कोरबा
दुनिया में मां से बढ़कर कोई नहीं: मां ही है, जो लात खाकर भोजन कराती है- पंडित विजय शंकर मेहता
कथा के चौथे दिन कृष्ण की बाल सुलभ लीलाओं से झूम उठे श्रोतागण

कोरबा। पितृमोक्षार्थ गयाश्राद्धांतर्गत मातनहेलिया परिवार द्वारा जश्न रिसोर्ट कोरबा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता ने गजेंद्रमोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम एवं श्रीकृष्ण की बाल सुलभ लीलाओं से लेकर सिंहासन प्राप्ति की कथा सुनाई।

कथा वाचक पंडित मेहता ने कृष्ण-यशोदा का प्रसहन सुनाते हुए भगवान कृष्ण की बाल सुलभ लीलाओं का ऐसा वर्णन किया कि श्रोतागण झूम उठे। उन्होंने कहा कि जब भगवान कृष्ण दोपहर 12.00 बजे अवतार लिए और मां देवकी की कोख से बाहर आए और उनकी गोदी में आए तो यह दृश्य मां के लिए स्वर्ग से कम नहीं होता। जब कृष्ण ने बाल सुलभ लीला की तो मां के जीवन का वह आनंद, जिसे शब्दों में बखान नहीं किया जा सकता, सिर्फ अनुभूति होती है। देवकी ने कृष्ण को जन्म दिया, लेकिन कृष्ण की बाल सुलभ लीलाओं का पूरा आनंद यशोदा मैय्या ने लिया। जब बच्चा मां का स्तनपान करता है और दूसरे स्तन को लात मारता है, तो यह आनंद मां के लिए अद्भूत और अनंत होता है। मां और पुत्र के बीच के वात्सल्य से परमानंद की अनुभूति दोनों को होती है। उन्होंने कहा दुनिया में मां से बड़कर कोई नहीं-मां ही होती है, जो लात खाकर भी बच्चों को भोजन देती है, इसलिए मां को कभी आघात नहीं पहुंचाना, क्योंकि जब मां आहत होती है तो घायल भगवान होते हैं। मां-बाप की सेवा करना सौभाग्य की बात होती है।

राम और कृष्ण दो आयाम हैं, इनके बिना सनातन धर्म संभव नहीं

शुकदेव जब परीक्षित को कथा सुना रहे थे, तो उन्होंने पहले रामकथा सुनाई और कहा कि भगवान राम आदर्श के प्रतीक हैं और कृष्ण जीवन में आनंद घोलने वाले हैं। एक जीवन को मर्यादा सिखाते हैं, तो दूजा जीवन में प्रेम भरना सिखाते हैं। एक महेल से जंगल की ओर जा कर नई ऊंचाईयों को छूआ, तो दूजा जंगल से महल जा कर ऊंचाईयों को छूआ और हमारे लिए जीवन के आदर्श और प्रेम दे गए। दोनों बहुआयामी थे।
हमारा पूरा जीवन समुद्र मंथन की तरह है
कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता ने कहा कि हमारा पूरा जीवन समुद्र मंथन की तरह है और सफलता-असफलता के बीच मंथन होते रहता है। उन्होंने कहा कि सफलता बिना संघर्ष के नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अपने भक्तों को बचाने आज भी भगवान किसी न किसी रूप में हमारी मदद करते हैं, इसलिए आस्था और भरोसा को कभी न त्यागें।
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर जमकर झूमे श्रोतागण

आज चौथे दिन भगवान कृष्ण ने कथा में अवतार लिया और आयोजकगणों ने मंच पर भगवान कृष्ण की अद्भूत झांकी का प्रदर्शन किया। भगवत कथा में आज शाम जैसे ही 6 बजकर 20 मिनट हुए, भगवान कृष्ण का अवतार हुआ और कृष्ण जन्म होते ही चारों तरफ उल्लास और उमंग से भर गया। कथा स्थल के बाहर परिसर में आतिशबाजी हुई, तो परिसर के अंदर फूलों की बारिश हुई। झांकी में आए बालकृष्ण को देखने सभी लालायित दिखे और भगवान कृष्ण की आरती हुई। नन्हें-मुन्ने बच्चों ने कृष्ण के रूप में काफी आकर्षित लग रहे थे। मटके फोड़े, मक्खन खाया और बाल सुलभ मस्ती भी की, इसे देखकर श्रोता झूमने लगे।
कथा श्रवण करने पहुंचे नारायण चंदेल

श्रीमद्भागवत कथा आयोजन के चौथे दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल जश्न रिसोर्ट पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की बाल सुलभ कथाओं का श्रवण किया एवं भगवान बालकृष्ण की झांकी का आनंद उठाते हुए पूजा-अर्चना की और भागवत कथा वाचक एवं जीवन प्रबंधन गुरू पंडित विजय शंकर मेहता का आशीर्वाद लिया। उनके साथ पूर्व महापौर जोगेश लाम्बा, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक चावलानी, सुशील गर्ग, बलराम विश्वकर्मा, अजय चंद्रा, ज्योति वर्मा, धनश्री साहू सहित अन्य भाजपा नेता उपस्थित थे। मातनहेलिया परिवार की ओर से राजकुमार अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, विकास अग्रवाल, पंकज अग्रवाल ने नारायण चंदेल का स्वागत किया।
नारायण सेवा संस्थान द्वारा 51 दिव्यांगों के विवाह में करें खुले हाथ से दान
कथा समाप्ति के बाद पंडित विजय शंकर मेहता की अपील पर मातनहेलिया परिवार के सदस्य विकास अग्रवाल ने उपस्थित जनों सहित कोरबावासियों से निवेदन करते हुए कहा कि नारायण सेवा संस्थान सेवाप्रकल्प का अद्भूत उदाहरण है। यहां 51 दिव्यांग जोड़ों का विवाह होना है, इसके लिए खुले हाथ से दान करें। पूरे भारत में नारायण सेवा संस्थान मानवसेवा का सबसे बड़ा प्रकल्प के रूप में सेवा दे रहा है, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य मानव सेवाएं संचालित हैं।
महाआरती में शामिल हुए श्रोतागण


श्रीमद्भागवत कथा में आज श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसहन सुनाया गया, उसके बाद झांकी निकाली गई। भगवान श्रीकृष्ण एवं व्यासपीठ की महाआरती की गई, जिसमें मातनहेलिया परिवार सहित श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कल का प्रहसन
कथा के पांचवें दिन 28 अगस्त को कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता भगवान कृष्ण की बाल लीला, मथुरागमन, कंसवध, कृष्ण विवाह का प्रहसन सुनाएंगे।



कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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