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छत्तीसगढ़

रायपुर : शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव

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उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव

उप मुख्यमंत्री साव ने स्कूल में विभिन्न कार्यो के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की

बच्चे बने बाल अतिथि, तिलक लगाकर और मुंह मीठा कर किया गया स्वागत

बच्चों को साइकिल, किताब व बैग वितरित

उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव
उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव

रायपुर/बिलासपुर। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज बिलासपुर के सरकण्डा स्थित पीएम सेजेस कन्या शाला में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए। शाला प्रवेशोत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने स्कूल में विभिन्न कार्यों के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की। 

उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव
 
केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शाला प्रवेशोत्सव में बाल अतिथियों प्रियांशु, साहिल, प्राची और धनमती का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मुंह मीठा कर स्वागत किया। कार्यक्रम में बच्चों को बैग, किताब, ड्रांइग किट तथा सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरण भी किया गया। विधायकगण सर्वश्री धरम लाल कौशिक, दिलीप लहरिया और सुशांत शुक्ला भी कार्यक्रम में शामिल हुए। 

उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव
      
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने शाला प्रवेशोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि गुरूओं की कृपा से ही उन्नति मिलती है। आज का यह दिन बेहद खास है, इसे हम एक वृहद उत्सव के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि ये आपके सुनहरे दिन हैं। आने वाले भविष्य की नींव विद्यार्थी काल में ही रखी जाती है। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने बच्चों से कहा कि तनाव लेने की कतई आवश्यकता नहीं है। खूब मन लगाकर पढ़ें। विद्यार्थी जीवन ही पूरे जीवन की बुनियाद होती है। 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का मूल उद्देश्य है कि एक भी बच्चा स्कूल आने से न छूटे। हमारी सरकार शिक्षा के जरिए पूरे समाज को एक साथ जोड़कर विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहती है। शिक्षा केवल डिग्री लेने के लिए नहीं है। शिक्षा और संस्कार दोनों जरूरी है। हमारे राज्य में छात्र और शिक्षक का अनुपात अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि शिक्षा हर एक का अधिकार है। युक्तियुक्तकरण के जरिए अब हर बच्चे को शिक्षा का उसका अधिकार मिल पाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में सभी के लिए शिक्षा सुलभ हो पा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि आज स्कूल का पहला और खास दिन है। आज हम सब संकल्प लें कि पूरे राज्य में अव्वल आकर बिलासपुर का परचम लहराएंगे। उन्होंने शाला प्रबंधन की मांग पर स्कूल में विभिन्न कार्यो के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की। 

विधायक सुशांत शुक्ला ने शाला प्रवेशोत्सव में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिला है। बच्चियां पल्लवित और पुष्पित होंगी तो समाज भी पल्लवित और पुष्पित होगा। जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार तथा जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शाला प्रवेशोत्सव में मौजूद थे।  

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रोपे गए पौधे

जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल होने पहुंचे अतिथियों ने स्कूल परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0’ के तहत बड़ी संख्या में नीम के पौधे लगाए। शाला प्रवेशोत्सव के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका मन मोहा। बिल्हा की विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती सुनीता ध्रुव और समग्र शिक्षा की एपीसी श्रीमती सुनीता पाण्डेय ने बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन किया।

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कोरबा

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा निलंबित

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कोरबा। कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), बिलासपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी/ईओडब्ल्यू इकाई बिलासपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 0/2026 की कार्रवाई में कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को 29 मई 2026 को प्रार्थी अमृत बघेल से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा द्वारा यह माना गया कि उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है।
फलस्वरूप, प्रदीप मिश्रा, सहायक ग्रेड-02, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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कोरबा

अगले तीन घंटे में तूफानी बारिश के आसार

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कोरबा। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले तीन घंटों में कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के रायगढ़, सक्ती और सरगुजा के कुछ इलाकों में तूफानी बारिश के आसार हैं। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश एवं बिजली गिरने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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