Connect with us

छत्तीसगढ़

बिना टिकट यात्रा पर रू.500 जुर्माना, पहले रू.250 था:महिला कोच में घुसे तो रू.2500 पेनाल्टी, स्टेशन-ट्रेन में भीख मांगने पर रोक

Published

on

दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों में नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए कई बदलाव किए हैं। अब नियम तोड़ने वालों पर डबल पेनाल्टी लगाई जाएगी। बिना टिकट यात्रा करने पर 500 रुपए जुर्माना लिया जाएगा, जो पहले 250 रुपए था।

वहीं, महिला कोच में घुसने पर 2500 रुपए, स्मोकिंग करने पर 2 हजार रुपए, भीख मांगने और बिना अनुमति फेरी लगाकर सामान बेचने पर 2 हजार तक की पेनाल्टी लगाई जाएगी।

ट्रेन और स्टेशनों पर भीख मांगने वालों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। ये नए नियम आज से लागू हो गए हैं। इसे लेकर रेलवे स्टेशनों पर अनाउंसमेंट किया जा रहा है।

पुराने नियमों में किया गया बदलाव

जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की कई धाराओं में बदलाव किया गया है। रेलवे का कहना है कि इन बदलावों का मकसद यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, रेलवे परिसर में अनुशासन बनाए रखना और नियम तोड़ने वालों पर सख्ती करना है।

10 दिन पहले से सख्ती

जानकारी के अनुसार यह बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू होना था, लेकिन रेलवे ने इसे 20 जून से ही लागू करने का फैसला किया है। रेलवे स्टेशनों पर इसको लेकर अनाउंसमेंट शुरू हो गए हैं।

मामला कोर्ट तक जा सकता है

अगर कोई यात्री बिना वैध टिकट यात्रा करता है, पुरानी टिकट का दोबारा इस्तेमाल करता है या टिकट से जुड़े नियमों का उल्लंघन करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उससे पूरा किराया वसूला जाएगा।

इसके साथ कम से कम 500 रुपए अतिरिक्त पेनल्टी भी देनी होगी। यदि यात्री भुगतान नहीं करता है तो मामला कोर्ट तक जा सकता है और आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

टिकट ट्रांसफर को लेकर भी लगेगा जुर्माना

रेलवे ने किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट लेकर यात्रा करने वालों पर भी सख्ती बढ़ा दी है। ऐसे मामलों में टिकट जब्त की जा सकती है और यात्री से पूरा किराया वसूला जाएगा, साथ ही कम से कम 500 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा।

महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, सीट या केबिन में बिना अनुमति जाने पर भी अब कड़ा जुर्माना लगेगा। ऐसे मामलों में 2500 रुपए तक की पेनल्टी हो सकती है। जरूरत पड़ने पर यात्री को तुरंत कोच से हटाया जा सकता है और गंभीर मामलों में कोर्ट में भी कार्रवाई हो सकती है।

भीख मांगने पर पूरी तरह रोक

संसोधन नियमों के अनुसार आज से ही रेलवे परिसर और ट्रेनों में भीख मांगने, बिना अनुमति सामान बेचने या फेरी लगाने पर भी कार्रवाई बढ़ाई गई है। ऐसे मामलों में 2000 रुपए तक पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

ट्रेन में हंगामा करना पड़ेगा भारी

वहीं अगर कोई व्यक्ति नशे की हालत में ट्रेन या स्टेशन परिसर में हंगामा करता है, यात्रियों को परेशान करता है या रेलवे व्यवस्था में बाधा डालता है तो उसे ट्रेन से हटाया जा सकता है। ऐसे मामलों में 1000 रुपए तक पेनल्टी, कम अवधि की जेल या सामुदायिक सेवा जैसे प्रावधान भी रखे गए हैं।

इसके अलावा रेलवे परिसर में थूकना, अभद्र व्यवहार करना, प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसना, ट्रैक या यार्ड में बिना अनुमति जाना और यातायात नियम तोड़ना भी कार्रवाई के दायरे में आएगा। ऐसे मामलों में 500 रुपए तक पेनल्टी और गंभीर मामलों में जेल हो सकती है।

प्रतिबंधित सामान लेकर यात्रा करना भी अपराध

रेलवे ने खतरनाक और प्रतिबंधित सामान लेकर यात्रा करने वालों के खिलाफ सबसे सख्त नियम बनाए हैं। ऐसे मामलों में सामान जब्त किया जा सकेगा और न्यूनतम 10 हजार रुपए तक पेनल्टी लग सकती है। जरूरत पड़ने पर अदालत एक साल तक की सजा भी दे सकती है।

Continue Reading

कोरबा

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति एवं स्वतंत्रता दिवस की तैयारी हेतु संकुल स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई

Published

on

कोरबा। जिले के दूरस्थ वनाँचल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा, विकासखंड – पोड़ी-उपरोड़ा, जिला – कोरबा के संकुल केंद्र सिमगा एवं गडरा अंतर्गत दिनांक 5 अगस्त 2026 को सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हायर सेकेंडरी स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, मासिक मूल्यांकन एवं स्वतंत्रता दिवस समारोह की समुचित तैयारी हेतु प्राचार्य सतीश प्रकाश सिंह ने सभी व्याख्याता, संकुल समन्वयक, प्रधान पाठकों, शिक्षकों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

संकुल प्राचार्य सतीश प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी संस्था प्रमुख, व्याख्याताओ,शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस समारोह की समुचित तैयारी करने के लिए निर्देशित किए।
संकुल प्राचार्य सतीश प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति,मासिक मूल्यांकन, आगामी त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी,शिक्षकों की नियमित ऑनलाइन उपस्थिति, वीएसके ऐप, मध्यान्ह भोजन, नाश्ता, गैस से भोजन बनाने, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक स्कैनिंग एवं वितरण की जानकारी, छात्रवृत्ति, सरस्वती सायकल वितरण की तैयारी,मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन योजना, एमबीयू, आधार बायोमैट्रिक अपडेटेशन, अपार आई डी, किशोरी बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण, वृक्षारोपण, नशा मुक्ति अभियान, माय भारत युवा कार्यक्रम अंतर्गत विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन, तंबाकू मुक्त शाला,स्वच्छता अभियान, सड़क सुरक्षा अभियान,वीर जवानों को रक्षा सूत्र राखी प्रेषित किए जाने की जानकारी की समीक्षा की।
बैठक में विद्यार्थियों की सतत शैक्षिक उन्नति तथा विभिन्न आवश्यक विभागीय एजेंडा पर चर्चा की गई।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पालकगणों के साथ पृथक से आयोजित की गई संकुल स्तरीय पालक-शिक्षक बैठक में विद्यार्थियों के सतत शैक्षणिक उन्नति के लिए विशेष रूप से चर्चा की गई।
बैठक में पंचायतीराज व्यवस्था के जनप्रतिनिधि – सरपंचगण , शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष,सदस्यगण, पालकगण, व्याख्याता,संकुल समन्वयक द्वय , प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकगण,शिक्षक- शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

Continue Reading

कोरबा

बेकाबू ट्रेलर ने मवेशियों को रौंदा, 9 की मौत:बिलासपुर-कोरबा नेशनल हाईवे पर हादसा, हाईकोर्ट ने सरकार से कहा था- प्रभावी कदम उठाइए

Published

on

बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को तेज रफ्तार ट्रेलर ने मवेशियों के झुंड को कुचल दिया। बिलासपुर-कोरबा नेशनल हाईवे पर हुए हादसे में 9 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है।

1 साल में मवेशियों के कुचले जाने की यह चौथी बड़ी घटना है। इससे पहले जुलाई 2025 में मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर अज्ञात वाहन ने 23 गायों को कुचल दिया था, इनमें से 18 गायों की मौत हुई थी। इस घटना से पहले बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर ट्रक ने 15 गायों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी थी, हादसे में सभी गायों की मौत हो गई थी।

वहीं, सितंबर 2025 में रतनपुर रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने गायों के झुंड को रौंद दिया था। इसमें एक गर्भवती गाय समेत 8 गायों की जान चली गई। गर्भवती गाय का पेट फट गया था, जिससे बछड़ा बाहर आ गया था। इन सभी बड़ी घटनाओं पर हाईकोर्ट सख्ती दिखा चुका है। इसके अलावा भी प्रदेश में कई हादसे आए दिन होते रहते हैं।

मृत 9 मवेशियों का अंतिम संस्कार

बुधवार सुबह गतौरी के पास ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क पर लहूलुहान पड़े मवेशियों को देखा और इसकी सूचना पुलिस व गौसेवकों को दी।

मौके पर पहुंची टीम ने गौसेवकों की मदद से घायल नंदी का रेस्क्यू कर उसे छतौना स्थित गौरी गोपाल गौसेवा धाम भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, मृत 9 मवेशियों का गौसेवकों ने अंतिम संस्कार किया।

हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई जारी

दरअसल, सड़कों पर आवारा मवेशियों के जमावड़े को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट कई बार राज्य सरकार और एनएचएआई पर नाराजगी जता चुका है।

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव और एनएचएआई के अधिकारियों को मवेशियों को सड़कों पर आने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके बावजूद हाईवे पर मवेशियों की मौजूदगी कम नहीं हो रही है और लगातार हादसे हो रहे हैं।

हाईकोर्ट कितनी बार सख्त हुआ?

1. जुलाई 2025: रतनपुर हाईवे हादसे पर स्वत: संज्ञान

  • 17 गोवंश की मौत की घटना पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया।
  • मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा।
  • पूछा कि इतनी बड़ी लापरवाही के लिए किस अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई।
  • कोर्ट ने कहा कि पहले भी कई बार निर्देश देने के बावजूद ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय हैं।

2. 2025 में लंबित जनहित याचिका की निगरानी

  • हाईकोर्ट ने सड़कों पर आवारा गोवंश के मुद्दे पर सुनवाई जारी रखी।
  • सरकार और NHAI से प्रभावी कार्ययोजना मांगी।
  • कहा कि केवल गौधाम बनाना पर्याप्त नहीं, उनका संचालन भी प्रभावी होना चाहिए ताकि गोवंश सड़क पर न आए।
  • मुख्य सचिव, पशुपालन विभाग और अन्य एजेंसियों से नियमित प्रगति रिपोर्ट मांगी गई।

सरकार ने कोर्ट को क्या बताया?

  • गोवंश के लिए नए शेड स्वीकृत किए गए।
  • हाईवे पर गोवंश के गले में रेडियम पट्टी लगाने का अभियान शुरू किया गया।
  • कुछ गो-मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
  • NHAI ने बैरियर और शेड निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराने की जानकारी दी।
  • फेंसिंग, स्पीड लिमिट और गौ एम्बुलेंस की मांग
  • 4 अगस्त को हुए हादसे के बाद सामाजिक संगठनों और गौसेवकों ने नेशनल और स्टेट हाईवे पर गौ सुरक्षा फेंसिंग लगाने की मांग उठाई। गौसेवकों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
  • साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति सीमा निर्धारित करने, प्रत्येक जिले में गौ एम्बुलेंस की व्यवस्था करने और आवारा मवेशियों के लिए पर्याप्त शेड व चारे की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : लोक कलाओं के संरक्षण और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में संस्कृति विभाग की महत्वपूर्ण पहल

Published

on

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित

चयनित कलाकारों को मिलेंगे प्रतिवर्ष 12 से 24 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है।

योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइटwww.cgculture.inपर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी।

योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।

प्रविष्टियां भेजने का पता –
संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,
द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) – 492018

 प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026” स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677