Connect with us

देश

Tata Electronics डेटा लीक: iPhone 18 Pro की फाइलें सामने आने का दावा, सुरक्षा पर उठे सवाल

Published

on

मुंबई, एजेंसी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) एक कथित बड़े साइबर सिक्योरिटी मामले के कारण चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने Tata Electronics से चोरी किए गए डेटा का एक हिस्सा डार्क वेब पर जारी किया है। दावा किया जा रहा है कि लीक हुई फाइलों में Apple के आने वाले iPhone 18 Pro मॉडल से जुड़ी संवेदनशील जानकारी, पार्ट्स और सप्लायर नेटवर्क की डिटेल्स शामिल हैं।

Tata Electronics की डेटा सिक्योरिटी व्यवस्था पर सवाल 

एक मीडिया चैनल के अनुसार, लीक हुए दस्तावेजों में iPhone 18 Pro के कई कंपोनेंट्स की जानकारी होने का दावा किया गया है। इसमें मेन सर्किट बोर्ड पर इस्तेमाल होने वाली चिप्स, बैटरी और कैमरा पार्ट्स से जुड़ी डिटेल्स शामिल बताई जा रही हैं। अगर ये दस्तावेज सही साबित होते हैं तो यह Tata Electronics की डेटा सिक्योरिटी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ फाइलों पर Apple के ‘Confidential’ वॉटरमार्क और इंटरनल कोडनेम दिखाई दिए हैं। इसके अलावा, Tata के एक प्लांट में किए जा रहे iPhone ड्रॉप टेस्ट की तस्वीरें भी लीक हुई फाइलों में होने की बात कही जा रही है।

Tata की सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चिंता

Apple दुनिया की सबसे गोपनीय कंपनियों में शामिल है और वह अपने सप्लायर नेटवर्क की जानकारी को बेहद सुरक्षित रखता है। ऐसे में Tata Electronics जैसे अहम मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर से कथित डेटा लीक होना कंपनी की साइबर सुरक्षा क्षमता पर सवाल खड़े कर रहा है।

Tata Electronics पिछले कुछ वर्षों में Apple के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में उभरी है। चीन से बाहर iPhone उत्पादन बढ़ाने की Apple की रणनीति में Tata की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेकिन इस कथित लीक ने बड़े वैश्विक सप्लाई नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

2 लाख से ज्यादा फाइलें लीक होने का दावा

रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि World Leaks ने Tata Electronics से 2 लाख से ज्यादा फाइलें और बड़ी मात्रा में डेटा चोरी किया। इन फाइलों में Apple के अलावा Tesla, TSMC और Qualcomm से जुड़े दस्तावेज होने का भी दावा किया गया।

भारत के ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनने के सपने को झटका?

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस समय भारत में ऐप्पल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स का ग्लोबल हब बनाने में टाटा की भूमिका अहम है। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2026 तक दुनिया के 26% आईफोन भारत में बनने की उम्मीद है, जो चार साल पहले महज 6% थे। ऐसे में इस सायबर हमले से दोनों कंपनियों के बीच भरोसे को ठेस पहुंच सकती है।

Apple और Tata ने नहीं दिया आधिकारिक बयान

फिलहाल Apple और Tata Electronics की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले खबरें सामने आई थीं कि Apple इस घटना की जांच कर रहा है और Tata के साथ मिलकर सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ इंटरनल सिस्टम एक्सेस को सीमित किया गया और सिक्योरिटी ऑडिट के लिए विशेषज्ञों की मदद ली गई।

Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 सीरीज लॉन्च करने की तैयारी कर सकता है। ऐसे समय में सामने आया यह मामला कंपनी की सप्लाई चेन सिक्योरिटी को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है।

Continue Reading

देश

लैंडिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान का टायर फटा, मची चीख-पुकार; 148 यात्री थे सवार

Published

on

दरभंगा, एजेंसी। बिहार के दरभंगा हवाई अड्डे पर मुंबई से आए स्पाइसजेट के एक विमान का उतरते समय टायर फट गया। इस घटना में विमान में सवार करीब 148 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

अधिकारियों के अनुसार, स्पाइसजेट की उड़ान संख्या एसजी-115 सोमवार सुबह 9:48 बजे रनवे पर उतर रही थी, तभी विमान का एक टायर फट गया। यात्रियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त पहिया कुछ दूरी तक रनवे पर घिसटता रहा, जिससे विमान में तेज कंपन महसूस हुआ और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। दरभंगा हवाई अड्डे के निदेशक दिलीप कुमार ने कहा, “विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई और सभी यात्रियों को सामान्य तरीके से विमान से उतार लिया गया। विमान के पूरी तरह रुकते ही हवाई अड्डा प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और सभी 148 यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।” 
निदेशक ने बताया कि घटना के बाद विमान को मुख्य रनवे से हटाकर एप्रन पर ले जाया गया, जहां तकनीकी जांच की गई और टायर फटने के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। निदेशक के अनुसार, टायर बदले जाने और संबंधित अधिकारियों से सभी आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद विमान को सोमवार शाम 6:13 बजे उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। 

Continue Reading

देश

सरकार ने नहीं बदलीं स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें, निवेशकों को मिलेगा वही रिटर्न

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। सरकार ने इस बार भी किसी भी योजना की ब्याज दर में बदलाव नहीं किया है। ऐसे में निवेशकों को अपनी जमा राशि पर पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा।

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं पर मौजूदा ब्याज दरें जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान भी लागू रहेंगी।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब बाजार में ब्याज दरों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, सरकार ने निवेशकों को राहत देते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया।

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तिमाही की जाती है। सरकार बॉन्ड यील्ड और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन दरों पर फैसला लेती है। इस बार भी समीक्षा के बाद मौजूदा दरों को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।
  

Continue Reading

देश

सरकार ने पेट्रोरसायन आयात पर शुल्क छूट 15 जुलाई तक बढ़ाई

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच आपूर्ति की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर शून्य सीमा शुल्क छूट की अवधि 15 दिन बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी है। सरकार ने दो अप्रैल को करीब 40 महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट दी थी। यह अस्थायी और लक्षित राहत 30 जून को समाप्त होने वाली थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जारी अधिसूचना में सीमा शुल्क छूट की अवधि बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी। 

आयात शुल्क में यह छूट प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़ा, दवा, रसायन, मोटर वाहन कलपुर्जों और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों जैसे पेट्रोरसायन कच्चा माल तथा मध्यवर्ती उत्पादों पर निर्भर उद्योगों (डाउनस्ट्रीम) को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से दी गई थी। वित्त मंत्रालय ने दो अप्रैल को कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधान को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों पर 30 जून तक पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने का फैसला किया है। 

मंत्रालय ने कहा था कि इस कदम का उद्देश्य घरेलू उद्योग के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना, ‘डाउनस्ट्रीम’ उद्योगों पर लागत का दबाव कम करना और देश में आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखना है। इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन को सीमा शुल्क से छूट दी गई है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत उर्वरक और पेट्रोलियम का प्रमुख आयातक है। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677