Connect with us

कोरबा

कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक हुई आयोजित

Published

on

जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन करें सुनिश्चितः- कलेक्टर

जनशिकायत व समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर शीघ्रता से निराकरण के दिए निर्देश

आधार-फेस आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली का कड़ाई से पालन करने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित शासन की फ्लैगशिप योजनाओं, विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों एवं प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को शासन की योजनाओं का प्रभावी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रशासनिक कार्यों में अनुशासन एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्यालयों में आधार-फेस आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने इस प्रणाली के माध्यम से दर्ज उपस्थिति की जानकारी लेते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित होकर ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचाव हेतु इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन किया जाए तथा इसे शीघ्र ही सभी खण्ड स्तरीय कार्यालयों में भी लागू किया जाए। किसी भी तकनीकी समस्या के निराकरण हेतु एनआईसी से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने, ऋण वितरण में तेजी लाने एवं लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि “सियान जतन” कार्यक्रम के अंतर्गत नियमित रूप से शिविर आयोजित कर वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने, सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाने तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इस हेतु विभाग को प्रस्ताव तैयार करने की बात कही। उन्होंने शिक्षा विभाग से स्कूली विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण कार्य की जानकारी लेते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों से संबंधित शैक्षणिक डाटा का प्रभावी डिजिटलीकरण किया जा सके।
कलेक्टर ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि सभी विभागों में समाप्त हो चुकी योजनाओं के अंतर्गत संचालित बैंक खातों को नियमानुसार बंद किया जाए। इस संबंध में उन्होंने कोषालय अधिकारी को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर खातों को बंद करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा इस माह के अंत तक की गई कार्यवाही की विस्तृत प्रतिवेदन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में सभी विभागों के समय-सीमा लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजीएन जनशिकायत, मानव अधिकार आयोग एवं कलेक्टर जनदर्शन से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने तथा विभाग प्रमुखों को लंबित पत्रों का परीक्षण कर शासन के नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर निगम आयुक्त कोरबा आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना , अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी एसडीएम, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

अपराधों की रोकथाम और ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ को प्रभावी बनाने आईजीपी राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय पुलिस कार्यशाला आयोजित

Published

on

गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन चेकिंग के लिए जारी हुईं एसओपी (SOPs)
एक गुंडा-एक जवान’ नीति तथा सक्रिय अपराधियों पर सख्त निगरानी के दिये आदेश

बिलासपुर/कोरबा। आज दिनांक 21.07.2026 को राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, द्वारा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा संपत्ति एवं शरीर संबंधी अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक वृहद ऑनलाइन बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज मीटिंग हॉल में किया गया। कार्यशाला में रेंज के समस्त पुलिस अधिकारियों, एसडीओपी (SDOPs) और थाना प्रभारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान प्रफुल्ल ठाकुर,पुलिस अधीक्षक जिला-सक्ती, द्वारा 'गुंडा एवं निगरानी बदमाश' विषय पर अपना व्यापक अनुभव साझा करते हुए 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' (निवारक पुलिसिंग) और बेसिक पुलिसिंग की पुनर्स्थापना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

कार्यशाला के मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
अपराधियों का सटीक वर्गीकरण: पुलिस रेगुलेशन (पैरा 855-860) के तहत आदतन चोरों/लुटेरों को A-Class (निगरानी) और मारपीट/रंगदारी/भू-माफिया को B-Class (गुंडा) में वर्गीकृत कर उनका पूरा बायोडाटा (फोटो, फिंगरप्रिंट, बैंक खाते) अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों के लिए ‘गैंग हिस्ट्री शीट’ बनानी होगी।
सरप्राइज चेकिंग : बदमाशों की चेकिंग का समय अनिश्चित (Unpredictable) रखने तथा अधिकारियों को 2-3 सदस्यों की टीम में रहने, टॉर्च को शरीर से दूर (दाहिनी ओर) रखने जैसी सुरक्षा SOPs और बदमाशों के रहन-सहन/आजीविका के मिलान के निर्देश दिए गए।

रिकॉर्ड संधारण एवं डिजिटल-मैनुअल तालमेल
रोजनामचा में रवानगी/वापसी की क्रॉस-एंट्री अनिवार्य।
रजिस्टर 7, परवाना फाइल और A-to-Z अल्फाबेटिकल रजिस्टर का संधारण (ताकि त्वरित रिकॉर्ड खोजा जा सके)।
बीट जवानों के लिए A, B नोटबुक तथा ‘C Notebook’ (क्राइम) का पुनरुद्धार।
‘एक गुंडा – एक जवान’ नीति व कठोर वैधानिक कार्रवाई
हर बदमाश की निगरानी के लिए एक विशिष्ट पुलिसकर्मी जिम्मेदार रखने तथा जमानत के बाद पुन: अपराध करने पर BNSS की धारा 480 के तहत तुरंत जमानत निरस्तीकरण (Bail Cancellation) के निर्देश दिये गए.
धारा 110 BNSS, 20-50 हजार रुपये का बाउंड ओवर, जिला बदर और PIT NDPS के तहत सख्त कदम। Natgrid व CDR से फरार आरोपी ट्रैक होंगे।
मानवाधिकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट के नियम : ‘पुट्टस्वामी केस’ व सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले (अमानतुल्लाह खान बनाम दिल्ली पुलिस, 2024) का पालन करते हुए विमुक्त जनजातियों, पिछड़ों या नाबालिगों पर मनमानी कार्रवाई न करने और निजता/मानवाधिकारों का पूरा सम्मान करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) व मूवमेंट ट्रैकिंग
VCNB में गांव के प्रतिष्ठित लोगों, कोटवारों और पेंशनर्स का डेटा रहेगा।
कोटवारों की रोस्टर हाजिरी और मुसाफिर रजिस्टर अनिवार्य।
अंतरराज्यीय/अंतरजिला अपराधियों के लिए BC Roll, SS Roll और केंद्र सरकार के Cri-MAC ऐप से इंटेलिजेंस शेयरिंग की जाएगी।

सुधार का अवसर (माफी) : जो अपराधी वर्षों से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं , उन्हें निगरानी सूची से हटाया जाएगा, ताकि पुलिस का ध्यान केवल सक्रिय बदमाशों पर रहे।
त्योहारों से पहले परेड : राष्ट्रीय पर्वों व त्योहारों से पूर्व थानों में गुंडा-बदमाशों की परेड और क्लास ली जाएगी।

आईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि पुलिस की टारगेट बदमाशों पर रहना चाहिये कि वह अपराध की पुनर्विती ना करें. यह महत्वपूर्ण कार्यशाला  गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन चेकिंग करने विषय पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य "प्रिवेंटिव पुलिसिंग की सफलता, कोटवारों, पुलिस-मित्रों और जनता के सीधे संवाद पर निर्भर करती है। नियमों का कड़ाई से पालन कर क्षेत्र को पूरी तरह अपराध-मुक्त बनाया जाएगा।"
उक्त ऑन लाईन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किये। बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने पुलिस अधीक्षक सकती का धन्यावाद ज्ञापित करते हुए  सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इन निर्देशों की स्वयं मॉनिटरिंग करने तथा इनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।
Continue Reading

कोरबा

कोरबा में 24 घंटे में दूसरी हत्या,आरोपी फरार:छोटे भाई ने खेत में काम कर रहे बड़े भाई को टांगी से उतारा मौत के घाट

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले में 24 घंटे के भीतर हत्या की दूसरी बड़ी वारदात सामने आई है। मंगलवार (21 जुलाई) की रात बांगो थाना क्षेत्र में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की थी, वहीं बुधवार सुबह श्यांग थाना क्षेत्र के छुईमाटी गांव में छोटे भाई ने बड़े भाई पर टांगी से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। दोनों मामलों में हथियार टांगी ही रहा और रिश्ते भी खून के थे।

श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम जिल्गा के छुईमाटी गांव में राम भरोस राठिया (47) अपने घर से लगी बाड़ी में घास साफ कर रहे थे। इसी दौरान उनका छोटा भाई रामजीवन राठिया वहां पहुंचा और गर्दन पर टांगी से लगातार 6 से 7 वार कर दिए। हमले में राम भरोस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनकी पत्नी सनिसो राठिया भी मौजूद थीं और उन्होंने पूरी वारदात देखी।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस की जांच में दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी रामजीवन का स्वभाव भी सनकी बताया जा रहा है। दोनों भाई एक ही गांव में आमने-सामने अलग-अलग घरों में रहते थे और खेती-किसानी करते थे।

दोनों परिवारों पर टूटा दुख

मृतक राम भरोस राठिया की पत्नी और दो बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। वहीं आरोपी रामजीवन राठिया के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के बेटे राम अवतार राठिया की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। गांव में साक्ष्य जुटाने और लोगों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

Continue Reading

कोरबा

23-24 जुलाई को रद्द की गई 4 मेमू ट्रेन बहाल:चार ट्रेनें अब भी रद्द रहेंगी, भाटापारा-हथबंध में ऑटो सिग्नलिंग काम होगा

Published

on

रायपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। रेलवे ने पहले जिन ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की थी।

इनमें से चार मेमू ट्रेनों को बहाल (रिस्टोर) कर दिया है। ये ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।

ये 4 ट्रेनें अब रद्द नहीं होंगी

रेलवे के संशोधित आदेश के अनुसार 23 जुलाई को चलने वाली ये ट्रेनें अब सामान्य रूप से संचालित होंगी।

  • 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू
  • 68734 बिलासपुर–कोरबा मेमू
  • 68733 कोरबा–बिलासपुर मेमू
  • 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू

अब ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

संशोधित सूची के अनुसार अब भी ये ट्रेनें रद्द रहेंगी।

  • 23 जुलाई: 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू
  • 24 जुलाई: 68745 कोरबा–रायपुर मेमू

इस ट्रेन का आंशिक परिचालन

23 जुलाई को चलने वाली 68862/68861 झारसुगुड़ा–गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू केवल बिलासपुर तक ही चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और वहीं से प्रारंभ होगी। बिलासपुर–गोंदिया–बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।

क्यों किया गया बदलाव?

रेलवे के अनुसार रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES या हेल्पलाइन के माध्यम से जरूर जांच लें, क्योंकि इंजीनियरिंग कार्य के दौरान परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677