छत्तीसगढ़
सूदखोर तोमर भाइयों की प्रापर्टी हो सकती है कुर्क:कोर्ट ने स्वीकार की पुलिस की याचिका, कल कोर्ट में पेश होने का आखिरी मौका
रायपुर,एजेंसी। पिछले 2 महीनों से फरार चल रहे रायपुर के सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं की संपत्ति जल्द कुर्क हो सकती है। कोर्ट ने पुलिस की याचिका स्वीकार करते हुए रायपुर कलेक्टर को उनकी चार संपत्तियों की कुर्की का प्रतिवेदन भेज दिया है। इससे पहले नगर निगम में रोहित तोमर के अवैध आफिस पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी।
बता दें कि रोहित तोमर और वीरेंद्र सिंह तोमर के फरार होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दिया था। इसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पेश होने की अंतिम चेतावनी जारी की थी। कोर्ट की ओर से जारी चेतावनी के तहत दोनों आरोपियों को कल यानी सोमवार को पेश होना है। अगर दोनों आरोपी कल तक कोर्ट में पेश नहीं होते हैं, तो उनकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया जाएगा।

तस्वीर वीरेंद्र तोमर की है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
प्रॉपर्टी डीलर से की मारपीट के बाद हुआ फरार
करीब दो महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाते हुए तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई थी। मामले के बाद से पुलिस रोहित की तलाश में जुटी हुई है।
रोहित के फरार होने के बाद उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी गायब हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में टीमें भेजी, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई देखकर पीड़ित पहुंच रहे थाना
हिस्ट्रीशीटर तोमर भाइयों के कई लोग शिकार हैं। आरोपियों और उनके गुर्गों का खौफ पीड़ितों में इस कदर था कि उसी शहर में रहते हुए भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने नहीं जा पा रहे थे। लेकिन जब से पुलिस ने वीरेंद्र और रोहित पर कार्रवाई शुरू की है, तब से पीड़ितों के मन में डर खत्म हो गया है।
दोनों भाइयों के खिलाफ अब तक 6 से ज्यादा FIR दर्ज हैं, जिसमें पीड़ितों ने आरोपी रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर के खिलाफ अवैध वसूली, धमकी और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है।
पुलिस ने सिर मुंडवाकर निकाला था जुलूस
बता दें कि, एक साल पहले रायपुर के हाइपर क्लब गोलीकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों का सिर आधा मुंडवा कर जुलूस निकाला था। इस घटना में रोहित तोमर, विकास अग्रवाल, सारंग मांधान और अमित तनेजा गिरफ्तार हुए थे। जुलूस निकालने के दौरान उनके कपड़े भी फटे हुए थे।
निगरानी गुंडा बदमाश में है रोहित तोमर
सूदखोर रोहित तोमर निगरानी गुंडा बदमाश है। आरोपी के खिलाफ राजेंद्र नगर, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती, कोतवाली और गुढियारी में 9 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोपी सूदखोरी, मारपीट, ब्लैकमेल के मामले में जेल भी जा चुका है। सूदखोर रोहित गोल्डन मैन के नाम से जिले में मशहूर है। रसूखदारी बनी रहे, इसलिए आरोपी अपने गिरोह के साथ समय-समय पर कार्यक्रमों में भी दिखता है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति लेकर आए।


कोरबा
राज्यपाल रमेन डेका 1 अप्रैल को रहेंगे कोरबा जिले प्रवास पर
सामूहिक विवाह व हनुमंत कथा में होंगे शामिल
कोरबा। राज्यपाल रमेन डेका कल 1 अप्रैल को कोरबा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री डेका रायपुर लोकभवन से सवेरे 7.30 बजे सड़क मार्ग द्वारा मुंगेली जिले के चंदखुरी विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे। ततपश्चात राज्यपाल सुबह 9 बजे कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप बांकीमोंगरा के लिए रवाना होंगे। यहां वे प्रातः 11 बजे आयोजित “दिव्य श्री हनुमंत कथा एवं 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह” कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल श्री डेका दोपहर 12:30 बजे रतनपुर (बिलासपुर) स्थित विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे।


छत्तीसगढ़
रायपुर : नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

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