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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 103 परिजनों को सौंपें अनुकम्पा नियुक्ति पत्र

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छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों का समन्वित विकास जरूरी : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री नगरीय विकास के सोपान कार्यक्रम में हुए शामिल

विभिन्न नगरीय निकायों में 155 करोड़ 38 लाख रुपए के 813 कार्यों का शिलान्यास  और 15 करोड़ 25 लाख रुपए के 70 कार्यों का किया गया लोकार्पण

क्लीन टायलेट कैम्पेन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 14 नगरीय निकाय हुए सम्मानित

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीदियों के मानदेय में 800 रूपये की वृद्धि की घोषणा की : अब स्वच्छता दीदियों को हर महीने मिलेगा 8 हजार रूपये मानदेय

रायपुर।

क्लीन टायलेट कैम्पेन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 14 नगरीय निकाय हुए सम्मानित
क्लीन टायलेट कैम्पेन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 14 नगरीय निकाय हुए सम्मानित
क्लीन टायलेट कैम्पेन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 14 नगरीय निकाय हुए सम्मानित
क्लीन टायलेट कैम्पेन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 14 नगरीय निकाय हुए सम्मानित

मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। हमारी सरकार को अभी तेरह महीने ही हुए हैं। इस बीच हमने सुशासन के लिए, संवेदनशीलता के साथ, जनसेवा के अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के साथ ही हम लोगों ने सभी वर्गों के विकास के साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया है। इससे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना का विकास, स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि हुई है। हमारा पहला साल सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों के विकास के लिए समर्पित रहा। प्रदेश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए। सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ’नगरीय विकास के सोपान’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के मुखिया प्रधानमंत्री से लेकर गांव के सरपंच तक विकास की सोच रखने वाले जनप्रतिनिधि होंगे तो सबका साथ, सबका विकास मूलमंत्र के साथ छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास होकर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि गांव और नगरीय क्षेत्र का समन्वित विकास होना चाहिए, इसके लिए मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता आवश्यक है। नगरीय निकायों में अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में लम्बे समय से मांग की जा रही थी। हमने संवेदनशीलता के साथ विचार कर इसके लिए नए पद भी स्वीकृत किए हैं। नगरीय विकास के सोपान कार्यक्रम में हम लोग आज 103 पदों पर अनुकंपा नियुक्ति का आदेश पत्र अभी वितरण किए हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े और ज्यादा से ज्यादा युवा आत्मनिर्भर हों। हमारी सरकार ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और विभिन्न नगरीय निकायों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 353 पदों की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न नगरीय निकायों में 155 करोड़ 38 लाख रुपए के 813 कार्यों का शिलान्यास  और 15 करोड़ 25 लाख रुपए के 70 कार्यों का लोकार्पण अभी यहां पर हुआ है। 6 नगरीय निकायों तखतपुर, रतनपुर, भानुप्रतापुर, छुरिया, मल्हार ओर खोंगापानी में अमृत मिशन-2.0 के तहत 270 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले जल प्रदाय योजनाओं का शिलान्यास भी हम लोगों ने यहां पर किया है। इन नगरीय निकायों में 20 हजार 511 निजी नल कनेक्शन दिए जाएंगे। इससे हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संकल्प मूर्तरूप लेने वाला है।

स्वच्छ भारत अभियान में सभी की सहभागिता से नगरीय क्षेत्रों में बड़ी सफलता मिल रही है। स्वच्छता को प्रोत्साहित करने के लिए हम लोग समय-समय पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी कर रहे हैं। ऐसे ही मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत क्लीन टायलेट कैम्पेन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 14 नगरीय निकायों को आज हम लोग सम्मानित कर रहे हैं। अंबिकापुर, छुरा, छुरिया, डोंगरगढ़, कोरबा, महासमुंद, रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, मंदिर हसौद और चंदखुरी आदि नगरीय निकायों को आज पुरस्कृत किया जा रहा है। इन्हें सम्मानित करके हम खुद भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में स्वच्छता और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने में स्वच्छता दीदियों का बड़ा योगदान है। इनके लगन और मेहतन से ही स्वच्छता मिशन सफल हो पा रहा है। स्वच्छता दीदियों का सम्मान, इनके योगदान को प्रोत्साहन देता है। हम इनका सम्मान करके खुद भी सम्मानित महसूस कर रहे हैं। राज्य के नगरीय निकायों में इस समय स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत  9 हजार से अधिक स्वच्छता दीदी कार्यरत हैं। इन्हें 7200 रुपये मानदेय दिया जाता है। मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि स्वच्छता दीदियों के मानदेय में आज 800 रूपये की बढ़ोत्तरी की जा रही है। अब स्वच्छता दीदियों को हर महीने 8 हजार रूपये मानदेय मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। मोदी जी की गारंटी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 13 दिसंबर को हमारी सरकार बनते ही, हमने 14 दिसंबर 2023 को पहले कैबिनेट की बैठक में पहला निर्णय 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी का लिया। हमें प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए डबल इंजन की सरकार में भरपूर सहयोग मिल रहा है। बीते दिनों केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमें दुर्ग में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास की सौगात दी। अगले वित्तीय वर्ष के लिए उन्होंने 3 लाख अतिरिक्त आवास की स्वीकृति भी दी है। प्रधानमंत्री आवास 2024 प्लस योजना में सर्वे का काम प्रारंभ हो गया है। इसका लाभ अब उन लोगों को भी मिलेगा, जिनके पास दोपहिया वाहन है। जिनके पास ढाई एकड़ तक सिंचित और पांच एकड़ तक असिंचित खेती है, उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा। जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपये तक है, उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए ऑनलाइन और सुगम सर्वेक्षण की व्यवस्था भारत सरकार ने की है। अब घर बैठे ही मोबाइल एप के माध्यम से पात्रता संबंधी पंजीयन करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस समय प्रयागराज में महाकुंभ का भव्य आयोजन चल रहा है। यह शुभ संयोग 144 साल बाद बना है। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्री भी इसका लाभ उठायें, इसके लिए हमारी सरकार ने मेला स्थल में विशेष व्यवस्था की है। हमारे प्रदेश से जो भी श्रद्धालु महाकुंभ में जा रहे हैं। वहां उनके लिए ठहरने की अच्छी व्यवस्था है। खाने और नाश्ते का भी इंतजाम किया गया है। आप सभी को हम महाकंुभ में स्नान के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।

मोदी जी की एक गारंटी प्रदेश के पांच लाख से अधिक भूमिहीन श्रमिकों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन श्रमिक योजना अंतर्गत 10 हजार रूपये देने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। आज के कार्यक्रम में माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय आ रहा है। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में काम करने वाली और सुशासन की सरकार है। विष्णु के सुशासन में किसी को निराश होने की जरूरत नहीं है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के 23 नगरीय निकायों में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत लगभग चार लाख जनसंख्या को शुद्व पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत माना कैम्प, कुम्हारी, मंदिर हसौद, सुकमा और कोंडागांव नगर पालिका तथा समोदा, चंदखुरी, कुंरा, नगरी, आमदी, फिंगेश्वर, गुण्डरदेही, अर्जुन्दा, बोदरी, राहोद, खरोद, शिवरीनारायण, सरिया, प्रेमनगर, भटगांव, झगराखंड, कुनकुरी और नरहरपुर नगर पंचायत में 1154 करोड़ रुपए की लागत की जलप्रदाय परियोजनाओं का योजनाबद्ध ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। वन मंत्री तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में शहरी क्षेत्रों में लगातार विकास की गंगा बह रही है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायकगण राजेश मूणत, धर्मजीत सिंह, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा और इन्द्रकुमार साहू, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

केशकाल : तेंदुए की खाल की तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार

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केशकाल । वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

          वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।
         यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।
         वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी हैं। इस अभियान में राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन की वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं के तहत जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : बाल संरक्षण पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित

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हर बच्चा अपना है, यही सोच बदलेगी भविष्य की दिशा – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

हर बच्चा अपना है, यही सोच बदलेगी भविष्य की दिशा – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि बच्चों को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सही दिशा और संवेदनशील वातावरण देना आवश्यक है। जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वय से बाल संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

हर बच्चा अपना है, यही सोच बदलेगी भविष्य की दिशा – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं और उनकी सुरक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का विषय है। उन्होंने कहा कि केवल चिंतन नहीं, बल्कि ठोस मंथन और कार्ययोजना की जरूरत है। अपने जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और बाल गृहों में पारिवारिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की प्रतिनिधि सुश्री शाइस्ता शाह ने स्कूल सुरक्षा और पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल की जानकारी दी, वहीं रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने लॉ एंड ऑर्डर विभाग की संवेदनशील भूमिका और बाल तस्करी रोकथाम पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। किशोर न्याय अधिनियम 2015, मादक द्रव्यों के उन्मूलन, नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना और आफ्टर केयर व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला में सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, SJPU, पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करना रहा।

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छत्तीसगढ़

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ

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प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में जनता की भूमिका सबसे अहम, सब मिलकर बनाएं टीबी मुक्त भारत- स्वास्थ्य मंत्री

एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। विश्व क्षय दिवस के अवसर पर पूरे देश के साथ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भी “टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा नोएडा से वर्चुअल माध्यम से की गई, वहीं छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से होना अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण बन गया।

एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले – जनभागीदारी से ही होगा टीबी का अंत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि 24 मार्च का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “टीबी मुक्त भारत” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चले अभियान में 4113 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की 118 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को उत्कृष्ट कार्य के लिए गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अब गांव-गांव पहुंचेगी हाईटेक जांच –   AI  से 10 मिनट में मिलेगी रिपोर्ट
अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि स्वास्थ्य सेवाएं अब गांव-गांव तक पहुंचेंगी। आयुष्मान स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच की जाएगी, जिसमें रक्त जांच के साथ हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से मौके पर ही छाती का एक्स-रे किया जाएगा। आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) तकनीक की मदद से मात्र 5 से 10 मिनट में रिपोर्ट उपलब्ध होगी, जिससे शुरुआती स्तर पर ही टीबी की पहचान संभव हो सकेगी।

जिले में 203 मरीज उपचार, निक्षय योजना से मिल रही पोषण सहायता
वर्तमान में जिले में 203 टीबी मरीज उपचाररत हैं, जिनमें 7 एमडीआर और 4 टीबी संक्रमण के मरीज शामिल हैं। सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 1000 रुपये प्रतिमाह (6 माह तक) तथा राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 200 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। वहीं वर्ष 2025-26 में 205 निक्षय मित्रों द्वारा 283 मरीजों को गोद लेकर पोषण आहार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही जिले में 3 ट्रू-नेट मशीन, 5 सामान्य एक्स-रे मशीन और 1 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच कार्य संचालित किया जा रहा है।

जागरूकता रथ रवाना, 100 दिनों में घर-घर पहुंचेगा अभियान

अभियान को चार चरणों में संचालित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में घर-घर सर्वे कर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी। इसके बाद हाई रिस्क क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, शहरी और जनजातीय क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिलेभर में अभियान का प्रचार-प्रसार करेगा।

कार्यक्रम में चंपा देवी पावले, महापौर रामनरेश राय, सभापति संतोष सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, एमआईसी सदस्य नीलम सलूजा, मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनकर, राम लखन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में संकल्प लिया कि “हम सब ने ठाना है, छत्तीसगढ़ से टीबी को भगाना है। टीबी हारेगा, देश जीतेगा।”

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