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कोरबा

दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने सर्वे शुरू

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर जिले के दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम हाथ एवं पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है। यह कार्य महावीर जैन सेवा संस्थान, जयपुर के सहयोग से किया जाएगा। सर्वे के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकर एवं चश्मा सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

कलेक्टर श्री दुदावत ने नगर निगम, जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों को पात्र हितग्राहियों की पहचान कर त्वरित सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। तैयार सूची को सुशासन तिहार 2026 के दौरान आयोजित शिविरों में समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर जमा किया जाएगा।
सर्वे सूची में हितग्राही का नाम, पता, दिव्यांगता का प्रकार, प्रतिशत एवं मोबाइल नंबर सहित आवश्यक जानकारी शामिल की जाएगी। जिला कलेक्टर ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी पात्र दिव्यांगजन योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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कोरबा

SECL कुसमुंडा में भूविस्थापितों का हल्लाबोल, 5 घंटे थमे मशीनों के पहिए

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प्रबंधन ने हेडक्वार्टर उच्च स्तरीय बैठक के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

कोरबा/कुसमुंडा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कुसमुंडा क्षेत्र में भूविस्थापितों ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह आठ बजे से प्रदर्शनकारियों ने खदान में कोयला खनन और परिवहन कार्य में लगी मशीनों को रोक दिया। पांच घंटे तक चले इस चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन के बाद प्रबंधन द्वारा मांगों पर सकारात्मक पहल के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया ।

प्रमुख मांगें जिन पर हुआ आंदोलन

भूविस्थापितों ने अपनी समस्याओं के स्थायी निराकरण के लिए प्रबंधन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे:-

  1. अर्जन के बाद जन्म (नीति निर्धारण):- जमीन अधिग्रहण के बाद परिवार में जन्मे सदस्यों के लिए रोजगार और पुनर्वास की स्पष्ट नीति बनाई जाए ।
  2. लंबित प्रकरणों का निपटारा:- वर्षों से लंबित पड़े पुराने मामलों की फाइलें धूल फांक रही हैं, जिनका तत्काल निराकरण हो ।
  3. अवैध कब्जे पर अंकुश:- बलरामपुर दुरपा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे गैर-कानूनी कब्जों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ।
  4. आउटसोर्सिंग में स्थानीय भागीदारी:- खदान में संचालित आउटसोर्सिंग कार्यों में स्थानीय भूविस्थापितों को प्राथमिकता दी जाए ।

प्रबंधन से वार्ता और सफलता

आंदोलन की उग्रता को देखते हुए कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। वार्ता के दौरान प्रबंधन ने भूविस्थापितों की मांगों को जायज माना और निम्नलिखित आश्वासन दिए:-

उच्च स्तरीय बैठक:- पांच दिनों के भीतर CMD (बिलासपुर) स्तर पर एक आवश्यक बैठक आहूत की जाएगी जिसमें विस्थापितों की नीतिगत समस्याओं का स्थायी निराकरण खोजा जाएगा ।
तत्काल रोजगार:- कोयला और मिट्टी उत्खनन कार्य में लगी आउटसोर्सिंग कंपनियों में 15 भूविस्थापितों को स्थायी रूप से रोजगार देने की मांग पर प्रबंधन ने मुहर लगाई है, एक सप्ताह के भीतर इन्हें काम पर रखने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी ।

जिनके नेतृत्व में यह आंदोलन हुआ गोमती केवट ने क्या कहा, यह हमारे हक की लड़ाई है। प्रबंधन ने पांच दिनों के भीतर CMD स्तर की बैठक और 15 विस्थापितों को तत्काल रोजगार देने का भरोसा दिया है, यदि समय सीमा के भीतर वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन और भी उग्र होगा ।

प्रबंधन के ठोस आश्वासन और सकारात्मक रुख के बाद दोपहर एक बजे भूविस्थापितों ने खदान का कार्य सुचारू रूप से चलने दिया और धरना समाप्त किया ।

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कोरबा

डोंगानाला के स्वसहायता समूह को मिला 21 लाख रुपए का लाभांश

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प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह के निर्देश पर वन विभाग ने किया भुगतान

2.55 करोड़ रुपए के वन औषधि उत्पादों की बिक्री से समूह को हुआ लाभ

कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत डोंगानाला स्थित वन धन विकास औषधि प्रसंस्करण केंद्र से जुड़ी महिला स्वसहायता समूह हरि बोल को वन औषधि उत्पादों के विक्रय से 20 लाख 75 हजार रुपए का लाभांश प्राप्त हुआ है। राशि मिलने से समूह की महिलाओं में खुशी की लहर है और उनके चेहरे उत्साह से खिल उठे हैं।

समूह की सदस्यों ने इस उपलब्धि के लिए प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनके निर्देश पर वन विभाग द्वारा लाभांश राशि का भुगतान सुनिश्चित किया गया।

उल्लेखनीय है कि वन धन केंद्र के माध्यम से तैयार हर्बल एवं वन औषधि उत्पादों का विक्रय नियमित रूप से किया जा रहा है। मार्ट के अलावा आयुष को भी बड़े पैमाने पर उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र द्वारा आयुष को कुल 2 करोड़ 55 लाख रुपए के हर्बल उत्पादों का विक्रय किया गया, जिसमें हिंग्वाष्टक चूर्ण, शतावरी चूर्ण, अविपत्तिकर चूर्ण, शितोप्लादी चूर्ण एवं अर्जुनत्वक चूर्ण जैसे उत्पाद शामिल हैं।

प्रमुख सचिव श्रीमती सिंह ने 16 अप्रैल 2026 को कोरबा जिले के प्रवास के दौरान वन विभाग को निर्देश दिए थे कि विक्रय से प्राप्त राशि का लाभांश शीघ्रता से संबंधित स्वसहायता समूह को प्रदान किया जाए। उनके निर्देशों के परिपालन में यह राशि समूह के खातों में अंतरित की गई है।

लाभांश प्राप्त होने पर समूह की महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस आय से उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक सशक्त बनेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति भी आभार जताया है।

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कोरबा

दीपका खदान में प्रदूषण पर पर्यावरण संरक्षण मंडल की बड़ी कार्रवाई, औचक निरीक्षण कर SECL को दी कड़ी चेतावनी

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कोरबा/दीपका। दीपका क्षेत्र में कोयला उत्खनन और परिवहन से फैल रहे अत्यधिक प्रदूषण की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आज छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की क्षेत्रीय टीम ने दीपका खदान का औचक निरीक्षण किया, इस दौरान टीम ने भारी अनियमितताएं पाईं और SECL प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए ।

सड़कों पर धूल का गुबार और निष्क्रिय स्प्रिंकलर

लंबे समय से आम जनता और मीडिया के माध्यम से यह बात सामने आ रही थी कि SECL दीपका क्षेत्र में डस्ट कंट्रोल के प्रति लापरवाह बना हुआ है। मंडल ने 2 माह पूर्व भी नोटिस जारी किया था, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर आज 07 मई को टीम ने धरातल पर जांच की निरीक्षण के दौरान ।

थाना चौक से श्रमिक चौक तक की सड़क का जायजा लिया गया ।
खराब पड़े स्प्रिंकलर और अनुपयोगी व्हील वाशिंग सिस्टम को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई ।
ठेकेदारी प्रथा के तहत किए जा रहे पानी छिड़काव की खानापूर्ति को बंद कर इसे प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए ।

रेलवे साइडिंग में मिलीं भारी अनियमितताएं

चैनपुर-गांधीनगर से सटी दीपका रेलवे साइडिंग में टीम ने पाया कि कोयले को गीला किए बिना ही सूखा लोड किया जा रहा था, इस लापरवाही के कारण पूरा क्षेत्र धूल के गुबार में समाया रहता है। पर्यावरण मंडल ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए एक माह के भीतर स्प्रेगन और स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया है।

कोहरे की तरह छाया रहता है कोल डस्ट – शेत मसीह

निरीक्षण के दौरान मौजूद पर्यावरण विभाग के सांसद प्रतिनिधि शेत मसीह ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि दीपका क्षेत्र में कोयला परिवहन के कारण कोल डस्ट की ऐसी चादर बिछी रहती है, मानो पूरा शहर कोहरे से ढका हो, यह आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित में प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण दल की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी, सांसद प्रतिनिधि शेत मसीह, SECL दीपका के पर्यावरण एवं सिविल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं हुआ तो आगामी दिनों में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ।

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