रायपुर,एजेंसी। दुर्ग के थनौद गांव में शिवनाथ नदी में आई बाढ़ में फंसे 32 मजदूरों को एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया है। इनमें बच्चे, महिला और पुरुष शामिल हैं। सभी भारत माला परियोजना में काम करने आए थे। तभी नदी का जलस्तर बढ़ गया। प्रदेश में लगातार बारिश से कई नदी-नाले उफान पर हैं। गरियाबंद के रवेली में जान जोखिम में डालकर लोग उफनते नाले को पार कर रहे हैं।
कवर्धा जिले में एक ही परिवार की दो महिलाओं की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं चरोटा भाजी (साग) तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर पड़ी। यह घटना घटना 8 जुलाई की शाम लगभग 6:00 बजे की है।
कवर्धा में 2 महिलाओं की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
12 जिलों में भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ की आशंका
इस बीच मौसम विभाग ने रायपुर-बिलासपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई है। इंद्रावती नदी के तेज बहाव में नाव पलटने से एक शख्स लापता है। एक व्यक्ति चट्टान पर फंसा हुआ है।वहीं
लगातार बारिश से राजिम में महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। त्रिवेणी संगम स्थित कुलेश्वर महादेव की सीढ़ियां डूब गई हैं। रायगढ़ में केलो नदी का जलस्तर बढ़ने से डैम के 2 गेट खोले गए हैं। बता दें कि रायपुर में पिछले दो दिनों में 140 MM पानी गिर चुका है। अगले दो दिन बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
आज (बुधवार) राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, धमतरी,गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। रायपुर, कोरबा, कबीरधाम, रायगढ़, सूरजपुर, बलरामपुर सहित प्रदेश के 21 जिलों में यलो अलर्ट है। वहीं पांच जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।
शिवनाथ नदीं में आई बाढ़ में फंसे 32 मजदूरों का रेस्क्यू किया किया गया।
गरियाबंद के रवेली में जान जोखिम में डालकर लोग उफनते नाले को पार कर रहे हैं।
इंद्रावती नदी में नाव पलटी, ग्रामीण लापता
दंतेवाड़ा जिले से होकर बहने वाली इंद्रावती नदी में बुधवार सुबह एक नाव पलट गई है।हादसे में एक व्यक्ति लापता है वहीं दूसरा चट्टानों के बीच फंसा हुआ है। बाजार से लौटते वक्त हादसा हुआ है। मामला बारसूर थाना क्षेत्र का है।
ग्रामीण बारसूर के पास स्थित मंगनार के रहने वाले हैं। जो नाव के सहारे बोधघाट बाजार गए हुए थे। लौटते वक्त इंद्रावती और गुडरा नदी के संगम में तेज बहाव के चलते इनकी नाव पलट गई। नाव में कितने लोग सवार थे ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम को खबर कर दी गई है।
इंद्रावती नदी में नाव पलटने से एक शख्स लापता है। वहीं एक व्यक्ति चट्टान पर फंसा हुआ है।
इससे पहले रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग में मंगलवार को जमकर बारिश हुई। बिलासपुर में कई निचले इलाकों के घरों और बस्तियों में पानी भर गया।
इसके साथ ही बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तीरथगढ़ वाटरफॉल पूरे शबाब पर है। वाटरफॉल का खूबसूरत नजारा देखने पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर वाटरफॉल के नजदीक जाकर फोटोशूट करवा रहे हैं।
लगातार हो रही बारिश से राजिम के त्रिवेणी संगम का जलस्तर बढ़ गया है। कुलेश्वर महादेव मंदिर की सीढ़ियां डूबी।
महानदी का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणी संगम का जलस्तर बढ़ गया है। कुलेश्वर महादेव की सीढ़ियां पानी में डूग गई हैं।
दुर्ग में शिवनाथ नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
रायगढ़ में केलो नदी का जलस्तर पहले से अधिक बढ़ा हुआ है
लगातार बारिश से जगदलपुर के तीरथगढ़ वाटरफॉल की खूबसूरती बढ़ गई है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तीरथगढ़ वाटरफॉल पूरी तरह शबाब पर है।
16 पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार कर रहे ग्रामीण
कांकेर जिले में 4 गांवों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नदी पर बने स्टॉप डेम का सहारा लेना पड़ता है। वे 16 पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार कर रहे हैं, जिसका वीडियो सामने आया है। स्कूली बच्चों को भी इसी खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है।
जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर बांसकुंड, ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर गांव के 500 से अधिक लोग बारिश की वजह से परेशान हैं। यहां चिनार नदी पर पुल नहीं बना है। ग्रामीण डैम के पिलरों को कूद-कूदकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
बारिश की ये तस्वीरें देखिए
कांकेर जिले में चिनार नदी पर पुल नहीं बनने से लोग पिलरों पर कूद-कूदकर नदी पार रहे हैं।
कोरबा के देवप्रहरी वाटरफॉल में फंसे 5 लड़के-लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रायपुर में मंगलवार सुबह हुई बारिश से शहर के कई सड़कों पर पानी भर गया।
तेज बारिश के बाद रायपुर के महादेवघाट स्थित खारून नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
बिलासपुर में कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया है। यह तस्वीर बिलासपुर के शेखर गुप्तार ने ड्रोन से ली है।
बिलासपुर में लगातार बारिश से रतनपुर-पेंड्रा मार्ग बंद हो गया है। कई इलाकों में पानी भर गया है।
सरकंडा के शिवम होम्स कॉलोनी सहित आसपास के कई घरों में पानी भर गया है।
बिलासपुर में ग्रामीण क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे बाढ़ आ गई है।
प्रदेश में अब तक 291.9 मिमी बरसा पानी
छत्तीसगढ़ में 1 जून से 7 जुलाई शाम 5 बजे तक 291.9 मिलीमीटर औसत वर्षा हो चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 447.8 मिमी वर्षा हुई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 113.7 मिमी पानी बरसा है।
तस्वीर बिलासपुर के बंधवापारा, इमलीभाठा, चौबे कॉलोनी, जोरापारा की है। जहां जलभराव हो गया।
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के अमृतधारा की तस्वीर है। भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति है।
बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल भी अपने पूरे शबाब पर है।
गरियाबंद में लगातार बारिश कई खेतों में पानी भर गया।
बलरामपुर में तेज बारिश से पुल बहा
बलरामपुर में चार दिन पहले गेरांव स्थित बांस झर्रा में पुल बहने से बड़मार क्षेत्र का संपर्क कई गांव से कट गया । मार्ग पर आना जाना बंद हो गया है। इलाके में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। छत्तीसगढ़ में बारिश की बात करें तो 1 जून से अब तक 243.4 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बीजापुर जिले में सबसे ज्यादा 382 मिमी बारिश और बेमेतरा जिले में सबसे कम 81.5 मिमी सबसे कम पानी गिरा है। आने वाले समय में मूसलाधार बारिश की उम्मीद है।
बलरामपुर के गेरांव के बांस झर्रा में पुल बहने से बड़मार क्षेत्र का संपर्क कई गांव से कट गया।
रायपुर, एजेंसी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की घोषणा की है। इस बार छत्तीसगढ़ पुलिस के 152 अधिकारी और जवान अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित होंगे। इनमें 141 को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और 1 अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा।
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीरता और अदम्य साहस का परिचय देने वाले सेना के जवानों, अफसरों और पुलिस अधिकारियों और जवानों को अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक चले अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को इस बार खास तौर पर सम्मानित किया गया है।
वीरता पदक पाने वाले प्रमुख अधिकारियों में आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला, एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिन्सन गुड़िया शामिल हैं। आईजी पी. सुंदरराज को नक्सल विरोधी अभियानों का बेहतर तरीके से नेतृत्व करने और माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए किए गए काम के लिए वीरता पदक दिया गया है।
आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को किया जाएगा वीरता पदक से सम्मानित।
आईजी एलेसेला, एएसपी रॉबिंसन को भी वीरता पदक
आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को नक्सल प्रभावित इलाकों में साहस के साथ नेतृत्व करने के लिए वीरता पदक दिया जाएगा। एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी विशेष अभियानों में बहादुरी दिखाने के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
सीनियर IPS अधिकारी कोटवानी को राष्ट्रपति पदक
विशिष्ट सेवा के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। पुलिस सेवा में उनके लंबे अनुभव, बेहतर प्रशासन और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है।
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, एएसपी दीपमाला कश्यप के नाम।
सराहनीय सेवा के लिए इन अफसरों को मिलेगा सम्मान
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त डीसीपी डॉ. अर्चना झा, एएसपी दीपमाला कश्यप, डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल, इंस्पेक्टर पिनाकी, डीएसपी सविता सिंह परिहार, असिस्टेंट कमांडेंट बृजेश कुमार तिवारी, कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह और प्लाटून कमांडर नेहरू लाल शामिल हैं।
मनीषा ठाकुर रावटे सराहनीय सेवा पदक 20 वाहनी बटालियन की कमांडेंट है। डायल 112 प्रोजेक्ट में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के एक कार्यक्रम में सरेंडर नक्सली महिलाओं ने रैंप वॉक किया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन और स्वदेशी एक्सपो आयोजित किया गया था। जहां पूर्व महिला नक्सलियों ने कोसा साड़ी पहनकर हैंडलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया।
यह फैशन शो सिर्फ पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर और मुख्यधारा से जुड़कर नई जिंदगी शुरू कर रही महिलाओं की प्रेरक कहानी भी सामने लेकर आया। कभी बंदूक और हिंसा के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
रैंप वॉक की तस्वीरें देखें…
कोसा सिल्क पहनकर उतरीं सरेंडर नक्सली महिलाएं।
रैंप पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखी।
रैंप वॉक करने वाली सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं।
रैंप वॉक के जरिए दिया संदेश
स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और कोसा सिल्क से तैयार आकर्षक परिधानों को प्रदर्शित किया।
सरेंडर नक्सलियों ने रैंप वॉक के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के बाद सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत संभव है।
कभी बंदूक के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि रैंप वॉक करने वाली लगभग सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास और यादगार रहा। पारंपरिक परिधानों में रैंप पर चलती महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के लिए शो
यह फैशन शो सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और नए अवसरों की दिशा में सकारात्मक संदेश के रूप में सामने आया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया।
रैंप वॉक पर दिखी हथकरघा परंपरा की झलक
रैंप पर कोसा सिल्क पहनकर उतरीं आत्मसमर्पित महिलाओं ने एक तरफ छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखाई, वहीं दूसरी ओर बदलते बस्तर की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें बंदूक की जगह हुनर और हिंसा की जगह आत्मनिर्भरता नजर आई।
‘लोकल टू ग्लोबल’ की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ में इन महिलाओं की मौजूदगी ने यह संदेश भी दिया कि पुनर्वास और अवसर मिलने पर वे अपनी नई पहचान और सम्मानजनक भविष्य बना सकती हैं।
जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला जांजगीर-चांपा की प्रथम परिचयात्मक बैठक गुरुवार, 13 अगस्त को जिला कार्यालय जांजगीर-चांपा में आयोजित की गई। बैठक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी के निर्देशानुसार एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती संतोषी सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य महिला मोर्चा को जिले में और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ एवं मंडल स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा। बैठक में महिला कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी, संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत, जिला संगठन सह प्रभारी राजेंद्र वैष्णव, जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
वहीं विशेष अतिथि के रूप में महिला मोर्चा भाजपा जिला प्रभारी श्रीमती पुनिता डहरिया, जिला सह प्रभारी श्रीमती विभा गौरहा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यालता मीरी, बलौदा जनपद पंचायत, जिला महामंत्री श्रीमती नन्दनी राजवाड़े, जिला महामंत्री शक्ति श्रीमती मोहन कुमारी साहू, अध्यक्ष श्रीमती शारदा सनत देवांगन, नवागढ़ जनपद अध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवी सिंह, नपा अध्यक्ष श्रीमती रेखा गढ़वाल, नपं अध्यक्ष श्रीमती अर्चना देवांगन, जिला पंचायत सभापति श्रीमती प्रियंका सिंह, श्रीमती संतोषी रात्रे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में जिला एवं मंडल स्तर की महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित अतिथियों ने महिला कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा महिलाओं को पार्टी की विचारधारा एवं संगठन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा महिला मोर्चा जिला जांजगीर-चांपा की जिला महामंत्री डॉ. धनेश्वरी जागृति ने किया। अंत में महिला मोर्चा की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त जिला उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा डेहरे द्वारा किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे संतोष लहरे, अमर सुल्तानिया, रवि पाण्डेय, प्रदीप श्रॉफ, श्रीमती उमा सोनी, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती, पूजा राठौर, श्रीमती संजीत माली, श्रीमती प्रेमलता कौशिक, श्रीमती अन्नपूर्णा सोनी, श्रीमती मेघा यादव, श्रीमती संतोषी बरेठ, श्रीमती रोशनी राठौर, श्रीमती कल्याणी केशरवानी, श्रीमती शशि राठौर, श्रीमती पुष्पा सिंह, श्रीमती मनीषा गोपाल, श्रीमती पूनम राय,श्रीमती पूनम अग्रवाल सहित सभी मंडल के महिला मोर्चा की अध्यक्ष महामंत्री एवं जिला एवं मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं और महिला मोर्चा को जिले में और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने का संकल्प लिया।