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कोरबा

एसईसीएल एक बार फिर होगी देश की नंबर 1 कोयला कंपनी : हरीश दुहन

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एसईसीएल मे 41 वाँ स्थापना दिवस सोल्लासपूर्ण मनाया गया

बिलासपुर। एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में 25.11.2025 को अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, स्वतंत्र निदेशक श्याम अग्रवाल, स्वतंत्र निदेशक गजानंद देवराव असोले, निदेशक (तकनीकी–संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन तथा निदेशक (तकनीकी–योजना/परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक व्हीके सहगल, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एमके थापर, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एमपी दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एके सिन्हा, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री ओमप्रकाश, पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बीआर रेड्डी, पूर्व निदेशक तकनीकी (संचालन) एलके श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक तकनीकी (संचालन) पीके रायचौधरी, पूर्व निदेशक तकनीकी (संचालन) आरपी ठाकुर, पूर्व निदेशक तकनीकी (संचालन) मनोज प्रसाद, पूर्व निदेशक (वित्त) एके कोमावार, पूर्व निदेशक (वित्त) श्याम मुरारी चौधरी, पूर्व निदेशक (वित्त) जी श्रीनिवासन, पूर्व निदेशक (कार्मिक) केके श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक (कार्मिक) राधेश्याम सिंह, पूर्व निदेशक (कार्मिक) अनिल कुमार सिंह, एसईसीएल संचालन समिति के सुजीत कुमार सिंह (बीएमएस), नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमसी) वीएम मनोहर (सीटू), एके पाण्डेय (सीएमओएआई), एसईसीएल कल्याण बोर्ड के महेंद्र पाल सिंह (बीएमएस), राजेश शर्मा (एटक), अमृत लाल विश्वकर्मा (सीटू), पी. चन्द्रकांत (सीएमओएआई) एसईसीएल सुरक्षा समिति के संजय सिंह (बीएमएस), बी धर्माराव (एटक), इंद्रदेव चौहान (सीटू), जीएस प्रसाद (सीएमओएआई), सिस्टा-कौंसिल एवं ओबीसी एसोसिएशन के आरपी खांडे महासचिव सिस्टा, आर सिदार अध्यक्ष सिस्टा, ओपी नवरंग अध्यक्ष कौंसिल, ए विश्वास महासचिव कौंसिल, अनिरूद्ध कुमार चंद्रा अध्यक्ष ओबीसी कोल इम्प्लाईज एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी-कर्मचारीगण, विभिन्न विभागाध्यक्षों व स्थानीय अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में एसईसीएल का 41 वां स्थापना दिवस सोल्लास मनाया गया।
मुख्यालय परिसर में नवनिर्मित औडीटोरिअम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अपने संबोधन में कंपनी के मुखिया सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि “1985 में स्थापना के बाद से एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत आधार रहा है और आगे भी यह भूमिका और सशक्त होगी। एसईसीएल की विरासत रिकॉर्ड-ब्रेकिंग उपलब्धियों से भरी है और हमारा लक्ष्य है कि एसईसीएल को एक बार फिर देश की नंबर 1 कोयला कंपनी बनाया जाए। मैं विश्वास के साथ कहता हूँ कि एसईसीएल टीम हर चुनौती को पार करने में सक्षम है। हमारे लिए सुरक्षित खनन, सतत विकास और कोयलांचल परिवार का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसईसीएल न केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र है, बल्कि हरित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक अग्रणी संस्था है ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि एवं समस्त मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथियों, एसईसीएल संचालन समिति, कल्याण समिति, सुरक्षा समिति, सिस्टा, कौंसिल एवं ओबीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का शाल, श्रीफल व पुष्पहार से आत्मीय सम्मान किया गया।
इसके पूर्व एसईसीएल मुख्यालय स्थित आडिटोरियम में मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने निदेशक मण्डल, विभिन्न विभागाध्यक्षो, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में ध्वज फहराया एवं शहीद स्मारक एवं खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण किए।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, एसईसीएल संचालन समिति सदस्यों के करकमलों से विभीन्न केटेगरी में विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गये।
स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक (वित्त) सीडीएन सिंह ने दिया। इस अवसर पर एसईसीएल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया एवम एसईसीएल के नये वेबसाइट का अनावरण मुख्य अतिथि के करकमलों से किया गया। कार्यक्रम में सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व वरूण शर्मा प्रबंधक (मानव संसाधन/औसं) एवं सी अनुराधा उप प्रबंधक (ई/एम) ने निभाया। अंत में उपस्थितो को धन्यवाद ज्ञापित वरीय प्रबंधक (राजभाषा) दिलीप सिंह ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में राष्टगान गाया गया।

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कोरबा

कोरबा में 24 घंटे में दूसरी हत्या,आरोपी फरार:छोटे भाई ने खेत में काम कर रहे बड़े भाई को टांगी से उतारा मौत के घाट

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कोरबा। कोरबा जिले में 24 घंटे के भीतर हत्या की दूसरी बड़ी वारदात सामने आई है। मंगलवार (21 जुलाई) की रात बांगो थाना क्षेत्र में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की थी, वहीं बुधवार सुबह श्यांग थाना क्षेत्र के छुईमाटी गांव में छोटे भाई ने बड़े भाई पर टांगी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। दोनों मामलों में हथियार टांगी ही रहा और रिश्ते भी खून के थे।

श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम जिल्गा के छुईमाटी गांव में राम भरोस राठिया (47) अपने घर से लगी बाड़ी में घास साफ कर रहे थे। इसी दौरान उनका छोटा भाई रामजीवन राठिया वहां पहुंचा और गर्दन पर टांगी से लगातार 6 से 7 वार कर दिए। हमले में राम भरोस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनकी पत्नी सनिसो राठिया भी मौजूद थीं और उन्होंने पूरी वारदात देखी।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस की जांच में दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी रामजीवन का स्वभाव भी सनकी बताया जा रहा है। दोनों भाई एक ही गांव में आमने-सामने अलग-अलग घरों में रहते थे और खेती-किसानी करते थे।

दोनों परिवारों पर टूटा दुख

मृतक राम भरोस राठिया की पत्नी और दो बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। वहीं आरोपी रामजीवन राठिया के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के बेटे राम अवतार राठिया की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। गांव में साक्ष्य जुटाने और लोगों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

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कोरबा

23-24 जुलाई को रद्द की गई 4 मेमू ट्रेन बहाल:चार ट्रेनें अब भी रद्द रहेंगी, भाटापारा-हथबंध में ऑटो सिग्नलिंग काम होगा

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रायपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। रेलवे ने पहले जिन ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की थी।

इनमें से चार मेमू ट्रेनों को बहाल (रिस्टोर) कर दिया है। ये ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।

ये 4 ट्रेनें अब रद्द नहीं होंगी

रेलवे के संशोधित आदेश के अनुसार 23 जुलाई को चलने वाली ये ट्रेनें अब सामान्य रूप से संचालित होंगी।

  • 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू
  • 68734 बिलासपुर–कोरबा मेमू
  • 68733 कोरबा–बिलासपुर मेमू
  • 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू

अब ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

संशोधित सूची के अनुसार अब भी ये ट्रेनें रद्द रहेंगी।

  • 23 जुलाई: 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू
  • 24 जुलाई: 68745 कोरबा–रायपुर मेमू

इस ट्रेन का आंशिक परिचालन

23 जुलाई को चलने वाली 68862/68861 झारसुगुड़ा–गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू केवल बिलासपुर तक ही चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और वहीं से प्रारंभ होगी। बिलासपुर–गोंदिया–बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।

क्यों किया गया बदलाव?

रेलवे के अनुसार रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES या हेल्पलाइन के माध्यम से जरूर जांच लें, क्योंकि इंजीनियरिंग कार्य के दौरान परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

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कोरबा

बिस्तर पर लिपटा करैत, सोते मासूम को डसा:कोरबा में इलाज के दौरान 6 साल के बच्ची की मौत, पिता के साथ सो रही थी

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के आमाखोखरा गांव में करैत सांप के डसने से 6 साल की बच्ची सान्वी कंवर की मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ बिस्तर पर सो रही थी। रात करीब 1 बजे सांप ने उसे डस लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी।

सान्वी के पिता किरण सिंह आमाखोखरा गांव में रहते हैं। वे मजदूरी और खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना वाली रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सोने चले गए। सान्वी अपने पिता के साथ एक कमरे में सो रही थी, जबकि उसकी मां और दूसरा बच्चा दूसरे कमरे में थे।

चिल्लाने पर खुली नींद

रात करीब 1 बजे करैत सांप ने पहले सान्वी के कान और फिर हाथ पर डस लिया। दर्द से वह चिल्लाते हुए उठी, जिससे परिवार की नींद खुल गई। शुरुआत में परिजनों को लगा कि किसी कीड़े ने काटा है, लेकिन सर्पदंश के लक्षण दिखने पर वे उसे तुरंत कटघोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

मेडिकल कॉलेज रेफर, इलाज के दौरान तोड़ा दम

बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बिस्तर पर ही छिपा था करैत सांप

मासूम के पिता किरण सिंह ने बताया कि घटना के बाद उन्हें लगा कि सांप बाहर निकल गया होगा। बाद में देखा तो करैत सांप बिस्तर पर ही लिपटा हुआ था। उनका कहना है कि संभवतः सांप पहले से ही बिस्तर पर था, लेकिन अंधेरे में नजर नहीं आया।

बरसात में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप घरों में घुस आते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों से मच्छरदानी लगाकर सोने, घर के आसपास साफ-सफाई रखने और सर्पदंश होने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने की अपील की। साथ ही झाड़-फूंक के बजाय तुरंत चिकित्सकीय इलाज कराने की सलाह दी।

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