छत्तीसगढ़
रायपुर मेयर का भाई अनवर ढेबर फिर गिरफ्तार-छत्तीसगढ़ शराब घोटाला… 8 माह पहले मिली थी जमानत, अरविंद सिंह 5 दिन की रिमांड पर

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में जमानत पर चल रहे कारोबारी अनवर ढेबर को एसीबी ने फिर गिरफ्तार कर लिया है। उनको करीब 8 महीने पहले उन्हें जमानत मिली थी। वहीं सुबह गिरफ्त में आए कारोबारी अरविंद सिंह को कोर्ट ने 8 अप्रैल तक रिमांड पर सौंप दिया है। अरविंद सिंह को दो दिन पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन एसीबी ने गुरुवार को उसे फिर गिरफ्तार कर लिया। करीब 10 महीने पहले ईडी ने अरविंद को दुर्ग से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही वह जेल में बंद था। दरअसल, 2161 करोड़ के शराब स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रतिवेदन पर एसीबी ने 70 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें अनवर ढेबर और अरविंद सिंह का भी नाम शामिल है। इसे लेकर ईडी ने पिछले साल 6 मई को अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया था।
एफआईआर में अरविंद की पत्नी का भी नाम
बताया जा रहा है कि अंग्रेजी शराब खरीदने के लिए नए FL10A लाइसेंस बनाया गया था। यह लाइसेंस अरविंद सिंह के भतीजे अभिषेक सिंह के नाम भी था। अरविंद सिंह की पत्नी पिंकी सिंह अदिप अम्पायर की प्रोपराइटर है। अदिप अम्पायर का काम शराब की बोतलें सप्लाई करने का था। आरोप है कि ये सभी शराब घोटाले में सहयोगी रहे थे। ईडी की ओर से एसीबी में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें अरविंद सिंह की पत्नी पिंकी सिंह का भी नाम शामिल है।
श्मशान घाट से अरविंद को किया गया था गिरफ्तार
ईडी ने शराब घोटाले केस में फरार शराब कारोबारी अरविंद सिंह को दुर्ग के रामनगर मुक्तिधाम से 12 जून 2023 को गिरफ्तार किया था। अरविंद की माता कमला देवी का निधन हो गया था, उनके अंतिम संस्कार के लिए अरविंद पहुंचा था।कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक ढिल्लन, एपी त्रिपाठी और नितेश पुरोहित इस मामले में जमानत पर हैं। ढेबर परिवार के लिए आज बुरा दिन
रायपुर के मेयर एजाज ढेबर के परिवार के लिए आज का दिन बुरा साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता रामावतार जग्गी मर्डर केस के 27 दोषियों की अपील खारिज कर दी। सभी की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। इनमें मेयर के भाई याहया ढेबर भी शामिल हैं। वहीं अब दूसरे भाई अनवर ढेबर को फिर गिरफ्तार कर लिया गया है।
कौन है अनवर ढेबर
अनवर ढेबर रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई हैं। साथ ही अनवर ढेबर शराब कारोबारी भी हैं। जिस पर शराब घोटाले का आरोप लगा है। अनवर ढेबर के अलावा कुछ और कारोबारियों को भी इसमें आरोपी बनाया गया है।
प्रदेश में कुल 180 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच
ईडी ने अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और अफसर अनिल टुटेजा से 121.87 करोड़ की 119 अचल संपत्ति अटैच की थी। शराब घोटाला मामले में अब तक प्रदेश में कुल 180 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। इसमें कैश, एफडी भी होल्ड किए गए हैं। 15 मई को ईडी ने कहा था, शराब घोटाले में कारोबारी अनवर ढेबर से जुड़ी जांच रायपुर, भिलाई और मुंबई में की गई थी। जिसमें नवा रायपुर में 53 एकड़ भूमि मिली। इसकी कीमत करीब 21.60 करोड़ रुपए बताई गई। ये अनवर ढेबर द्वारा ज्वाइंट वेंचर के रूप में इस्तेमाल की गई थी। 20 लाख रुपए की नकदी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मुंबई में मिले थे। 1 करोड़ की बेहिसाब निवेश की जानकारी भी मिली। ये निवेश अरविंद सिंह और उनकी पत्नी पिंकी सिंह के साथ किए गए थे। ईडी ने त्रिलोक सिंह ढिल्लो की 27.5 करोड़ रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट फ्रीज कर दी थी। 28 करोड़ रुपए के आभूषण भी जब्त किए थे।
क्या है पूरा मामला
प्रवर्तन निदेशालय ने शराब कारोबारी अनवर ढेबर को शराब घोटाले में आरोपी बनाया था। ईडी की ओर से छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला होने की बात कही थी। साथ ही 13 हजार पन्नों की चार्जशीट भी पेश की गई थी। 2000 करोड़ शराब घोटाले का आरोप ईडी ने लगाया है, जिसे कांग्रेस ने लगातार निराधार बता रही है। ईडी ने शराब में राज्य में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक रुपए के भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग का दावा किया है। जिसमें कहा गया कि, राज्य में 2019 से 2022 तक 2 हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। इसमें राज्य के बड़े नेताओं और अधिकारियों का समर्थन था। कच्ची शराब सरकारी शराब दुकान बेचने और इससे मुनाफा कमाने का आरोप अनवर ढेबर पर लगाया गया है।
शराब घोटाले में अरविंद का रोल
वहीं कारोबारी अरविंद सिंह आबकारी विभाग के विशेष सचिव रहे अरुण पति त्रिपाठी का अघोषित असिस्टेंट बताया जाता है। शराब घोटाले मामले में अरविंद के परिवार के सदस्यों का भी इन्वॉल्वमेंट था। अरविंद पैसा कलेक्शन का काम करता था। उस पैसों को इधर से उधर ठिकाने तक पहुंचाता था।
शराब घोटाला मामला, 70 पर एफआईआर दर्ज
01. आईएएस, तत्कालीन संयुक्त सचिव (वाणिज्य एवं उद्योग विभाग छत्तीसगढ़ शासन) 02. अनवर ढेबर 03. अरुणपति त्रिपाठी (प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड) 04. मेसर्स रतनप्रिया मिडिया प्राइवेट लिमिटेड 05. कवासी लखमा (तत्कालीन आबकारी मंत्री) 06. निरंजनदास (आई.ए.एस. तत्कालीन आबकारी आयुक्त) 07. जनार्दन कौरव (तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी) 08. अनिमेष नेताम (तत्कालीन उपायुक्त आबकारी) 09. विजय सेन शर्मा (तत्कालीन उपायुक्त आबकारी) 10. अरविंद कुमार पटले (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी) 11. प्रमोद कुमार नेताम (तत्कालीन सहायक कमिशनर आबकारी) 12. रामकृष्ण मिश्रा (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी) 13. विकास कुमार गोस्वामी (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी) 14. इकबाल खान (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी) 15. नीतिन खंडुजा (तत्कालीन सहायक जिला आबकारी अधिकारी) 16. नवीन प्रताप सिंग तोमर (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी) 17. मंजु कसेर (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी) 18. सौरभ बख्शी (तत्कालीन सहायक आयुक्त) 19. दिनकर वासनिक (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी) 20. आशीष वास्तव (तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त आबकारी) 21. अशोक कुमार सिंह (तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी) 22. मोहित कुमार जायसवाल (जिला आबकारी अधिकारी) 23. नीतू नोतानी (उपायुक्त) 24. रविश तिवारी (तत्कालीन सहायक आयुक्त आबकारी) 25. गरीबपाल दर्दी (आबकारी अधिकारी) 26. नोहर सिंह ठाकुर (आबकारी अधिकारी) 27. सोनल नेताम (सहायक आयुक्त आबकारी विभाग) 28. अरविंद सिंह 29. अनुराग द्विवेदी (मेसर्स अनुराग ट्रेडर्स) 30. अमित सिंह (मेसर्स अदीप एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड) 31. नवनीत गुप्ता 32. पिंकी सिंह (प्रोप्राइटर अदिप एम्पायर्स) 33 विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू 34. त्रिलोक सिंह, ढिल्लन (मेसर्स ढिल्लन सिटी मॉल प्राइवेट लिमिटेड) 35. यश टुटेजा (निवासी कटोरा तालाब रायपुर) 36. नितेश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर 37. यश पुरोहित, गिरीराज होटल, रायपुर 38. अभिषेक सिंह, डायरेक्टर मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड 39. मनीष मिश्रा, मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड 40. संजय कुमार मिश्रा, सी.ए. मेसर्स नेक्सजेन पॉवर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड 41. अतुल कुमार सिंह श्री ओम साईं, बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड 42. मुकेश मनचंदा, श्री ओम साई बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड 43. विजय भाटिया, भिलाई 44. अशीष सौरभ केडिया, मेसर्स दिशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड 45. मेसर्स छ.ग. डिस्टलरीस प्राइवेट लिमिटेड 46. मेसर्स भाटिया वाईन एवं मर्चेंटस प्राइवेट लिमिटेड 47. मेसर्स वेलकम डिस्टलरीस 48. सिद्धार्थ सिंघानिया, मेसर्स सुमीत फैसलिटीस लिमीटेड एवं टॉप सिक्योरिटीस फैसिलिटी मैनेजमेंट 49. बच्चा राज लोहिया मेसर्स इगल हंटर सॉल्युशन लिमीटेड एवं पार्टनर 50. मेसर्स अलर्ट कमाण्डों प्राइवेट लिमिटेड और पार्टनर 51. अमित मित्तल, मेसर्स ए टू जेड प्राइवेट लिमिटेड 52. उदयराव मेसर्स ए टू जेड प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजर 53 मेसर्स प्राईम वन वर्क फोर्स 54. लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल निवासी भिलाई 55. विधु गुप्ता, प्रीज्म होलोग्राफी एवं सिक्योरिटीस प्राई लिमी. 56. दीपक दुआरी 57. दिपेन चावडा 58. मेसर्स प्राईम डेव्हलपर्स 59. मेसर्स ए ढेबर बिल्डकॉन 60. मेसर्स ए. जे. एस. एग्रोट्रेड प्राईवेट लिमीटेड 61. सफायर इस्पात के मालिक उमेर ढेबर और जुनैद ढेबर 62. अख्तर ढेबर 64. अशोक सिंह 65. सुमीत मलो 66. रवि बजाज 67. विवेक ढांढ, निवासी जी. ई. रोड रायपुर 68. अज्ञात कांग्रेस के पदाधिकारी 69. अन्य आबकारी अधिकारी 70. विकास अग्रवाल के साथीगण के अज्ञात का नाम भी शामिल है।
छत्तीसगढ़
दंतेवाड़ा/बीजापुर : बाघ और तेंदुए के शिकार में शामिल डिप्टी रेंजर सहित 9 आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई


दंतेवाड़ा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के तहत वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए के अवैध शिकार में शामिल एक डिप्टी रेंजर सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा और बीजापुर क्षेत्र के जंगलों में की गई।

वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल में फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं। इसके बाद विभाग और राज्य उड़नदस्ता टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। लगातार निगरानी और जांच के दौरान एक संगठित शिकार गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि इस अवैध गतिविधि में वन विभाग का ही एक कर्मचारी, डिप्टी रेंजर देवी प्रसाद ओयाम भी शामिल था।

डिप्टी रेंजर श्री पोयाम की मिलीभगत के कारण शिकारियों को जंगल में प्रवेश और शिकार करने में मदद मिली। आरोपियों ने शिकार के लिए लोहे के तार के फंदों का उपयोग किया, जिनमें मांस लगाकर बाघ और तेंदुए को फंसाया गया। फंदे में फंसने के कारण दोनों वन्यप्राणियों की मौत हो गई।
बरामद बाघ की उम्र लगभग 3 वर्ष बताई गई है। आरोपी इनकी खाल को रायपुर ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। इस पूरे मामले में वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।

आरोपियों में शिकार के मुख्य आरोपियों में लक्ष्मण तेलाम, देवीराम ओयाम, रमेश कुड़ियाम, फरसोन पोयामी, सेमला रमेश, सुखराम पोडियाम और छत्रू कुड़ियाम शामिल हैं। पूछताछ के आधार पर ग्राम केशापुर में दबिश देकर तेंदुए की खाल बरामद की गई तथा मासो ओयाम और अर्जुन भोगामी को भी गिरफ्तार किया गया।

वनमंडलाधिकारी दंतेवाड़ा रामकृष्णा ने बताया कि बाघ और तेंदुआ दोनों ही अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस सफलता पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम को बधाई दी है और संबंधित अधिकारियों- कर्मचारियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मामले की विस्तृत जांच कर शीघ्र न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वन मंत्रीकेदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि राज्य में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का शिकार गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। वन विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।

छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात
रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।

उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास : 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात


रायपुर। छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और विश्वास की नई तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर जिलों से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी साझा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से आत्मसमर्पण से पहले के जीवन और वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संवाद के दौरान नक्सलियों ने बताया कि अब उनका जीवन पूरी तरह बदल चुका है—जहां पहले वे जंगलों में असुरक्षा और भय के बीच जीवन बिताते थे, वहीं अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्रों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे जीवन आसान हुआ है। कुछ आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को परिवार के साथ मनाया—यह उनके लिए एक नया और सुखद अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर सभी ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा।
इस अवसर पर गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक भी उपस्थित थीं।

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