छत्तीसगढ़
शंकराचार्य बोले- महात्मा गांधी नहीं है राष्ट्रपिता:स्वामी निश्चलानंद के बयान ‘मोदी गौ-हत्या के एजेंट हो गए’ का किया समर्थन, कहा- उनसे बड़ी आशा थी
रायपुर,एजेंसी। ज्योतिष पीठाधीश्वर के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि, महात्मा गांधी राष्ट्रपिता नहीं हैं। उन्होंने निश्चलानंद के मोदी को गौ-हत्या का एजेंट बातने वाले बयान का भी समर्थन किया। दरअसल, गौ-माता को राष्ट्रमाता बनाने के लिए गो प्रतिष्ठा आंदोलन चल रहा है। गो-ध्वज स्थापना यात्रा रायपुर पहुंची है।
रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शंकराचार्य ने कहा कि, राष्ट्र पिता नाम की कोई चीज हमारे यहां नहीं है। भारत कब से है, यह कोई नहीं जानता। इसका जन्म देने वाला कोई नहीं है। जब पाकिस्तान बना और पाकिस्तान के ‘कायदे आजम’ राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना बने, क्योंकि वह नया जन्मा था।
लेकिन भारत पहले से था। भारत को किसी ने नहीं जन्मा है। इसलिए भारत में कोई भी राष्ट्रपिता की पदवी पर प्रतिष्ठित नहीं किया जा सकता है। मोहन दास करमचंद गांधी को राष्ट्रपिता बताने का लोग अफवाह फैलाते हैं।
अगर वे राष्ट्रपिता होंगे, तो उनसे प्रश्न होंगे कि उन्होंने किस राष्ट्र को जन्म दिया है। उनका जन्म तो खुद भारत में हुआ है, फिर वे कैसे राष्ट्रपिता हुए। इसलिए मोहनदास करमचंद गांधी राष्ट्रपिता नहीं है। इस बात की स्पष्टता इससे मिलेगी, जब गौ-माता राष्ट्र माता घोषित होगी।
निश्चलानंद सरस्वती के मोदी गौ-हत्या एजेंट वाले बयान का किया समर्थन
अंबिकापुर में पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा था कि, गौ-रक्षा के लिए आए मोदी गौ-हत्या के एजेंट हो गए हैं। इस बयान का अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि, निश्चलानंद ने कोई गलत बात नहीं कही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, जब 2014 में आम चुनाव हुए थे, तब मोदी ने कहा था कि, गुलाबी रंग की क्रांति की जा रही है। वह इंटरनेट पर भी है। आपका हृदय दहलता है या नहीं। मेरा हृदय दहलता है। मैं दुखी होता हूं। वह वीडियो देखकर हमने उन्हें वोट दिया था कि अगर यह व्यक्ति आएगा तो गौ-हत्या बंद कर देगा।
नरेन्द्र मोदी से हमें बहुत बड़ी आशा की थी। लेकिन बड़ी निराशा हमें मिली। जितने ज्यादा हम ऊंचाई पर चढ़े थे, उतने ज्यादा नीचे गिरने पर हमें चोट लगी। अगर उनसे हम कम आशा रखते, तो हमें कम दुख होता। उन्होंने बड़ी आशा जगाई थी। इसलिए उनसे हमें बड़ा दुख है।
बाबा साहेब के विचारों को सम्मान देने से शांति स्थापित होगी
धार्मिक विवाद रोकने के सवाल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, आजादी के धार्मिक विवाद शुरू हो गए थे। धार्मिक विवाद के लिए देश में बंटवारा हुआ। कुछ लोगों ने कहा कि, हम साथ नहीं रह सकते। आप इतिहास पढ़िए बाबा साहेब अंबेडकर जिन्होंने संविधान की रचना की और जिनकी मूर्ति सभी जगह पर प्रतिष्ठित की जाती है।
उनका स्पष्ट मत था कि, हिंदू और मुस्लिम कभी एक साथ नहीं रह सकते। इसलिए बंटवारा कर देना चाहिए। जब तक एक भी मुस्लिम भारत में रहता है, तब तक शांति स्थापित नहीं हो सकती है। ये बाबासाहेब अंबेडकर की बात हम कह रहे हैं। वे दूरदर्शी थे। अंबेडकर को इस देश में इतना सम्मान दिया जाता है, तो उनके विचारों को क्यों सम्मान नहीं दिया जाता। इसलिए उनके विचारों को सम्मान देने से शांति स्थापित होगी।
छत्तीसगढ़ से बड़ी उम्मीद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, हमें छत्तीसगढ़ से बड़ी उम्मीद है। यहां हर गांव में हर कोई गाय के साथ दिखाई देता है। यहां के लोगों में गौ माता के प्रति बड़ी भक्ति है। छत्तीसगढ़ में महतारी के रूप में गाय माता को माना जाएगा।
मोला छत्तीसगढ़ सरकार ले भरोसा हे
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने छत्तीसगढ़ी में कहा कि, छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की नगरी है। यहां के नस्ल की गाय का नाम भी कौशल्या है। आज भी छत्तीसगढ़ में वह विराजमान है। मोला छत्तीसगढ़ सरकार ले भरोसा हे कि छत्तीसगढ़ की सरकार कौशल्या मां ला राज्य माता बनाही।
उन्होंने कहा कि, अब देखते है यहां के सीएम को हमने सन्देश दिया है। छत्तीसगढ़ में गौ माता प्रतिष्ठित होगी। गाय को अनुदान नहीं, सम्मान चाहिए। हमें छत्तीसगढ़ सरकार से बहुत उम्मीद है।
कोरबा
बेलाकछार में हेल्थ कैंप का हुआ आयोजन, 238 लोगों को मिला निःशुल्क उपचार
कोरबा। कोरबा के बेलाकछार गाँव में हेल्पेज इंडिया द्वारा बालकों सीएसआर के तत्वावधान मे हेल्थ कैंप का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।

कैंप में शिशु रोग, अस्थि रोग, त्वचा रोग, स्त्री रोग एवं दंत रोग विशेषज्ञों के साथ जनरल मेडिसिन चिकित्सकों की सेवाएं प्रदान की गईं। इसके अलावा लैब जांच और फिजियोथेरेपी की सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं। सभी लाभार्थियों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच के साथ नेचुरल दवाइयों का वितरण किया गया।

इस हेल्थ कैंप में 238 लाभार्थियों ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया। साथ ही हेल्पेज इंडिया एवं बालकों सीएसआर के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों को वॉकर और स्टिक का भी वितरण किया गया, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सहूलियत मिलेगी। कार्यक्रम में ग्राम के पंच-सरपंच सहित सीएसआर टीम के सदस्य उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से यह स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कोरबा
जनदर्शन में सुनी गई आमजनो´ की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना। दूरस्थ एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।

जनदर्शन के दौरान कुल 78 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रमुख रूप से बिजली बिल में सुधार, स्वास्थ्य उपचार के लिए आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त की जानकारी, वनाधिकार पट्टा, राशन कार्ड, मुआवजा, नक्शा दुरुस्ती और सीमांकन से जुड़े मामले शामिल रहे।
निगमायुक्त श्री पाण्डेय ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को प्रेषित करते हुए शीघ्रता से निराकरण सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिससे आमजन को राहत मिल सके। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा
एसटी, एससी व ओबीसी वर्ग के छात्रों से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पंजीयन की तिथि बढ़ी
कोरबा। जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग कॉलेज, आईटीआई एवं डाईट आदि के प्राचार्य, संस्था प्रमुख, छात्रवृत्ति प्रभारी एवं संस्थान में अध्ययनरत् अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो राज्य शासन द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते हैं, तथा संस्थाओं के प्राचार्यों/संस्था प्रमुखों, छात्रवृत्ति प्रभारियों को सूचित किया गया है कि शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण कार्यवाही वेबसाइट http://postmatric-scholarsip.cg.nic.in पर ऑनलाईन की जा रही है, की अंतिम तिथि में वृद्धि की गई है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा ने बताया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 छात्रवृत्ति हेतु विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन/पंजीयन (नवीन/नवीनीकरण) हेतु अंतिम तिथि 27 मार्च 2026 तक, संस्थाओं द्वारा प्रपोजल लाक कर सहाय आयुक्त आदिवासी विकास को प्रेषित करने की तिथि 29 मार्च 2026, शासकीय संस्था/जिला कार्यालय द्वारा सेन्शन आर्डर लाक करने की तिथि 30 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि निर्धारित तिथि के पश्चात् शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जायेगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे। छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु सभी विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन करते समय एक्टिव बचत खाता एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाईम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इस हेतु राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2025-26 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमैट्रिक-एथेंटिकेशन किया जाना आवश्यक है।
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