Connect with us

देश

घर में रखा नकद बैंक में जमा करने पर नहीं लगेगा टैक्स! ITAT का बड़ा फैसला

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। इनकम टैक्स अपील ट्रिब्यूनल (ITAT) ने टैक्सपेयर्स को एक बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि केवल शक या अनुमान के आधार पर बैंक में जमा की गई नकदी को अघोषित आय (undisclosed income) नहीं माना जा सकता। ट्रिब्यूनल का यह फैसला विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने 2016 की नोटबंदी के दौरान घर में रखा कैश बैंक में जमा कराया था।

क्या है पूरा मामला?
यह फैसला ‘ITO बनाम पूर्णिमा दास’ के मामले में आया है। टैक्सपेयर ने साल 2016 में नोटबंदी से पहले अपने बैंक खाते से लगभग 15 लाख रुपये निकाले थे। बाद में, नोटबंदी के दौरान नवंबर-दिसंबर 2016 में उन्होंने वही रकम फिर से बैंक में जमा कर दी। आयकर विभाग ने इसे अघोषित आय मानते हुए टैक्स लगाने की कोशिश की और तर्क दिया कि इतनी बड़ी रकम घर में रखना सामान्य व्यवहार नहीं है।

विभाग का ‘ह्यूमन प्रॉबेबिलिटी’ तर्क खारिज
आकलन अधिकारी (AO) ने तर्क दिया था कि एक समझदार व्यक्ति ब्याज के लालच में पैसा बैंक या निवेश में रखता है, न कि घर में। हालांकि, ITAT ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि:

  • बैंक से पैसे निकालने के रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से मौजूद थे।
  • विभाग के पास इस बात का कोई सबूत नहीं था कि वह पैसा कहीं और खर्च किया गया है।
  • केवल “असामान्य व्यवहार” या “कोई ऐसा नहीं करता” जैसे तर्कों के आधार पर टैक्स नहीं थोपा जा सकता; स्पष्टीकरण को गलत साबित करने के लिए ठोस सबूत चाहिए।

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी सीख
इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि मजबूत शक कभी भी सबूत की जगह नहीं ले सकता। आईटीएटी ने टैक्सपेयर्स को कुछ सुझाव भी दिए हैं:

  1. हमेशा अपने बैंक लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  2. नकदी के लेनदेन का हिसाब (कैश फ्लो) बनाकर रखें।
  3. बैंक स्टेटमेंट और आय के स्रोत में हमेशा तालमेल होना चाहिए।

इस ऐतिहासिक फैसले से अब उन हजारों टैक्सपेयर्स को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पास नकदी का वैध स्रोत तो है, लेकिन विभाग उनके व्यवहार को ‘असामान्य’ मानकर सवाल उठा रहा था।

Continue Reading

देश

न्यायपालिका पर जनता का भरोसा बनाए रखना हमारा दायित्व: सीजेआई सूर्यकांत

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका और उससे जुड़ी संस्थाओं में जनता का गहरा विश्वास है और इस विश्वास को बनाए रखना सभी का दायित्व है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यहां ‘एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज’ (राजस्थान चैप्टर) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने पूर्व न्यायाधीशों की तुलना ‘बावड़ी’ से करते हुए उन्हें ज्ञान का भंडार बताया, जो कठिन परिस्थितियों में व्यवस्था का मार्गदर्शन कर सकते हैं। सीजेआई ने कहा, “जिस प्रकार राजस्थान में बावड़ियां बरसात के मौसम में पानी संचित कर सूखे समय में उपयोगी होती हैं, उसी प्रकार सेवानिवृत्त न्यायाधीश हमारे लिए एक बहुमूल्य संसाधन हैं। लोक अदालतों, मध्यस्थता और सलाहकार भूमिकाओं में उनका अनुभव अत्यंत उपयोगी है।

न्यायिक संस्थाओं को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता 
सीजेआई ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सहित सभी न्यायिक संस्थाओं को अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संबोधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोग न्यायाधीशों के शब्दों को अत्यंत सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं, जो न्यायपालिका पर जनता के गहरे विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस विश्वास को बनाए रखना न्यायपालिका की जिम्मेदारी है।
न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने एक शेर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “जिसको तूफानों से उलझने की हो आदत, ऐसी कश्ती को समंदर भी दुआ देता है।” उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे जनता का विश्वास न केवल बना रहे बल्कि और मजबूत हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और यह कानून तथा संविधान की रक्षक है। शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका ने ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है।

न्यायालयों की संख्या बढ़ाने पर कार्य कर रही सरकार 
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायाधीश केवल मुकदमों का निपटारा नहीं करते, बल्कि वे न्याय की आवश्यकता वाले प्रत्येक व्यक्ति की उम्मीद होते हैं। अनुभवी न्यायाधीशों का योगदान आज भी न्याय प्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए कानूनों के प्रशिक्षण, अदालतों के आधुनिकीकरण और न्यायालयों की संख्या बढ़ाने पर कार्य कर रही है। राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आमजन तक न्याय पहुंचाने और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उच्च न्यायालय के यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम की शुरुआत की गयी तथा पूर्व न्यायाधीशों द्वारा लिखे गए लेखों के संकलन का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज के पदाधिकारी, न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में विधि विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

Continue Reading

देश

TMC की निर्ममता ने मां को रुला दिया, …माटी को घुसपैठियों के हवाले कर दिया: पीएम मोदी का ममता पर करारा हमला

Published

on

कोलकाता, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने टीएमसी पर जमकर हमला बोला। मोदी ने कहा कि यह TMC वाले अगर मां, माटी और मानुष की याद दिलाएंगे तो इनके पाप सामने आ जाएंगे। TMC की निर्ममता ने मां को रुला दिया, माटी को सिंडीकेट, घुसपैठियों के हवाले कर दिया और बंगाल के मानुष को पलायन के लिए मजबूर कर दिया।

मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “TMC के महाजंगलराज की सबसे बड़ी पीड़ित हमारी बहनें, बेटियां हैं। इनके साथ सबसे बड़ा धोखा हुआ है, इसलिए इस बार सबसे अधिक गुस्सा बहनों में ही है। संदेशखाली में बहनों के साथ गुंडे अन्याय करते रहे। TMC की निर्मम सरकार गुंडों का साथ देती रही। यहां तो बहनों को ही गाली दी गई। यह कभी भूलना नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में इतना भारी मतदान हो गया… पहले चरण में TMC का अहंकार टूट गया है, दूसरे चरण में भाजपा सरकार की प्रचंड जीत पक्की होने जा रही है।

उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार हर साल 36 हजार रुपये बहनों के खाते में जमा करेगी। आंगनबाड़ी हो, अन्य महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता हो, उनके वेतन-भत्ते को लेकर भी बंगाल भाजपा ने बड़ी घोषणा की है। बंगाल भाजपा ने बेटियों को सरकारी नौकरी में 35% आरक्षण देने का फैसला किया है। बंगाल की डबल इंजन सरकार का बंगाल की बहन-बेटियों को डबल फायदा होगा।

Continue Reading

देश

सबको रूला गया दुनिया को हंसाने वाला… मशहूर कॉमेडियन का 50 की उम्र में निधन, इंडस्ट्री में शोक की लहर

Published

on

मुंबई, एजेंसी। कॉमेडी जगत के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। अमेरिका के डलास में रहने वाले प्रसिद्ध स्टैंड-अप कॉमेडियन राज शर्मा का 24 अप्रैल 2026 को 50 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और दर्शकों से जुड़ने की अनोखी शैली ने उन्हें खास पहचान दिलाई थी।

वीर दास ने दी भावुक श्रद्धांजलि
राज शर्मा के निधन पर उनके करीबी दोस्त और मशहूर कॉमेडियन वीर दास ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि राज वही शख्स थे जिन्होंने उन्हें ‘लाफ फैक्टरी’ में पहला बड़ा ब्रेक दिलाया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर परफॉर्म करने का आत्मविश्वास दिया। वीर दास ने लिखा, “एक कॉमेडियन के तौर पर मैं बस इतना कहूंगा कि तुम्हारे बाद स्टेज पर जाना लगभग नामुमकिन था। तुम बड़े दिल वाले इंसान और सच्चे दोस्त थे।”

अंत तक लोगों को हंसाते रहे
राज शर्मा के निधन के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि, उनके सोशल मीडिया पोस्ट से संकेत मिलता है कि वह लंबे समय से बीमार थे। इसके बावजूद उन्होंने अपने अंदाज में लोगों को हंसाना नहीं छोड़ा।

अस्पताल से भी साझा कीं यादें
7 अप्रैल को राज शर्मा ने अस्पताल से एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा था कि इस बार उनके शरीर से 2 लीटर फ्लूइड निकाला गया है। उन्होंने ICU से भी ईस्टर की शुभकामनाएं दी थीं, जो उनके जिंदादिल स्वभाव को दर्शाता है।

इंडस्ट्री में शोक की लहर
राज शर्मा न केवल एक बेहतरीन कॉमेडियन थे, बल्कि नए कलाकारों के लिए मार्गदर्शक भी थे। उनके निधन से कॉमेडी जगत में शोक की लहर है और उनके चाहने वाले सोशल मीडिया पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677