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छत्तीसगढ़

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 : रमेन डेका राज्यपाल छत्तीसगढ़ का उदबोधन, पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर

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रायपुर।

प्रिय भाईयों, बहनों और प्यारे बच्चों…

77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं…

यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता है। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

हम इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंह, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर से लेकर शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर समेत उन सभी नायकों का स्मरण करते हैं, जिनके देश प्रेम और त्याग से हमें हमारा गणतंत्र प्राप्त हुआ।

आज के ही दिन हमें एक ऐसा संविधान प्राप्त हुआ, जो देश के सभी नागरिकों को स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान करता है।

हम सबका सौभाग्य है कि हम विश्व के सबसे बड़े और सबसे सुंदर गणतंत्र में निवास करते हैं।

इस गणतंत्र का स्वप्न हमारे पुरखों ने देखा। बाबा गुरु घासीदास जी ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। संविधान में समानता का अधिकार इस भावना को अभिव्यक्त करता है। शहीद वीरनारायण सिंह ने लोगों की भूख की पीड़ा देखी थी और इसे मिटाने के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया।

हम एक ऐसे लोककल्याणकारी राज्य में रह रहे हैं, जहां सामाजिक-आर्थिक न्याय के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ इन्हें लागू करने में मॉडल राज्य है। मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों में अग्रणी है, जहां सबसे पहले खाद्य सुरक्षा दी गई।

हमारे लिए संविधान पवित्र दस्तावेज है। 1975 में इमरजेंसी लगाकर इसे तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश हुई लेकिन हमारे लोकतंत्र सेनानियों के अदम्य साहस से यह कोशिश सफल नहीं हुई। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जो अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ ही अपने लोकतंत्र सेनानियों का भी पूरा सम्मान करता है और उन्हें सम्मान निधि प्रदान करता है।

आज के दिन हम देश की सरहदों और आंतरिक सीमा में राष्ट्र की रक्षा के लिए जुटे जवानों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हम उन सभी नागरिकों के प्रति भी सम्मान प्रकट कर रहे हैं जो अपनी कड़ी मेहनत से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगे हुए हैं। आप सभी की कोशिशों का ही परिणाम है कि भारत ने जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का गौरव हासिल कर लिया है।

वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। रजत जयंती वर्ष में हमने छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट के रूप में रोडमैप भी तैयार किया है।

मुझे विक्टर ह्यूगो (victor hugo) का कथन याद आता है कि दुनिया की कोई भी ताकत उस विचार को रोक नहीं सकती, जिसका समय आ गया है। भारत विकसित देशों की कतार में खड़ा होने के लिए तेजी से बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप हम भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

देश के 19 प्रतिशत से अधिक आयरन का उत्पादन हम करते हैं। 20-20 प्रतिशत सीमेंट, एल्यूमीनियम और कोयले का उत्पादन हमारे प्रदेश में होता है और हम देश का पॉवर हब बनने की ओर अग्रसर हैं।

देश के सबसे बड़े रेलवे पुल चिनाब में हमारे भिलाई स्टील प्लांट का फौलाद है। देश की नौसेना सरहदों को संभालने वाले आईएनएस विक्रांत में हमारा फौलाद है। मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक ब्रिज में छत्तीसगढ़ में तैयार स्टील इस्तेमाल हुआ है। विकसित भारत मैन्युफैक्चरिंग की उछाल से बनेगा और कोर सेक्टर के मामले में सबसे अधिक संभावनाएं छत्तीसगढ़ में है।

छत्तीसगढ़ देश के सबसे तेजी से उभरते हुए राज्यों में से एक है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का विस्तार हुआ है। विशाखापट्नम एवं रांची को जोड़ने वाली एक्सप्रेस वे तैयार हो रही है। PMGSY से कोने-कोने में ग्रामीण सड़कें बिछ गई हैं। वर्ष 2014 से अब तक रेलवे के जो प्रोजेक्ट्स बने हैं और जो पाइपलाइन में हैं उन्हें शामिल किया जाए तो रेलवे ट्रैक की लंबाई उतनी ही होती है जितना रेलवे के इतिहास से वर्ष 2014 तक बिछी थी। खरसिया-परमालकसा जैसे रेलवे ट्रैक के माध्यम से

छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को जोड़ा जा रहा है। वन्दे भारत जैसी अत्याधुनिक और सुविधापूर्ण ट्रेन नागरिकों को मिली हैं। उड़ान योजना के तहत प्रदेश के एयरपोर्ट्स को अपग्रेड किया गया है और प्रदेश को देश के प्रमुख शहरों से बढ़िया कनेक्टिविटी मिली है। रायपुर एयरपोर्ट से कार्गो की शुरूआत भी हो चुकी है।

हमारी नई औद्योगिक नीति ने प्रदेश में निवेश के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिले हैं। इनसे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

बरसों तक छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा की यातना झेली है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने सुनियोजित रणनीति के माध्यम से माओवाद के विरुद्ध लड़ाई छेड़ी।

मैं प्रदेश के बहादुर जवानों के साहस की भरपूर प्रशंसा करता हूँ। आप लोगों ने रात-दिन जागकर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपना मनोबल ऊंचा रखा है। हमारे जवानों ने जहर फैलाने वाले माओवाद के थिंकटैंक को न्यूट्रलाइज किया है।

हमने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतंत्र में आस्था प्रकट करने की अपील की। बहुत से माओवादियों ने हिंसा को छोड़कर संविधान को अपनाया।

हमने नक्सलियों के पुनर्वास की नई नीति तैयार की। दो सालो में ही 2500 से अधिक नक्सलियों ने संविधान में आस्था प्रकट की। बस्तर की धरती से हम इस साल के मार्च महीने तक माओवाद को पूरी तरह से समाप्त कर देंगे।

बस्तर ने माओवाद का बड़ा नुकसान सहा है। अब बस्तर के जख्मों को तेजी से भरने का काम हमें करना है। इसके लिए हमने ठोस Roadmap तैयार किया है। नई औद्योगिक नीति में जनजातीय क्षेत्रों में निवेश पर सर्वाधिक अनुदान प्रावधान हैं। जनजातीय लोगों के लिए उद्यम आरंभ करने पर सस्ती जमीन और विशेष रियायतें हैं। एक हजार करोड़ के निवेश अथवा 1000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर विशेष अनुदान की व्यवस्था भी है।

नियद नेल्ला नार (Niyad Nella Naar) जैसी योजनाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन इलाकों में सतत विकास पर जोर रहा है

ताकि स्थानीय वनोपज आदि संसाधनों के बेहतर दोहन से जनजातियों की आय बढ़े। वन धन केंद्रों के माध्यम से संग्राहकों को संग्रहण का उचित भुगतान हो रहा है।

प्रधानमंत्री द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना आदि प्रमुख योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।

बस्तर में बंद पड़े अनेक स्कूल हमने पुनः आरंभ किये हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का नेतृत्व इन्हीं स्कूलों में से निकले प्रतिभाशाली बच्चे करेंगे।

माओवादी हिंसा के चलते प्रदेश के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं भी ठप पड़ी थीं। अब इनका कायाकल्प (Rejuvenation) हो रहा है। सुकमा के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ। अब यहां सीजेरियन डिलीवरी भी हो रही है। मोबाइल मेडिकल वैन दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में भी पहुंच रही हैं। अभी पिछले महीने ही 51 मोबाइल मेडिकल वैन को विशेष पिछड़ी जनजाति वाली बसाहटों के लिए भेजा गया है।

MBBS की पढ़ाई हिंदी में शुरू होने से जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भी सुविधा हो रही है। दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कालेज शुरू होने से स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल एजुकेशन का विस्तार होगा।

शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। बच्चों के समग्र विकास में शिक्षा की अहम भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया गया है। इसके माध्यम से बच्चे भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के साथ ही आधुनिक ज्ञान-विज्ञान भी सीख रहे हैं।

Newton और Galileo की तरह ही आर्यभट्ट (Aryabhatta) और ब्रह्मगुप्त (Brahmagupta) जैसे हमारे खगोलविदों और गणितज्ञों ने आज से सैकड़ों बरस पहले ऐसे गणितीय सूत्रों को खोजा, जिससे यूनिवर्स की हमारी समझ मजबूत हुई, दुर्भाग्य से इन्हें सिलेबस में मामूली जगह दी गई। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इन्हें शामिल किया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषाओं में बच्चों को पढ़ाने पर फोकस किया गया है इसे ध्यान में रखकर प्रदेश में स्थानीय भाषाओं में शिक्षा दी जा रही है। इससे बच्चों का शिक्षा के प्रति फोकस बढ़ा है।

दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था हो, इसके लिए Rationalization को अपनाया गया है। विद्या समीक्षा केंद्रों के माध्यम से 9 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाए जा रहे है। उच्च शिक्षा में भी हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया है। नवा रायपुर को हम एजुकेशन हब के रूप में तैयार कर रहे हैं। यहां National Institute of Fashion Technology, National Institute of Electronics & Information Technolony, National Forensic Sciences University जैसी संस्थाएं आरंभकर रहे हैं।

युवाओं के skills training की भी हमने भरपूर व्यवस्था की है। लाइवलीहुड कालेज के माध्यम से हर साल कुशल युवा तैयार किये जा रहे हैं। इस साल 13 हजार युवा लाइवलीहुड कालेज से प्रशिक्षित हुए हैं।

नई औद्योगिक नीति में कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक समय के आईटी, एआई, फार्मा जैसे सेक्टर में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं। मुझे इस बात की हार्दिक खुशी है कि छत्तीसगढ़ आधुनिक उद्योगों की स्थापना में भी आगे है। यहां सेमीकंडक्टर प्लांट का काम प्रगति पर है। एआई डाटा सेंटर पार्क अस्तित्व में आ रहा है। आईटी सेक्टर भी तेजी से तरक्की कर रहा है।

हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है। हमारी सरकार किसानों को फसल का सबसे अच्छा मूल्य दे रही है। हम किसानों से 3100 रुपए प्रति Quintal तथा 21 Quintal प्रति acre धान खरीदी कर रहे हैं।

हम जैविक खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रहे हैं। पूरी दुनिया में आर्गेनिक फूड की डिमांड बढ़ी है। छत्तीसगढ़ की जमीन organic farming के लिए काफी अनुकूल है।

देश-दुनिया में Millets की मांग भी तेजी से बढ़ी है। हमारे किसानों के लिए इस क्षेत्र में काफी अवसर हैं। कृषि के साथ पशुपालन को भी महत्व दे रहे हैं। एनडीडीबी से प्रदेश के मिल्क फेडरेशन का एमओयू होने के बाद तेजी से इस पर काम हो रहा है। ड्रोन दीदी को ड्रोन से कीटनाशकों का छिड़काव करते देखना सुखद है। यह बताता है कि खेती काफी हाईटेक हो चुकी है और इसमें महिलाएं भी पीछे नहीं है।

हमारी मातृशक्ति के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। यह उनकी मेहनत का सम्मान है। प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाएं इस पैसे से अपनी जरूरत पूरा करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई और भविष्य में निवेश कर रही है।

प्रधानमंत्री जी ने बीते वर्षों में महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक बड़े निर्णय लिये, इनमें से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य देश में तीन करोड़ लखपति दीदी देश भर में तैयार करने का भी है। छत्तीसगढ़ में भी इस लक्ष्य को लेकर तेजी से कार्य हो रहा है और अब तक प्रदेश में 4 लाख 93 हजार लखपति दीदी बन चुकी हैं।

हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य कर रही है। तरक्की की राह पर सबको जोड़ने के उद्देश्य से दिव्यांगजनों की बेहतरी के लिए भी अनेक निर्णय लिये गये हैं। दिव्यांगजनों के हित में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की बकाया ऋण राशि एकमुश्त वापस की गई, ताकि निगम द्वारा दिव्यांगजनों को शिक्षा एवं स्वरोजगार के लिए 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके।

प्रधानमंत्री जी की फ्लैगशिप योजनाएं किस तरह आपस में समन्वय से काम करती हैं इसका सुंदर उदाहरण प्रधानमंत्री आवास योजना है। प्रदेश में हमने 18 लाख आवास मंजूर किये, इन घरों में Centering लगनी थी। इनकी Supply Self Help Groups ने की, हमारी 8 हजार से अधिक Self Help Group की बहनें इस योजना के लिए Centering तथा निर्माण सामग्री की Supply में लगी और ऐसा करते हुए वे लखपति दीदी बन चुकी हैं।

सम्मानित अटल जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया है। वे सुशासन को सबसे ज्यादा महत्व देते थे। हमारी सरकार ने सुशासन को हर स्तर पर अपनाया है। E-Office के आ जाने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है तथा निर्णय लेने की गति तेज हुई है। Biometric System से सरकारी कामकाज बेहतर हो रहा है।

मोदी जी ने वर्ष 2070 तक Zero carbon emissions का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ इस उद्देश्य को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। हमारे यहां तेजी से Green energy को अपनाया जा रहा है। ग्रीन स्टील के निर्माण में हमारी अग्रणी भूमिका होगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाये गये हैं।

भविष्य में जल संकट से निपटना भी हमारी महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिए राज्य सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। हम नदियों को जोड़ने के लिए सर्वे आरंभ कर रहे हैं। इंद्रावती और महानदी जैसी नदियों को जोड़ने से एक-एक बूंद का इस्तेमाल सही तरह से हो सकेगा। पानी की हर बूंद को बचाने के लिए हम शहरों में वाटर हारवेस्टिंग का काम प्राथमिकता से कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में मिशन मोड पर भू-जल संवर्धन के लिए स्ट्रक्चर बनाए हैं। 2 सालों में एक हजार से अधिक नये तालाब खोदे गये तथा 5 हजार से अधिक तालाबों का रिनोवेशन किया गया है। अमृत सरोवर योजना फेस-2 के तहत 10 हजार से अधिक डबरी तथा 72 सरोवर बनाये गये हैं। पानी के विवेकपूर्ण

इस्तेमाल पर जितनी ज्यादा जागरूकता बढ़ेगी, हम जल संकट से उतना ही दूर रहेंगे। तालाब और डबरी निर्माण के लिए लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। विशेषकर हम बड़े किसानों को अपने खेतों में तालाब निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण आज के समय की अहम समस्या है। माइक्रो प्लास्टिक का प्रदूषण इस सीमा तक पहुंच गया है कि रिसर्च में माँ के दूध में भी इसके कण मिले हैं। इस गंभीर समस्या का सामना करने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। प्लास्टिक के उपयोग के खतरों के संबंध में लगातार जागरूकता अभियान शासन द्वारा चलाये जा रहे हैं। इन अभियानों का अच्छा असर हो रहा है और लोग अब इनके इस्तेमाल से कतराने लगे हैं।

बीते एक दशक में प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देश की सूरत को संवारने में अहम भूमिका निभाई है। स्वच्छता सर्वेक्षण के माध्यम से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के संबंध में अग्रणी रहने की ललक बढ़ी है। स्वच्छता सर्वेक्षण में रायपुर को प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला और गार्बेज फ्री सिटीज की रेटिंग में 7 स्टार मिला। तीन लाख से

दस लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बिल्हा को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में प्रथम स्थान मिला। यह गौरव की बात है कि प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में बिल्हा की स्वच्छता दीदियों की प्रशंसा की।

आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी अधोसंरचना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। स्वास्थ्य से जुड़े हुए सभी कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य की 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं तथा इसके उपचार की सफलता दर 90 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है।

हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से उबरने के लिए प्रभावी कार्य किये गये हैं। दो वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को जेनेटिक कार्ड वितरण हो चुका है और कुल 1 करोड़ 52 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है।

अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 2 लाख 81 हजार से अधिक मोतियाबिंद आपरेशन हुए हैं। मोतियाबिंद आपरेशन के लिए शासन ने एम्स से भी एमओयू किया है। परीक्षा से पूर्व बच्चों का आई टेस्ट कर लिया जाए, इसके पुख्ता इंतजाम किये गये हैं और इसके तहत 1 लाख 62 हजार चश्मों का वितरण स्कूली बच्चों को किया गया है।

राज्य की रजत जयंती के अवसर पर हमने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया। हमने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया। हमने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन भी किया। अब ट्राइबल खेलों की मेजबानी भी करने जा रहे हैं।

गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नये संकल्प लेने का भी दिन होता है। आइये यह संकल्प लें कि विकसित छत्तीसगढ निर्माण में अपनी पूरी भागीदारी देंगे।

मैं आप सभी को पुनः गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

जय भारत, जय छत्तीसगढ़

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कोरबा

कोरबा पुलिस ने 3 डकैती मामलों का किया खुलासा:4 आरोपी और 1 नाबालिग गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डकैती की तीन घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से डकैती में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार, बीते दिनों बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान, साथ ही दीपका थाना क्षेत्र की दीपका खदान में हथियारों के बल पर डकैती की वारदातें हुई थीं। बदमाशों ने कर्मचारियों से मारपीट कर नकदी और कीमती सामान लूटा था।

इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए बाँकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 148/2026, 131/2026 और दीपका थाने में अपराध क्रमांक 01/2026 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने जांच शुरू की।

टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और संदिग्धों पर निगरानी रखी। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में राजपाल चौहान (22), निवासी जामनीमूड़ा पाली; फिरोज मेमन (27), निवासी भिलाईबाजार, हरदीबाजार; निकेश कुमार कश्यप (21), निवासी शुक्लाखर, थाना बांकीमोंगरा; और होरीलाल केवट (24), निवासी शांतिनगर, थाना कुसमुंडा शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने तीनों डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। मुख्य आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस गिरोह के कुछ अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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कोरबा

किन्नर समाज अध्यक्ष मालती किन्नर का निधन:कोरबा में सामाजिक-राजनीतिक जगत में शोक, निर्दलीय महापौर प्रत्याशी भी रहीं

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कोरबा। कोरबा किन्नर समाज की अध्यक्ष और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मालती किन्नर का रविवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

मालती किन्नर को कोरबा में किन्नर समाज की मुखर आवाज के रूप में जाना जाता था। उन्होंने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया। वे त्योहारों और शुभ अवसरों पर बधाई देने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद और सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी अग्रणी रहीं।

महापौर पद का चुनाव लड़ चुकी थी

सामाजिक गतिविधियों के अलावा, मालती किन्नर राजनीति में भी सक्रिय थीं। उन्होंने कोरबा नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महापौर पद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव नहीं जीत पाईं, लेकिन उनके इस कदम ने किन्नर समाज को मुख्यधारा की राजनीति में पहचान दिलाई।

बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारी भी संभाली और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनके मिलनसार स्वभाव और संघर्षशील व्यक्तित्व के कारण समाज के सभी वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने कई बार प्रशासनिक स्तर पर भी किन्नर समाज की समस्याओं को उठाया।

नेताओं ने जताया शोक

मालती किन्नर के निधन की खबर से किन्नर समाज सहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि उन्होंने समाज को सम्मान दिलाने और हाशिए पर खड़े लोगों को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

निधन की सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से किन्नर समाज के सदस्य कोरबा पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

मालती किन्नर के निधन से कोरबा ने एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता खो दिया है। किन्नर समाज के सदस्यों का कहना है कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

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कोरबा

कृष्णा ग्रुप ने धूमधाम से मनाया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस

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राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ कर्मचारियों ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प

कोरबा। अपनी सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रीय परंपराओं को निरंतर निभाने वाले कृष्णा ग्रुप द्वारा देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को पूरे उत्साह, उमंग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी, मैनेजिंग डायरेक्टर संजय मोदी, डायरेक्टर राजा मोदी, चैतन्य मोदी, नरेंद्र मोदी, अयन मोदी, श्रीमती प्रीति मोदी, श्रीमती शिखा मोदी, श्रीमती अंकिता मोदी एवं वेदान्त मोदी सहित कृष्णा ग्रुप मैनेजमेंट तथा कोरबा में संचालित विभिन्न डीलरशिप के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ प्रातः 11 बजे ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इसके बाद भारत माता की पूजा-अर्चना कर संघ प्रार्थना की गई तथा राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

छोटे-छोटे अनुशासन भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम — अशोक मोदी

समारोह को संबोधित करते हुए कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का इतिहास अत्यंत गौरवशाली होने के साथ-साथ अनेक संघर्षों से भी भरा हुआ है। विदेशी आक्रमणों और लंबे समय तक चले विदेशी शासन ने देश की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को प्रभावित किया। इसके पश्चात अंग्रेजी शासन की ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के माध्यम से भारत में आई और धीरे-धीरे अपनी सत्ता स्थापित करते हुए पूरे देश को गुलामी की ओर धकेल दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति के माध्यम से भारतीयों को आपस में बांटने का प्रयास किया।

श्री मोदी ने कहा कि आज भी देश में विदेशी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चिंता एवं विरोध देखने को मिलता है। उन्होंने जेसीबी इंडिया जैसी विदेशी कंपनियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका प्रभाव भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों के लिए कई बार गंभीर प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियां उत्पन्न करता है। ऐसे में आवश्यकता है कि सरकार विदेशी कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियों पर उचित नियंत्रण एवं प्रभावी नियमन सुनिश्चित करे, ताकि भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों को समान अवसर मिल सके और देश की कंपनियां मजबूती के साथ आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक, व्यापारी, उद्योगपति और युवा के सामूहिक प्रयास से संभव है। हमें स्वदेशी उत्पादों, भारतीय उद्यमों और देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने के साथ-साथ अपनी तकनीकी एवं औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना होगा।

श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है, इसलिए इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

श्री मोदी ने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा पर जाकर या कोई बड़ा कार्य करके ही नहीं की जाती, बल्कि हम अपने दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों से भी राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। ईमानदारी से अपना कार्य करना, समय पर कार्यस्थल पर उपस्थित होना, निर्धारित कार्य को पूरी जिम्मेदारी से पूरा करना, कार्य के समय मोबाइल पर अनावश्यक समय न गंवाना, स्वच्छता बनाए रखना, प्लास्टिक एवं कचरा इधर-उधर न फेंकना, पार्किंग एवं यातायात नियमों का पालन करना तथा सरकार द्वारा निर्धारित कर, जीएसटी, आरटीओ, इंश्योरेंस, बैंकिंग एवं अन्य सभी नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करना भी राष्ट्रसेवा का ही हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने व्यवहार में शालीनता, ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी को अपनाए तथा देश की उन्नति के बारे में चिंतन करे, तो भारत को और अधिक शक्तिशाली, समृद्ध एवं विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

अशोक मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने विकास के अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। हमारा लक्ष्य भारत को पुनः “सोने की चिड़िया” के रूप में विश्व के सामने स्थापित करना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत सदैव विश्व शांति का पक्षधर रहा है और हमारी संस्कृति पूरे विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देती है। आने वाले समय में भारत मानवता, शांति, सद्भाव और संस्कारों के माध्यम से विश्व का मार्गदर्शन करे तथा पूरे विश्व में रामराज्य जैसी आदर्श व्यवस्था की स्थापना की दिशा में आगे बढ़े, यही हमारी कल्पना और संकल्प होना चाहिए।

विदेशों में प्रशिक्षण लेकर लौटते हैं, लेकिन भारत जैसा अपनापन कहीं नहीं — राजा मोदी

कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर राजा मोदी ने कहा कि कंपनी के कार्यों के सिलसिले में उन्हें पिछले कई वर्षों से विदेशों में जाने का अवसर मिलता रहा है। विदेशों में प्रशिक्षण लेने और नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली सीखने के बावजूद भारत जैसा अपनापन, प्यार, सम्मान और आत्मीयता कहीं और अनुभव नहीं होती।

उन्होंने कहा कि भारत जैसा महान देश पूरे विश्व में दूसरा नहीं है। हमें अपने देश की विशेषताओं को समझते हुए अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए और देश के भविष्य के बारे में निरंतर चिंतन करना चाहिए।

एआई एवं नई तकनीक अपनाकर भारत के विकास में दें योगदान — वेदान्त मोदी

कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर वेदान्त मोदी ने कहा कि भारत में व्यवसाय एवं विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। आज दुनिया तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और नई कार्यप्रणालियों को अपनाकर अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाना चाहिए तथा देश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नई तकनीक, नवाचार, मेहनत और राष्ट्रहित की भावना को साथ लेकर आगे बढ़ें तो भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।

प्रतिदिन राष्ट्रगान एवं धार्मिक-सामाजिक सेवा कृष्णा ग्रुप की विशेष पहचान

समारोह में कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कृष्णा ग्रुप की राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृष्णा ग्रुप के सभी शोरूम एवं वर्कशॉप में प्रतिदिन राष्ट्रगान किया जाना अपने आप में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक संस्था होने के बावजूद कृष्णा ग्रुप द्वारा सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को भी निरंतर महत्व दिया जाता है। प्रत्येक सप्ताह हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाता है। वहीं श्री सप्तदेव मंदिर के माध्यम से नियमित रूप से धार्मिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण, छाता वितरण, शरबत वितरण, भोग-भंडारा, प्रसाद वितरण सहित अनेक सेवा गतिविधियां समय-समय पर की जाती हैं।

नशामुक्ति का दिलाया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से उपस्थित शेखर जी, ब्रह्माकुमारी बहन मधुबाला एवं सृष्टि बहन द्वारा उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति का संकल्प कराया गया। उन्होंने स्वस्थ एवं संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर उनके कार्य, अनुशासन, समर्पण एवं संस्था के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की गई तथा अन्य कर्मचारियों को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर कृष्णा ग्रुप की ओर से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही सभी से राष्ट्रहित, समाजहित एवं संस्था की प्रगति के लिए निरंतर ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

कृष्णा ग्रुप ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि व्यवसाय के साथ-साथ राष्ट्रसेवा, समाजसेवा, धार्मिक परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अनुशासन एवं मानव सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

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