Connect with us

देश

कोटा में स्कूल बस पलटी, एक बच्चे की मौत:19 घायल, सड़क से 5 फीट नीचे उतरी; कांच तोड़कर बच्चों को निकाला

Published

on

कोटा,एजेंसी।कोटा शहर के नांता थाना क्षेत्र में सोमवार (21 अक्टूबर) को स्कूल बस पलट गई और सड़क से 5 फीट नीचे उतर गई। हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई। 19 बच्चे घायल हैं। बस में 30 स्टूडेंट सवार थे। दोपहर 1:30 बजे हुए हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

लोगों ने बस में फंसे बच्चों को कांच तोड़कर बाहर निकाला। गंभीर घायल 20 बच्चों को इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया। प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक छात्र लोकेश बैरवा (14) की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजन बेसुध हो गए।

नांता थाना SHO नवल किशोर शर्मा ने बताया- हादसा कैसे हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। घायल एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। हादसे के बाद ड्राइवर फरार हो गया। बस को जेसीबी की मदद से सीधा करवाया गया है। बस को थाने लेकर आए हैं।

कोटा शहर के नांता थाना क्षेत्र में स्कूल बस पलटने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कांच तोड़कर बच्चों को बस से बाहर निकाला।

स्टीयरिंग फेल होने से पलटी बस! कोटा उत्तर के वार्ड 29 के पूर्व सहवृत्त पार्षद लटूर लाल ने बताया- सुभाष नगर स्थित सत्यम स्कूल की बस छुट्टी होने के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। ट्रैकिंग ग्राउंड से पहले करणी नगर चौराहे पर अचानक स्कूल बस पलट गई। सड़क से 5-6 फीट नीचे जा गिरी। हादसे के बाद स्थानीय लोग मदद को दौड़े। कांच तोड़कर बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। स्टीयरिंग फेल होना हादसे का कारण बताया है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला कुन्हाड़ी स्थित निजी हॉस्पिटल पहुंचे और घायल बच्चों के हाल-चाल पूछे।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला कुन्हाड़ी स्थित निजी हॉस्पिटल पहुंचे और घायल बच्चों के हाल-चाल पूछे।

लोकसभा स्पीकर ने घायल बच्चों के हाल जाने एमबीएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया- स्कूल बस पलटने की सूचना पर हॉस्पिटल में अलर्ट किया था। एक बच्चे के सिर की चमड़ी में कट लगा है। बाकी सभी ठीक हैं। उनके कोहनी में रगड़ है।

बच्चों को पहले कुन्हाड़ी स्थित निजी हॉस्पिटल ले जाया गया था। वहां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने घायल बच्चों से मुलाकात की। डॉक्टर से बच्चों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

हादसे में घायल बच्चों को फौरन इलाज के लिए कुन्हाड़ी स्थित निजी हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया।

हादसे में घायल बच्चों को फौरन इलाज के लिए कुन्हाड़ी स्थित निजी हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया।

9वीं क्लास में पढ़ता था छात्र मृतक लोकेश बैरवा 9वीं कक्षा का स्टूडेंट था। वह मूल रूप से अयाना कस्बे का रहने वाला था। वर्तमान में परिजन के साथ नांता इलाके में रहता था।

लोकेश के पिता बृज मोहन ईंट भट्टों पर मजदूरी करते हैं। लोकेश का एक बड़ा भाई है, जिसका नाम पवन है। बच्चे के पिता ने ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दी है। बच्चे का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है

हादसे में 19 स्टूडेंट घायल

विशाल (13 ) पुत्र महावीर

आशा (8) पुत्री आत्माराम

गौरव (12) पुत्र राजू

करण (12) पुत्र पहलवान

अभिषेक (11) पुत्र तेजमल

अमित (13) पुत्र प्रमोद

रविंद्र (9) पुत्र तेजमल

वर्षा (9) पुत्री हीरालाल

दिलीप (13) पुत्र रघुवीर

शिवास (9 ) पुत्र मुकेश

सिद्धार्थ (8) पुत्र रघुवीर

मोहबीद (13) पुत्र रजाक

रविंद्र (13) पुत्र मनोज

प्रियांशी (7) पुत्री बंटी

ज्योति (11) पुत्री पहलवान

खुशी (11)

रापी (10) पुत्री पहलवान

कल्लू (14)

रोहित (14) पुत्र महावीर

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

इस राज्य के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: अब बिना ब्याज के मिलेगा 10 लाख तक का लोन

Published

on

जयपुर, एजेंसी। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में अपने सबसे महत्वाकांक्षी कदम की विस्तृत रूपरेखा पेश कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 12 जनवरी को लॉन्च की गई मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की गाइडलाइन अब उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने जारी कर दी है। इस योजना का लक्ष्य राज्य के 1 लाख युवाओं को खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देना है।

बिना ब्याज मिलेगा लोन: सरकार भरेगी पूरा इंटरेस्ट

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि यह योजना युवाओं को आर्थिक बोझ से पूरी तरह मुक्त रखेगी। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि युवाओं को जो ऋण (Loan) दिया जाएगा उस पर लगने वाले ब्याज का 100% भुगतान राज्य सरकार खुद करेगी।

PunjabKesari

योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता

  • ऋण राशि: विनिर्माण (Manufacturing), सेवा (Service) और व्यापार (Trade) क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण।
  • मार्जिन मनी: सरकार रू.50,000 तक की मार्जिन मनी (शुरुआती पूंजी सहायता) भी देगी।
  • अतिरिक्त लाभ: CGTMSE शुल्क (गारंटी शुल्क) का पुनर्भरण भी सरकार द्वारा किया जाएगा जिससे युवाओं को बिना किसी गारंटी की चिंता के लोन मिल सकेगा।

PunjabKesari

योग्यता के आधार पर तय की गई ऋण राशि

योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि शैक्षणिक योग्यता के अनुसार युवाओं को अधिक लाभ मिले। इसे दो श्रेणियों में बांटा गया है:

1. 8वीं से 12वीं पास युवाओं के लिए:

  • सेवा एवं व्यापार: रू.3.5 लाख तक का लोन।
  • मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण): रू.7.5 लाख तक का लोन।
  • मार्जिन मनी: रू.35,000 तक की सहायता।

PunjabKesari

2. स्नातक (Graduate), ITI या उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए:

  • सेवा एवं व्यापार: रू.5 लाख तक का लोन।
  • मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण): रू.10 लाख तक का लोन।
  • मार्जिन मनी: रू.50,000 तक की सहायता।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए आवेदन पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होंगे। जल्द ही एक समर्पित पोर्टल लॉन्च किया जाएगा जहां युवा घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं बल्कि जॉब गिवर (नौकरी देने वाला) बनाना है।

Continue Reading

देश

लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर की Pakistan में मौत

Published

on

जम्मू-कश्मीर,एजेंसी।  आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर अब्दुल गफ्फार पाकिस्तान में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उसकी मौत को लेकर अभी तक पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।

बताया जा रहा है कि अब्दुल गफ्फार लश्कर के वरिष्ठ आतंकियों में शामिल था और संगठन के कई अहम ऑपरेशनों से जुड़ा रहा है। सोशल मीडिया पर उसकी एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह लश्कर सरगना हाफिज सईद के बेटे के साथ दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।

गफ्फार की मौत के बाद आतंकी संगठनों के अंदरखाने हलचल मची हुई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना का असर लश्कर के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों पर पड़ सकता है। हालांकि, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी जांच का विषय बना हुआ है।

PunjabKesari

Continue Reading

देश

वांगचुक की पत्नी बोलीं-सोनम जेल में फर्श पर सो रहे:बैरक में टहलने तक की जगह नहीं, सरकार जानती हैं उनके केस में दम नहीं

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम को जेल में फर्श पर कंबल में सोना पड़ा रहा है। उनके पास कोई फर्नीचर नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनके बैरक में इतनी भी जगह नहीं है कि वे ठीक से टहल सकें। आंगमे ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तारीख पर तारीख मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि केस में कोई दम नहीं है।

गीतांजलि ने न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में ये बाते कहीं। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था।

यह कार्रवाई लेह में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे।

गीतांजलि ने और क्या कहा…

  • गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोनम वांगचुक की हिरासत के खिलाफ विरोध न होने से वह थोड़ी निराश हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आवाज़ को और एकजुट और मज़बूत होना चाहिए।
  • आंगमो के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिए गए व्यक्ति को 5 से 10 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज दिए जाने चाहिए। लेकिन वांगचुक को जरूरी वीडियो 28वें दिन दिए गए।
  • उन्होंने कहा कि यह NSA की धारा 8 का उल्लंघन है और इसी आधार पर हिरासत आदेश रद्द होना चाहिए। जरूरी दस्तावेज देर से मिलने के कारण वांगचुक सलाहकार बोर्ड के सामने प्रभावी तरीके से अपनी बात नहीं रख पाए।
  • जिन पांच FIR का हवाला दिया गया है, उनमें से तीन में वांगचुक का नाम नहीं है। जिन दो FIR में नाम है, उनमें से एक अगस्त 2025 की है, जिसमें न तो नोटिस दिया गया और न पूछताछ हुई।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि जिला मजिस्ट्रेट का हिरासत आदेश पुलिस के प्रस्ताव की कॉपी-पेस्ट है। अधिकारी को अपना दिमाग लगाना चाहिए, सिर्फ कागज़ों की नकल नहीं करनी चाहिए।
  • आंगमो ने कहा कि वे मामले को राजनीतिक नहीं बनाना चाहतीं। लेकिन उन्होंने कोर्ट में हो रही देरी पर चिंता जताई। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की ओर से तारीख पर तारीख ली जा रही है।
  • गीतांजलि बोलीं- सोनम जेल के अनुभव पर किताब लिख रहे
  • गीतांजलि आंगमो ने बताया कि सोनम जेल के अपने अनुभव पर जो किताब लिख रहे हैं, उसका टाइटल शायद फॉरएवर पॉजिटिव होगा। अगर वह कुछ चींटियों और उनके व्यवहार को देखते हैं, तो वह मुझसे चींटियों के व्यवहार पर किताबें लाने के लिए कहते हैं।
  • उन्होंने कहा कि चींटियों के समुदाय में बहुत एकता, बहुत टीम भावना होती है। तो, शायद वह उसका अध्ययन करना चाहते हैं। उनके मुताबिक वांगचुक को धूपघड़ी पर किताबें चाहिए थीं, क्योंकि उनके पास लंबे समय तक घड़ी नहीं थी। वांगचुक को मैकेनिकल घड़ियों सहित कोई भी डिवाइस रखने की इजाजत नहीं है।

Continue Reading
Advertisement

Trending