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कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड:29 लड़ाकू विमानों ने सिंदूर, वज्रांग, अर्जन फॉर्मेशन बनाए, 90 मिनट की परेड में वंदे मातरम समेत 30 झाकियां

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नई दिल्ली,एजेंसी। देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।

समारोह में पहली बार दो मुख्य अतिथि, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हुए। 90 मिनट की परेड में अलग-अलग राज्यों और मंत्रालयों की 30 झांकियां दिखाई गईं।

परेड में तीनों सेनाओं ने अपनी ताकत दिखाई। एयरफोर्स के राफेल, जगुआर, मिग 29, सुखोई समेत 29 एयरक्रॉफ्ट शामिल हुए। इन्होंने सिंदूर, वज्रांग, अर्जन और प्रहार फॉर्मेशन बनाए।

सेनाओं ने मिसाइलें, बैटल एयरक्राफ्ट, नई बटालियन और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल घातक वेपन सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। इनमें ब्रह्मोस और आकाश वेपन सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर सूर्यास्त्र, मेन बैटल टैंक अर्जुन और स्वदेशी मिलिट्री प्लेटफार्मों और हार्डवेयर की सीरीज शामिल थीं।

पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे।

90 मिनट की परेड

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू सुबह 10:30 बजे बग्घी में राष्ट्रपति भवन से कर्तव्य पथ के लिए रवाना हुईं। मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी साथ थे।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू सुबह 10:30 बजे बग्घी में राष्ट्रपति भवन से कर्तव्य पथ के लिए रवाना हुईं। मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी साथ थे।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू अपने काफिले के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंचीं। यहां उनका स्वागत पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति ने किया।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू अपने काफिले के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंचीं। यहां उनका स्वागत पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति ने किया।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन और एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन और एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

पीएम मोदी ने मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने उर्सुला को परेड की झाकियों के बारे में बताया। साथ में एंटोनियो कोस्टा।

पीएम मोदी ने उर्सुला को परेड की झाकियों के बारे में बताया। साथ में एंटोनियो कोस्टा।

ध्वज फॉर्मेशन में 129 हेलिकॉप्टर यूनिट के 4 Mi-17 1V हेलिकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए पुष्पवर्षा की।

ध्वज फॉर्मेशन में 129 हेलिकॉप्टर यूनिट के 4 Mi-17 1V हेलिकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए पुष्पवर्षा की।

एयरक्राफ्ट ने सिंदूर, वज्रांग, अर्जन फॉर्मेशन बनाए

वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इन्होंने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी।

वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इन्होंने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया।

अर्जन फॉर्मेशन में एक C-130 विमान लीड में और दो C-295 विमान 'विक्ट्री' फॉर्मेशन में एक साथ उड़ रहे थे।

अर्जन फॉर्मेशन में एक C-130 विमान लीड में और दो C-295 विमान ‘विक्ट्री’ फॉर्मेशन में एक साथ उड़ रहे थे।

फ्लाई पास्ट में सुखोई, C295 समेत 29 एयरक्राफ्ट ने वरुण, अर्जन, सिंदूर फॉर्मेशन बनाए। इन विमानों ने चंडीगढ़ से उड़ान भरी। वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल नजर आए। अर्जन फॉर्मेशन C295 एयरक्राफ्ट के जरिए बनाया गया।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया। यह डिजाइन सिर्फ एयरोडायनामिक्स नहीं बल्कि भावना, परंपरा और संदेश को ध्यान में रखकर तय की गई। सिंदूर फॉर्मेशन आसमान में तिलक की तरह नजर आया।

परेड में राज्यों की 30 झाकियां, 2,500 कलाकार शामिल

देश में अलग-अलग राज्यों और मंत्रालयों की 30 से ज्यादा झाकियां शामिल हुईं। इनमें 2,500 कलाकार शामिल हुए।

असम की झांकी से शुरुआत हुई। इसमें धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया।

असम की झांकी से शुरुआत हुई। इसमें धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई।

77वें गणतंत्र दिवस की थीम- वंदे मातरम

इस बार 77वें गणतंत्र दिवस की थीम वंदे मातरम थी। वजह-राष्ट्रगान वंदे मातरम को 150 साल पूरे हुए थे।

संस्कृति मंत्रालय ने 'वंदे मातरम' थीम पर झांकी पेश की।

संस्कृति मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम’ थीम पर झांकी पेश की।

गणतंत्र दिवस परेड खत्म होने के बाद पीएम मोदी कुछ देर पैदल चले और लोगों का अभिवादन किया।

गणतंत्र दिवस परेड खत्म होने के बाद पीएम मोदी कुछ देर पैदल चले और लोगों का अभिवादन किया।

वॉर मेमोरियल पर पीएम की श्रद्धांजलि की तस्वीरें…

पीएम मोदी सोमवार सुबह सबसे पहले नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। शहीदों को सैल्यूट किया और दो मिनट का मौन रखा।

पीएम मोदी सोमवार सुबह सबसे पहले नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। शहीदों को सैल्यूट किया और दो मिनट का मौन रखा।

पीएम मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल की डिजिटल साइन बुक में नोट लिखा। यहां वे 10 मिनट रहे।

पीएम मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल की डिजिटल साइन बुक में नोट लिखा। यहां वे 10 मिनट रहे।

परेड देखने राहुल गांधी-मल्लिकार्जुन खड़गे भी पहुंचे

शिवराज सिंह के पीछे तीसरी पंक्ति में बैठे राहुल गांधी। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी थे।

PM मोदी दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों के पास पहुंचे

परेड खत्म होने के बाद पीएम मोदी गैलरी में बैठे लोगों से मिलने के लिए पहुंचे। इस बीच लोग मोदी-मोदी कहते दिखाई दिए।

इसके बाद वे गाड़ी में बैठकर लोगों का अभिवादन करते हुए कर्तव्य पथ से रवाना हो गए।

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छत्तीसगढ़-स्कूल से लौट रहे 3 बच्चे नदी में बहे, मौत:UP के बाराबंकी में सड़क पर नाव चल रहीं, MP में 6 महीने पुरानी सड़क बही

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नई दिल्ली, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की तरह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। यहां बिलासपुर में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए। रविवार को तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

यूपी में भी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने से 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बाराबंकी में करीब 1,250 ग्रामीणों के लिए नाव ही आने-जाने का सहारा बनी हुई है। लोगों को रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो रही है।

मध्य प्रदेश के सीधी में शनिवार को रू.104 करोड़ लागत से 6 महीने पहले बनी सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश में बह गया। नरसिंहपुर में रेतघाट पुल पानी में डूब गया है।

सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बह गए। इनमें दो लोग बच गए, तीसरा लापता है। पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया।

सैटेलाइट मैप में देखें बादलों की स्थिति…

देशभर में मौसम की तस्वीरें…

बिहार के खगड़िया में गंगा का पानी गांव में पहुंच गया है। बच्चे सिर पर बैग रखकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

बिहार के खगड़िया में गंगा का पानी गांव में पहुंच गया है। बच्चे सिर पर बैग रखकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

दिल्ली के जसोला में 15 साल का लड़का खुले नाले में बहा, NDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया ।

दिल्ली के जसोला में 15 साल का लड़का खुले नाले में बहा, NDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया ।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में बारिश के कारण पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर सड़क धंस गई, जिससे गाड़ी की आवाजाही रुक गई है।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में बारिश के कारण पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर सड़क धंस गई, जिससे गाड़ी की आवाजाही रुक गई है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रविवार सुबह अगस्त के महीने में घना कोहरा देखने को मिला। विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह गई।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रविवार सुबह अगस्त के महीने में घना कोहरा देखने को मिला। विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह गई।

उत्तराखंड के मसूरी में मॉल रोड पर सुबह करीब 3 बजे भारी बारिश के दौरान एक पेड़ होटल पर गिर गया। हादसे में होटल की छत को नुकसान पहुंचा है।

उत्तराखंड के मसूरी में मॉल रोड पर सुबह करीब 3 बजे भारी बारिश के दौरान एक पेड़ होटल पर गिर गया। हादसे में होटल की छत को नुकसान पहुंचा है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा का पानी बढ़ने से बोटिंग बंद कर दी गई है। इसके कारण नावें किनारों पर खड़ी हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा का पानी बढ़ने से बोटिंग बंद कर दी गई है। इसके कारण नावें किनारों पर खड़ी हैं।

उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख 84 घाट डूब गए हैं। तस्वीर नमो घाट की है।

उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख 84 घाट डूब गए हैं। तस्वीर नमो घाट की है।

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देश

स्पेस में सैटेलाइट री-फ्यूलिंग, दवाइयां बनाने की तैयारी:पीएम को स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने बताए प्लान, स्काईरूट हर महीने रॉकेट लॉन्च करेगी

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नई दिल्ली, एजेंसी। अंतरिक्ष में सैटेलाइट रीफ्यूलिंग, कचरा हटाने वाले रोबोट और हवा में तैरती दवाइयां। भारत का स्पेस सेक्टर अब फिल्मों में दिखने वाली टेक्नोलॉजी सच करने पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स फाउंडर्स से खास बातचीत की।

पीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्यमियों का हाथ कभी नहीं छोड़ेगी। रिस्क लेने वालों को पूरा सपोर्ट मिलेगा। ये बातचीत 21 अगस्त को की गई थी, लेकिन वीडियो आज 23 अगस्त को रिलीज किया गया है।

देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने प्लान्स बताए।

देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने प्लान्स बताए।

मुलाकात के दौरान पीएम ने स्टार्टअप्स के प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी ली।

मुलाकात के दौरान पीएम ने स्टार्टअप्स के प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी ली।

स्काईरूट का हर महीने रॉकेट लॉन्च करने का लक्ष्य

स्काईरूट ने पीएम मोदी को बताया कि 18 जुलाई को भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट से सैटेलाइट्स को कामयाबी के साथ ऑर्बिट में स्थापित किया था। कंपनी ने अब तक 3 फैक्ट्रियां तैयार कर ली हैं, जिनमें हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता है।

कंपनी की योजना हर महीने एक रॉकेट लॉन्च करने की है। इसके बाद का लक्ष्य हर हफ्ते एक और भविष्य में हर दिन कई रॉकेट लॉन्च करने का है।

हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया था। इस कामयाब लॉन्च के बाद पीएम मोदी ने स्टार्टअप फाउंडर से फोन पर बात की थी।

हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया था। इस कामयाब लॉन्च के बाद पीएम मोदी ने स्टार्टअप फाउंडर से फोन पर बात की थी।

फ्यूल स्टेशन, सफाई रोबोट और दवा बनाने वाली सैटेलाइट्स

भारतीय स्टार्टअप्स कई नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं:

  • स्पेस पेट्रोल पंप: एक कंपनी डॉकिंग और रीफ्यूलिंग तकनीक विकसित कर रही है, जो अंतरिक्ष में ही सैटेलाइट्स में ईंधन भरने का काम करेगी।
  • कचरा हटाना: एक रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट पर काम चल रहा है, जो स्पेस में तैरते बेकार और ‘डेड’ सैटेलाइट्स को पकड़कर ऑर्बिट से बाहर निकालेगा।
  • स्पेस फार्मा: एक स्टार्टअप ऐसे सैटेलाइट्स तैयार कर रहा है जो अंतरिक्ष की जीरो-ग्रेविटी में दवाइयां बनाएंगे और धरती पर लाएंगे।

स्पेस पेट्रोल पंप और स्पेस फार्मा को जानें…

जैसे सड़क पर गाड़ी का पेट्रोल खत्म होने पर हम पंप पर जाते हैं, वैसे ही अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स का ईंधन खत्म हो जाता है। एक भारतीय कंपनी ऐसी तकनीक बना रही है, जो हवा में ही उड़ती हुई सैटेलाइट्स से जुड़कर उनमें दोबारा पेट्रोल-डीजल की तरह ईंधन भर देगी।

वहीं जब धरती पर कोई दवा बनाई जाती है, तो गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव के कारण उसके केमिकल्स और प्रोटीन ठीक से मिक्स नहीं हो पाते या नीचे बैठने लगते हैं।

इसके उलट, अंतरिक्ष में दवाइयां और प्रोटीन बिना किसी खिंचाव के शुद्ध रूप में आपस में मिलते हैं। इससे दवाइयों के बनने का तरीका बेहद सटीक और साफ होता है।

अमेरिका-यूरोप छोड़कर भारत आ रहे इंजीनियर्स

स्पेस सेक्टर को प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोले जाने के बाद एक नया ग्लोबल ट्रेंड दिख रहा है। अमेरिका और यूरोप में काम करने वाले भारतीय इंजीनियर्स अब अपनी नौकरियां छोड़कर भारत लौट रहे हैं और देश के स्पेस स्टार्टअप्स से जुड़ रहे हैं।

इस पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि पूरी दुनिया का टैलेंट स्पेस सेक्टर में करियर बनाने के लिए भारत का रुख करे। भारतीय टैलेंट पूल दुनिया के वैज्ञानिकों को अपनी तरफ खींचने वाले मैग्नेट की तरह काम कर सकता है।

1 महीने में मिले 8 नए इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट्स

भारतीय स्टार्टअप्स ग्लोबल लेवल पर ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क तैयार कर रहे हैं और सैटेलाइट इंजनों का एक्सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं। यह इंजन सैटेलाइट्स को स्पेस में 5 से 15 सालों तक एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद करते हैं।

कॉस्ट-इफेक्टिवनेस यानी कम लागत और टैलेंट के दम पर भारतीय कंपनियों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पिछले एक महीने में ही भारतीय स्टार्टअप्स को 8 नए लॉन्च के कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं, जिनमें ज्यादातर विदेशी क्लाइंट्स के हैं।

स्पेस डेटा से 10 लाख किसानों की मदद की तैयारी

स्पेस-टेक स्टार्टअप्स का फोकस भारत के कृषि क्षेत्र पर भी है। स्टार्टअप्स की योजना स्पेस डेटा और सैटेलाइट्स के जरिए लगभग 10 लाख किसानों की मदद करने की है।

इससे मौसम, मिट्टी की नमी और फसलों के स्वास्थ्य की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे खेती-किसानी को ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके।

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देश

वाराणसी के सभी घाट डूबे, छतों पर आरती-अंतिम संस्कार:MP-UP समेत 4 राज्यों में आज भारी बारिश, राजस्थान में अगस्त में पारा 40° पहुंचा

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नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से गंगा और घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। वाराणसी में सभी 84 घाट डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट की छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है।

उधर, राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है। इससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में 39.9° और चूरू में 39° तापमान रिकॉर्ड हुआ।

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को मध्य प्रदेश के 22 और यूपी के 28 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी तेज बारिश होगी।

दरअसल, मध्य प्रदेश में 3 मानसूनी सिस्टम एक्टिव हैं। रीवा-सीधी के पास लो प्रेशर एरिया, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से मानसून ट्रफ और दक्षिणी-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती घेरा बना हुआ है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

भारी बारिश से मध्यप्रदेश के सतना का शबरी वाटरफॉल रौद्र रूप में दिखाई दे रहा है।

भारी बारिश से मध्यप्रदेश के सतना का शबरी वाटरफॉल रौद्र रूप में दिखाई दे रहा है।

वाराणसी में घाट पर बने 100 छोटे-बड़े मंदिर डूब गए हैं। छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

वाराणसी में घाट पर बने 100 छोटे-बड़े मंदिर डूब गए हैं। छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की परवाह किए बिना स्कूल जाते हुए बच्चे। यह वीडियो उत्तराखंड पुलिस ने शेयर किया है।

रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की परवाह किए बिना स्कूल जाते हुए बच्चे। यह वीडियो उत्तराखंड पुलिस ने शेयर किया है।

लखनऊ के हुसैनगंज में शुक्रवार शाम आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे दुकानों और घरों में पानी भर गया।

लखनऊ के हुसैनगंज में शुक्रवार शाम आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे दुकानों और घरों में पानी भर गया।

शिमला के ताराहाल में चलती कार के अगले हिस्से पर पेड़ गिर गया। साथ ही एक बाइक सवार भी बाल-बाल बचा।

शिमला के ताराहाल में चलती कार के अगले हिस्से पर पेड़ गिर गया। साथ ही एक बाइक सवार भी बाल-बाल बचा।

देहरादून-मसूरी रोड पर भूस्खलन से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे ट्रैफिक थम गया।

देहरादून-मसूरी रोड पर भूस्खलन से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे ट्रैफिक थम गया।

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