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छत्तीसगढ़

सचिन पायलट और भूपेश बाइक रैली के साथ पहुंचेंगे दुर्ग:रायगढ़ से शुरू हुआ कांग्रेस का ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान कल भिलाई में होगा खत्म

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दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। कांग्रेस ने 16 सितंबर से रायगढ़ से ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान की शुरुआत की है। हस्ताक्षर अभियान का आगाज राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने किया। बिलासपुर, मुंगेली और राजनांदगांव के बाद यात्रा दुर्ग पहुंचेगी। जहां 18 सितंबर को सभा होगी।

इस दौरान एआईसीसी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहेंगे। दोनों दिग्गज नेता मिनीमाता चौक दुर्ग से बाइक रैली के साथ सभा स्थल गांधी चौक पहुंचेंगे। इसके बाद भिलाई में इस अभियान का समापन होगा।

राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट।

राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट।

पीसीसी चीफ के साथ तमाम बड़े नेता होंगे शामिल

बाइक रैली में पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कांग्रेस इस रैली के जरिए सत्ता में बैठी भाजपा सरकार पर चुनावी धांधली के आरोपों को जनता के सामने रखेगी। सभा की तैयारी को लेकर दुर्ग में कांग्रेस की अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सहप्रभारी डॉ. एस.ए. संपत कुमार ने विशेष रूप से भाग लिया।

राजनांदगांव के बाद दुर्ग पहुंचेंगे पायलट

रायगढ़ से हुई शुरुआत में सभा और मशाल रैली निकाली गई। बिलासपुर-बेलतरा में सभा के बाद पायलट की यात्रा तखतपुर, मुंगेली, बेमेतरा में पदयात्रा और जनसभाएं होने के बाद राजनांदगांव पहुंचेगी। इसके बाद यहां से यात्रा दुर्ग पहुंचेगी। दुर्ग में सभा के बाद भिलाई में अंतिम सभा का आयोजन होगा।

स्थल का किया निरीक्षण

इस बैठक का मुख्य एजेंडा 18 सितंबर को होने वाली आमसभा की तैयारियों की समीक्षा रहा। सहप्रभारी संपत कुमार ने मिनीमाता चौक, पुलगांव और गांधी चौक का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह सभा भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की आवाज को और बुलंद करने का माध्यम होगी।

इस बैठक में दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक अरुण वोरा और प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बीजेपी पर लगाया वोट चोरी का आरोप

संपत कुमार ने कहा कि, भाजपा ने मतदाताओं को धोखा देकर लोकतंत्र की हत्या की है। देशभर में भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में धांधली कर असली जनादेश को छीना है। महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने गलत तरीके से सत्ता हासिल की। राहुल गांधी ने इस संबंध में सबूतों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता के सामने सच्चाई रखी है।

कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी, विवादों से दूर रहने नसीहत

सभा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बैठकों का दौर तेज कर दिया है। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं इस दौरान किसी भी तरह के विवादों से दूर रहने की नसीहत दी गई है।

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बाइक रैली के जरिए युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। यह कार्यक्रम भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से को प्रकट करने का बड़ा मंच बनेगा। 18 सितंबर को गांधी चौक में होने वाली इस आमसभा में न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होंगे। कांग्रेस इसे चुनावी राजनीति में निर्णायक मोड़ साबित करने की तैयारी में है।

मोदी का मांगा इस्तीफा

सभा को लेकर होने वाली इस बैठक में कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि, इतना सब होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन सत्ता में बने रहने की लालसा में भाजपा जनता के जनादेश का अपमान कर रही है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, दुर्ग की सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन जुटेंगे। पार्टी का उद्देश्य जनता के बीच जाकर भाजपा की कथित धोखाधड़ी को उजागर करना और लोकतंत्र बचाने का संदेश देना है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम- SSP

एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि, सभा स्थल और रैली मार्ग पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। चारों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई है। हर स्थान पर राजपत्रित अधिकारी और यातायात जवान तैनात रहेंगे। साथ ही बाइक पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है। जिससे आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो और सुरक्षा में कोई चूक न हो।

पूर्व मंत्री डहरिया बोले- हमारे कार्यकर्ता कोई चमचा नहीं

बिलासपुर में पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने इशारों-इशारों में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत को घेरा था। उन्होंने मंच से कहा था कि हमारे कार्यकर्ता कोई चमचा नहीं है। किसी नेता के चमचे नहीं हैं। सब कांग्रेस पार्टी के चमचे हैं। हमें अपने लोगों की आलोचना नहीं करनी चाहिए। हम सबको मिलकर पार्टी का काम करना होगा।

पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने इशारों-इशारों में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत को घेर लिया। उन्होंने मंच से कहा कि हमारे कार्यकर्ता कोई चमचा नहीं है।

पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने इशारों-इशारों में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत को घेर लिया। उन्होंने मंच से कहा कि हमारे कार्यकर्ता कोई चमचा नहीं है।

महंत का चमचा वाला क्या बयान था ?

3 सितंबर को वोट चोर-गद्दी छोड़ जनसभा की तैयारी को लेकर रायपुर के राजीव भवन में बैठक चल रही थी। इसमें महंत ने जिला अध्यक्षों से कहा था कि, मैंने समझाइश में जरूर बोला है कि बातें बाहर जा रही हैं।इस तरह की बयानबाजी हमारी नहीं चमचों की गलती है।

उन्होंने कहा था कि चमचे किसी को मुख्यमंत्री तो किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाते हैं। सभी जिलाध्यक्ष और नेता अपने-अपने चमचों को संभालकर रखें। इसके बाद कांग्रेस नेताओं में बयान को लेकर बिखराव देखने को मिला था।

महंत ने कहा था कि, चमचे किसी को मुख्यमंत्री तो किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाते हैं। सभी जिलाध्यक्ष और नेता अपने-अपने चमचों को संभालकर रखें।

महंत ने कहा था कि, चमचे किसी को मुख्यमंत्री तो किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाते हैं। सभी जिलाध्यक्ष और नेता अपने-अपने चमचों को संभालकर रखें।

भूपेश ने कहा था- मत बोलना काम नहीं किया

छत्तीसगढ़ प्रभारी पायलट की मौजूदगी में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार पर कहा था कि, विधानसभा चुनाव के दौरान मौजूदा हालात पक्ष में थी। हर कोई कहते थे कि कांग्रेस की सरकार आएगी। भाजपा के लोग भी अपनी सीट को लेकर असमंजस में थे। महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ में भी भाजपा पर वोट चोरी कर जीत हासिल की।

भूपेश बघेल ने बिना नाम लिए टीएस सिंहदेव के बयान पर कटाक्ष कर कहा था कि, मैं मंच पर बैठे नेताओं से कहना चाहता हूं कि अब मत बोलना कि हमारी सरकार ने काम नहीं किया, इसलिए हम हार गए। प्रदेश में वोट चोरी के कारण कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है।

भूपेश ने नेताओं से कहा- अब मत बोलना हमारी सरकार ने काम नहीं किया।

भूपेश ने नेताओं से कहा- अब मत बोलना हमारी सरकार ने काम नहीं किया।

टीएस सिंहदेव ने कहा था- वादा पूरा नहीं किए इसलिए हारे

दरअसल, एक सितंबर को टीएस सिंहदेव महासमुंद दौरे पर थे। उन्होंने हड़ताली NHM कर्मचारियों से मुलाकात की थी। उनकी सभा में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, कर्मचारियों से किए नियमितीकरण के वादे हमने पूरे नहीं किए, इसलिए मुझे और कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में बड़ी हार मिली है।

प्रदेश सहप्रभारी विजय जांगिड़ ने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का माइक छीन लिया।

प्रदेश सहप्रभारी विजय जांगिड़ ने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का माइक छीन लिया।

पायलट के पहुंचते ही पूर्व मंत्री से छीना माइक

‘वोट चोर गद्दी छोड़’ सभा में सचिन पायलट और प्रदेश के शीर्ष कांग्रेस नेताओं के पहुंचने से पहले मंच पर मौजूद नेता भाषण दे रहे थे। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत बोल रहे थे, तभी सचिन पायलट के साथ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव सहित अन्य नेता पहुंचे।

इतने में मंच संचालन कर रहे सुबोध हरितवाल ने उन्हें अपनी बात खत्म करने के लिए इशारा किया, लेकिन वह अपना भाषण पूरा कर रहे थे, तभी प्रदेश सहप्रभारी विजय जांगिड़ ने माइक छीन लिया था। मंच पर माइक छीनने का वीडियो वायरल हुआ, जिसे उनका अपमान बताया गया।

भाजपा को अपमान लगता है तो मेरा सम्मान करे- अमरजीत भगत

वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने माइक छीनने पर कहा था कि समय की पाबंदी रहती है। बाहर से आए लोग छत्तीसगढ़ की संस्कृति, आदिवासी लोगों की संस्कृति से वाकिफ नहीं रहते हैं। कोई जानबूझकर नहीं करता है। सब हमारे मेहमान हैं। इसे इस रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। हम उन्हें क्षमा करते हैं।

अमरजीत ने कहा था कि भाजपा के नेता मामले को तूल देने में लगे हुए हैं। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि, अगर ऐसा लगता है कि मेरा अपमान हुआ है तो भाजपा के लोग मेरे लिए सम्मान सभा का आयोजन करें। बड़े-बड़े माला लाकर पहनाएं, तब पता चलेगा कि दिल से बोल रहे हैं।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में दो दिन में 9 करोड़ का गांजा पकड़ाया:लग्जरी कारों-बसों से हो रही तस्करी, रायगढ़, मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर में कार्रवाई

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रायगढ़/मनेंद्रगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में कुल 8 करोड़ 65 लाख रुपए का गांजा पकड़ा गया है। अलग-अलग जिलों में लग्जरी कारों और बसों के जरिए से इसकी तस्करी हो रही थी।

शुक्रवार को 2 अलग-अलग कार्रवाई में कारों से गांजा मिला। रायगढ़ जिले में करीब 300 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं। एक दिन पहले सूरजपुर जिले में पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ के गांजे की गठरियां पकड़ी थीं। जिनका वजन 8 क्विंटल 30 किलो था।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

केस 1- रायगढ़ में लग्जरी कारों में मिला गांजा

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (5 जून) सुबह पुलिस को सूचना मिली कि, ओडिशा के सोनपुर इलाके से गांजे की बड़ी खेप 2 सफेद कारों में भरकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर ले जाई जा रही है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान कटकलिया मार्ग पर एक इनोवा क्रिस्टा और एक मारुति सुजुकी XL-6 को रोककर जांच की।

जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं। गाड़ी में ओडिशा नंबर प्लेट OD-10-H-0050 के नीचे छत्तीसगढ़ नंबर CG-13-BY-6540 की दूसरी नंबर प्लेट लगी थी। इससे पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद वाहन में सवार युवकों से पूछताछ शुरू की गई।

कार में मिला 300 किलो गांजा

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के दोनों कारों की तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों से करीब 300 किलो गांजा मिला। जब्त गांजा की कीमत बाजार में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

1 करोड़ 86 लाख की संपत्ति जब्त

पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा की यह खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने साथियों तक पहुंचाने जा रहे थे।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 300 किलो गांजा, दो कारें और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए बताई जा रही है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों को किया गिरफ्तार

धर्मेंद्र मौर्य (27) निवासी अनूपपुर (मध्यप्रदेश)

निखिल कश्यप (23) निवासी रामानुजगंज

रिंकु कश्यप (28) निवासी सरगुजा

केस 2 – मनेंद्रगढ़ में 3 करोड़ का गांजा पकड़ाया

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 2 कारों से करीब 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस को देखते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गए।

पुलिस गाड़ी नंबरों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

केस 3 – सूरजपुर में बस से पकड़ाया 4 करोड़ का गांजा

सूरजपुर जिले में गुरुवार को पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ का गांजा जब्त किया था। 8 क्विंटल 30 किलो गांजा कपड़ों की गठरियों में छिपाकर रखा गया था। बस के जरिए झाड़ू बेचने की आड़ में गांजा कटनी भेजा जा रहा था। बस में महिला और पुरुष सवार थे।

पुलिस ने ड्राइवर समेत 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। महिलाओं के साथ 4 दुधमुंहे बच्चे भी थे। मामले में 18 से 19 अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। मामला जयनगर थाना क्षेत्र का है।

ड्राइवर ने कहा कि किसी बाबू ने बस अंबिकापुर के कालीघाट से बुक की थी। सामान मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरिया कला ले जाया जा रहा था। कालीघाट से करीब 20-22 लोग बस में बैठे थे।

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कोरबा

हर पौधा बनेगा एक स्मृति, हर वृक्ष रचेगा हरित विरासत की नई कहानीः सीईओ राजेश कुमार सिंह

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बालकोनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको टाउनशिप में ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके उपरांत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे रोपे। इस अवसर पर बालको के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

‘स्मृति उद्यान’ केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक मंच है, जहां प्रत्येक पौधा उन प्रियजनों को समर्पित किया गया जिन्होंने जीवन को प्रेम, मार्गदर्शन और प्रेरणा से समृद्ध किया। वृक्ष केवल प्रकृति का उपहार नहीं हैं, बल्कि जीवन, आशा और निरंतरता के प्रतीक भी हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनेगा।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “स्मृति उद्यान हमारे प्रियजनों की यादों को प्रकृति के माध्यम से सहेजने का एक अनूठा प्रयास है। यहाँ लगाया गया प्रत्येक पौधा अपने साथ एक व्यक्तिगत कहानी, एक भावना और एक स्मृति लेकर बढ़ेगा। आज रोपे गए अमलतास के पौधे स्मरण और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक हैं। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”

स्मृति उद्यान विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुआ एक दीर्घकालिक अभियान है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की भावनाओं और प्रकृति को जोड़ता रहेगा। भविष्य में भी कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं समुदाय के सदस्य अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, किसी उपलब्धि का उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति पर यहाँ आकर पौधारोपण कर सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह उद्यान कई कहानियों, स्मृतियों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।

स्मृति उद्यान में औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास के पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में अपने आकर्षक सुनहरे पीले पुष्पों से टाउनशिप की सुंदरता को और बढ़ाएंगे। यह न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि मधुमक्खियों एवं तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा उनके घरों एवं आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक खाद भी वितरित की गई।

स्मृति उद्यान के अलावा बीते तीन महीनों में बालको द्वारा टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया एवं 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। इस पहल ने टाउनशिप की हरियाली और सौंदर्य को और समृद्ध किया है। टाउनशिप में पहले से ही फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन तथा अन्य प्रमुख हरित स्थल मौजूद हैं। बालको का यह सतत प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए एक हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा’ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के उद्योगों पर पर्यावरण विभाग सख्त:94 को नोटिस जारी, 3.03 करोड़ का वसूला जुर्माना; रायपुर की हवा में 4% सुधार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले इंडस्ट्रीज के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं, जबकि 82 इंडस्ट्रीज के उत्पादन बंद करने और उनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 3.03 करोड़ रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं, राजधानी की हवा में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

इन जिलों में नियमित निगरानी

पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों के उद्योगों की लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन उद्योगों में हवा और पानी को प्रदूषित करने से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1974 के तहत की गई।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

इंडस्ट्रीज पर करोड़ों का जुर्माना

जांच में 96 इंडस्ट्रीज पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार रुपए से ज्यादा का पर्यावरण जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 136 उद्योगों और संस्थानों पर, जो बिना ढंके कच्चा माल, उत्पाद और कचरा ले जा रहे थे, उन पर 51 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।

फ्लाई ऐश के गलत तरीके से परिवहन और डंपिंग के मामले में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपए की अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाई गई। इस तरह कुल जुर्माना 3 करोड़ 3 लाख रुपए से अधिक पहुंच गया है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी कार्रवाई

पर्यावरण मंडल ने प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराया गया और उस पर 87 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

दूसरे उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। इसके अलावा दो अन्य इकाइयों का भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई है।

रायपुर की हवा हुई बेहतर

पर्यावरण विभाग की सख्ती का असर रायपुर की हवा पर भी दिखा है। साल 2024 में रायपुर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65.38 था, जो 2025 में घटकर 62.86 हो गया। यानी शहर की हवा में करीब 4 प्रतिशत सुधार हुआ है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में आता है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने साफ किया है कि पर्यावरण नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे भी नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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