दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। कांग्रेस ने 16 सितंबर से रायगढ़ से ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान की शुरुआत की है। हस्ताक्षर अभियान का आगाज राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने किया। बिलासपुर, मुंगेली और राजनांदगांव के बाद यात्रा दुर्ग पहुंचेगी। जहां 18 सितंबर को सभा होगी।
इस दौरान एआईसीसी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहेंगे। दोनों दिग्गज नेता मिनीमाता चौक दुर्ग से बाइक रैली के साथ सभा स्थल गांधी चौक पहुंचेंगे। इसके बाद भिलाई में इस अभियान का समापन होगा।
राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट।
पीसीसी चीफ के साथ तमाम बड़े नेता होंगे शामिल
बाइक रैली में पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कांग्रेस इस रैली के जरिए सत्ता में बैठी भाजपा सरकार पर चुनावी धांधली के आरोपों को जनता के सामने रखेगी। सभा की तैयारी को लेकर दुर्ग में कांग्रेस की अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सहप्रभारी डॉ. एस.ए. संपत कुमार ने विशेष रूप से भाग लिया।
राजनांदगांव के बाद दुर्ग पहुंचेंगे पायलट
रायगढ़ से हुई शुरुआत में सभा और मशाल रैली निकाली गई। बिलासपुर-बेलतरा में सभा के बाद पायलट की यात्रा तखतपुर, मुंगेली, बेमेतरा में पदयात्रा और जनसभाएं होने के बाद राजनांदगांव पहुंचेगी। इसके बाद यहां से यात्रा दुर्ग पहुंचेगी। दुर्ग में सभा के बाद भिलाई में अंतिम सभा का आयोजन होगा।
स्थल का किया निरीक्षण
इस बैठक का मुख्य एजेंडा 18 सितंबर को होने वाली आमसभा की तैयारियों की समीक्षा रहा। सहप्रभारी संपत कुमार ने मिनीमाता चौक, पुलगांव और गांधी चौक का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह सभा भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की आवाज को और बुलंद करने का माध्यम होगी।
इस बैठक में दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक अरुण वोरा और प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बीजेपी पर लगाया वोट चोरी का आरोप
संपत कुमार ने कहा कि, भाजपा ने मतदाताओं को धोखा देकर लोकतंत्र की हत्या की है। देशभर में भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में धांधली कर असली जनादेश को छीना है। महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने गलत तरीके से सत्ता हासिल की। राहुल गांधी ने इस संबंध में सबूतों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता के सामने सच्चाई रखी है।
कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी, विवादों से दूर रहने नसीहत
सभा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बैठकों का दौर तेज कर दिया है। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं इस दौरान किसी भी तरह के विवादों से दूर रहने की नसीहत दी गई है।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बाइक रैली के जरिए युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। यह कार्यक्रम भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से को प्रकट करने का बड़ा मंच बनेगा। 18 सितंबर को गांधी चौक में होने वाली इस आमसभा में न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होंगे। कांग्रेस इसे चुनावी राजनीति में निर्णायक मोड़ साबित करने की तैयारी में है।
मोदी का मांगा इस्तीफा
सभा को लेकर होने वाली इस बैठक में कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि, इतना सब होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन सत्ता में बने रहने की लालसा में भाजपा जनता के जनादेश का अपमान कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, दुर्ग की सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन जुटेंगे। पार्टी का उद्देश्य जनता के बीच जाकर भाजपा की कथित धोखाधड़ी को उजागर करना और लोकतंत्र बचाने का संदेश देना है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम- SSP
एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि, सभा स्थल और रैली मार्ग पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। चारों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई है। हर स्थान पर राजपत्रित अधिकारी और यातायात जवान तैनात रहेंगे। साथ ही बाइक पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है। जिससे आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो और सुरक्षा में कोई चूक न हो।
पूर्व मंत्री डहरिया बोले- हमारे कार्यकर्ता कोई चमचा नहीं
बिलासपुर में पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने इशारों-इशारों में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत को घेरा था। उन्होंने मंच से कहा था कि हमारे कार्यकर्ता कोई चमचा नहीं है। किसी नेता के चमचे नहीं हैं। सब कांग्रेस पार्टी के चमचे हैं। हमें अपने लोगों की आलोचना नहीं करनी चाहिए। हम सबको मिलकर पार्टी का काम करना होगा।
पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने इशारों-इशारों में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत को घेर लिया। उन्होंने मंच से कहा कि हमारे कार्यकर्ता कोई चमचा नहीं है।
महंत का चमचा वाला क्या बयान था ?
3 सितंबर को वोट चोर-गद्दी छोड़ जनसभा की तैयारी को लेकर रायपुर के राजीव भवन में बैठक चल रही थी। इसमें महंत ने जिला अध्यक्षों से कहा था कि, मैंने समझाइश में जरूर बोला है कि बातें बाहर जा रही हैं।इस तरह की बयानबाजी हमारी नहीं चमचों की गलती है।
उन्होंने कहा था कि चमचे किसी को मुख्यमंत्री तो किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाते हैं। सभी जिलाध्यक्ष और नेता अपने-अपने चमचों को संभालकर रखें। इसके बाद कांग्रेस नेताओं में बयान को लेकर बिखराव देखने को मिला था।
महंत ने कहा था कि, चमचे किसी को मुख्यमंत्री तो किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाते हैं। सभी जिलाध्यक्ष और नेता अपने-अपने चमचों को संभालकर रखें।
भूपेश ने कहा था- मत बोलना काम नहीं किया
छत्तीसगढ़ प्रभारी पायलट की मौजूदगी में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार पर कहा था कि, विधानसभा चुनाव के दौरान मौजूदा हालात पक्ष में थी। हर कोई कहते थे कि कांग्रेस की सरकार आएगी। भाजपा के लोग भी अपनी सीट को लेकर असमंजस में थे। महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ में भी भाजपा पर वोट चोरी कर जीत हासिल की।
भूपेश बघेल ने बिना नाम लिए टीएस सिंहदेव के बयान पर कटाक्ष कर कहा था कि, मैं मंच पर बैठे नेताओं से कहना चाहता हूं कि अब मत बोलना कि हमारी सरकार ने काम नहीं किया, इसलिए हम हार गए। प्रदेश में वोट चोरी के कारण कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है।
भूपेश ने नेताओं से कहा- अब मत बोलना हमारी सरकार ने काम नहीं किया।
टीएस सिंहदेव ने कहा था- वादा पूरा नहीं किए इसलिए हारे
दरअसल, एक सितंबर को टीएस सिंहदेव महासमुंद दौरे पर थे। उन्होंने हड़ताली NHM कर्मचारियों से मुलाकात की थी। उनकी सभा में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, कर्मचारियों से किए नियमितीकरण के वादे हमने पूरे नहीं किए, इसलिए मुझे और कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में बड़ी हार मिली है।
प्रदेश सहप्रभारी विजय जांगिड़ ने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का माइक छीन लिया।
पायलट के पहुंचते ही पूर्व मंत्री से छीना माइक
‘वोट चोर गद्दी छोड़’ सभा में सचिन पायलट और प्रदेश के शीर्ष कांग्रेस नेताओं के पहुंचने से पहले मंच पर मौजूद नेता भाषण दे रहे थे। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत बोल रहे थे, तभी सचिन पायलट के साथ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव सहित अन्य नेता पहुंचे।
इतने में मंच संचालन कर रहे सुबोध हरितवाल ने उन्हें अपनी बात खत्म करने के लिए इशारा किया, लेकिन वह अपना भाषण पूरा कर रहे थे, तभी प्रदेश सहप्रभारी विजय जांगिड़ ने माइक छीन लिया था। मंच पर माइक छीनने का वीडियो वायरल हुआ, जिसे उनका अपमान बताया गया।
भाजपा को अपमान लगता है तो मेरा सम्मान करे- अमरजीत भगत
वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने माइक छीनने पर कहा था कि समय की पाबंदी रहती है। बाहर से आए लोग छत्तीसगढ़ की संस्कृति, आदिवासी लोगों की संस्कृति से वाकिफ नहीं रहते हैं। कोई जानबूझकर नहीं करता है। सब हमारे मेहमान हैं। इसे इस रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। हम उन्हें क्षमा करते हैं।
अमरजीत ने कहा था कि भाजपा के नेता मामले को तूल देने में लगे हुए हैं। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि, अगर ऐसा लगता है कि मेरा अपमान हुआ है तो भाजपा के लोग मेरे लिए सम्मान सभा का आयोजन करें। बड़े-बड़े माला लाकर पहनाएं, तब पता चलेगा कि दिल से बोल रहे हैं।
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 30.09.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त हुए 09 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।
मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी)–संचालन रमेश चंद्र महापात्र के मुख्य आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में कैलाश चंद्र साहू , महाप्रबंधक (खनन), ओएसडी सीएमडी सचिवालय , अजय तिवारी, महाप्रबंधक (खनन), भूमिगत खदान विभाग, विश्वजीत मोइत्रा, उप महाप्रबंधक (उत्खनन) आंतरिक अंकेक्षण विभाग, राजेंद्र कुमार गुजर, सीनियर डीईओ, ए-1 वन विभाग, मुनिराम सतनामी, कार्यालय अधीक्षक निदेशक (मा. सं.) सचिवालय, शुभेंदु चटर्जी, वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक ए-1 गुणवत्ता नियंत्रण विभाग, मिनीश्वर प्रसाद जांगड़े, वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक सुरक्षा विभाग, वृन्दावन, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग तथा तपोधन मिश्रा, फोरमेन इंचार्ज, ग्रेड–ए-1 इंदिरा विहार सब-स्टेशन को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी। इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के योगदान एवं कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्ज्वल भविष्य की ईश्वर से कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहाँ के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।
गाँव स्थानीय जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगा प्लान
युक्तधारा से परिसंपत्तियों की मैपिंग और वाटर बजट से तय होंगी जल संरक्षण की प्राथमिकताएं
कोरबा, 30 सितम्बर 2026। गांव में क्या चाहिए और विकास की सबसे पहली जरूरत क्या है, अब इसका निर्धारण गांव के लोग, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर करेंगे। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्यगण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामों के समग्र एवं सतत विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि योजनाओं में हुए बदलावों और नई व्यवस्थाओं से ग्राम विकास को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग की जाएगी, जबकि वाटर बजट के आधार पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होगी। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रोजगार, जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियों से जुड़े कार्यों को एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिले और गांव में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
युक्तधारा बताएगा कहां है जरूरत और कहां बन सकता है काम
प्रशिक्षण में सहायक परियोजना अधिकारी संदीप डिक्सेना ने मैदानी अमले को विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग, स्थानीय आवश्यकताओं की प्रविष्टि, विकासात्मक अंतराल की पहचान तथा संभावित कार्यस्थलों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा परिसंपत्तियों का आकलन कर विकास कार्यों की आवश्यकता एवं प्राथमिकता का बेहतर निर्धारण किया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्यों का चयन किया जाएगा।
वाटर बजट से तय होगी गांव की जल जरूरत और संरक्षण की प्राथमिकता
प्रशिक्षण में वाटर बजट पर विशेष जोर दिया गया। ग्राम पंचायत में उपलब्ध जल संसाधनों तथा पानी की आवश्यकता का आकलन कर जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इससे गांव की वर्तमान एवं भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन और ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों एवं सुझावों को विकसित ग्राम पंचायत प्लान में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार ग्रामीणों की भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का आकलन और वैज्ञानिक तरीके से तैयार वाटर बजट ग्राम पंचायतों की विकास योजना का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से रोजगार सृजन, जल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना एवं स्थायी परिसंपत्तियों को आपस में जोड़ते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों में जरूरत आधारित और परिणाममूलक विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं श्रीमती सुष्मिता अनंत, कार्यपालन अभियंता आरईएस श्रीमती यामिनी, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर में गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने छापेमारी की है। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद अधिकारियों की टीम 3 गाड़ियों में कारोबारी के ठिकाने पर पहुंची। टीम ने यहां दस्तावेजों और गुटखा के स्टॉक की जांच शुरू की है।
जानकारी के मुताबिक शदाणी दरबार माार्केट में स्थित एक गोदाम में बड़ी मात्रा में सितार गुटखा रखे होने की जानकारी मिली थी। अफसरों ने रेड मारी तो गोदाम में 50 बोरे से ज्यादा सितार गुटखा मिले। गोदाम में रखा गुटखा किसका है? इसका पता लगाने में अफसर जुटे हुए हैं।
गोदाम में सितार गुटखा के बोरे अफसरों को जांच के दौरान मिले है।
3 गाड़ियों में पहुंची थी टीम
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद DGGI के अधिकारी रायपुर पहुंचे। इसके बाद 3 गाड़ियों में टीम कारोबारी के ठिकाने पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर गोदाम मालिक और कुछ लोगों को भी बुलाया गया और पूछताछ की गई। पूरी कार्रवाई की DGGI की टीम ने वीडियो रिकार्डिंग भी की है।
गुटखा किंग बंटी से जुड़ रहे तार
DGGI सूत्रों के अनुसार जिस गोदाम में मंगलवार की दोपहर को दबिश देकर गुटखा जब्त किया गया। वो गुटखा कारोबारी बंटी का बताया जा रहा है। कारोबारी बंटी का दुर्ग में पाटर्नर है, जहां पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।
कारोबारी बंटी महाराष्ट्र से ऑपरेट कर रहा है। महाराष्ट्र में कल्याण के पास फैक्ट्री डाली है। वहीं से गुटखा बनवाकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।
सेंट्रल GST ने 9 दिन पहले दुर्ग में मारा था छापा।
9 दिन पहले सेंट्रल GST ने दुर्ग में मारा था छापा
9 दिन पहले दुर्ग जिले में सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने छापा मारा था। कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में एक फैक्ट्री के अंदर सितार कंपनी का गुटखा बनाया जा रहा था। इस दौरान गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली 2 मशीनें और करीब 30 बोरा गुटखा जब्त किया गया था। इसके बाद रायपुर में कार्रवाई हुई है।