छत्तीसगढ़
रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद की ली शपथ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नए राज्यपाल को दी बधाई

रायपुर । रमेन डेका ने आज राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल के रूप में अपने पद की शपथ ली। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने उन्हें शपथ दिलाई। राज्यपाल डेका ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित रहीं। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने राज्यपाल डेका को पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका अभिवादन किया और शुभकामनाएं दी।
समारोह में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने रमेन डेका को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त करने के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा जारी वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट पढ़ा। शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ और समापन सेरेमोनियल पुलिस बैंड द्वारा बजाए गए राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर राज्य गीत की धुन भी बजाई गई। शपथ ग्रहण के उपरांत राज्यपाल रमेन डेका को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी, वन एवं जलवायु परिवर्तन केदार कश्यप, वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूूपेश बघेल, सहित अन्य विधायकगण उपस्थित थे।
समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के आयुक्त एन.के. शुक्ला, आलोक चंद्रवशी, छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, नारायण चंदेल, गौारीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायकगण सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू, मनोज पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल व्ही.पी.वर्मा, राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्प प्रताप पाण्डेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यपाल के परिजन, विश्वविद्यालयों के कुलपति, मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
राज्यपाल रमेन डेका का जीवन परिचय इस प्रकार है-
छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल रमेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को असम के सुआलकुची, कामरूप (असम) में हुआ। उनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री सुरेंद्र नाथ डेका और माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती चंपाबती डेका है। उनके परिवार में धर्म पत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी एवं दो बच्चे हैं। उन्होंने बीए की डिग्री दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय में प्राग्ज्योतिष कॉलेज, गुवाहाटी विश्वविद्यालय असम से प्राप्त की।
रमेन डेका एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं। वे सन् 1977 से राजनीति में सक्रिय हैं। वे वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। रमेन डेका वर्ष 2006 में असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। श्री डेका 2021 अगस्त माह से असम राज्य के नवाचार एवं रूपान्तरण आयोग के (कैबिनेट मंत्री का दर्जा) के उपाध्यक्ष पद पर 29 जुलाई 2024 तक रहे है।
वे दो बार सांसद रहे। पहली बार वर्ष 2009 में 15 वी लोकसभा के लिए असम के मंगलदोई सीट से सांसद चुने गये थे। इस दौरान वे गृह मामलों की स्थायी समिति के सदस्य, लोक लेखा के सदस्य, भारत भूटान संसदीय मैत्री समूह सदस्य, अधीनस्थ विधान समिति सदस्य, सदन की बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति पर समिति सदस्य रहे। उसके बाद वर्ष 2014 में वे 16 वीं लोकसभा के लिए दुबारा सांसद निर्वाचित हुए। दूसरे कार्यकाल में वे डेका लोकसभा में अध्यक्षों के पैनल के सदस्य भी रहे।
इस दौरान सदस्य अनुमान समिति, सदस्य सलाहकार समिति, सदस्य विदेश मंत्रालय और प्रवासी भारतीय मामले, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना‘‘ के तहत केंद्रीय सलाहकार समिति सदस्य, भारत-चीन संसदीय मैत्री समूह सदस्य, चाय बोर्ड के सदस्य का दायित्व निर्वहन किया। दूसरे कार्यकाल में ही सदस्य गृह मामलों की स्थायी समिति, सदस्य सामान्य प्रयोजन समिति, सदस्य उप समिति द्वितीय अनुमान समिति, सदस्य विदेश मामलों की स्थायी समिति रहेे और 2021 से अभी तक नवाचार रूपान्तरण आयोग असम के उपाध्यक्ष रहे ।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized6 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
