किंग एवं यातायात नियमों का पालन करना तथा सरकार द्वारा निर्धारित कर, जीएसटी, आरटीओ, इंश्योरेंस, बैंकिंग एवं अन्य सभी नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करना भी राष्ट्रसेवा का ही हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने व्यवहार में शालीनता, ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी को अपनाए तथा देश की उन्नति के बारे में चिंतन करे, तो भारत को और अधिक शक्तिशाली, समृद्ध एवं विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
अशोक मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने विकास के अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। हमारा लक्ष्य भारत को पुनः “सोने की चिड़िया” के रूप में विश्व के सामने स्थापित करना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत सदैव विश्व शांति का पक्षधर रहा है और हमारी संस्कृति पूरे विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देती है। आने वाले समय में भारत मानवता, शांति, सद्भाव और संस्कारों के माध्यम से विश्व का मार्गदर्शन करे तथा पूरे विश्व में रामराज्य जैसी आदर्श व्यवस्था की स्थापना की दिशा में आगे बढ़े, यही हमारी कल्पना और संकल्प होना चाहिए।
विदेशों में प्रशिक्षण लेकर लौटते हैं, लेकिन भारत जैसा अपनापन कहीं नहीं — राजा मोदी
कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर राजा मोदी ने कहा कि कंपनी के कार्यों के सिलसिले में उन्हें पिछले कई वर्षों से विदेशों में जाने का अवसर मिलता रहा है। विदेशों में प्रशिक्षण लेने और नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली सीखने के बावजूद भारत जैसा अपनापन, प्यार, सम्मान और आत्मीयता कहीं और अनुभव नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भारत जैसा महान देश पूरे विश्व में दूसरा नहीं है। हमें अपने देश की विशेषताओं को समझते हुए अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए और देश के भविष्य के बारे में निरंतर चिंतन करना चाहिए।
एआई एवं नई तकनीक अपनाकर भारत के विकास में दें योगदान — वेदान्त मोदी
कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर वेदान्त मोदी ने कहा कि भारत में व्यवसाय एवं विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। आज दुनिया तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और नई कार्यप्रणालियों को अपनाकर अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाना चाहिए तथा देश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नई तकनीक, नवाचार, मेहनत और राष्ट्रहित की भावना को साथ लेकर आगे बढ़ें तो भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
प्रतिदिन राष्ट्रगान एवं धार्मिक-सामाजिक सेवा कृष्णा ग्रुप की विशेष पहचान
समारोह में कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कृष्णा ग्रुप की राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृष्णा ग्रुप के सभी शोरूम एवं वर्कशॉप में प्रतिदिन राष्ट्रगान किया जाना अपने आप में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि व्यावसायिक संस्था होने के बावजूद कृष्णा ग्रुप द्वारा सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को भी निरंतर महत्व दिया जाता है। प्रत्येक सप्ताह हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाता है। वहीं श्री सप्तदेव मंदिर के माध्यम से नियमित रूप से धार्मिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण, छाता वितरण, शरबत वितरण, भोग-भंडारा, प्रसाद वितरण सहित अनेक सेवा गतिविधियां समय-समय पर की जाती हैं।
नशामुक्ति का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से उपस्थित शेखर जी, ब्रह्माकुमारी बहन मधुबाला एवं सृष्टि बहन द्वारा उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति का संकल्प कराया गया। उन्होंने स्वस्थ एवं संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों का सम्मान
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर उनके कार्य, अनुशासन, समर्पण एवं संस्था के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की गई तथा अन्य कर्मचारियों को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर कृष्णा ग्रुप की ओर से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही सभी से राष्ट्रहित, समाजहित एवं संस्था की प्रगति के लिए निरंतर ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।
कृष्णा ग्रुप ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि व्यवसाय के साथ-साथ राष्ट्रसेवा, समाजसेवा, धार्मिक परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अनुशासन एवं मानव सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।