कोरबा
सृष्टि को दरिद्रता रूपी दुख से बचाने सुदामा ने अपने ऊपर लिया दरिद्रता का श्राप -बाल कथावाचक सुयश दुबे

4 फरवरी 2024 रविवार को गीता हवन, सहस्त्र धारा एवं भोग भंडारे के साथ कथा को दिया जायेगा विश्राम
कोरबा। सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति के संस्थापक शिव पुराण श्रीराम कथा एवं श्रीमद भागवत कथा के मर्मज्ञ पंडित देवशरण दुबे के सुपुत्र पंडित सुयश दुबे की श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा दिनांक 28 जनवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ कोरबा एमपी नगर दशहरा मैदान निहारीका में आयोजित में प्रारंभ हुई
जिसमें व्यासपीठ से बाल कथा वाचक सरस्वती पुत्र पंडित सुयश दुबे अपनी संगीतमयी सुमधुर वाणी से शुक झांकी, कपिल चरित्र, वामन झांकी , प्रहलाद चरित्र, राम तथा कृष्ण जन्मोत्सव , गोवर्धन, रुक्मणी विवाह तथा रास झांकी की कथाओं से लगातार छह दिनों से श्रोताओं को रसपान करा कर जीवन में श्रीमद् भागवत के माध्यम से आनंद एवं परमानन्द की प्राप्ति का उपाय बताया। उसी तारतम्य में आज श्रीमद भागवत कथा के सप्तम दिवस में सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रोतागण भावुक हो सजल हो गए। व्यासपीठ से पंडित सुयश दुबे जी ने सुदामा एवं श्री कृष्ण के मित्रता के विषय में बताते हुए कहा कि अपने मित्र श्री कृष्ण एवं सृष्टि को दरिद्रता रूपी दुख से बचाने हेतु सुदामा जी ने अपने ऊपर जीवन भर की दरिद्रता का श्राप ले लिया। पंडित सुयश दुबे जी ने कथा प्रसंग में कहा कि यद्यपि श्री कृष्ण के परम मित्र सुदामा की छवि से सभी भली-भांति परिचित हैं, लेकिन बहुत लोग उनके अपने मित्र के प्रति त्याग को नहीं जानते। अपने परम मित्र श्रीकृष्ण को श्राप से बचाने के लिए सुदामा ने स्वयं एक दरिद्र का जीवन चुना था। यही कारण है कि सुदामा परम मित्र और भगवान के भक्त होते हुए भी इतने दरिद्र थे। उस समय की बात है एक अत्यंत गरीब ब्राह्मणी थी। जो भिक्षा मांगकर अपना जीवन यापन करती थी लेकिन दुर्भाग्य से एक समय ऐसा भी आया जब उसे पांच दिनों तक भिक्षा नहीं मिली। पांचों दिन वह भगवान को याद करके सोती थी, छठे दिन उसे केवल दो मु_ी चना मिला। चना पाकर वह बहुत खुश हुई लेकिन जब वह झोपड़ी में पहुंची तो रात हो चुकी थी। उस ब्राह्मणी ने सोचा कि मैं इस चने को रात में नहीं खाऊंगी, सुबह भगवान को भोग लगाकर ही मैं इन्हें स्वीकार करूंगी। ऐसा सोचकर ब्राह्मणी ने चनों को एक कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर रख दिया और वह भगवान का नाम याद करके गहरी नींद में सो गयी । लेकिन दुर्भाग्य ऐसा की ब्राह्मणी के सोते ही कुछ चोर उसकी कुटिया में चोरी करने आए, लेकिन उस बेचारी ब्राह्मणी कि कुटिया में चने के पोटली के अलावा कुछ नहीं था। चोरों को चने की वह पोटली मिली, चोर समझे कि इसमें कुछ क़ीमती रत्न हैं, ऐसा समझकर उसे चुरा लिये, उधर ब्राह्मणी जाग गई और शोर मचाने लगी। ब्राह्मणी का शोर सुनकर गांव के सभी लोग चोरों को पकडऩे के लिए दौड़े, चोर पोटली लेकर भाग गए। पकड़े जाने के डर से सभी चोर सांदीपनी मुनि के आश्रम में छिप गए। जहां सुदामा और भगवान श्री कृष्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। तब गुरुमाता को लगा कि कोई आश्रम के अंदर आ गया है। गुरुमाता देखने के लिए आगे बढ़ी, चोर को लगा कोई आ रहा है, चोर डर गए और आश्रम से भागने लगे।भागते-भागते चोरों से वो चने से भरी पोटली वहीं गिर गई, और सभी चोर भाग निकले। दूसरी ओर, वह ब्राह्मणी भूख से परेशान थी। जब ब्राह्मणी को पता चला कि चोरों ने उसके चने की पोटली चुरा ली तो उनहोनें बड़े दुखी मन से श्राप दिया कि बेचारी असहाय का चना जो भी खाएगा वह दरिद्र हो जाएगा। वहीं जब सुबह गुरु माता आश्रम में झाडू लगा रही थी, तब सफाई करते समय गुरु माता को वही चने की पोटली मिली। गुरु माता ने पोटली खोली तो देखा की उसमें चने थे। सुदामा और कृष्ण रोज की तरह जंगल से लकड़ी लाने जा रहे थे, तभी गुरुमाता ने उन्हें वही चने की पोटली दी और कहा कि भूख लगने पर दोनों इसे खा लेना। फिर जैसे ही सुदामा जी ने चने की गठरी ली, उन्हें सारा रहस्य समझ में आ गया। क्योंकी सुदामा ब्रह्मज्ञानी थे। सुदामा ने सोचा कि अगर श्री कृष्ण ने इस चने को स्वीकार कर लिया तो मेरे सखा मेरे मित्र श्री कृष्ण दरिद्र हो जायेंगे और श्री कृष्ण अर्थात पूरी सृष्टि दरिद्र और गरीब हो जाएगी। यही सोच कर उन्होंने वो सारे चने खुद खा लिये और उस गरीब ब्राह्मणी का श्राप अपने ऊपर ले लिया। लेकिन उन्होंने अपने मित्र श्रीकृष्ण को चने का एक दाना भी नहीं दिया। अपने मित्र श्री कृष्ण को दरिद्रता से बचाने के लिए सुदामा ने स्वयं अपना पूरा जीवन गरीबी में बिताया। ऐसे निभाई जाती है मित्रता। रामचरितमानस में भी लिखा है कि जे न मित्र दुख होहीं दुखारी, तिन्हहीं बिलोकत पातक भारी।
अर्थात जो मित्र के दुख से दुखी नहीं होता उसको देखना भी पाप है। मित्रता एक महत्वपूर्ण सम्बन्ध है मुसीबत के समय काम आने वाला ही सच्चा मित्र होता है। इस दौरान कथा में श्री कृष्ण जी एवं सुदामा जी की अद्भुत झांकी प्रस्तुत की गई । कथा में बड़ी संख्या में अंचलवासी श्रोतागण कथा श्रवण कर पुण्यलाभ प्राप्त कर रहे हैं। श्रोतागण ऐसी अद्भुत सुदामा एवं श्री कृष्ण की मित्रता की कथा सुन भाव विभोर हो गए ।
कल कथा पर लगेगा विराम
04 फरवरी 2024 रविवार को गीता हवन, सहस्त्र धारा एवं भोग भंडारे के आयोजन के साथ कथा को विश्राम दिया जाएगा। कथा के अंत में श्रीमद भागवत भगवान जी की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया ।
कोरबा
माखनलाल पाण्डेय संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) की सेवानिवृत्ति पर गरिमामयी विदाई समारोह आयोजित
पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने किया अभिनंदन
माखन लाल पाण्डेय को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में दी गई आत्मीय विदाई

कोरबा। आज दिनांक 30.03.2026 को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर में माखन लाल पाण्डेय, संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) के सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक गरिमामय एवं आत्मीय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, के गरिमामयी सानिध्य में संपन्न हुआ। जिसमें संयुक्त संचालक अभियोजन माखन लाल पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती कंचन पाटिल एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने श्री पाण्डेय के कुशल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

अनुकरणीय सेवा सफरः-
माखन लाल पाण्डेय का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा है
अपनी सेवाकाल फरवरी 1995 जिला रायपुर से प्रारंभ कर विभिन्न जिलों दुर्ग, महासमुंद, धमतरी, जांजगीर चांपा में सेवा देते हुए फरवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक बिलासपुर संभाग में संयुक्त संचालक अभियोजन के पद पर पदस्थ होकर न्याय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर विवेचना और दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा में अपना अमूल्य मार्गदर्शन दिया, तथा उनके द्वारा हमेशा प्रभावी कार्य सदैव संपादित किया गया।

इस अवसर पर आईजी श्री गर्ग ने कहा कि, एक सफल अभियोजन अधिकारी न केवल कानून का ज्ञाता होता है, बल्कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण कड़ी है। पाण्डेय जी ने अपने पूरे कार्यकाल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुये सदा अभियोजन और पुलिस विभाग के लिये अपना विशेष योगदान दिया है। उनके आगामी सुखद भविष्य की शुभकामनाए देते आईजीपी श्री गर्ग ने आशा व्यक्त की, कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी श्री पाण्डेय अपने विशाल अनुभव और कानूनी ज्ञान के आधार पर पुलिस विभाग को आवश्यकतानुसार सहायता, मार्गदर्शन ,परामर्श और प्रशिक्षण देते रहेंगे।

श्री पाण्डेय ने इस अवसर पर अपने प्रति दिए गए सम्मान के लिए आईजीपी श्री गर्ग का आभार व्यक्त करते हुए,अपनी इस यात्रा के अनुभव साझा किए,और जिला अभियोजन अधिकारी से संयुक्त संचालक तकनीक सफर के दौरान पुलिस और न्यायालय के साथ अपने अनुभव साझा किए।इन भावुक पलों के श्री पाण्डेय ने,पुलिस विभाग के द्वारा कोई सहायता मांगे जाने पर, सेवानिवृत्ति के बाद भी , हमेशा स्वयं को उपलब्ध रहना बताया।

इस विदाई समारोह में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के साथ उप पुलिस अधीक्षक (बिलासपुर रेंज) विवेक शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, निरीक्षक धनेश्वरी दुबे, उपनिरीक्षक रामकुमार पटेल, शंकर कश्यप, संग्राम सिंह,संदीप ठाकुर, रेखा जायसवाल सहित कार्यालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री पाण्डेय को भावभीनी विदाई दी। इस गरिमामय कार्यक्रम का संचालन संजय रावत मुख्य लिपिक ने किया।

कोरबा
छत्तीसगढ़ में टोल प्लाजा रेट में ₹5 की बढ़ोतरी:एनुअल पास पर ₹75 ज्यादा लगेंगे, 1 अप्रैल से लागू होगी NHAI की नई दरें
बिलासपुर/कोरबा,एजेंसी। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने छत्तीसगढ़ से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में बढ़ोतरी की है। इसमें बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ समेत सभी टोल प्लाजा में 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
अब 1 अप्रैल से हर टोल प्लाजा से गुजरने पर 5 रुपए एक्स्ट्रा टैक्स देना होगा। इसी तरह एनुअल (वार्षिक) पासधारकों को 75 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। राहत की बात है कि, स्थानीय पासधारकों को पुराने दर पर ही सफर करने की छूट है।
NHAI ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए टोल की नई दरें जारी कर दी हैं। बिलासपुर जिले के 4 प्रमुख टोल प्लाजा भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा से रोजाना गुजरने वाले करीब एक लाख से ज्यादा वाहनों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। विशेष रूप से बिलासपुर से रायपुर और पड़ोसी जिलों के बीच आने-जाने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

5 से 20 रुपए टैक्स की बढ़ोतरी
NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में 5 से 10% शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और एनएचएआई से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है।
रिंग रोड पर प्राइवेट के अलावा हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल रेटों में 5 से लेकर 20 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है।
सालाना पास के लिए 3075 रुपए देने होंगे
NHAI ने कार के लिए बनाए जाने वाले सालाना पास की कीमतों में 75 रुपए की बढ़ोतरी की। ये बढ़ोतरी भी 1 अप्रैल से लागू होगी। अभी सालाना पास 3 हजार रुपए में बनता है, जिसमें 200 टोल बूथ क्रॉस करने की लिमिट होती है। 1 अप्रैल से बनने वाले सालाना पास के लिए अब 3075 रुपए देने पड़ेंगे।

बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ समेत सभी टोल प्लाजा में 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
कैसे तय होता है टोल रेट
टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल के आधार पर भी तय होती हैं। जहां ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी ज्यादा लगता है।
सालाना रिवीजन के तहत बढ़ी कीमतें
सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, जब फास्टैग एनुअल पास की शुरुआत की गई थी, तभी इसके नोटिफिकेशन में हर साल कीमतों की समीक्षा और बदलाव का प्रावधान रखा गया था। यह बढ़ोतरी उसी सालाना रिवीजन प्रक्रिया का हिस्सा है। देश भर में हाईवे टोल की दरों में बदलाव के लिए जो फॉर्मूला तय है, उसी के आधार पर इस बार 2.5% की वृद्धि की गई है।

फास्टैग से ही होगा अनिवार्य भुगतान
प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जिन वाहनों में फास्टैग एक्टिव नहीं होगा, उन्हें दोगुना टोल देना होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए प्लाजा पर 24 घंटे रिचार्ज और हेल्पडेस्क की सुविधा उपलब्ध रहेगी। एनएचएआइ ने स्पष्ट किया है कि सड़क रखरखाव के खर्च को देखते हुए यह वार्षिक वृद्धि की गई है।
NHAI के मैनेजर बोले- मुख्यालय के निर्देश पर बढ़ोतरी
NHAI के मैनेजर राजेश्वर सूर्यवंशी ने बताया कि, मुख्यालय के निर्देशानुसार एक अप्रैल से नई दरें प्रभावी होंगी। वार्षिक पास अब 3,075 रुपए में बनेगा। स्थानीय लोगों के लिए 20 किमी वाली छूट योजना पहले की तरह जारी रहेगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ की सड़कों पर हर टोल में 5 रुपए की वृद्धि की गई है।
कोरबा
मालगाड़ी से कोयला-चोरी करते नाबालिग करंट की चपेट में आया:गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, कोरबा में 24 घंटे में दूसरी घटना
कोरबा। कोरबा के ढोढ़ीपारा में मालगाड़ी से कोयला चोरी करते समय एक नाबालिग करंट की चपेट में आ गया, उसे गंभीर हालत में जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। मालगाड़ी से कोयला चोरी करते समय करंट लगने की यह 24 घंटे के भीतर दूसरी घटना है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर को 14 वर्षीय नाबालिग अपने दोस्तों के साथ ढोढ़ीपारा बस्ती के सामने बालको रेलवे ट्रैक मालगाड़ी से कोयला चोरी करने की कोशिश कर रहा था, तभी वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया।

नाबालिग ऊपर से गुजर रहे इलेक्ट्रिक तार की चपेट में आ गया।
मालगाड़ी का हाउस पाइप निकाला
बताया जा रहा है कि उन्होंने चलती मालगाड़ी का हाउस पाइप निकाला, जिससे ट्रेन धीमी होकर रुक गई। पीयूष कोयला चोरी करने के लिए मालगाड़ी के डिब्बे पर चढ़ा, तभी वह ऊपर से गुजर रहे इलेक्ट्रिक तार की चपेट में आ गया।
झुलसकर डिब्बे पर ही गिरा नाबालिग
करंट लगने से वह झुलसकर डिब्बे पर ही गिर गया। उसके दोस्तों ने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिन्होंने पीयूष को डिब्बे से नीचे उतारा और एक निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि कोयले से भरी मालगाड़ी टीपी नगर से बालको पावर प्लांट की ओर जा रही थी।
मालगाड़ी से कोयला चोरी करते समय करंट लगने की यह 24 घंटे के भीतर दूसरी घटना है। इससे पहले रविवार दोपहर उरगा थाना क्षेत्र के पहंदा के पास भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे रेफर किया गया था।

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