देश
77वां गणतंत्र दिवस:पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी, परेड की 50 PHOTOS
नई दिल्ली,एजेंसी। देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड निकली। तीनों सेनाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया और ताकत दिखाई।
पहली बार दो मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल रहे।
पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी।
परेड के तमाम रंग दिखातीं तमाम तस्वीरें…

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू, मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन बग्घी में बैठे।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू अपने काफिले के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंचीं।

राष्ट्रपतिने ग्रुप कैप्टन,एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

पीएम मोदी ने उर्सुला को परेड की झाकियों के बारे में बताया। साथ में एंटोनियो कोस्टा।

Mi-17 1V हेलिकॉप्टर से ध्वज फॉर्मेशन बनाया। कर्तव्य पथ पर फूल बरसाए।

यूरोपीय संघ (EU) दल में 3 जिप्सियों पर 4 ध्वजवाहक शामिल हुए।
सेना की शक्ति की 25 तस्वीरें…

धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) ने आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता को दर्शाया।

344 मिसाइल रेजिमेंट के कैप्टन अनिमेष रोहिला के नेतृत्व में वेपन सिस्टम कर्तव्य पथ पर शामिल हुआ।

असम रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया और सलामी दी। इस दौरान अपना प्रसिद्ध रेजिमेंटल गीत ‘बदलूराम का बदन’ गाया।

कुमाऊं रेजिमेंट, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और 11 गोरखा राइफल्स के कंबाइंड मिलिट्री बैंड में 74 म्यूजिशियन ने मार्च किया।

एनिमल कंटिन्मेंट की परेड में शामिल बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू और काला चील। ये सीमा पर तैनात गुमनाम नायकों की भूमिका-बलिदान को बताते हैं।

परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकी। यह दर्शाती है कि देश की सीमाएं सुरक्षित हाथों में है।

भारतीय नौसेना की झांकी की थीम ‘परंपरा में निहित, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन की ओर अग्रसर’ पर रही। झांकी में INS विक्रांत को भी दिखाया गया।

वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इन्होंने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया।

अर्जन फॉर्मेशन में एक C-130 विमान लीड में और दो C-295 विमान ‘विक्ट्री’ फॉर्मेशन में एक साथ उड़ रहे थे।

मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी ने का नेतृत्व लेफ्टिनेंट अमित चौधरी (2 अरुणाचल स्काउट्स) ने किया। यह टुकड़ी भारतीय सेना की उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात विशिष्ट पैदल सेना इकाइयों का प्रतिनिधित्व करती है।

पैराशूट रेजिमेंट, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स और राजपूताना राइफल्स के संयुक्त मिलिट्री बैंड में 75 संगीतकार शामिल हुए।

सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरव बटालियन ने मेजर अंजुम गोरखा के नेतृत्व में पैदल मार्च किया।

BSF का ऊंट दस्ता, जिसकी अगुआई डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर ने की। उनके ऊंट का नाम चेतक है।

यह मशहूर ऊंट सवार बैंड है। 1976 से लगातार परेड में शामिल हो रहा है। यह 3 अधिकारी और 50 ऊंट सवारों का दस्ता है।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर राजपूत रेजिमेंट ने परेड की। इसमें 100 से ज्यादा जवान शामिल थे।

पहली बार किसी महिला अधिकारी ने CRPF पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व किया। इनका नाम सहायक कमांडेंट सिमरन बाला है।

उत्तराखंड निदेशालय के 148 कैडेट्स ने एनसीसी सीनियर विंग (गर्ल्स) के साथ मार्च किया। इस दौरान पर्वतारोहण, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग के बारे में बताया।

स्काउट गाइड टीम। यह छात्रों में आत्म-अनुशासन, नेतृत्व, नागरिकता के गुण विकसित करने के लिए ‘तैयार रहें’ के आदर्श वाक्य के साथ काम करती है।

148 कैडेट्स वाले NCC दल ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसका नेतृत्व उत्तराखंड डायरेक्टोरेट की सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने किया।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की जॉइंट डेयरडेविल्स टीम ने कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन किया ।कांस्टेबल साजी के.एस. ने एक पहिए वाली बाइक पर शानदार हिम्मत और बैलेंस दिखाया।

CRPF कांस्टेबल सीमा पुंडीर ने 11 सैनिकों के साथ मिलकर शानदार सर्वत्र सुरक्षा फॉर्मेशन बनाया।

कर्तव्य पथ पर T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन Mk I मेन बैटल टैंक का प्रदर्शन किया गया।

वज्रांग फॉर्मेशन की तस्वीरें। इस फॉर्मेशन में 6 राफेल विमान ‘वज्रांग’ फॉर्मेशन में उड़े।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ, दिल्ली में भारतीय वायुसेना ने वरुणा फॉर्मेशन में 1 P-8I और 2 सुखोई-30 विमानों के साथ फ्लाई-पास्ट किया।

PANCHNAAG कॉन्फिगुरेशन में 5 फंक्शनल क्षमताएं हैं। इसमें पहचान करना, निगरानी, हमला, काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव शामिल है। जिन्हें नेक्स्ट-जेनरेशन इक्विपमेंट और हथियारों का सपोर्ट मिलता है।

हेलिकॉप्टर के नीचे लगाए कैमरे में तिरंग को फहराने का पल रिकॉर्ड किया गया।
परेड में शामिल राज्यों-मंत्रालयों की 19 झांकी

मध्य प्रदेश की झांकी 77वें गणतंत्र दिवस पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित रही।

राजस्थान की झांकी में बीकानेर की विश्व-प्रसिद्ध उस्ता कला की शाही और आत्मनिर्भर सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई। कालिंजर से प्राप्त एकमुख लिंग उसकी गहरी आध्यात्मिक परंपरा और स्थापत्य कला का प्रतीक रहा।

छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाते गई। ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ लड़ने वाले अमर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी गई।

ओडिशा की झांकी खेती से लेकर नई तकनीक तक राज्य की प्रगति और महिलाओं की भागीदारी को दिखाते हुए आत्मनिर्भर भारत में उसके योगदान को दर्शाती है।

असम की झांकी ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर रही। झांकी में धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया। यह भारत का सबसे बड़ा टेराकोटा शिल्प केंद्र है।

पंजाब की झांकी में नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350वें साल को पूरी श्रद्धा से याद किया गया।

गुजरात की झांकी में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर भीखाजी कामा और अन्य क्रांतिकारियों को सम्मान दिया। जिन्होंने विदेशों में भारत की आजादी का संदेश फैलाया।

नागालैंड की झांकी हॉर्नबिल फेस्टिवल कल्चर पर रही। इसमें टूरिज्म और कम्युनिटी की आत्मनिर्भरता के जीवंत रूप में दिखाया गया। ये नॉर्थईस्ट में आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है।

तमिलनाडु की झांकी में राज्य ने अपनी पुरानी संस्कृति को संभालते हुए नई तकनीक से साथ आगे बढ़ना दर्शाया।

पश्चिम बंगाल की झांकी भारत की आज़ादी की लड़ाई में राज्य की बड़ी भूमिका दिखाती है, जिसमें बंकिम चंद्र, स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, खुदीराम बोस और अन्य महान नेताओं का योगदान दर्शाया गया है।

जम्मू-कश्मीर की झांकी ने वहाँ के हस्तशिल्प और लोकनृत्यों की समृद्ध परंपरा दिखाकर भारत की विविध संस्कृति को दर्शाया।

पुडुचेरी की झांकी अपनी समृद्ध संस्कृति, टेराकोटा व शिल्प कला और ऑरोविल की विश्व-प्रसिद्ध सोच को दिखाती है।

केरल की झांकी भारत के पहले वॉटर मेट्रो और डिजिटल साक्षरता की उपलब्धि दिखाती है।

भारतीय सिनेमा को सेलिब्रेट करती झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई। इसका नेतृत्व प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने किया। झांकी का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के आर्ट फॉर्म को दुनियाभर में दर्शाना है।

गृह मंत्रालय की झांकी में भारत के नए न्याय कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-दिखाए गए।

संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम्-राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ थीम पर रही। दर्शाया गया कि कैसे वंदे मातरम गीत आजादी के समय हर भारतीय के दिल और क्रांतिकारियों की आवाज बना।

सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की फूलों की झांकी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ की याद दिलाई।

संस्कृति मंत्रालय के कलाकारों ने वंदे मातरम् नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जो इसके 150 साल पूरे होने पर देश की एकता और देशभक्ति को दिखाता है।
कर्तव्य पथ पर पीएम ने लोगों का अभिवादन किया

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन किया।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद कर्तव्य पथ पर रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए गए।
देश
Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
देश
Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
देश
स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
