रायपुर, 31 अगस्त 2026। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने आयोग की गतिविधियों से राज्यपाल को अवगत कराया।
दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। दुर्ग जिले के सेमरिया गांव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कई ग्रामीण एक शव को कंधे पर लेकर कमर भर पानी और कीचड़ से भरे रास्ते से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश में बागडूमर से सेमरिया तक करीब 4 किलोमीटर रास्ते में जगह-जगह बड़े गड्ढे और पानी भर जाता है।
श्मशान घाट तक पहुंचने वाले अंतिम डेढ़ किलोमीटर रास्ते की हालत सबसे ज्यादा खराब है। हाल ही में एक शव को श्मशान घाट ले जाने के दौरान करीब 30-40 ग्रामीणों को कंधा लगाना पड़ा। कीचड़ में कई लोग फिसले, जबकि कुछ ग्रामीण रास्ते में ही पीछे रह गए।
सेमरिया गांव दुर्ग जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर और भिलाई स्टील प्लांट से करीब 20 किलोमीटर दूर है। यह अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के धमधा जनपद पंचायत अंतर्गत बागडूमर ग्राम पंचायत का आश्रित गांव है।
बारिश में अंतिम यात्रा के लिए शव को श्मशान घाट तक जाने के लिए कमर तक पानी को पार करना पड़ता है।
सेमरिया गांव में बारिश के दिनों में सड़क की बदहाली लोग परेशान
श्मशान घाट तक पहुंचने का लगभग डेढ़ किलोमीटर का रास्ता कीचड़ से भरा
नाले के पास कमर भर पानी
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से श्मशान घाट तक का लगभग डेढ़ किलोमीटर का रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भरा रहता है। नाले के पास पानी का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसके कारण हालिया अंतिम यात्रा में शव को कमर तक पानी के बीच से पार कराना पड़ा था।
लोग बोले- बरसात में किसी की मौत न हो
ग्रामीण तन्नू सोरी ने कहा कि हाल ही में शव ले जाते समय दाह संस्कार में शामिल होने आए कई लोग कीचड़ में गिर गए। कमर भर पानी पार कर शव को श्मशान घाट तक ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई सालों से ग्रामीण इस रास्ते की परेशानी देख रहे हैं और सड़क बनवाने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं।
उन्होंने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से सड़क बनाने की अपील की। उनका कहना है कि गांव वालों को ऐसी सड़क चाहिए, जिससे कम से कम किसी व्यक्ति को अंतिम विदाई देने के लिए इस तरह संघर्ष न करना पड़े।
श्मशान घाट में शेड, लेकिन पहुंचने का रास्ता नहीं
ग्रामीणों के अनुसार श्मशान घाट में शेड बनाया गया है, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता ही सबसे बड़ी समस्या है। बारिश में कीचड़ और पानी के कारण शेड तक शव ले जाना मुश्किल हो जाता है।
रामअवतार यादव ने बताया कि उन्होंने करीब 2 दिन पहले अंतिम यात्रा का वीडियो बनाया था। उनके मुताबिक गांव से शव को लेकर लोग सामान्य तरीके से आगे बढ़े, लेकिन श्मशान घाट के रास्ते में स्थिति इतनी खराब हो गई कि शव उठाने के लिए करीब 30 से 40 लोगों की जरूरत पड़ी।
यादव ने बताया कि कुछ लोग गिरते-पड़ते श्मशान घाट तक पहुंचे, जबकि कुछ लोग रास्ते की कठिनाई के कारण वहां तक नहीं पहुंच सके। उनका कहना है कि बारिश के दौरान कई बार शेड होने के बावजूद रास्ते की समस्या के कारण खुले में अंतिम संस्कार करने की स्थिति बन जाती है।
‘बचपन बीत गया, सड़क नहीं बदली’
यादव ने कहा कि उनकी उम्र करीब 32 वर्ष हो चुकी है और बचपन से गांव की यही बदहाल स्थिति देखते आ रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से गांव की सड़क और विकास कार्यों पर ध्यान देने की मांग की।
उन्होंने बताया कि दुर्ग जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे इसी क्षेत्र से जिला पंचायत की सदस्य हैं और विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा इस विधानसभा क्षेत्र की विधायक हैं।
सिर्फ श्मशान घाट नहीं, गांव तक पहुंचना भी मुश्किल
सेमरिया की आबादी करीब 500 है और यहां आदिवासी गोंड समाज के लोगों की बहुलता है। ग्रामीणों के मुताबिक बागडूमर से गांव तक आने वाला करीब 4 किलोमीटर का रास्ता भी बारिश में बेहद खराब हो जाता है।
तन्नू सोरी (22) ने बताया कि गांव के युवा अहिवारा जाकर कंप्यूटर क्लास करते हैं, लेकिन बरसात में सड़क की हालत के कारण वहां जाना मुश्किल हो जाता है। साइकिल पंचर होने और रास्ते में गिरने की घटनाएं होती रहती हैं।
उन्होंने बताया कि कई बार नेताओं से सड़क बनाने की मांग की गई। उनका कहना है कि अगर बस्तर और अन्य वन क्षेत्रों में सड़कें बन सकती हैं तो उनके गांव तक सड़क क्यों नहीं पहुंच सकती।
‘यह बस्तर नहीं, भिलाई से 20 किलोमीटर दूर है’
ग्रामीणों की सबसे बड़ी नाराजगी इसी बात को लेकर है कि सेमरिया किसी दूरस्थ जंगल या सुदूर इलाके में नहीं है। भिलाई इस्पात संयंत्र से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद गांव की सड़क व्यवस्था इतनी खराब है कि बारिश में सामान्य आवागमन तक मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ शहरों में सड़क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के विकास की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके गांव में अंतिम यात्रा के लिए भी कीचड़ और पानी से जूझना पड़ रहा है।
कलेक्टर बोले- 2 सड़कों की समस्या सामने आई
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि इस सड़क के लिए प्रस्ताव शासन को पहले ही भेजा जा चुका है। वहीं श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क के लिए ग्रामीण सड़क योजना के अभियंता को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के बाद इसे योजना के नेटवर्क में शामिल करने के लिए प्रस्ताव जल्द भेजा जाएगा।
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सड़क की समस्या को देखते हुए उच्च स्तर पर विशेष रूप से बात कर इसे स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा।
जगदलपुर,एजेंसी। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में फैसला अब 5 सितंबर को आएगा। NIA कोर्ट ने फैसला पांच दिन के लिए टाल दिया है। पहले आज (31 अगस्त) फैसला आने की उम्मीद थी।
इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 10 आरोपियों पर फैसला आना है। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज पेश किए हैं।
10 अगस्त को मामले में अंतिम बहस हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अभियोजन पक्ष ने सबूतों के आधार पर आरोप साबित होने की दलील दी, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को चुनौती दी है।
2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा रैली के दौरान नक्सलियों ने जंगल में हमला किया था।
10 अगस्त को हुई अंतिम बहस
स्पेशल NIA अदालत ने मामले में 10 अगस्त की तारीख अंतिम बहस के लिए तय की थी। इसी दिन दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। बता दें कि झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित मामलों में से एक है।
सालों से पीड़ित परिवारों और पूरे प्रदेश की नजर इस मामले के फैसले पर बनी हुई है। अंतिम बहस के बाद अदालत का फैसला आने से इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगी।
दरअसल, 2013 के आखिर में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने थे। रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। 10 साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस जीत के लिए जोर लगा रही थी। पार्टी पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा शुरू करने वाली थी। 25 मई को सुकमा में परिवर्तन रैली की गई।
रैली के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। इसमें करीब 25 गाड़ियां थीं। इन गाड़ियों में 200 नेता-कार्यकर्ता थे। सबसे आगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा थे।
कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशिप एक काफिले में थी
साथ ही उनके पीछे महेंद्र कर्मा और मलकीत सिंह गैदू की गाड़ी थी। उनके पीछे बस्तर के कांग्रेस प्रभारी उदय मुदलियार चल रहे थे। यानी छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशिप इस काफिले में थी। दोपहर करीब 3:40 बजे काफिला झीरम घाटी में पहुंचा।
यहीं नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता बंद कर दिया। गाड़ियां रुकते ही 200 से ज्यादा नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही।
महेंद्र कर्मा को नक्सलियों ने मारी थी 100 गोलियां
शाम करीब 5:30 बजे नक्सली पहाड़ों से उतरकर नीचे आए और एक-एक गाड़ी चेक की। एक गाड़ी में उन्हें सलवा जुडूम आंदोलन शुरू करने वाले महेंद्र कर्मा मिल गए। आंदोलन की वजह से नक्सली महेंद्र कर्मा को दुश्मन समझते थे। उन्होंने बेरहमी से महेंद्र कर्मा की हत्या कर दी। उन्हें करीब 100 गोलियां मारी गईं।
चश्मदीदों के मुताबिक, नक्सलियों ने कुछ नेताओं को नाम लेकर पहचाना और उन्हें गोली मारी। हमला पूरी योजना के साथ किया गया। नक्सलियों ने जगह का चुनाव, बम लगाने और भागने तक की पूरी तैयारी कर रखी थी। खुफिया एजेंसियों को हमले की कोई भनक नहीं थी।
झीरम घाटी में हमले के दौरान IED ब्लास्ट से एक गाड़ी का हिस्सा उड़कर नदी में जा गिरा था। ये 12 साल बाद भी वहीं फंसा हुआ है।
प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता : सीनियर पुरुष , जुनियर (UNDER-17) एवं कैडेट (UNDER-13) के मुकाबले अंतिम चरण में सीनियर महिला वर्ग में सुष्मिता सोम तथा होप्स (UNDER-11) में शिवाय मेघानी एवं इशी मिश्रा विजेता बने
रायपुर। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के तत्वावधान में रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ द्वारा नाकोडा टीएमटी एवं हेक्टर पाइप के सहयोग से दिनांक 29 से 31 अगस्त, 2026 तक सप्रे शाला टेबल टेनिस हाल, बुढ़ापारा, रायपुर में आयोजित प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2026 में कल सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक एवं बालिका एकल वर्ग सम्पन्न हुयी।
रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के सचिवशकील साजिद ने जानकारी दी कि कल सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक एवं बालिका एकल वर्ग प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि श्री नाकोडा पाइप इम्पेक्स प्रायवेट लिमिटेड के डायरेक्टर स्पर्श गोयल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष अनिल पुसदकर ने किया तथा विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ की तकनीकि समिति के चेयरमेन अरविंद कुमार शर्मा थे। इस अवसर पर रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष डा मानिक चटर्जी, छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े एवं मुख्य निर्णायक एस.व्ही. पेंढारकर उपस्थित थे।
प्रतियोगिता में कल खेले गये सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स)
बालक एवं बालिका एकल वर्ग के फायनल मैच के परिणाम निम्नानुसार है:- सीनियर महिला वर्ग:- विजेता – सुष्मिता सोम (बिलासपुर), उपविजेता – प्रज्ञा पाठक (रायपुर) 4 -2 यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक वर्ग:- विजेता – शिवाय मेघानी (बिलासपुर), उपविजेता- अबीर बडानी (रायपुर) 3-0 यूथ UNDER-11 (होप्स) बालिका वर्ग:- विजेता – इशी मिश्रा (रायपुर), उपविजेता- अराध्या चंद्राकर (धमतरी) 3-0
प्रतियोगिता में आज सीनियर पुरुष एकल वर्ग, यूथ UNDER-17 (जुनियर) तथा यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक एवं बालिका एकल वर्ग के अंतिम दौर के मुकाबले खेले जा रहे हैं जिसमें फायनल के मुकाबले खेले जा रहे हैं । प्रतियोगिता में अभी तक खेले गए मैचों के परिणाम निम्नानुसार है:-
सीनियर पुरुष वर्ग:- सेमीफायनल – अरिंदम देबनाथ (रायपुर) ने प्रणय चौहान (रायपुर) को 4 -1 तथा कुणाल देब (दुर्ग) ने आयुष शर्मा (रायपुर) को 4-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
यूथ UNDER-17 (जुनियर) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – आर्यन सिंह (रायपुर) ने श्रेष्ठ मिश्रा (रायपुर) को 3-1 तथा दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर) ने गौरव मून (दुर्ग) को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
यूथ UNDER-17 (यूथ) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – समाया पांडे (रायपुर) ने लावण्या पांडे (रायपुर) को 3-2 तथा वेदी कछवाहा (रायपुर) ने इशी मिश्रा (रायपुर) को 3-0 से हराकर फायनल में प्रवेश किया ।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – अथर्व साहू (दुर्ग) ने अबीर अग्रवाल (रायपुर) को 3-1 तथा विवान बैसवाड़े (रायपुर) ने नीरव तिवारी (रायपुर) को 3-2 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – अक्षिता बीनू (बिलासपुर) ने माहविन अंसारी (रायपुर) को 3-0 तथा इशी मिश्रा (रायपुर) ने आरुषि मढरिया (दुर्ग) को 3-0 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया । प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक एस.व्ही. पेंढारकर एवं सहायक मुख्य निर्णायक विमल नायर, अजीत बेनर्जी, पी.एन. मजूमदार, जे.एम. राठोड़ हैं |
उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े ने दी।