कोरबा
नहीं बुझेगी साठ साल पुराने इस विद्यालय में शिक्षा की ज्योति, रिक्त पद पर शिक्षक की हुई नियुक्ति
युक्ति युक्तकरण से विद्यालय को मिला शिक्षक, विद्यार्थियों की पढ़ाई हुई आसान
कोरबा। इस गाँव के पाठशाला की दीवारे बदल गई है। छत भी बदल गया है लेकिन पाली ब्लाक के अंतर्गत ग्राम परसदा का पाठशाला जिस जगह पर लगता था आज भी वही लगता है। बीते छह दशक से भी ज्यादा पुराने इस विद्यालय में शिक्षा की ज्योति अनवरत जल रही है। समय के साथ पदोन्नति के बाद विद्यालय में जब पद रिक्त हुए तो विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत आन पड़ी थी, लेकिन छत्तीसगढ़ की सरकार ने विद्यार्थियों की भविष्य को बेहतर बनाने के लिए स्कूल खुलने से पहले युक्ति युक्तकरण की जो प्रक्रिया अपनाई उससे वर्षो से रिक्त पड़े पदों पर नियमित शिक्षको की नियुक्ति सम्भव हो पाई।

पाली ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम परसदा के प्राथमिक शाला की पहचान बहुत पुरानी है। वर्ष 1964 से संचालित इस गाँव के स्कूल में पढ़ाई कर बहुत से विद्यार्थियों ने अपना बेहतर भविष्य बनाया। समय के साथ विद्यालय के जर्जर भवन को संवारकर ठीक किया गया। विद्यालय में वर्षो से शिक्षक के पद खाली थे। जिससे यहाँ पढ़ाई करने वाले 46 विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ती थी।

इस सत्र में राज्य शासन द्वारा की गई युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया से विद्यालय को नियमित शिक्षक मिल गया है। यहाँ शिक्षक के रूप में रूपेश कश्यप की नियुक्ति हुई है। कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाई कराते हुए शिक्षक रूपेश कश्यप ने बताया कि वे युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया के बाद इस विद्यालय में पदस्थ हुए हैं और खुश भी है। उन्होंने बताया कि हमारे गाँव का यह विद्यालय बहुत पुराना है और यहाँ से पढ़ाई कर बहुत से लोग शिक्षित हुए। विद्यालय में प्रधान पाठक की जिम्मेदारी जी डी बंजारे सम्हाल रहे हैं। विद्यालय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों अभिषेक राजपूत, नीतेश और अनुराग राजपूत सहित छात्रा हिना,अनामिका,आदिति, दीपल सभी खुश है। वे बताते हैं कि गुरुजी के आ जाने से अब हमारा क्लास नियमित लगता है। वे हमें पुस्तक पढ़ाने के साथ खेल भी खिलाते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल में गुरुजी की कमी कई वर्ष से बनी हुई थी। अब नए गुरुजी के आ जाने से हमें भी बढ़िया लगता है।

इसी तरह ग्राम परसदा के लाइनपारा में 34 विद्यार्थी दर्ज है। यहाँ शिक्षिका श्रीमती नेमी जायसवाल युक्ति युक्तकरण से पदस्थ हुई है। एकल शिक्षकीय इस विद्यालय में पढ़ने वाली मानसी औऱ पायल तथा पुनिशा ने बताया कि मैडम के आने के बाद नियमित कक्षा लगती है। विद्यालय के प्रधानपाठक नोहर प्रसाद साहू ने बताया कि युक्ति युक्तकरण से शिक्षिका के आने से विद्यार्थियों के साथ ही उन्हें भी सहूलियत हुई है।

कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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